रोज़ी की कची चूत

मैं आपका दोस्त रवि आज आपके लिए कहानी ले कर आया हूँ. मेरी उमर 21 साल है और मैं दिखने मे काफ़ी स्मार्ट हूँ. वैसे तो हर कोई अपने आप को स्मार्ट ही कहता है पर मैं सच मे दिखने मे काफ़ी गोरा और स्मार्ट हूँ.

मेरी हाइट 6 फुट 4 इंच है और मेरा लंड भी काफ़ी अच्छा और लंबा है. मेरा लंड इतना लंबा है की किसी की भी चूत को सॅटिस्फाइड कर सकता है. और ये सब मैं ऐवि ही नही कह रहा बल्कि मैने काई लड़कियो की चूत को सॅटिस्फाइड किया है.

अब दोस्तो ये सब तो मैने अपने बारे मे थोड़ा बहोत बता ही दिया है इसलिए अब मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ.

यह कहानी आज से 1 साल पहले की है जब मैने अपनी रोज़ी नाम की गर्लफ्रेंड को पटाया था. दरअसल मैं एक बार मे डेली जाता था. वाहा जा कर मैं 2 पेग लगा कर सॉन्ग का काफ़ी एंजाय करता था और डांस भी करता था.

वही पर एक दिन मैने इस खूबसूरत अबला लड़की को देखा, और जिसे देखते ही मैं बस देखता ही चला गया. रोज़ी को देखते ही मैं उस पर फिदा हो गया और उसकी फिगर के तो क्या कहने. क्या मस्त फिगर था 34-30-36 का जिसे देख कर अच्छे-अच्छो का लंड खड़ा हो जाए. यही हाल मेरा भी हुआ था और फिर मैने उसको देख कर स्माइल देना शुरू कर दिया. वो भी मुझे स्माइल देने लग गई और ये सिलसिला लग-भग काफ़ी ज़्यादा समये के लिए तो नही चला पर चला ज़रूर था.

फिर मैने हिम्मत करके उसका नंबर ले लिया और फिर हमारी बात फोन पर होने लग गई. धीरे धीरे हमारे बीच काफ़ी ज़्यादा प्यार होने लग गया. हम सारा दिन सारी रात एक दूसरे से बाते मारने लग गये. और डेली की तरह हम बार मे मिलने भी लग गये. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

हम वाहा पर एक दूसरे के साथ डांस भी करते थे और इस चक्कर मे मैं उसके इस कातिलाना जिस्म पर हाथ फेर देता था और उसे इससे कोई फराक भी नही पड़ता था. फिर मैं उसे कभी अपनी बाइक पर तो कभी अपनी कार मे ड्रॉप भी कर दिया करता था. ये मैने बहोत बार किया था इसलिए मुझे ये सब अब अच्छा लगने लग गया था.

रोज़ी भी अब मेरा साथ देने लग गई थी और हम फिर काफ़ी क्लोज़ भी आ गये थे. मैं अब उससे काफ़ी फ्रैंकली बात कर लिया कर लेता था और हमारे बीच अब सेक्सी बात भी होने लग गई थी.

हम अब जब भी मिलते थे तो मैं उसके लिप्स को अपने लिप्स मे भर कर चूस लेता और अपने हाथो से ही उसके बूब्स को दबा डालता था. मेरे ये सब करने मे उसे बहोत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था और मैं ये देख कर काफ़ी खुशी मिलती थी. कार मे मैं कई बार उसके बूब्स को मूह मे डाल कर चूस भी लेता था जिससे वो काफ़ी गरम हो जाती थी और पागल हो जाती थी. मै उसे कई बार अपना लंड भी चुस्वा देता था जिसे वो बहोत अच्छे तरीके से चूस्टी थी.

बाइक पर भी मैं उसके साथ यही करता था पर मुझे बाइक पर मज़ा नही आता था पर वो पीछे से अपने बूब्स मेरी कमर पर रगड़ती रहती थी जिससे मेरा लंड खड़ा हो जया करता था. फिर मैने उसके साथ फोन पर सेक्स करने का प्लान बनाया और वो मान भी गई और फिर मैने उसे होटेल पर ले जाने को कहा. तो उसने बिना कुछ कहे मुझे हाँ करदी. ये सुन कर मैं काफ़ी खुश हो गया.

और फिर मैने अपने एक दोस्त से अच्छे से होटेल का पूछा और अगले ही दिन कार मे ड्राइवर के साथ उसे होटेल मे ले गया.
वाहा पहोच कर मैने सबसे पहले रोज़ी को बाहो मे भरा और फिर उसके बाद तो उसके होंठो को खा लिया. फिर मैने उसके कपड़े भी उतार दिए और जैसे ही वो नंगी हुई तो मैं उसके फिगर को देखता ही रह गया.

अब क्या था अब तो वो मेरे आगे नंगी हो गई थी. अब जैसे ही मैने उसके फिगर को देखा तो मैने खुद भी अपने कपड़े उतार दिए. और फिर उसके बाद मैने उसको बेड पर लेटा कर उसके बूब्स को मूह मे डाल कर खूब चूसा.
रोज़ी बहोत ही ज़्यादा तड़प रही थी इसलिए अब मैने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया और फिर उसके बाद तो जीब से चट्टा ही चला गया.

पर उसकी तड़प बढ़ती ही जा रही थी इसलिए अब मैने अपने लंड को बाहर निकाला और उसके मूह मे डाल दिया. रोज़ी बहोत ही मजेदार तरीके से उसे चूसने लग गई और फिर उसने लंड को चूत मे डालने को कहा. तब मैने कोई देर ना करते हुए लंड पर कॉन्डोम लगाया और एक ही झटके मे लंड चूत मे डाल दिया.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फीडबैक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

वो बहोत ही ज़ोर से चिल्लाई पर फिर मैने उसे होसला दिया और धीरे-धीरे छोड़ने लग गया. थोड़ी देर बाद उसे भी बहोत मज़ा आने लग गया और उसका निकल भी गया. पर अभी मेरा निकलना बाकी था इसलिए मैं उसे चोदता ही गया और बस चोदता ही रहा और फिर जब निकलने वाला हो गया तो मैने उसके मूह मे लंड डाल कर अपना सारा पानी निकाल दिया. जिसे उसने बड़े ही मज़े से पी भी लिया.
फिर हमने वाहा खाना ऑर्डर किया और वाहा खाना खा कर निकल लिए. मैने फिर उसे कार मे भी चुदाई करी और घर आ गये,

पड़ोसन भाभी रश्मि को चोदा

हेल्लो दोस्तो, मेरा नाम दिनेश है और मेरी उमर अभी 20 साल की है. मैं बीकॉम कर रा हूँ. मैं दिखने मे काफ़ी स्मार्ट हूँ. और मेरी हाइट भी काफ़ी अच्छी है.

आज मैं आपके सामने इंडियन सेक्स कहानी ले कर आया हूँ. जो की बहोत ही मस्त कहानी है. ये मेरी पहली स्टोरी है तो कोई ग़लती हो जाए तो सॉरी. मैं देसी कहानी का डेली रीडर हू तो सोचा क्यू ना आज अपनी ही स्टोरी आप सब क साथ शेयर करू.

तो चलिए वो भी मैं आपको बता देता हूँ. पर उससे पहले मैं आपको अपने बारे मे थोड़ा बता देता हूँ.

चलो दोस्तो, मैं अब थोडा बहोत अपने बारे मे बता चुका हूँ पर अब मैं आपको अपनी भाभी की चुदाई की कहानी पर ले कर चलता हूँ.

बोयज़ तयार हो जाओ अपने लंड को रगड़ने के लए और गर्ल्स आपकी चूत गीली होने वाली हे बी रेडी.

तो बिना किसी देरी के अब सेक्सी कहानी की शुरूवात करते है.

बात उस टाइम की है जब मैं 12त क्लास मे था सब की तरह मुझे भी चुत की ज़रूरत थी ओर मेरा भी मन सेक्स करने का हुआ करता था.

उस टाइम मैं भी ब्लू फिल्म्स देख कर मूठ मार कर अपनी अंदर की आग को शांत कर लिया करता था..

बाद मे मेरा ध्यान अपनी पड़ोस वाली भाभी पर गया.

वो सामने बैठ कर पोछा लगा रही थी ओर उसके बूब्स बहोत ही क्यूट लग रहे थे उसके बाद मैने उस पे लाइन मारना स्टार्ट कर दिया..

ओर कयि बार तो उसके नाम की मूठ भी मार दिया करता था तभी जाके कही शांति पड़ा करती थी.

वैसे उस भाभी का नाम रश्मि है और उसकी एज आई थिंक 27-28 के करीब होगी.

दिखने मे काफ़ी सेक्सी लगती थी ओर उसका साइज़ 32-28-30 था.

उफ़ क्या माल है साली अभी भी किसी बूढ़े के लंड को भी खड़ा करदे.

फिर ऐसे ही मेरी उनसे बात होनी स्टार्ट हुई और ह्म हसी मजाक करने लगे और अच्छे दोस्त बन गये.
वो अक्सर मेरे घर आ जाया करती थी..

मैं सोचता था की पता न्ही कब इसकी चूत का स्वाद मेरे लंड को मिलेगा और एक दिन वो रोज की तरह अपने घर पे पोछा ल्गा रही ओर उसके बूब्स ऐसे ही दिख रहे थे.

तो ये देख के मेरा लंड खड़ा हो गया और उसने मुझे घूरते हुए देख लिया और मुझे एक स्माइल देकर चली गई..

फिर मैं उसे देख कर अपने लंड को रगड़ने लगता था और वो स्माइल दे दिया करती थी..

एक दिन वो अपने घर के बाहर बैठी हुई थी और मेरे मों घर मे न्ही थे आउट ऑफ सिटी गये हुए थे तो उस दिन मैने सोचा क्यू ना आज ट्राइ किया जाए साली के उपर.

तो उसके घर भी कोई न्ही था तो मैने उसे इशारा करके अपने घर बुलाया और वो झट से आ गई जैसे बुलाने का ही वेट कर रही थी.

उसको आते ही मैने उसे पकड़ लिया और उसके रसीले रेड होंठ पे अपने होंठ रख दिए और चूसने ल्गा.

वो मेरा साथ देने ल्गी और हम स्मोच करने ल्गे और मैं उसे दीवार मे ल्गा के चूसने ल्गा और साथ मे उसके चुचो को मसलने ल्गा.

वो रंडी की तरह मूज़े चूस रही थी मैने उसके कपड़े वही पे उतार के फेक दिए.

मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और उसे अपने बेड रूम मे ले गया.

वाहा जाते ही मैने उसे बेड पे लेटा कर उसके चुचो को चूसने लगा और उसकी काली काली मस्त निप्पल्स को दांतो से काटने ल्गा और उसके चुचो को चूसने ल्गा..

वो ज़ोर ज़ोर से अहह आह करने ल्गी और मेरे सर को अपनी बूब्स पे दबाने लगी.

मैं किस करता हुआ उसके पेट पे से जिब को फेरता हुआ नीचे जा रहा था. उसकी टांगो के बीच मे आके बैठ गया और उसकी दोनो टांगो को उठा के अपने शोल्डर पे रख लिया.
मैने भाभी की चूत पे अपनी जिब रखी और वो उछलने लगी और मचलने लगी.

साथ मे उसके हाथ मेरे बालो मे लगातार चल रहे थे और वो मेरे बालो को पकड़ के खिच रही थी और मेरे मूह को अपनी चूत पे रगद रही थी.

उसकी चूत को चाटते हुए मैने उसकी गांड मे उंगली डाल दी जिससे वो तो ब्स पागल ही हो गई और मेरे सर को और अपनी चूत पे रगड़ने ल्गी.

मैं उसकी चूत मे अपनी जिब को डाल डाल के चाट रहा था और उसका पानी चाट रहा था.

और साथ मे उसकी गांड मे उंगली डाल रखी थी और एक हाथ से उसके चुचे को मसल रहा था.

वो दो बार अपनी पानी निकाल चुकी थी और मैने उसका काफ़ी पानी पी लिया था और मेरे मूह से उसके मूह मे सारा पानी डाल दिया जिसे वो भी बड़े आराम से पी गई.

वो तड़प रही थी चुदने के लिए और कह रही थी के जानू अब कितना तडपाओगे अब तो डालडो अपना मोटा लंड मेरी चूत मे..

मैं उठा ऑर उसे कुतिया ब्ना लिया ऑर उसके आगे खड़ा हो गया.

उसने मेरी तरफ देखा ऑर स्माइल दी.

मैने उसके बाल पकड़ के उसके मूह को अपने लंड पे घिसने ल्गा ऑर उसके होंठो को लंड पे रगड़ने ल्गा.

उसकी चूत दोबारा पानी छोड़ने ल्गी.

फिर मैने उसका मूह खोला और अपना लंड उसके मूह मे पूरा दे दिया.

वो सास भी न्ही ले पा रही थी.

मजा आ गया क्या बताउ यारो पहली बार किसी ने मेरा लंड अपने मूह मे लिया था तो पहली बार का मजा तो आपको पता ही होगा.

फिर मैने अगले 20-25 मिंट तक उसको अपना लंड चुस्वाया.

वो बी बड़े मजे से लंड को चूस रही थी और मजा ले रही थी.

साथ मे मैं उसके मूह पे थप्पड़ मार रहा था और उसकी गांड को बी मार मार के लाल कर दिया था क्यू की वो मेरे आगे कुतिया बनी हुई थी.

थोड़ी देर के बाद मैने अपना सारा पानी उसके मूह मे ही निकाल दिया और वो कुतिया सारा पानी एक बार मे ही गटक गई.

और हम थक के वही ऐसे ही लेट गये..और किस्सिंग करने ल्गे.

10 मीं उसके लिप्स को चूसने के बाद मैं उसके उपर आके उसके निप्पल्स को मूह के साथ काटने ल्गा.

और वो मोनिंग करने ल्गी आअहह आअहह आराम से जानू इतना मत काटो ना आअहह उफफफफ्फ़ म्‍म्म्ममम आअहह एआहह.

उसके बाद मैने उसे लंड चूसने के लिया कहा तो वो झट से उठी और मुझे धक्का देखर मुझे बेड पे गिरा दिया ओर मेरी टांगो मे आके बैठ गई.

वो आराम से पहले मेरे लंड को चाट रही थी और मैं आअहह आअहह कर रहा था फिर उसने मेरे लंड को दोबारा मूह मे ले लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने ल्गी.

5 मिंट चूसने के बाद मेरा लुंड दोबारा से बिल्कुल तन गया..और फिर मैने जल्दी से उसे उठाया और अपने लंड के उपर बिठा लिया. और अपनी चूत को मेरे लंड पे रगड़ने ल्गी.

उसके चूत के पानी से मेरा लंड दोबारा गीला हो गया उसके अपनी चूत को उठा के अपनी चूत के होल को मेरे लंड पे सेट किया और मैने उसकी गांड को पकड़ के नीचे कर दिया

जिससे मेरा 8 इंच का लंड उसकी चूत की दीवारो को फाड़ता हुआ पूरा अंदर चला गया. आअहह क्या मजा आया था बता न्ही सकता यारो.

उसकी आँखो मे से आसू आ गये थे 3-4 मिंट ऐसे ही रहने के बाद जब उसका पेन ठीक हुआ तो मैं उसे आराम से उठा के उपर नीचे करने ल्गा.

और वो तो बस मजे मे आअहह आअहह करने ल्गी ऐसे करते इसी पोज़ मे मैने उसे 20 मिंट चोदा मजा आ गया अहह.

बताते हुए भी खड़ा हो गया यार दोबारा डेट फिक्स करनी पड़ेगी अबकी बार उसकी गांड मारूँगा और फिर आपको बताउँगा की कैसे मजे किए तब तक वेट कीजिएगा.

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अपने बाय्फ्रेंड से बाथरूम मे चुदाई

हेल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम स्वाती राई है. आप सबने मेरी पिछली कहानी को बहुत पसंद किया उसके लिए थॅंक्स. मैं आज एक और कहानी आपको बताउंगी जो की मेरी कहानी है.

मैं हमेशा ही थोड़ी मस्ती करने वाली लड़की हू और मुझे घूमना बहुत पसंद है. मेरे घर वाले मुझे मना करते है की शाम को कहीं घूमने मत जाना लेकिन मैं अपनी सहेली के साथ अपनी स्कूटी से घूमने निकल जाती हू.

हम दोनो लोग बाहर खूब मस्ती करते है. हम दोनो लोग जो मन करता है वो खाते है और पूरा फुल एंजाय करते है.

मेरी सहेली एक बार मुझे रेस्टोरेंट मे जाने के लिए बोली मुझे लगा की आज तो मुझे कुछ खिलाएगी लेकिन वाहा तो उसका बाय्फ्रेंड आया था.

मुझे ये बात तो पता थी की मेरी सहेली का बाय्फ्रेंड है लेकिन ये नही बताया की आज वो अपने बाय्फ्रेंड से मुझे मिलवाएगी. मेरी सहेली ने मुझे अपने बाय्फ्रेंड से मिलवाया और मैं उसके बाय्फ्रेंड से मिली.

उसके बाय्फ्रेंड के साथ एक और लड़का आया था जो मुझसे हाथ मिलाया. हम दोनो लोग शाम को मिलने गये थे जिसके बारे मे मुझे कुछ पता नही था.

मेरी सहेली के बाय्फ्रेंड नी फास्ट फुड ऑर्डर कर दिया और हम सब लोग फास्ट फुड खाने लगे साथ मे सब लोग एक बॉटल कोल्ड ड्रिंक लिए थे.

हम सब लोग बातें करते करते कोल्ड ड्रिंक भी एंजाय करने लगे. मेरी सहेली के बाय्फ्रेंड के दोस्त ने जो उसके साथ आया था मुझसे बातों बातों मे फ्रेंडशिप करने के लिए अप्रोच किया.

मैं कुछ नही बोली तो मेरी सहेली मुझे बोली की क्या बात है तुम इससे फ्रेंडशिप कर लो. मैं अपनी सहेली के बोलने पर उससे फ्रेंडशिप कर ली.

मेरी सहेली और उसका बाय्फ्रेंड वो लोग बाहर एक दूसरे से बातें करने लगे. मैं और वो लड़का हम दोनो लोग एक दूसरे से बातें करने लगे.

उसने मेरे बारे मे पूछा और मैं भी उसके बारे मे थोड़ा बहुत पूछी और कुछ देर बात करने के बाद मैं अपनी सहेली को घर चलने के लिए बोलने लगी.

हम दोनो लोग बहुत लेट हो गया था और रात भी हो रही थी. मैं और मेरी सहेली हम दोनो लोग घर जाने लगे तो वो लड़का मुझसे सोशियल मीडीया आइडी माँगा और मैं उसको अपना एफबी आइडी दे दी और हम दोनो लोग की फ़ेसबुक या कभी कभी फोन पर भी बातें होने लगी.

मैं अपनी सहेली के फोन से उससे बात करती थी. मैं उसको अपना नंबर अभी नही देना चाहती थी. हम दोनो लोग अब डेली फ़ेसबुक पर बातें करने लगे.

मैं भी फ़ेसबुक पर अपना फोटो डालती थी और वो मेरे फोटो को लाइक करता था और रोमटिक कॉमेंट्स लिखता था. हम दोनो लोग कुछ दिन के बाद एक दूसरे के क्लोज़ हो गये और हम दोनो लोग बहुत बार मिले.

हम दोनो लोग सेक्स वाली भी बातें करते थे. मेरी सहेली तो अपने बाय्फ्रेंड से चुद्वाति भी थी ये बात उसने मुझे खुद बताया था.

मैं और मेरी सहेली हम दोनो लोग एक दूसरे से सारी बातें शेयर करते थे. उसने ही मुझे एक नया बाय्फ्रेंड बनवाया था जिसके साथ मैं रिलेशन्षिप मे थी.

वो मुझे होटेल मे लेकर जाकर चोदने के लिए बोलता था तो मैं उसको मना कर देती थी की अगर कोई होटेल मे देख लेगा तो क्या होगा.

मुझे नही पता मेरी सहेली कैसे होटेल मे जाकर अपने बाय्फ्रेंड से चुदवाति थी. मैं और मेरे बाय्फ्रेंड के बीच अब डेली सेक्स की बातें होती थी.

एक दिन मेरे घर कोई नही था सब लोग किसी पार्टी मे गये थे और हमेशा की तरफ मैं घर मे अकेली थी तो अपने बाय्फ्रेंड को बताई की आज मैं घर मे अकेली हू तो वो जल्दी से अपनी बाइक से मेरे घर आ गया.

मैं और मेरे बाय्फ्रेंड हम दोनो लोग एक दूसरे को हग किए और मैं उस दिन ट्रॅन्स्परेंट टॉप और जीन्स मे थी. मेरी चुचि एक दम क्लियर दिख रही थी.

मेरा बाय्फ्रेंड मुझे अपनी बाहों मे उठाया और मुझे किस करने लगा. हम दोनो लोग किस करते करते बाथरूम मे चले गये. मैं अभी अभी नहा कर निकली थी तो मेरे जिस्म की खुश्बू से मेरा बाय्फ्रेंड मदहोश हो रहा था.

मेरा बाय्फ्रेंड मुझे बोला की तुम मुझे अपने साथ बाथरूम मे नही नहलाओगी और वो मेरा टॉप और जीन्स निकाल दिया और मैं उसके बाद ब्रा और पेंटी मे हो गयी.

हम दोनो लोग कुछ देर के बाद नंगे हो गये और मेरे बाय्फ्रेंड ने शावर चालू कर दिया .हम दोनो लोग का शरीर पानी से भीग गया था और हम दोनो लोग एक दूसरे को किस कर रहे थे.

उसने मुझे पूरी तरह से सिड्यूस कर दिया था और मुझे सेक्स के लिए गरम कर दिया था. मेरा बाय्फ्रेंड मुझे बाथरूम मे किस करने लगा हम दोनो लोग एक दूसरे को किस करने लगे और स्मूच करने लगे.

हम दोनो लोग नंगे थे एक दूसरे के सामने और हम दोनो लोग एक दूसरे को स्मूच करने के बाद मेरा बाय्फ्रेंड मुझे बाथरूम मे ले गया और उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत मे डालने लगा.

कुछ देर के बाद वो अपना लंड मेरी चूत मे डाल दिया. बाथटब मे बहुत ठंड लग रही थी और हम दोनो लोग पानी मे ही सेक्स करने लगे.

मेरा बाय्फ्रेंड मुझे चोदते चोदते मेरी चुचि के निपल्स को बाइट कर रहा था जिससे मैं उत्तेजित हो रही थी. मेरे घर मे कोई नही था तो हम दोनो लोग ओपन सेक्स कर रहे थे पूरी तरह से बाथरूम मे नंगे हो कर और हम दोनो लोग पानी मे ही सेक्स करके एक बार झड़ गये.

हम दोनो लोग एक बार सेक्स करने के बाद दुबारा एक दूसरे को स्मूच करने लगे. मेरी चूत गीली हो गयी थी वो मुझे बाथटब से बाहर निकाला और मुझे दीवार की तरफ करके पीछे से मेरी टाँग उठाकर मेरी चूत के अंदर अपना लंड डाल दिया और मेरे बालों को खींच कर मुझे चोदने लगा.

फिर हम दोनो लोग अब एक अलग की पोज़िशन मे सेक्स कर रहे थे वो मुझे चोद रहा था और पीछे से मेरे नेक को चाट रहा था.

मैं भी हल्के हल्के सिसकारिया ले रही थी और हम दोनो लोग सेक्स करते करते के 3 बार और झड़ गये और वो अपना पानी मेरी गांड के उपर हो छोड़ दिया और मेरे पानी को वो चाट कर सॉफ कर दिया.

मेरे टाँगे फैला कर वो मेरी चूत को अपने मूह मे लेकर चाट रहा था. हम दोनो लोग सेक्स करते करते दोपहर से शाम हो गयी थी.

अब मेरे घर वाले भी आने वाले थे तो हम दोनो लोग टॉवेल से अपने आपको को सॉफ किए उसके बाद अपने कपड़े पहने और मैं अपने बाय्फ्रेंड को जाने के लिए बोली.

वो मुझे किस करके अपने घर चला गया. मैं बाथरूम को सॉफ की सब ठीक से की और उसके बाद मैं अपने बेडरूम मे जाकर सो गयी. हम दोनो लोग कभी कभी होटेल मे भी सेक्स करने जाते है.

मैं कभी कभी अपनी सहेली के साथ भी चुदवाने चली जाती हू और हम दोनो लोग साथ मे अपने अपने बाय्फ्रेंड से चुदवाते है.

मुझे उमीद है की आपको मेरी रियल स्टोरी बहुत अच्छी लगी होगी. आप सब मुझे फीडबॅक दीजिए और बताए की मेरी सेक्स स्टोरी कैसी लगी. मुझे कोई सजेशन भी देना चाहे तो मुझे मेल कर सकते है.

वो रात कुछ अज़ीब थी

मैं दो वर्षों से दिल्ली में ही रह रहा हूं मेरी पोस्टिंग दिल्ली में दो वर्ष पहले हुई थी और इस बीच मैं अपने घर भी कम ही जा पाया हूं। मेरी नौकरी बैंक में करीब 5 वर्ष पहले लगी थी और जब दिल्ली में मेरा ट्रांसफर हुआ तो पहले कुछ दिन तो मुझे बड़ा ही अजीब सा लगा क्योंकि मुझे ना तो खाना बनाना आता था और ना ही मैं कभी अकेले रहा था परंतु अब मुझे यहां अकेले रहना था मुझे दिल्ली में करीब दो वर्ष हो चुके हैं और इन दो वर्षों में मैंने अब खाना बनाना भी सीख लिया है। मेरे पिताजी भी सरकारी नौकरी में थे अब वह रिटायर हो चुके हैं मैं घर में इकलौता हूं, मेरी बहन की शादी को 6 वर्ष हो चुके हैं मेरी बहन की शादी चंडीगढ़ में हुई है इसलिए मेरे माता-पिता अब घर में अकेले ही रह गए हैं मेरे माता पिता  कोटा में रहते हैं मैं काफी समय से कोटा भी नहीं जा पाया था क्योंकि जब भी मुझे घर जाना होता तो उस वक्त कोई ना कोई जरूरी काम मेरा दिल्ली में पड़ जाता मुझे करीब 5 महीने हो चुके थे और मैं अपने घर भी नहीं जा पाया था।
मुझे मेरे पापा ने एक दिन फोन किया और कहा बेटा तुम घर कब आ रहे हो मैंने अपने पापा से कहा बस कुछ दिनों बाद ही मैं घर आ रहा हूं पापा कहने लगे बेटा तुम जल्दी घर आ जाना क्योंकि मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है मैंने भी सोचा मुझे घर गए हुए काफी समय हो चुका है इसलिए मुझे अब घर जाना चाहिए मैंने भी छुट्टी ले ली और अपने घर कोटा चला गया। मैं जब कोटा पहुंचा तो मैं जब स्टेशन से बाहर ही निकला था तो मेरे एक दोस्त से मेरी मुलाकात हो गई जब मैं उससे मिला तो वह बहुत खुश नजर आ रहा था मैंने उससे पूछा तुम बहुत ज्यादा खुश नजर आ रहे हो तो वह कहने लगा यार मैं जिस लड़की से इतने वर्षों से प्यार करता था उससे मेरी शादी हो चुकी है। मेरे दोस्त का कोटा में ही घड़ी का कारोबार है और वह बहुत ज्यादा खुश था मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है, मैं तुमसे मिलने के लिए कल तुम्हारे घर पर आऊंगा वह कहने लगा ठीक है तुम मेरे घर पर जरुर आना मैं तुम्हें अपनी पत्नी से भी मिलवाऊंगा यह कहते हुए मैं वहां से अपने घर चला आया।


मैं जब अपने घर पहुंचा तो मैंने जब अपने मम्मी पापा को देखा तो उन्हें देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था क्योंकि इतने समय बाद उनसे मेरी मुलाकात हुई थी मेरे माता-पिता भी मुझे देखकर बहुत खुश थे मेरे पापा तो मुझे कहने लगे बेटा हम तो तुम्हारा कब से इंतजार कर रहे थे लेकिन तुम इतने समय से घर आए ही नहीं मैंने पापा से कहा बस ऐसे ही घर आने का संयोग ही नहीं बन पाया था। पापा बहुत ज्यादा खुश थे मैंने पापा से पूछा आपकी तबीयत कैसी है? वह कहने लगे अब तो मेरी तबीयत ठीक है लेकिन कुछ दिनों से मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब चल रही थी और अब भी मेरा इलाज डॉक्टर से चल रहा है मैंने पापा से कहा आप अपना ध्यान रखिए पापा कहने लगे हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो मुझे अपना ध्यान रखना चाहिए। मेरी मम्मी कहने लगी यह तो अपना ध्यान बिल्कुल रखते ही नहीं है और जब भी इन्हें कुछ होता है तो यह हमें बताते भी नहीं है मेरी मम्मी की हमेशा से यह शिकायत रहती है कि मेरे पापा उन्हें कुछ बताते ही नहीं है। मैंने पापा से कहा पापा आपको मम्मी को तो सब कुछ बताना चाहिए क्योंकि आप दोनों ही साथ में रहते हैं पापा कहने लगे बस बेटा यदि तुम्हारी मम्मी को कुछ बताऊं तो यह बेकार में टेंशन ले लेती है इसलिए मैं इसे कुछ नहीं बताता मम्मी कहने लगी तुम्हें तो यह बात मुझे बतानी चाहिए थी लेकिन तुमने कितने दिनों बाद बताया कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है।

<p>मैंने उन दोनों से कहा आप दोनों झगड़ा मत कीजिए मेरे पापा कहने लगे अरे नहीं बेटा हम लोग झगड़ा नहीं कर रहे हैं तुम्हारी मम्मी तो हमेशा ऐसे ही मुझे कहती रहती है लेकिन मैं उसे कुछ नहीं कहता। उस दिन मैं अपने माता पिता से मिलकर बहुत खुश था अगले दिन जब मैं अपने पापा से बात कर रहा था तो वह कहने लगे बेटा तुम मुझे कल हॉस्पिटल लेकर चलना मैंने उन्हें कहा ठीक है पापा मैं आपको हॉस्पिटल लेकर चले जाऊंगा तभी मुझे ध्यान आया कि मुझे अपने दोस्त से भी मिलना था मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए उसके घर पर चला गया और जब मैं अपने दोस्त से मिला तो उसने मुझे अपनी पत्नी से भी मिलवाया उसकी पत्नी और वह दोनों एक साथ बहुत खुश थे। मैं करीब एक घंटे तक उन लोगों के घर पर था मैं जब वापस घर लौटा तो मम्मी ने मुझे बताया कि मामा की भी तबीयत ठीक नहीं है मेरी मम्मी कहने लगी बेटा कल तुम अपने मामा के पास चले जाना मैंने मम्मी से कहा लेकिन मुझे कल पापा को अस्पताल लेकर जाना है मम्मी कहने लगी कल सुबह तुम अपने पापा को अस्पताल में डॉक्टर को दिखा देना और उसके बाद तुम वहां से अपने मामा के घर पर चले जाना मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं कल मामा से मिला लूंगा। मैं अगले दिन पापा को सुबह ही अस्पताल में ले गया और वहां से मैंने अपने पापा को घर छोड़ा और उसके बाद मैं सीधा ही अपने मामा के घर के लिए निकल पड़ा मैं जब अपने मामा के घर पहुंचा तो मैंने देखा मामा के पैरों में बहुत ज्यादा तकलीफ थी मैंने जब मामा से पूछा तो वह कहने लगे बेटा मेरे पैरों में बहुत ज्यादा दर्द रहता है जिससे कि मुझे चलने में भी दिक्कत होने लगी है मैंने मामा से कहा आप अपना ध्यान क्यों नहीं देते तो वह कहने लगे बेटा तुम्हें तो मालूम ही है जब से मेरे पैर में फ्रैक्चर हुआ था उसके बाद से तो मुझे बहुत दिक्कत होने लगी और अब मेरे दोनों पैरों में दिक्कत होने लगी है।</p>

मेरे मामा के परिवार में उनका एक लड़का और लड़की है उनकी पत्नी से भी मेरे मामा की ज्यादा बनती नहीं है जिस वजह से वह उनकी देखभाल नहीं करती और उन दोनों के बीच हमेशा ही झगड़े रहते हैं, मेरी मम्मी ने उन्हें कई बार समझाया लेकिन वह लोग एक दूसरे की बात कभी मानते ही नहीं है मेरी मामी का तो जैसे मेरे मामा से कोई लेना देना ही नहीं था उनकी देखभाल सिर्फ उनकी लड़की कविता करती है उनका लड़का रोहित अभी छोटा है इसलिए वह इन सब चीजों के बारे में नहीं समझता लेकिन कविता बहुत ही ज्यादा समझदार है और वह अपने पापा का बहुत ध्यान रखती है। मैंने अपने घर में फोन किया तो मम्मी ने मुझे कहा तुम्हारे मामा की तबीयत कैसी है? मैंने उन्हें कहा उनके पैरों में बहुत तकलीफ हो रही है और उन्हें चलने में बड़ी समस्या हो रही है मम्मी मुझे कहने लगी बेटा आज तुम उनके घर पर ही रुक जाना मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं आज यहीं रुक जाऊंगा। मैं उस दिन अपने मामा जी के घर पर ही रुक गया मेरे मामा की तबीयत उस दिन वाकई में ज्यादा खराब हो गई थी उन्हें चलने में बहुत तकलीफ होती थी जिस वजह से वह खाना भी नहीं खा पा रहे थे मैंने अपनी मामी से कहा क्या मैं मामा को अस्पताल ले जाऊं मेरी मामी कहने लगी हां तुम इन्हें अस्पताल लेकर चले जाना। मैंने जब मामा से पूछा तो मामा कहने लगे नहीं बेटा मैं ठीक हूं कल तुम मुझे अस्पताल लेकर चले जाना, उन्होंने भी उस रात थोड़ा बहुत खाना खाया और वह सो गए। मामा जी सो चुके थे, मै रूम में बैठकर टीवी देख रहा था।
मुझे बगल के कमरे से कुछ आवाजें आने लगी मैं जब उठकर वहां गया तो मैंने देखा मामी नंगी लेटी हुई है और उन्होंने अपनी चूत में कुछ मोटा सा लिया हुआ है। मैं यह देखकर बड़ा ही हैरान रह गया जैसे ही मैं अंदर गया तो वह घबरा गई लेकिन मैं उनके नंगे बदन और उनकी बड़ी गांड को देखकर अपने आपको रोक ना सका। मैंने भी अंदर से दरवाजा बंद कर लिया मामी ने मुझे कहा आओ बिस्तर में लेट जाओ। मैं बिस्तर में लेट गया उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। वह जब मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढने लगी, उन्होंने मेरे लंड से पानी निकाल कर रख दिया था। जब मैंने अपने लंड को उनकी योनि पर लगाया तो उनकी योनि से पानी निकल रहा था। उन्होंने मुझे कहा कुछ देर तुम भी मेरी चूत को चाटने का आनंद लो मैंने भी उनकी चूत को कुछ देर तक चाटा उनकी योनि से लगातार तेजी से पानी निकलने लगा। मैंने जैसे ही अपनी मामी की योनि के अंदर लंड घुसाया तो उनके मुंह से हल्की चीख निकल पडी वह अपने पैरों को खोलने लगी। जब वह अपने पैरों को खोलती तो मेरे अंदर और भी जोश पैदा हो जाता। मैं लगातार तेजी से धक्के मारे जा रहा था मैंने इतनी तेज गति से धक्के मारे की मेरा वीर्य गर गया।

उनका मन नही भरा था उन्होंने कहा संकेत बेटा तुम मेरे गांड की खुजली को भी मिटा दो। मैंने भी अपने लंड पर तेल की मालिश की और उनकी गांड मे जैसे ही मेरा मोटा और बड़ा लंड घुसा तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मुझे उन्हे धक्के देने में बड़ा मजा आ रहा था। मैं बड़ी तेजी से उन्हे धक्के दिए जा रहा था जिससे कि उनके मुंह से लगातार तेज चीख निकल रही थी। वह कहने लगी ऐसे ही तुम धक्के मारते रहो, मैंने भी तेज गति से उनको झटके देने शुरू कर दिया और इतना तेजी से मैं झटके देने लगा कि उनकी गांड से आग निकलने लगी, उनकी गांड की गर्मी इतनी अधिक बढ़ने लगी कि उसे ना तो वह बर्दाश्त कर पाई और ना ही मैं बर्दाश्त कर पाया। मेरा वीर्य कुछ ही क्षणो बाद बड़ी तेज गति से उनकी गांड के अंदर जा गिरा। जैसे ही उनकी गांड में मेरा वीर्य गिरा तो वह मुझे कहने लगी आज तो मुझे मजा आ गया इतने समय बाद किसी ने मेरे साथ इतने अच्छे तरीके से सेक्स किया है। वह एक नंबर की सेक्स की भूखी है मुझे यह नहीं पता था लेकिन उस दिन उनके साथ सेक्स संबंध बनाना मेरे लिए बड़ा ही अच्छा था, उस रात को मैं कभी नहीं भूल सकता।

भीगा बदन देख मन डोला

Bhiga badan dekh man dola
राज एक दिन मेरे घर पर आता है और वह बहुत ही ज्यादा दुखी नजर आता है मैं राज को देखते ही समझ गया कि वह कुछ परेशानी से जूझ रहा है, मुझे नहीं मालूम था कि उसकी परेशानी क्या है परंतु वह ज्यादा ही परेशान था। जब मैंने उससे पूछा कि आखिर तुम इतना परेशान क्यों हो तो मुझे राज ने बताया यार मैं तुम्हें क्या बताऊं मेरी पत्नी की आज तबियत ठीक नहीं है और मेरे पास पैसे भी नहीं है मैंने उसे कहा क्यों तुम्हारी पत्नी को क्या हुआ। मैंने जब राज से यह बात पूछी तो राज मुझे कहने लगा ना जाने उसकी तबीयत इतनी ज्यादा क्यों खराब हो गई, राज की पत्नी का नाम कविता है और वह मेरी मुंह बोली बहन है इसलिए मैं राज और कविता दोनों को ही अपना मानता हूं।
मैंने राज से कहा ठीक है तुम कविता को लेकर अस्पताल चलो मैं वहीं आता हूं राज कविता को लेकर अस्पताल चला गया और जब वह कविता को लेकर अस्पताल में गया तो वहां पर मैंने डॉक्टर की फीस जमा कर दी और कुछ दिन तक कविता को अस्पताल में एडमिट रखा। कविता को पेट से संबंधित बीमारी हो गई थी इसलिए उसे कुछ दिनों तक अस्पताल में एडमिट रखा और उसके बाद उसे घर ले आए, राज एक साल से कुछ भी काम नहीं कर रहा है क्योंकि वह जिस कंपनी में नौकरी करता था उस कंपनी से उसे नौकरी से निकाल दिया था इसी वजह से उसकी आर्थिक स्थिति पूरी तरीके से खराब हो गई थी परंतु जब भी उसे कुछ मदद की जरूरत होती तो वह मुझे ही कहता क्योंकि वह मुझे अपना मानता था और कविता को मैं अपनी मुंह बोली बहन मानता हूं इसी वजह से मैं उन दोनों की मदद हमेशा किया करता हूं। जब कविता अस्पताल में थी तो उसी दौरान मेरी मुलाकात संजना से हुई संजना उसी अस्पताल में नर्स है संजना ने उस दौरान हमारी काफी मदद की और मुझे संजना का नेचर बहुत अच्छा लगा जब हम लोग कविता को घर ले आए तो उसके बाद काफी समय बाद राज और मैं कविता को दोबारा से अस्पताल ले गए इस दौरान मेरी संजना से दोबारा मुलाकात हो गई


जब भी संजना से मेरी मुलाकात होती तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि मुझे मेरी पत्नी रेखा वापिस मिल गई लेकिन मेरी पत्नी मुझे छोड़कर अब जा चुकी है और वह अब किसी और के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रही है जब भी मैं इस बारे में सोचता हूं तो मुझे बहुत ही बुरा लगता है क्योंकि जिस वक्त मेरे साथ यह सब हुआ उस वक्त राज और कविता ने मेरा बहुत साथ दिया था उन दोनों ने ही मुझे सदमे से उबरने में बहुत मदद की और फिर मैं रेखा को भुला पाया। संजना को जब भी मैं देखता तो मुझे ऐसा लगता जैसे कि मैं रेखा को देख रहा हूं क्योंकि उसकी शक्ल थोड़ी बहुत रेखा से मिलती थी। मैं संजना से बात कर के बहुत खुश हो जाता उस दिन संजना ने हमसे पूछा अब कविता की तबीयत कैसी है तो राज ने जवाब दिया की उसकी तबीयत अब पहले से बेहतर है और अब वह पहले से बेहतर महसूस कर रही है इस बात से संजना ने कहा आप कविता का ध्यान रखिए बस वह कुछ दिनों बाद ही ठीक हो जाएगी। मैंने संजना से कहा आपने हमारी अस्पताल में बहुत मदद की उसके लिए मैं आपका धन्यवाद कहना चाहता हूं संजना मुझे कहने लगी यहां पर तो आए दिन पता नहीं कितने मरीज आते हैं और मेरा यही काम है भला मैं अपने काम से कैसे मुंह मोड़ सकती हूं। उसकी यह बात मुझे बहुत अच्छी लगी और मैंने संजना से कहा लेकिन आपने जिस प्रकार से हमारी मदद की और कविता की देखभाल की उसके लिए मैं आपका वाकई में शुक्रगुजार हूं कविता मुस्कुरा कर कहने लगी कोई बात नहीं आप को जब भी जरूरत हो तो आप मुझे याद कर लीजिएगा, यह कहकर वह वहां से चली गई। हम लोग भी कविता को वापस घर ले आए कविता की तबीयत अब ठीक होने लगी थी जब कविता पूरी तरीके से ठीक हो गई तो एक दिन उसने मुझे कहा भैया आपने हमारी इस मुसीबत की घड़ी में बहुत मदद की मैं उसके लिए आपका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मैंने कविता से कहा देखो कविता तुम मुझे भाई मानती हो तो तुम्हें यह सब कहने की मुझे आवश्यकता नहीं है मेरा इस दुनिया में अब तुम दोनों के सिवा है ही कौन?

जिस वक्त रेखा ने मेरा साथ छोड़ा था उस वक्त तुम दोनों ने ही तो मेरा साथ दिया था और अब तुम लोग ही मेरा परिवार हो कविता कहने लगी लेकिन भैया आपको भी अपने बारे में अब सोचना चाहिए और आपको अब शादी कर लेनी चाहिए। मैंने कविता से कहा मैं अभी शादी नहीं करना चाहता तुम्हें तो पता ही है कि मेरा पहला अनुभव कैसा रहा और रेखा के साथ मैं अपनी शादी के बंधन को आगे तक निभा ही नही पाया इसलिए मैं दोबारा से वह गलती नहीं करना चाहता। मैं शादी के पक्ष में बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि मैंने रेखा को दिलो जान से प्यार किया था लेकिन उसके बावजूद भी उसने मेरे साथ यह सब किया, मेरे दिल और दिमाग में सिर्फ यही बात थी कि अब मैं कभी भी दूसरी शादी नहीं करना चाहता मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा दुखी था लेकिन अब जैसे मुझे आदत सी हो चली थी और मैं अकेला ही रहता था। मुझे नहीं पता था कि संजना मेरे जीवन में इतनी जल्दी आ जाएगी और इसमें कविता ने मेरी बहुत मदद की। संजना अब मेरे जीवन में आ चुकी थी संजना को मैंने सब कुछ बता दिया था संजना को मेरी दर्द भरी कहानी सुनकर बकहुत बुरा लगा अब वह हमारे जीवन में कभी वह दुख दोबारा से नहीं आने देगी इसलिए उसने मुझे कहा अब तुम्हें कभी भी इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है तुम मुझ पर पूरी तरीके से भरोसा कर सकते हो।

मुझे भी संजना पर पूरा भरोसा था क्योंकि पहले जिस प्रकार से मेरे साथ इतना बड़ा धोखा हुआ था उससे मैं पूरी तरीके से उभर चुका था और मैं समझ चुका था कि अब शायद संजना मेरे साथ यह नहीं करेगी क्योंकि संजना एक बहुत ही अच्छी लड़की है और मैं उससे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं, संजना भी मुझसे मिलने के लिए आया करती थी। हम लोग जब भी राज और कविता से मिलते तो उन दोनों के चेहरे पर मुस्कान देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता राज ने भी एक कंपनी में नौकरी ज्वाइन कर ली थी और अब सब कुछ ठीक चलने लगा था मेरे जीवन में भी संजना आ चुकी थी और मेरा अकेलापन भी अब दूर हो चुका था लेकिन समस्या सिर्फ इतनी थी कि संजना की मम्मी हम दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं थी क्योंकि जब संजना ने उन्हें मेरे पहली शादी के बारे में बताया तो उसकी मम्मी ने साफ तौर पर मना कर दिया और हम दोनों सिर्फ इसी बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब उसकी मम्मी हम दोनों के रिश्ते को रजामंदी दे और हम दोनों एक साथ अपना जीवन व्यतीत कर पाए लेकिन यह सब फिलहाल तो संभव होता दिख नहीं रहा था उसके बावजूद भी संजना मेरा बहुत ज्यादा ध्यान देती और हमेशा ही वह यह बात कहती कि अब तुम्हें किसी बात की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। संजना के मेरे जीवन में आने से मेरे जीवन में खुशहाली आ चुकी थी और मैं बहुत ज्यादा खुश था मैं इतना ज्यादा खुश था कि अब मैं संजना के साथ भी ज्यादातर समय बिताने लगा था और संजना को भी मेरा साथ बहुत अच्छा लगता हम दोनों ही एक-दूसरे का बहुत ध्यान दिया करते। संजना और मेरे बीच में दिन-ब-दिन प्यार बढ़ता जा रहा था, संजना मेरे घर पर आया करती वह कभी कभार मेरे लिए खाना भी बना देती।

उसकी अदाएं मेरे दिल पर अब जादू करने लगी थी मैं संजना के प्यार में पागल हो चुका था और वह भी मेरा पूरा साथ देती। यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा एक दिन बड़ी तेज बारिश हो रही थी संजना मुझसे मिलने आ गई। संजना का बदन पूरा भीगा हुआ था मैंने जब उसे देखा तो मैं अपने आप पर काबू नहीं कर सका मैंने संजना से कहा तुम अंदर जाकर कपड़े बदल लो। वह अंदर कमरे में चली गई उसने अपने कपड़े उतारे तो मैं दरवाजे से यह सब देख रहा था। जब मैंने उसके नंगे और गोरे बदन को देखा तो मैं अपने आप पर काबू नहीं कर सका, मैंने दरवाजे को खोला तो संजना घबरा गई। वह अपने शरीर को ढकने की कोशिश करने लगी, मैंने जैसे ही उसके शरीर को सहलाना शुरू किया तो वह कुछ देर तक तो शर्माने लगी लेकिन जब उसके गोरे बदन को मैंने अपनी बाहों में ले लिया तो उसकी बड़ी गांड मेरे हाथों में थी मैं उसकी गांड को अपने हाथों से दबा रहा था। उसके स्तनों को भी मैंने अपने हाथों से दबाया और जब मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया तो उसे बड़ा अच्छा महसूस हुआ। जब वह पूरी तरीके से गरम हो गई तो उसने मुझे कहा क्या मैं तुम्हारे कपड़े उतार सकती हूं। मैंने उसे कहा इसमें पूछने की क्या बात है उसने मेरे बदन से सारे कपड़े उतार दिए।

उसने जब मेरी छाती को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो मैं भी गरम हो गया। हम दोनों बिस्तर पर लेट चुके थे वह मेरे नीचे लेटी हुई थी मैंने उसके स्तनों का रसपान बड़े अच्छे से किया। जब मैंने अपने लंड को संजना कि गरमागरम चूत पर लगाया तो उसकी योनि से गरम आग बाहर निकल रही थी। मैंने भी धक्का देते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया। जब मैंने उसकी योनि में अपने लंड को प्रवेश करवाया तो उसकी योनि से खून निकलने लगा और उसके मुंह से आवाज निकलने लगी। उसकी आवाज इतनी मादक थी मैं अपने आप पर काबू ना कर सका और बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। मै इतनी तेजी से धक्के मारता उसकी मादक आवाजो में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। जैसे ही मेरा वीर्य संजना की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मेरी खुशी का ठिकाना ना था। हम दोनों के बीच में पहली बार सेक्स हुआ, उसके बाद संजना ने अपने कपड़े पहन लिए लेकिन जब भी मै संजना को देखता तो अपने आप पर काबू नहीं कर पाता और हम दोनों के बीच सेक्स हो ही जाता। हम दोनों की अब तक शादी नहीं हुई है।

कॉंडम के साथ चूत फ्री

हेल्लो दोस्तो, मैं विशाल वर्मा आज एक और मस्त कहानी ले कर आया हूँ. दरअसल ये कोई कहानी न्ही है, ये एक सच्ची घटना है. जो मेरे साथ पिछले महीने ही हुई है. इस कहानी मे एक एक बात एक दम सच्ची है.

तो प्लीज़ मेरी कहानी को थोड़ा सा सीरीयस हो कर ही पढ़े.

मेरा नाम विशाल है, मैं देल्ही के पास एक छोटे से शहर मे रहता हूँ. मेरी उम्र 28 साल है, और मेरी शादी हो रखी है. मेरी शादी को 2 साल हो चुके है. मैं दिखने मे काफ़ी हॅंडसम और गुड लुकिंग और एक असली मर्द हूँ.

मैं अपने आप को असली मर्द इसलिए कह रहा हूँ, क्यूकी मेरा लंड 8 इंच से भी लंबा है. और मैने शादी से पहले अच्छी से अच्छी चूत को शांत किया है. शादी से पहले मैने ना जाने कितनी चूते मारी है.

खैर ये बातें बहुत पुरानी हो गई है. मैं आपको आज की बात बताता हूँ. दरअसल मुझे शुरू से कॉंडम लगा कर चूत मारने मे बहुत मज़ा आता था. इसलिए मैं शादी के बाद भी कॉंडम लगा कर अपनी वाइफ को चोदता था.

मेरी वाइफ भी मुझसे बहुत प्यार करती थी. उसका प्यार देख कर ही मैने बाहर मूह मारना बंद कर दिया. अब मैं पूरी तरह से अपनी वाइफ का ही बन कर रह गया. मुझे शुरू शुरू मे काफ़ी दिक्कत हुई, पर जब मेरी वाइफ ने मुझे अपना प्यार दिया, तो मैं अपनी वाइफ का ही हो कर रह गया.

मैं एक छोटा सा बिज़्नेस करता हूँ. इसलिए मैं और मेरी फॅमिली काफ़ी खुश थी. मेरे घर के रास्ते मे एक मेडिकल स्टोर आता था. जहाँ से मैं 2 या 4 दिन मे एक बार ज़रूर कॉंडम लेता था.

उस शॉप का मालिक करीब 40 साल का था. उसे काफ़ी अच्छे से पता था, की मुझे कौन सा कॉन्डम चाईए होता था. इसलिए वो मुझे देखते ही मेरा पॅकेट तयार करके मुझे चुप चाप दे देता था

उस शॉप के मालिक की वाइफ भी कभी कभी उसकी शॉप पर उसकी हेल्प करने के लिए आ जाती थी. उसे देख कर मेरी नियत खराब हो जाती थी, क्योकि वो साली थी ही इतनी सुंदर .

उसकी उम्र करीब 33 साल थी, इतनी उम्र मे भी वो एक कमाल की लगती थी. वो अकसर साड़ी डालती थी. जिसमे वो और भी मस्त लगती थी, उसका फिगर करीब 36-30-38 का था. अब आप ही सोच सकते है, की साली क्या कमाल की चीज़ होगी.

उसका नाम मनीषा था, वो हमेशा थोड़ा बहुत मेकअप लगा कर रखती थी. वो ज़्यादातर रेड कलर की लिपस्टिक और आँखो मे काजल लगाती थी. मेरी नज़र ना चाहते हुए भी मैं उसे देखने लग जाता था.

मैं उस शॉप पर हमेशा अपनी होंडा सिटी मे जाता था. मैने काफ़ी बार ये बात नोटीस करी, की उसकी वाइफ मनीषा मुझे देखती थी. और जब मैं शॉप पर आता था, तो वो मुझे अपने पति के पीछे खड़ी हो कर मुझे छुप छुप कर देखती थी.

मैं ये बात अब अच्छे से जान गया था, की कही ना कही कुछ गड़बड़ है. कुछ ही दीनो बाद गर्मिया शुरू हो गई, और मेरी वाइफ ने अपने घर कुछ दीनो के लिए जाने को काहा. अब भला मैं उसकी बात को केसे टाल सकता था, उसने कल सुबह जाना था.

इसलिए मैं रात को आते हुए कॉंडम लेने के लिए उसी शॉप पर चला गया. सॅटर्डे का दिन था. सुबह मेरी वाइफ ने अपने घर जाना था. इसलिए मैं रात को अपनी वाइफ को जम कर चोदना चाहता था. मैं कॉंडम लेने के लिए शॉप पर गया.

वाहा मैने देखा वो शॉप का मालिक न्ही था, बल्कि उसकी वाइफ थी. मैं शरमाते हुए उसके पास गया, और वाहा खड़ा हो गया. अब मुझे समझ न्ही आ रहा था, की मैं केसे कॉंडम मांगू.

मनीषा – हा जी बोलिए क्या चाहिए आपको ?

मैं – वो, अच्छा वैसे आपके पति कहा है, वो दिख न्ही रहे कही ?

मनीषा – वो किसी फ़ार्मा कंपनी की मीटिंग मे गये है, करीब 3 घंटे तक आएगें.

उसकी ये बात सुन कर मैं परेशानी मे आ गया, की अब मैं क्या करूँ. कॉंडम मांगू तो कैसे मांगू.

मनीषा – अरे आप इतना क्यो परेशान हो रहे हो ? आपको कॉंडम ही लेना है ना ?

मनीषा मुझे देख कर मुस्कुराते हुए फिर से बोली – मुझे पता है, मेरे पति आपको कॉंडम ही देते है. अब बता दो आपको कौन सा ब्रांड का चाहिए.

अब मेरी शरम साइड मे चली गई और बोला – मा*##@ ट्रिपल जे एक्सट्रा डोटेड.

मनीषा मेरा वाला ब्रांड इधर उधर देखने लग गई, और थोड़ी देर बाद बोली – सॉरी वो शायद ख़तम हो गया है, आप कोई और ले लीजिए.

मैं – सॉरी मैं वो ही यूज़ करता हूँ.

मनीषा – वैसे भी ये वाला किसी किसी को पूरा आता है.

मैं – पर मेडम ये ही एक ऐसा कॉंडम है, जो मुझे पूरा फिट आता है.

मनीषा – क्या आपका इतना बड़ा है, ये मैं न्ही मानती.

मैं – अगर आपको सबूत चाहिए तो आपको खुद देखना होगा.

मनीषा – अगर ऐसी बात है, तो अगर आपको ये कॉंडम पूरा आ गया. तो मैं पूरी लाइफ के लिए ये कॉंडम आपको फ्री मे दूँगी.

मैं – कोई बात न्ही, अब बताइए मैं आपको कहाँ पर डाल कर दिखा सकता हू?

मनीषा – देखिए कल सनडे है और मेरे पति को कल भी पूरे दिन के लिए बाहर जाना है. तो आप कल 11 बजे मेरे घर आ जाना.

मैं – ओके कोई बात न्ही.

उसने मुझे अपने घर का अड्रेस्स समझा दिया और फिर मैं घर वापिस आ गया. खैर मुझे आज कॉंडम तो न्ही मिले थे. पर मैने रात को अपनी वाइफ को बिना कॉंडम से बहुत चोदा. मैने उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया. मुझे अच्छे से पता था अब 15 दिन तक मेरी वाइफ मुझे याद करेगी.

अगली सुबह 9 बजे मैं अपनी वाइफ को कार मे बिठा कर उसे बस स्टॅंड तक ले गया. वाहा मैने उसे बस मे बिठा कर अलविदा किया और फिर सीधा मनीषा के घर चला गया. उसका फ्लॅट था, मुझे डर लग रहा था की कही आस पास का कोई देख ना ले.

खैर मैं हिम्मत करके उसके फ्लॅट पर आ गया. मैने बाहर से डोर बेल बजाई. थोड़ी ही देर मे मनीषा ने दरवाजा खोला, उसने वाइट कलर की मॅक्सी डाली हुई थी. और रेड कलर की लिपस्टिक और आँखो के नीचे काजल लगाया हुआ था.

वो बेहद खूबसूरत लग रही थी, उसको देख कर मेरा लंड खड़ा होने लग गया. मैं उसे उपर से लेकर नीचे तक अच्छे से देख रहा था. मेरी नज़र उसके बूब्स पर आ कर रुक गई. मैं उसके बूब्स देख रहा था और फिर वो बोली.

मनीषा – बस करो अब देखते ही रहोगे या अंदर भी आओगे ?

मनीषा की बात सुन कर मैं अंदर चला गया, अंदर जा कर मैं सोफे पर बैठ गया. मनीषा मेरे लिए अंदर से पानी का ग्लास ले कर आई. मैने पानी पिया और वो मेरे साथ ही बैठ गई.

मनीषा – अच्छा बताओ मैं आज कैसी लग रही हूँ ?

मैं – बहुत सुंदर लग रही हो, पर सच कहूँ तो तुम साड़ी मे बेहद सेक्सी और हॉट लगती हो.

मनीषा – अच्छा वैसे तुम्हारी वाइफ ने पूछा न्ही, की तुम सनडे वाले दिन काहा जा रहे हो ?

मैं – वो तो 15 दीनो के लिए अपने घर गई है.

मनीषा – तो फिर रात को बेचारी का बॅंड बजा दिया होगा आपने तो. अच्छा आप बैठो मैं अभी आती हूँ.

फिर मनीषा अपने रूम मे चली गई और मैं बैठ कर टीवी देखने लग गया. करीब 20 मिनिट बाद पीछे से उसने मुझे आवाज़ मारी और बोली – अच्छा जी अब बताओ मैं कैसी लग रही हूँ ?

मनीषा ने पिंक कलर की साड़ी और ब्लाउस डाला हुआ था, ब्लाउस तो बहोट ही कमाल का था. विदाउट स्लीव और डीप नेक का उसका ब्लाउस था. उसके बूब्स आधे से ज़्यादा बाहर दिख रहे थे. उपर से उसका गोरा जिस्म देख कर मैं पागल हो रहा था.

मनीषा – अब बताओ मैं केसी लग रही हूँ.

मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था, मैं उसके पास उठ कर गया और उसे अपनी बाहों मे ले कर धीरे से उसे काहा – इससे ही पूछ लो ना केसी लग रही हो.

ये सुनते ही उसने मेरा लंड अपने हाथ मे ले लिया और पेंट के बाहर से ही मेरे लंड को मसलने लग गई. फिर उसने मुझे किस किया और साथ साथ मेरे लंड को मसलती रही.

मनीषा – ये कह रहा है, की मैं बहुत अच्छी लग रही हूँ.

मैं – ये सच बोल रहा है.

फिर हम दोनो ने एक दूसरे के कपड़े निकालने शुरू कर दिए. कुछ ही देर मे वो ब्रा और पेंटी मे आ गई. मैं नीचे बैठ कर उसके सेक्सी पेट को अपनी जीब से चाटने लग गया.

फिर उसने मुझे खड़ा किया और बेडरूम मे ले गई. वाहा जाते ही मैने उसकी ब्रा को खींच कर फाड़ दिया. मेरे सामने उसके बूब्स आ गये, जिसे मैं ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया.

इतने मोटे बूब्स मेरी वाइफ के भी न्ही थे. इसलिए मैं दोनो बूब्स को बहुत ही मस्ती से चूस रहा था. फिर मैं नीचे गया और उसकी पेंटी को भी फाड़ कर उसकी चूत को सूंघने लग गया

मनीषा ने मेरे आने से पहले ही चूत को शेव कर लिया था. उसकी चूत पर एक भी बाल न्ही था. फिर मैने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया, उसकी चूत का स्वाद बहुत ही मस्त था.

मैं ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चाट चाट कर स्वाद लेने लग गया. कुछ ही देर मे उसकी चूत का पानी निकल गया. फिर वो खड़ी हुई और मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. वो मेरे लंड को देख कर बोली.

मनीषा – मुझे लगता है आज मैं शर्त हार जाउंगी. पर ऐसा मस्त लंड मैने आज तक न्ही देखा. आपकी वाइफ सच मे बहुत किस्मत वाली है.

अब मुझसे और न्ही रुका गया और उसको बेड पर लेटा कर उसकी दोनो टाँगो के बीच मैं बैठ गया. अब मैं लंड को चूत मे डालने वाला था, तभी मुझे मनीषा रोका और बोली.

मनीषा – रूको ये कॉंडम तो लगा लो, भूलो मत इसी कॉंडम की वजह से आज तुम मेरे पास आए हो.

मैं – हा ज़रूर आप ही अपने हाथ से डाल दो.

फिर मनीषा ने मेरे लंड पर कॉंडम लगाना शुरू किया और देखते ही देखते 8.5 इंच का कॉंडम पूरा मेरे लंड पर आ गया. ये देख कर मनीषा की आँखें फटी की फटी रह गई.

फिर मैने उसकी दोनो टाँगे उपर उठाई और अपना लंड उसकी चूत मे उतार दिया. लंड काफ़ी बड़ा था उसके लिए, इसलिए उसे काफ़ी दर्द हो रहा था. पर मैने उसके बूब्स चूस कर उसका दर्द कम किया.

जब उसका दर्द कम हुआ तो मैने चुदाई शुरू कर दी. उसकी चूत मे मैने अपना पूरा लंड उतार दिया. उसकी तो जान निकल गई, पर अब कुछ न्ही हो सकता था. अब मैने बेदर्द वाली चुदाई शुरू कर दी.

अब मनीषा भी मेरे लंड के उपर बैठ कर मेरे लंड के पूरे मज़े ले रही थी. कसम से उसकी टाइट चूत को खोलने मे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैने कॉंडम उतार कर अपना लंड उसके मूह मे डाल दिया

मेरे लंड ने अपना सारा पानी उसके मूह मे भर दिया. मनीषा ने भी मेरा सारा पानी पी लिया. फिर मैने उस दिन उसे 4 बार जम कर चोदा. फिर मैने अपने कपड़े डाले और अपने घर आ गया.

उस दिन के बाद हम दोनो 10 -15 दीनो मे एक बार सेक्स कर लेते है. दोस्तो ये थी मेरी एक सच्ची कहानी, मुझे उमीद है आपको मेरी ये कहानी पसंद आई होगी.

अंजान सेल्स गर्ल की चोदि चूत

मेरे सभी प्यारे दोस्तो को मेरे यानी रमण कुमार भल्ला की तरफ से आप सब को कोटि कोटि प्रणाम. मैं आज आप के लिए अपनी पहले सेक्स की कहानी ले कर आया हूँ. ये कहानी एक मस्त कहानी है, इस पढ़ कर आप एक बार ज़रूर मूठ मार ही लेंगे.

तो फिर अब देर किस बात की, चलिए कहानी शुरू करते है.

मैं सोनीपत का रहने वाला जवान लड़का हूँ. मुझे शुरू से ही जिम का शॉंक है, इसलिए मेरी बॉडी काफ़ी अच्छी बनी हुई है. मेरा लंड 6 इंच लंबा पर 2’5 इंच मोटा है.

मैने 20 साल की उम्र तक कभी सेक्स न्ही किया था. मैं अभी तक सिर्फ़ ब्लू मूवी देख कर अपना काम चला रा था. ये सब ठीक तो न्ही है, पर अब इसके इलावा मेरे पास और कोई चारा भी न्ही था.

क्योकि अभी तक मैने कोई लड़की पटाई न्ही थी. तो भला मैं केसे किसी की चूत मार सकता था. इसलिए मैं अपना काम फिलहाल मूठ मार कर चला रा था. पर मुझे इस बात का पूरा विश्वास था, की जिस दिन भी मुझे किसी लड़की चूत मिल गई. उसके तो मैं दोनो हाथ जुड़वा दूँगा.

आख़िर वो दिन आ ही गया, मैं अपने घर मे उस दिन अकेला था. मेरे घर वाले शाम से पहले किसी भी हालत मे न्ही आने वाले थे. क्योकि वो आउट ऑफ स्टेशन गये हुए थे. इसलिए कोई दिक्कत वाली बात न्ही थी, मैं अपने रूम मे बैठ कर ब्लू फिल्म बड़े आराम से देख रा था.

गर्मी का टाइम था, इसलिए मैं नंगा हो कर अपने रूम मे मूठ मार रहा था. पूरा माहोल गरम बना हुआ था, एक साइड मैं मूठ मार रा था. मेरे आगे ब्लू फिल्म मे एक लड़की 5 लड़को से चुद रही थी.

मेरे लंड का पानी बस निकलने ही वाला था. तभी बाहर डोर बेल बज गई, मेरे मूह से जोरदार गाली निकली की बेहेनचोद अब कों अपनी मा चुदवाने आ गया है. मैने जल्दबाज़ी मे अपना अंडरवेयर न्ही डाला था.

मैने सिर्फ़ अपनी निक्कर ही डाली थी, और मैं बाहर डोर ओपन करने के लिए चला गया. जेसे ही मैने डोर ओपन किया तो मैं बाहर देख कर हैरान रह गया, क्योकि मेरे घर के बाहर एक परी खड़ी थी.

वो सच मे एक खूबसूरत लड़की थी. जिसे देख कर मेरे दिल मे धक धक होने लग गई थी. पहले तो मैने उसे थोड़ी देर तक नीचे से उपेर तक देखा, मैं उसका दीवाना हो गया था. मेरा लंड पहले से ही खड़ा था, जिसने निकार मे तंबू बनाया हुआ था.

लड़की – हेलो मैं पूजा हूँ, क्या घर पर कोई लेडी है ?

मैं – क्यो आपको क्या काम है ?

लड़की – देखिए मैं एक सेलगर्ल हूँ. मेरे पास बहुत अच्छे कॉसमेटिक्स के कुछ समान है. जो मार्केट प्राइस से बहुत कम मे मिल रहे है.

मैने थोड़ी देर सोचा और बोला – हा है तो है, पर उन्हे आने मे 5 मिनिट लगेगें. आप चाहे तो अंदर बैठ कर उनके आने का वेट कर सकती हो.

लड़की – ठीक है.

उसकी नज़र मेरे लंड पर भी बार बार जा रही थी. फिर मैने उसे बिठाया और खुद अंदर पानी लेने चला गया. दोस्तो वो लड़की सच मे बहुत खूबसूरत थी, उसका फिगर कुछ था 34-28-36. मैं तो उसके बूब्स देख कर पागल होरा था.

उसने वाइट कलर की शर्ट और नीचे ब्लॅक कलर की जीन्स डाली हुई थी. जिसमे वो बहोट अच्छी लग रही थी. फिर मैं उसके पास पानी ले कर गया, जैसे ही पानी लेने लग गई. तभी मैने जान बुझ कर उसके उपर पानी गिरा दिया. उसकी शर्ट और जीन्स पूरी तरह से गीली हो गई थी.

मैं –आई यम रियली सॉरी वो ग्लास हाथ से फिसल गया.

लड़की – कोई बात न्ही, वॉशरूम काहा है ?

मैं – आप ऐसा करो मैं आपको अपनी बेहेन के कपड़े देता हूँ. आप वो डाल लो. थोड़ी देर मे ये सुख जाएगें.

लड़की – ठीक है.

फिर वो बाथरूम मे चली गई. उसकी शर्ट मे से अब उसके मोटे मोटे बूब्स सॉफ सॉफ दिख रहे थे. मैने उसे अपनी बेहेन का शॉर्ट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट डालने के लिए दे दी. इतने मे टीवी पर ब्लू मूवी लगा दी, और टीवी ऑफ कर दिया.

कुछ ही देर मे वो वापिस आई और मैने उसके लिए चाय बनाने के लिए किचन मे चला गया. मैने चुपके से बाहर देखा तो मैने देखा की वो टीवी चालू करके ब्लू मूवी बड़े आराम से देख रही थी.

ये देख कर मैं समझ गया की ये साली ज़रूर आज मुझसे चुदेगि. थोड़ी देर मैं किचन मे रुका और फिर बाहर देखा तो वो लड़की अपनी पेंटी के अंदर हाथ डॉल कर अपनी चूत को मसल रही थी. मैं तभी दो ग्लास मे बियर डॉल कर बाहर आया.

मुझे आता देख उसने जल्दी से टीवी ऑफ कर दिया, और वो खुद नॉर्मल होकर बैठ गई. मैं उसकी आँखो मे आँखें डॉल कर बोला, उसने बियर देख कर वो बोली.

लड़की – ये चाय तो न्ही है ?

मैं – मेरी जान जेसा माहोल वैसी ड्रिंक.

लड़की – क्या मतलब है तुम्हारा ?

मैं – क्यो अब रगड़ लो चूत को अपनी, मैने सब कुछ देख लिया है.

लड़की – हेलो आप ही पहले ये सब देख रहे थे. जेसे ही मैने टीवी ओंन किया तो ये सब अपने आप चलने लग गया. और मैं गरम हो गई थी.

मैं – अगर आप कहो तो मैं आपको ठंडा कर दू.
मेरी ये बात सुन कर वो मुस्कुराइ और बोली – अगर कोई आ गया तो ?

मैं – रात होने से पहले यहाँ कोई न्ही आएगा.

बस ये कहते ही मैं उसके पास गया और उसके पास बैठ कर उसके होंठो को चूसने लग गया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, मेरे हाथ उसके बूब्स को मसल रहे थे. मैं ज़ोर ज़ोर से उसके बूस को मसल रहा था. इससे वो और भी जल्दी गरम होने लग गई थी.

फिर हम दोनो पूरे नंगे हो गये, वो मेरा लंड देख कर डरने लग गई. फिर मैने उसे अपने बेडरूम मे ले गया, वाहा मैने उसके पूरे जिस्म को अच्छे से चूसा. और उसकी चूत को अच्छे से चूस कर उसका सारा पानी निकाल दिया.

फिर मैने अपना लंड उसकी चूत मे डालना शुरू कर दिया. उसकी चूत बहुत टाइट थी, पर मैने जैसे तैसे करके अपना लंड उसकी चूत मे डॉल ही दिया. उसे भी बहुत दर्द हो रा था. पर थोड़ी देर के दर्द के बाद उसने बहुत मज़े किए.

मैने उसकी चूत या गांड भी शाम तक 2 बार मारी. हम दोनो ने बियर पी और फिर एक साथ नहा कर तयार हो गये. मैने जाते हुए उसे 2000 का नोट दिया और साथ ही अपना नंबर भी दे दिया.

लड़की – थॅंक्स पर आज के बाद हम कभी न्ही मिलेगें.


बाय्फ्रेंड से दोस्तों के सामने चुदाई

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम प्रिया है मेरी फिगर 32,26,32 है और मैं पहली बार स्टोरी लिख रही हूँ ये तब की बात है जब मैं 12थ मे थी और मेरी उमर उस वक्त 18 साल थी और मैं अपने बॉय फ्रेंड से बोहोत प्यार करती थी, उसका नाम प्रेम है और वो दिखने मे स्मार्ट है हाइट 6 है तो सोचो उसका लॅंड का साइज़ क्या होगा उसका लॅंड का साइज़ 9 इंच और 3 गुना थिक है तो चलो स्टोरी स्टार्ट केरते है, हम एक दूसरे से बहोत प्यार करते थे एक दिन मेरी मम्मी पापा बाहर गये थे 2 दिन के लिए तो सोचा की अपने फ्रेंड्स को घर इन्वाइट करू खाने के लिए वो भी कपल थे हम सब 6 लोग थे, तो क्या बनाना डिसाइड किया वेज पुलाव बनाए लड़कोने कहा की तुम लड़किया आराम करो हम लड़के बनाते है तो हम लड़किया हॉल मे आ कर बैठ गयी और बातें करने लगे तभी प्रेम मेरे पास आया उसने मुझे रूम मे बुलाया मैं थोड़ी देर के बाद गयी रूम मे तो उसने जल्दी से रूम का दरवाजा बंद कर दिया.

और मुझे पीछे से हग करने लगा पागलो जैसे किस करने लगा और ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स दबाने लगा एक हाथ से बूब्स दबा रहा था दूसरे से चुत ज़ोर ज़ोर से रब कर रहा था, उसने जल्दिसे मुझे उठाया और ज़ोर से बेड पर डाल दिया मेरे उपर आ गया लिप्स किस करने लगा कभी नेक पर ज़ोर ज़ोर से बूब्स दबा रहा है निप्पल को ज़ोर्से चिमति ले रहा था मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो रही थी, तो मैं उसका साथ दे रही थी तभी उसने मेरा टॉप उतार दिया अब मैं सिर्फ़ ब्रा पे थी और जीन्स पहनी थी और वो मुझे ब्रा के उपर से ही किस करने लगा निपल्स को काटने लगा मेरी सिसकिया निकालने लगी और तभी उसे जोश आया उसने जोरसे मेरी ब्रा को खिचा तभी मेरी ब्रा टूट गयी उसने निकाल कर फेंक दिया, अब मेरे गोरे गोरे बूब्स उसके सामने नंगे थे पिंक निप्पल्स उसे देख कर वो पागल हो गया और ज़ोर ज़ोर से वो काटने लगा और चूसने लगा और उसने मेरा हाथ उसकी पैंट पर रखा तब मुझे उसका लॅंड फील हुआ की कितना टाइट हुआ है.

तो फिर उसने मेरी जीन्स की बटन ओपन किया ज़िप ओपन किया एक ही झटके मे पैंट और पैंटी निकाल दी और बोला की प्रिया मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है, तो मैने उसका लॅंड बाहर निकाला और देख कर डर गयी मस्त लॅंड था उसका मोटा और इतना लंबा तो उसने जेब से कॉंडम निकाला और उसके लॅंड पर लगया एक उंगली मेरी चुत मे डाली और आगे पीछे करने लगा, मुझे बहोत दर्द हो रहा था और डर भी लग रहा था तो अब उसने उसका लॅंड मेरी चुत पर रखा और रब करने लगा और एक झटका दिया मुझे एक दम से दर्द हुआ मैने उसे जोरसे धक्का मारा क्यूकी मैने अभी तब किसी के साथ सेक्स नही किया था और मैं डर गयी थी मैने जल्दी से कपड़े पहने और बाहर आ गयी और प्रेम को बहोत गुस्सा आया वो मुझसे बात नही कर रहा था मेरी फ्रेंड्स को पता चला तो उन्होने मुझे समझाया की फर्स्ट टाइम डर लगता है और तकलीफ़ होती है, फिर मुझे लगा की मैने राज को हर्ट किया.

अब मुझे उसे मनाना था बट कैसे वो गुस्से मे रूम मे उल्टा सोया था मैं उसके पास गयी उसे पूछा क्या कर रहे हो उसने आन्सर नही दिया तो सोचा बहोत गुस्सा है अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा ये सब मेरे एक दोस्त देख रहे थे सो मैने उसको गाल पर एक किस किया लेकिन वो माना नही फिर मैने उसे लिप्स किस करने लगी तो उसने मूह दूसरी तरफ कर दिया तो अब क्या करू फिर एक आइडिया आया मैं उसके पेट पर बैठ गयी और अपना टॉप उपर कर दिया मेरा ब्रा तो फट चुका था अब मैने अपने बूब्स उसके पेट पर रब किए ये सब मेरे दोस्त देख रहे थे तो उन्होने मेरे बूब्स देखे और देखते ही रह गये मेरे बूब्स देख कर उनका हाथ उनके लॅंड पर गया और अब प्रेम एग्ज़ाइट हो गया उसने उसका चेहरा मेरी तरफ किया और बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा निपल्स को ज़ोर ज़ोर से रब करने लगा, मैं और ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गयी और अब कुछ भी हो जाए मैं खुद को चुदवा के रहूंगी और फिर उसने मेरा निप्पल मूह मे ले लिए और चूसने लगा.

वो मुझे बोला तुझे लगता है ना मैं तुझे चोदु तो तुझे मेरा एक काम करना पड़ेगा तो मैने पूछा क्या वो बोला तुझे मेरा लॅंड मूह मे लेना पड़ेगा तो मैं मान गयी उसकी पैंट की ज़िप ओपन की और उसका मोटा लॅंड मूह मे ले लिया और चूसने लगी, 10 मिनट तक चूसने के बाद वो मुझे बोला की कॉंडम तू ही लगा मेरा लॅंड पर मैने हान कहा और कॉंडम लगाया और मैने अपना जीन्स और पैंटी उतार दी और वो बोला पकड़ उसे और अपने चुत पर रब कर मैने वैसे ही किया वो बोला तू पकड़ कर रख मैं ज़ोर से नीचेसे झटका देता हूँ और उसने मेरी कमर ज़ोर से पकड़ी और ज़ोर का झटका दिया उसका लॅंड का आगे हिस्सा मेरी चुत मे गया था मैं जोरसे चिल्लाई लेकिन उसने मुझे पकड़ कर रखा था थोड़ी देर बाद और ज़ोर का झटका दिया अब उसका पूरा लॅंड मेरी चुत मे था मैं इतने टाइट हो गयी थी मेरे बूब्स उसने जोरसे दबाने शुरू किया और नीचे से चोदना.

अब मेरा दर्द भी कम हो चुका था और मज़ा आने लगा था मेरी मूह से आआहह आआहह आअहह की आवाज़े आने लगी थी और मैं भी उसका साथ देनी लगी जोरा जोरसे चुदवाने लगी थी तो मैने उसे जोरसे पकड़ा और मैं झड़ गयी, फिर वो बोला अब तू नीचे तो मैं उपर से चोदता हूँ तुझे अब मैं नीची हो गयी उसने अपना लॅंड फिर रब किया जोरसे मेरी चुत मे डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा मैं आहहआ आ आअहह आअहह की आवाज़ से मेरे दोस्तो की हालत खराब हो गयी थी उन्होने भी अपने गर्लफ्रेंड को चोदना चालू कर दिया और मैं भी ये सब देख कर और मज़ा लेने लगी और 15 मिनट मे वो झड़ गया और मैं 3 बार और उसने फिर कॉंडम निकाला और मुझे दिखाया और बोला तुझे पीना है क्या मैने हान कहा और मैं उसका सारा माल पी गयी, दोस्तो आपको कैसी लगी ये स्टोरी मुझे रिप्लाइ देना मेरी मैल आईडी है कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके

नटखट साली पूजा की मस्त चुदाई

हेल्लो दोस्तो. मेरा नाम रमण है .आप सब के लिए एक मस्त कहानी ले कर आया हूँ. ये कहानी मेरे और मेरी साली के बीच उसके साथ मेरे पहले सेक्स की है. आप सब को पता ही है, की जीजू और साली मे कितनी मस्त मस्ती होती है.

तो ज़रा सोचिए दोनो के बीच कितना मस्त सेक्स होगा. तो चलिए फिर टाइम क्यो खराब करते है. सीधा अपनी कहानी पर आते है.

आज मेरी शादी को 13 साल हो चुके है. मेरी शादी 24 साल की उम्र मे अंकिता से हुई थी. उस टाइम उसकी उम्र 19 साल की थी. सच मे मैं उससे शादी करके अपने आप को काफ़ी लकी समझ रहा था. क्योकि 19 की अंकिता एक कवली लड़की थी.

मैने ही उसकी सील को तोड़ा था. वो बहुत ही सेक्सी और मस्त माल है. पर आज मैं अपनी वाइफ की न्ही अपनी साली की बात करने जा रा हूँ. मैं लकी इस लिए भी था, क्योकि मेरी एक साली भी थी. उसका नाम पूजा है, जब मेरी शादी हुई तो उसकी उम्र सिर्फ़ 16 साल थी. वो उस टाइम 10त क्लास मे थी.

जैसे की साली जीजू मे मस्ती होती है. वैसे ही मस्ती हम दोनो मे भी खूब होती थी. सच कहूँ तो मैं अपनी साली का पहले दिन से दीवाना था. क्योकि उसका 18 साल की उम्र मे जो फिगर उभर कर बाहर आया था. वैसा फिगर आज तक मैने कभी किसी लड़की का न्ही देखा.

उसका फिगर कुछ ऐसा था 33-26-28 था. अब आप खुद ही सोच सकते हो, की अगर किसी लड़की का इतना मस्त फिगर हो तो वो कितनी मस्त दिखती होगी. इसलिए मैं उसका शुरू से ही दीवाना तो था पर जब वो 18 साल की हुई तो मुझे उससे प्यार हो गया था.

अब वो मेरे घर अब काफ़ी आने जाने लग गई थी. उसके आने पर घर का माहोल ही कुछ और बन जाता था. उसको देख कर मैं काफ़ी खुश हो जाता था और पूजा भी मुझे देख कर खुश हो जाती थी.

हम दोनो अकसर एक खेल खेलते थे. वो है गुद-गुद्दि वाला खेल, मैं अकसर पूजा के पेट, बाजू के बीच उसकी गरदन और बूब्स के आस पास उसे गुद-गुद्दि करता था. जिससे वो हस हस कर पागल हो जाती थी.

पर मुझे इसमे बहुत मज़ा आता था. क्योकि इसी बहाने उसके कोमल जिस्म को छू लेता था. मुझे सच मे इसमे बहुत मज़ा आता था. मुझे इस बात का पता चल गया था. की मुझे पूजा लाइक करती है, क्योकि जब मैं उसे इधर उधर छूता था, तो वो मुझे कुछ न्ही कहती थी.

फिर मेरा एक लड़का हो गया, इसी बीच पूजा कुछ दिन मेरे घर काम करने के लिए आई थी. कसम उन दीनो मैने उसके साथ बहुत मस्ती करी. मैने उसके गालो को अच्छे से चूमा.

थोड़े टाइम बाद मुझे अपने ससुराल जाना पड़ा . उस दिन पूजा मुझे देख कर काफ़ी खुश हो रही थी. उसे देख कर मैं भी काफ़ी खुश होरा था. रात को सब टीवी देखते थे, और पूजा किचन मे सबके लिए डिन्नर बना रही थी.

मैं उससे मिलने के लिए तड़पता रहता था. मैं और मेरा लंड ये ही चाहता था की मैं ही उसकी सील को तोड़ूं. इसलिए मैं उसके पास ज़्यादातर टाइम बिताता था. जब वो उसने 12वी पास करी तो वो मेरे घर के पास वाले कॉलेज मे स्टडी के लिए वाहा अड्मिशन ले लिया.

मैं पानी पीने के लिए किचन मे गया, मैने देखा पूजा ने येल्लो कलर का टाइट सूट डाला हुआ था. कसम से साली कयामत लग रही थी. उसके बूब्स बाहर आने को मानो मचल रहे थे. मैं धीरे से उसके पास गया, और उसके पीछे खड़ा हो कर उसके दोनो बूब्स अपने हाथ मे लेने लग गया

उसके बूब्स सच मे काफ़ी सॉफ्ट थे, मैं धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा ने मुझे कुछ न्ही खा, मैने महसूस किया की उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे हो रही थी. मैं समझ गया की पूजा गरम हो रही है, मुझे अब इसे और गरम करना चाहिए.

इसलिए मैं पीछे से उसे अच्छे से चिपक गया. मेरा लंड उसकी मोटी सी गांड की दरार मे जा कर फस गया. मैं अपने होंठो से धीरे धीरे उसकी गरदन को धीरे धीरे चूमने लग गया. इससे पूजा और ज़्यादा मेरे काबू मे आने लग गई.

फिर मैने अपने होंठो से उसके कान पकड़े और धीरे धीरे उसके कान को अपने होंठो से चबाने लग गया. अब तो पूजा पागल हो गई थी, उसने अपना काम वही छोड़ दिया. उसकी साँसे अचानक से बहुत तेज़ होने लग गई. और ज़ोर ज़ोर से उसके मूह से मस्ती से भरी सिसकारियाँ निकलने लग गई.

तभी मुझे एहसास हुआ की कोई आ रहा है. इसलिए मैं पूजा से दुर हो कर उससे बातें करने लग गया. अगले ही पल मेरी सासू मा किचन मे आ गई. मेरी जान मे जान आई, मैने सोचा अगर आज फस जाता तो लेने के देने पड जाते.

इसलिए उसके बाद मैं पूजा के करीब न्ही गया. अगले दिन जब मैं अपने घर वापिस जाने लगा तो पूजा भाग मेरे पास आई और मुझे अपनी बाहों मे भर लिया. उसने मेरे कान मे धीरे से कहा.

पूजा – जीजू आप बहुत अच्छे हो.

मैं – सच मे ?

पूजा – हा जीजू आई लव यू सो मच.

मैं – आई लव यू टू मेरी प्यारी साली.

पूजा – मैं जल्दी ही घर आउंगी अब.

मैं – मुझे तेरा इंतज़ार रहेगा.

फिर मैं अपने घर आ गया, मैने पूजा मे आग लगा दी थी. अब उसे शांत करवाने के लिए पूजा कुछ भी करने को तयार होगी मेरे साथ ये मुझे अच्छे से पता था. घर गया तो मुझे पता चला की अंकिता ने अपने लिए एक नयी जॉब देख ली है.

मेरे घर से 5 किलो मीटर दूर एक स्कूल है, उसने अंकिता को टीचर की जॉब मिल गई थी. साथ ही हमारे बच्चे की स्टडी वाहा फ्री होनी थी. ये मुझे एक अच्छा ऑफर लगा इसलिए मैने अंकिता को उस जॉब के लिए हा कर दी.

अब अंकिता रोज 8:15 पर आराम से घर से निकल जाती थी और साथ ही बच्चे को भी ले जाती थी. मेरा ऑफीस 11 बजे होता था, इसलिए मैं लेट ऑफीस जाता था. एक दिन मैं शाम को अपनी मस्ती मे घर आया. घर के बाहर से ही मुझे अंदर पूजा की आवाज़ आती सुनाई दी, मैं समझ गया की आज पूजा घर पर आई हुई है.

मैं तभी घर से वापिस गया और उसकी पसंद का सारा खाने का समान ले कर घर आया. जैसे ही मैं अंदर आया पूजा मेरे गले से लग गई, मैं अपनी साली का इतना प्यार देख कर खुश हो गया. फिर मैने पूजा को उसके खाने का समान दिया, जिससे वो और भी खुश हो गई.

फिर रात को करीब 10 बजे तक मैने पूजा से बात करी. फिर मैं अपनी वाइफ के साथ सो गया. पूजा अलग रूम मे सो रही थी. सच कहूँ तो मुझे नींद ही न्ही आ रही थी. मैं बस ये ही सोच रहा था, की कैसे मैं पूजा अपनी साली की चूत को मारू.

सुबह मेरी आँखे 7 बजे खुली, मैं उठा तो मैने देखा की अंकिता उपर छत पर कपड़े डालने के लिए गई है. मैं जल्दी से उठा और पूजा के रूम मे गया, वो बेड पर पिंक कलर की मॅक्सी डॉल कर सो रही थी. सच मे साली वो बहुत मस्त लग रही थी.

मैं उसके पास तो मैने देखा की उसके गोरे गोरे बूब्स बाहर आ रहे थे. मैं अपना हाथ धीरे से उसके नंगे बूब्स पर रखा और धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा अब तक जाग चुकी थी, पर वो जान बुझ कर सोने की आक्टिंग कर रही थी.

असल मे वो सोते हुए भी मज़ा ले रही थी. फिर मैने उसके बूब्स मॅक्सी से पूरे बाहर निकाल दिए. बूब्स बाहर आते ही वो जाग गई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोकते हुए बोली.

पूजा – जीजू कोई आ जाएगा प्लीज़.

मैं – तुम फिकर ना करो, तेरी दीदी उपर छत पर गई है. वो थोड़ी देर तक आएगी.

पूजा – तो अभी आपका क्या इरादा है.

मैं – मेरा इरादा तो इन्हे चूसने का है. पर पहले तुम ये बताओ की तुमने कभी अपने बूब्स चुस्वाए है.

पूजा – हा मेरी एक सहेली है, हम दोनो एक रात एक दूसरे के बूब्स अच्छे से चूसे थे.

मैं – कोई बात न्ही आज मैं चुसूंगा.

पूजा – ठीक है जीजू चूस लो.

फिर मैं पूजा के दोनो बूब्स काफ़ी अच्छे से चूसे 10 मिनिट तक चूसे. उसकी हालत इतने मे ही खराब हो गई थी, उसका चेहरा लाल हो गया था. उसके मूह से आहह आहह की आवाज़ें आने लग गई थी.

तभी मुझे अंकिता के आने की आवाज़ आई, मैं और पूजा तभी अलग हो कर बैठ गये. फिर कुछ ही देर मे अंकिता ने घर के काम किए और बच्चे को लेकर अपने स्कूल मे चली गई.

अब पूरे घर मे मैं और पूजा अकेले थे. अंकिता के जाते ही पूजा भाग कर मेरे पास आई और मेरे होंठो को ज़ोर से पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. कसम से मज़ा आ गया था, उसके साथ किस्सिंग करने मे.

मेरे हाथ उसकी गांड पर चल रहे थे, मैं उसे गोध मे उठा कर बेडरूम मे ले गया. वाहा हम दोनो जाते ही पूरे नंगे हो गये. मैने पूजा के पूरे जिस्म को नीचे से उपर तक पूरा चूमा. फिर पूजा ने मेरा लंड अपने हाथ मे लिया और बोली.

पूजा – जीजू आप का लंड पूरा मस्त है. आज इस लंड से मुझे आप अपनी पूरी वाइफ बना लो. वैसे भी मैं आपकी हाफ वाइफ तो हूँ ही.

मैं – पूजा तू तो मेरी जान है. आज देख केसे मैं तुझे अपनी रानी बनाता हूँ. अच्छा वैसे कभी चूत मे लंड लिया है तूने ?

पूजा – न्ही जीजू.

मैं – मतलब आज मैं तेरी चूत की सील तोड़ूँगा. मज़ा आ जाएगा आज तो थोड़ा दर्द होगा प्लीज़ सहन कर लियो ओके.

पूजा – ठीक है, पर पहले मेरी चूत को प्यार तो करो.

ये सुन कर मैं मस्त हो गया, मैं पूजा की दोनो टाँगे उठा कर अपना मूह उसकी चूत पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी कवली चूत क्या कमाल की थी. उसका स्वाद मुझे बहुत ही पसंद आया.

मैने करीब 20 मिनिट तक पूजा की चूत को अच्छे से चूसा, और फिर मैने अपना लंड उसकी चूत मे धीरे धीरे डालना शुरू कर दिया. शुरू शुरू मे पूजा को काफ़ी दर्द हुआ. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, पर उसकी कोई सुनने वाला न्ही था.

उसकी चूत से खून निकल राहा था, पर मुझे मज़ा बहुत आ रहा था. उसकी चूत को मैने बहुत चोदा. चुदाई मे टाइम का पता न्ही लगा की कब 11 बाज गये. मैने अपने ऑफीस मे फोन करके आज की छुट्टी ले ली. जिससे पूजा और खुश हो गई.

फिर हम दोनो साथ मे नहाए और फिर पूजा ने मेरा लंड चूस चूस कर उसका पानी पिया. उस दिन मैने 2 बजे तक पूजा की 4 बार जम कर चुदाई की. आज वो मेरी वाइफ बनी हुई है. उसका किसी और से शादी करने का मन न्ही करता

कॉलेज की वो यादगार चुदाई

मेरे सभी प्यारे दोस्तो मेरी चिकनी और गुलाबी चूत आप सब का तहे दिल से आज की मेरी कहानी मे स्वागत करती है. मेरी ये कहानी मेरी पहली चुदाई की कहानी है. जितनी मस्त मेरी चुदाई मेरे दोस्त सागर ने मेरी की थी.

उतनी ही मस्त मेरी ये कहानी है. मेरी चूत ना जाने कब से आपको ये कहानी बताने को मचल रही है. मेरी चूत अगर कोई लड़का एक बार चाट ले तो वो मेरी चूत का होकर रह जाता है. मेरे दोस्त सागर को मेरी चूत को चाटना बहुत पसंद था.

आपको मेरी बातें बकवास लग रही होंगी. इसलिए मैं अब आपको अपनी कहानी बताती हूँ. पर उससे पहले थोड़ा मैं आपको अपने बारे मे बता देती हूँ. मेरा नाम दिव्या है, और मैं प्रयागराज मे रहती हूँ, आज मेरी शादी मेरे ही शहर मे हो गयी है.

पर आज जो मैं आपको बताने जा रही हूँ, वो बात तब की है जब मैं 21 साल की जवान थी. मैने 10+2 पास आउट कर बि.ए के लिए कॉलेज जाया करती थी. मैं उस टाइम 20 साल की हो गयी थी, मेरी जवानी मेरे उपर पूरी तरह से आ गयी थी.

मेरे बूब्स 34, कमर 28 और मेरी गांद 36 के करीब हो गयी थी. मैं अपने फिगर पर बहुत मान करती थी. क्योकि कॉलेज के लड़के मेरे लिए पागल हो रहे थे. कॉलेज के पहले साल मैने किसी से दोस्ती नही करी, जब मैने देखा की यहाँ हर लड़की किसी ना किसी के साथ सेट है.

तो ये सब देख कर मुझे थोड़ा सा अजीब सा लगा. इसलिए मैने भी अब रियालिटी मे जाने के लिए सोचा. मुझे एक लड़का शुरू से ही बहुत पसंद करता था. उसने काफ़ी बार मुझसे दोस्ती करने की कोशिश करी, पर मैने शुरू मे उसे हर बार माना कर दिया.

पर एक दिन फिर मैने उसे हा कर दी, हम दोनो मे अच्छी दोस्ती हो गयी. थोड़े ही दीनो मे मुझे उससे प्यार हो गया. हम दोनो लवर बन चुके थे, कॉलेज के बाद हम दोनो घूमने के लिए निकल जाते थे.

काफ़ी बार सागर मुझे मूवी दिखाने के लिए ले जाता था. मूवी मे सागर मेरे हाथो और मेरे गालो पर किस करने लग जाता था. मैं उसे कुछ नही कहती थी. इसलिए उसकी हिम्मत अब पहले से ज़्यादा हो गयी थी.

एक दिन की बात उसने मुझे अकेले मे मेरे होंठो पर किस कर लिया. मैने उसे फिर भी कुछ नही काहा, इस बात से वो एक दम निडर हो गया. एक दिन कॉलेज मे जब हम दोनो रूम मे अकेले थे, तभी सागर ने मुझे कस्स कर अपनी बाहों मे ले लिया

फिर उसने मेरे होंठो को अच्छे से चूसा, और फिर मेरी गर्दन और मेरे पूरे चेहरे पर किस की बारिश सी करने लग गया. फिर उसके हाथ मेरे बूब्स पर आ गये और वो मेरे बूब्स को मसलने लग गया. उस दिन पहली बार किसी ने मेरे बूब्स को मसला था, मुझे इसमे बहुत मज़ा आया. फिर उसके हाथ मेरे गांद और मेरी चूत पर घूमने लग गये.

इतना कुछ होने के बाद भी मैने उससे कुछ नही काहा, क्योकि मैं भी अब अपनी जवानी का मज़ा लेना चाहती थी. मैं चाहते हुए भी ना नही कह पा रही थी, शायद मुझे इस सब मे मज़ा आने लग गया था. इस बात को सागर ने अच्छे से समझ लिया था.

अगले दिन हम कॉलेज से हाफ डे मे निकल आए और पास के मूवी सिनिमा मे मूवी देखने लग गये. वो मूवी बहुत पुरानी हो गयी थी, इसलिए वाहा कोई भी नही था. पूरा हाल मे सिर्फ़ 2 या 3 कपल्स ही बैठे थे, वो भी सब बहुत दूर दूर बैठे थे.

सागर और मैं सबसे टॉप मे लास्ट कॉर्नर मे बैठे हुए थे. जेसे ही वाहा अंधेरा हुआ, सागर ने मुझे चूमना शुरू कर दिया. उसने मेरे गालो से शुरूवात करी और कुछ ही पल मे वो मेरे होंठो पर आ गया. मूवी कोई नही देख रहा था, हम दोनो अपने आप मे लगे हुए थे.

फिर जब वो मेरे होंठो को चूस रहा था, तभी मैने महसूस किया. की सागर का हाथ मेरे कुर्ते के अंदर मेरे बूब्स पर आ गया है. उसके हाथो मे मेरे नंगे बूब्स आ गये थे, जिसे वो ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लग गया था. मेरे पूरे जिस्म मे कुछ होने लग गया, मेरे निप्पल एक दम खड़े हो गये.

फिर उसका हाथ वाहा से निकाला और मेरी सलवार मे जाने के लिए तयार हो गया. पहले वो अपना हाथ मेरे पेट के उपर घुमा रहा था. फिर उसने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया. मेरी टाँगे अपने आप खुल गयी, उसने अपना हाथ मेरी नंगी चूत पर रख दिया.

मुझे अपनी चूत को बिना बालो की रखना पसंद था. इसलिए जब उसने मेरी चिकनी चूत पर हाथ रखा तो तब तक मेरी चूत पूरी भीगी हुई थी. मेरे मूह से आहह आहह की आवाज़ें निकलने लग गयी. सागर को समझ मे आ गया की मैं अब पूरी गरम हो चुकी हूँ. उसने थोड़ी देर मेरी चूत मे उंगली करके मुझे और पागल कर दिया.

फिर अचानक उसने अपना हाथ मेरी सलवार से बाहर निकाला और मुझे कहा की चलो हम बाहर चलते हैं. उसने और मैने अपने कपड़े ठीक किए और वाहा से निकल लिए. उसके बाद वो मुझे अपनी बाइक पर बिठा कर कॉलेज के बॅक साइड वाले गेट के पास ले गया. वाहा से हम दोनो ने कॉलेज की दीवार को पार किया.

अब तक कॉलेज मे कोई नही था, क्योकि कॉलेज की छुट्टी हुए 2 घंटे हो चुके थे. सागर मुझे एक छोटे से रूम मे ले गया, वाहा कोई आता जाता नही था. इसलिए हम दोनो को कोई डर नही था, फिर उसने जाते ही मुझे दीवार से लगाया और मेरे होंठो को अपने होंठो मे ले कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया.

उसके दोनो हाथ मेरे बूब्स पर थे, जिसे वो बस मसल्ने मे लगा हुआ था. फिर उसने मेरे कपड़े निकालने शुरू कर दिए. कुछ ही देर मे हम दोनो पूरे नंगे हो गये. सागर मेरा नंगा जिस्म देख कर पागल हो गया. वो मुझे पागलो की तरह चूमने लग गया.

फिर उसने मेरे दोनो बूब्स को बारी बारी से अच्छे से चूसा. मेरी चुत मे से पानी का सैलाब अब नीचे गिरने लग गया. जब सागर ने ये देखा तो वो नीचे बैठा और मेरी दोनो टाँगे खोल मेरी चुत को चाटने लग गया.

जब सागर ऐसा कर रहा था, तब मैं जन्नत मे आ गयी थी. मुझे ऐसा मज़ा कभी नही आया था. मेरा मन कर रहा था, की सागर सारी जिंदगी मेरी चूत को ही चाटता रहे. कसम से बहुत मज़ा आ रहा था, फिर कुछ ही देर मे मेरी चूत मे से पानी निकल गया और मैं खड़ी हो कर गिराने लग गयी.

फिर सागर ने मुझे नीचे बिठाया और अपना 6 इंच का लंड मेरे मूह मे डॉल दिया. मै लंड पहली बार चूस रही थी , पर लंड चूसने मे बहुत मज़ा आ रहा था. जब उसका लंड पूरा गीला हो गया, तो उसने अपने कपड़े नीचे बिछा कर मुझे उसके उपर लेटा दिया. और फिर उसने मेरी दोनो टाँगे खोली और मेरी चुत के बीच मे आ कर बैठ गया.

सागर ने अपना लंड मेरी चूत मे डालना शुरू कर दिया, उसका लंड धीरे धीरे मेरी चूत मे जाने लग गया. मुझे दर्द भी होने लग गया, मैं चिल्ला ना सकु. इसलिए उसने पहले ही मेरे होंठो को अपने होंठो मे ले लिया था. उसके बाद उसने मेरी चूत मे अपना पूरा लंड उतार दिया

मुझे पहले बहुत दर्द हुआ, पर कुछ ही देर मे जब दर्द मज़े मे बदल गया. तो मुझे बहुत मज़ा आया और मैं ज़ोर ज़ोर से अपनी गांद नीचे उठवा कर सागर का लंड अपनी चूत मे लेने लग गयी थी.

करीब 15 मिनिट की चूत चुदाई के बाद सागर ने अचानक अपना लंड चूत से बाहर निकाल दिया. उसके लंड की पिचकारी मेरे पेट और बूब्स तक आ रही थी. उसके लंड से निकली मलाई को मैने अपने बूब्स पे अच्छे से मालिश कर ली. फिर उसके बाद हम दोनो ने अपने कपड़े डाले और किस करके हम दोनो वाहा से निकल लिए.

उस दिन के बाद हम रोज चुदाई करने लग गये, पर सागर को मेरी चूत चाटने मे बहुत मज़ा आने लग गया. वो क्लास मे भी नीचे बैठ कर मेरी चुत को चाटता था

पड़ोसन पूजा मेरे लंड की दीवानी

मेरे सभी प्यारे दोस्तो आपका मैं आज अपनी पहली कहानी मे सावगत करता हूँ. ये कहानी मेरे लाइफ के एक सब से मस्त किससे से जुड़ी हुई है, इसलिए ये एक सच्ची कहानी है. मुझे उमीद है आपको मेरी ये कहानी पसंद आएगी.
तो फिर चलिए कहानी शुरू करते है.
ये बात आज से 3 साल पहले की है. जब मेरी शादी रेणु से हुई तो मैं काफ़ी खुश था. क्योकि शादी के बाद तो वो चूतिया ही लकड़ा होता है, जो खुश नही होता. पर तभी कुछ दिन बाद मेरे सामने रहने वाले भैया ने भी शादी कर ली, और वो भी वाइफ घर ले कर आ गये.

हम दोनो की शादी लगभग साथ ही हुई थी. हमारे मोहल्ले मे एक साथ दो नयी जवान लड़किया आ गयी थी. वो दोनो जल्दी ही एक अच्छी फ्रेंड बन गयी. पर दोस्तो सच कहूँ तो मैने जब अपने भैया की वाइफ को देखा तो मैं उपर से लेकर नीचे तक पूरा जल गया.

क्योकि उसकी पूजा के आगे मेरी रेणु कुछ भी नही थी. पूजा एक बड़े शहर की लड़की थी, इसलिए वो मॉडर्न थी. वो हमेशा घर पर जीन्स टॉप डालती थी. मैं उसके फिगर का दीवाना हो गया था. उसके बाहर निकलते बूब्स देख कर, मानो मुझे ऐसा लगता था की वो मुझे चूसने के लिए बुला रहे थे.

जब भी मैं उसे देखता था, तभी मेरा मन उसे चोदने का होने लगता था. थोड़े टाइम बाद मेरी भी उसके साथ बोल चाल होशुरू हो गयी. मैं उसे भाभी कहता था. जब भी मैं उसके साथ बात करता था, मेरा ध्यान हर टाइम उसके जिस्म पर ही होता था.

मैं अपने मन मे सोचता था की इस चूतिए को कैसे ये परी मिल गई. खैर ऐसे ही धीरे धीरे दो साल निकल गये, अभी तक मुझे पूजा के साथ मस्ती करने का मौका तक नही मिला था. मैं एक ऐसे अच्छे मोके की तलाश मे था, जिस मौके मे मैं उसे चोद कर हमेशा के लिए अपना बना लू.

देखो फिर भगवान ने एक दिन मेरी सुन ही ली. मेरी वाइफ रेणु कुछ दीनो के लिए अपने घर गयी हुई थी. मैं घर पर अकेला था, इसलिए मैने अपनी नाइट शिफ्ट करा रखी थी. ताकि मैं रात को तंग ना हो जाउ, क्योकि दिन तो कट ही जाता है.

मैं सुबह 8 बजे वापिस अपने घर नाइट शिफ्ट करके आ रा था. जब मैं घर के बाहर आया तो मैने देखा पूजा भाभी अपने पति को बाइ बाइ कर रही थी. मैने भी भैया को हेलो कर दिया, भाईया की शहर मे एक शॉप है. इसलिए वो सुबह 8 बजे ही घर से निकल जाते है.

पूजा भाभी को देख कर मैं थोड़ा सा मुस्कुरा दिया, भाभी मुझे देख कर मुस्कुरा दी. फिर मैं अपने घर मे जाने लगा पर तभी पूजा भाभी ने मुझे पीछे से आवाज़ मारी. मैं उनकी आवाज़ सुन कर पीछे मुड़ा और भाभी मुझसे बोली.

पूजा – भाईया मेरे कंप्यूटर मे नेट नही चल रहा है. क्या मैं तुम्हारा लॅपटॉप यूज़ कर सकती हूँ. मुझे अर्जेंट मेल सेंड करनी है.

मैं – हा भाभी क्यो न्ही आपका ही लॅपटॉप है. प्लीज़ जब मर्ज़ी आकर यूज़ कर लेना.

पूजा – जब मर्ज़ी क्या चलो अभी चलते है.

मैं – हा भाभी चलो.

फिर भाभी मेरे साथ मेरे घर मे आ गयी, मैने अपना लॅपटॉप अपने बेडरूम मे ही रखा हुआ था. पूरा घर खराब हुआ था, शराब की बोटले इधर उधर पड़ी हुई थी. भाभी बेड पर बैठ गयी और मैने उन्हे लॅपटॉप दे दिया.

पर मैं ये भूल गया था की कल ड्यूटी पर जाने से पहले मैने लॅपटॉप पर ब्लू मूवी की साइट्स ओपन करी हुई थी. जेसे ही भाभी ने लॅपटॉप ओन्न किया उसके सामने वो सारी ब्लू मूवीस चलने लग गयी. कुछ देर बाद ये सब देख कर भाभी बोली.

भाभी – अरे भाईया प्लीज़ इस साइट का लिंक मुझे सेंड कर देना.

मैं – सॉरी भाभी मैं इसे क्लोज़ करना भूल गया था. पर वैसे आपको साइट का लिंक क्यो चाहिए भाभी.

भाभी – अरे बस रहने दो तुम, मेरा काम हो गया है मैं चलती हूँ.

मैं – नही भाभी प्लीज़ बताओ आख़िर क्या बात है.

भाभी – अरे मैं ये इस लिए माँग रही हूँ. ताकि तेरे भैया को ये सब दिखा सकु. क्योकि वो ज़रा भी सेक्स नही करते, शॉप की टेन्षन उन्हे बहुत रहती है. इसलिए उनकी छोटी सी लुली मुझे चोद ही नही पाती.

ये कह कर वो जाने लगी, मुझसे ये सब देखा नही गया. मैने झट से अपनी पेंट और अंडरवेर उतार कर अपना लंड बाहर निकाल कर भाभी के सामने कर दिया. भाभी ने जब मेरा लंड देखा तो वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी. फिर वो भाग कर मेरे पास आई और मेरे मूह पर थप्पड़ मार कर बोली.

भाभी – कमिने आज मेरी शादी को दो साल हो गये है. और आज मैं पहली बार तेरे घर आई हूँ और तू आज मुझे अपना लंड दिखा रहा है. कुत्ते तूने इतनी देर क्यो कर दी. मैं इसके लिए कब से तरस रही हूँ.

ये कहने के बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ा और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख कर ज़ोर ज़ोर से मेरे होंठो को वो चूसने लग गयी. ऐसी गरम औरत आज तक मैने नही देखी थी. उसके एक टच से मेरा लंड और जिस्म गरम हो गया था.

पूजा इस टाइम पूरी नँयी दुल्हन की तरह लग रही थी. फिर मैं उसे दीवार से लगा दिया और उस के होंठो को पागलो की तरह चूसने और चूमने लग गया. उसके होंठो मे से मीठा रस्स चूस चूस कर पी रा था. कसम से उसके होंठो को चूसने मे मुझे बहुत मज़ा आ रा था.

मेरे दोनो हाथ उसके बूब्स पर चल रहे थे, और पूजा भाभी का हाथ मेरे लंड पर था. वो मेरे लंड मसल मसल कर तन्ना रही थी. मैने उसके मूह से गर्दन तक हर जगह किस कर ली थी. उसका मस्त चेहरा चूमने मे बहुत मज़ा आ रा था.

फिर मैने उसके दोनो बूब्स कस्स कर पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लग गया. पूजा के मूह से आहह आहह की मस्त आवाज़ें निकालने लग गयी थी. उसका पूरा जिस्म आग की तरह तप रहा था.

फिर मैं उसका टॉप मैने उतार कर फेंक दिया. अब वो मेरे सामने ब्लॅक ब्रा मे खड़ी थी. उसके गोरे गोरे बूब्स किसी मोती की तरह ब्लॅक ब्रा मे चमक रहे थे. कसम से उसके दोनो बूब्स देख कर मैं पागल सा हो गया. मैने उसके बूब्स पर टूट पड़ा.

मैने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रखे और पीछे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए. हुक खुलते ही उसके करीब 34 के बूब्स उछाल कर मेरी गोद मे गिर गये. क्या कमाल का नज़ारा था. मैने उसके दोनो बूब्स को अपने हाथो मे थाम लिए.

फिर मैने एक बूब्स को अपने मूह मे भर लिया और उसके बूब्स को चूसने लग गया. उसके नरम और गरम बूब्स काफ़ी कमाल के लग रहे थे. मैने उसके दूसरे के निप्प्ल को अपने हाथ मे ले कर मसल रा था.

बहुत ही मजेदार काम चल रहा था. अब पूजा ने मेरा सिर अपने बूब्स मे दबाना शुरू कर दिया, उसके मूह से सिसकारियाँ रुकने का नाम तक नही ले रही थी. उसका जिस्म अब और भी गरम होने लग गया था.

मैने जल्दी जल्दी उसके दोनो बूब्स को पूरा अपनी जीब से चाटने लग गया. पूजा ने फिर से मेरा लंड पकड़ लिया और वो मेरे लंड से खेलने लग गयी. मेरा लंड अब पागल होने लग गया था. इसलिए मैने अपना एक हाथ उसके सिर पर रखा और उसे नीचे की और धक्का दिया.

पूजा मेरा इशारा झट से समझ गयी, वो तुरंत नीचे बैठ गयी. अब मेरा लंड उसके होंठो के सामने था. पूजा ने मेरा लंड अपने होंठो मे ले लिया और धीरे धीरे बड़े मस्त तरीके से मेरे लंड को अपने मूह मे लेने लग गयी. मेरा लंड कुछ ही देर मे 6 इंच तक उसके मूह मे चला गया.

फिर पूजा को शायद मज़ा आने लग गया, इसलिए वो पागलो की तरह मेरा लंड चूसने लग गयी. फिर करीब 15 मिनिट बाद मैने अपना लंड उसके मूह से बाहर निकाल दिया. उसके बाद मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और बेड पर लेटा दिया.

मैने उसके पेट पर अपनी जीब चलानी शुरू कर दी, जिससे पूजा मस्त हो कर बेड पर तड़पने लगी. फिर मैने उसकी जीन्स उतार दी और उसकी सेक्सी ब्लॅक पेंटी को मैने अपने दांतो से पकड़ा और उसके जिस्म से अलग कर दिया.

उसकी चूत पर एक भी बाल नही था, और पूरी चूत पानी से भीगी हुई थी. मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और बड़े प्यार से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी चूत मे से पानी रुकने का नाम ही नही ले रा था. मैने उसकी चूत को अपनी जीब से चाटने मे लगा हुआ है.

मैं जब उसकी चुत को चाट रा था, तब पूजा बहुत तड़प रही थी. उसने मेरा सिर अपनी टाँगो से लॉक कर लिया. और नीचे से अपनी गांद को उठा उठा कर मुझसे अपनी चूत चटवाने लग गयी. कुछ ही देर मे उसकी चुत का सारा पानी एक ही बार मे निकल गया.

अब बारी थी लंड को उसकी चुत मे डालने की. इसलिए मैं खड़ा हुआ और उसकी गांद के नीचे मैने दो पिल्लो अच्छे से रख दिए. ताकि मेरा लंड अच्छे से उसकी चूत मे चला जाए. जब मैं उसकी चूत को चाट रा था, तभी मुझे पता चल गया था. की पूजा की चूत टाइट है.

इसलिए मैने पहले उसकी चूत और अपने लंड पर काफ़ी सारा थूक लगा लिया. फिर मैने अपना लंड उसकी चूत पर तोड़ा सा सेट किया. और उसके उपर जा कर मैने उसके होंठो को अपने होंठो मे ले लिया.

फिर मैने एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी चूत मे आधा चला गया. जिससे वो दर्द के मारे मेरे नीचे तड़पने लगी. वो अपनी टाँगे ज़ोर ज़ोर से पटक रही थी. मैने उसके दर्द की ज़रा भी परवाह नही करी.

और फिर एक और जोरदार धक्के से मैने अपना पूरा लंड उसकी चूत मे जमा कर उतार दिया. पूजा की आँखो मे आँसू आने लग गये, वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी. पर उसकी आवाज़ मेरे मूह मे ही दब कर रह गयी.

कुछ देर बाद पूजा थोड़ी शांत हुई और मैं अपने धक्को की स्पीड फुल कर दी. अब मैने उसके होंठो को अपने होंठो से आज़ाद कर दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लग गया. पूजा चुदाई मे मेरा पूरा साथ देते हुए बोली.

पूजा – और ज़ोर से चोदो मेरे राजा मेरी चूत को फाड़ कर रख दो, और ज़ोर से चोदो रूको मत.

पूजा नीचे से अपनी गांद उठा कर मेरा साथ दे रही थी. हम दोनो को चुदाई मे पूरा मज़ा आ रा था. करीब 40 मिनिट की टाके तोड़ चुदाई के बाद मैने अपने लंड का सारा पानी उसकी चुत मे ही निकाल दिया.

फिर हम दोनो सो गये, और उठ कर बाथरूम मे नहा कर वो अपने घर चली गयी. मैने देखा की पिल्लो उसकी चूत के खून से भरा हुआ है. ये देख कर मुस्कुरा दिया. और उस दिन के बाद मैने पूजा को बहुत बार चोदा और आज भी उसे चोदने के लिए जा रहा हूँ.

दोस्तो मुझे उमीद है, की आपको मेरी कहानी मे बहुत मज़ा आया होगा. तो देर किस बात की मुझे मेल करके बताए

मैं बन गयी ऑफीस की रंडी

हेल्लो फ्रेंड्स,
मैं शेफाली आज आपके लिए एक बहुत ही मस्त कहानी ले कर आई हूँ. पर मेरी कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे मे काफ़ी कुछ बताना चाहती हूँ. मैं बहुत ही सुंदर हूँ और मैं मॅरीड भी हूँ.

मैं बहुत ही सुंदर तो हूँ ही पर मेरे नैन नक्श उस्स से भी ज़्यादा सुंदर है.मैं आज अपनी लाइफ का बहुत ही अच्छा पार्ट बताने जा रही हूँ जो की मैं ज़िंदगी मे कभी भी भूल न्ही सकती हूँ.

चलो अब ज़्यादा समय ना लगाते हुए मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलती हूँ. पर उससे पहले मैं आपको अपने फिगर के बारे कुछ बताना चाहती हूँ. मेरा फिगर बहुत ही कमाल का है. 32-28 -30 का है मेरा फिगर और बहुत ही कमाल का है .

ये बात आज से कुछ समय पहले की है. जब मैं नयी नयी बड़ी हुई थी यानी की मेरे उपर नयी नयी जवानी चड़ी थी तो कई लड़के मेरे उपर मरते थे. मैं बहुत ही पागल हुआ करती थी. क्योकि ये कीड़ा मेरे अंदर भी था की मैं किसी से बात करू और अपने दिल की बात बताकर खुद को चुदवा दू.

मैं पागलो की तरह लड़को से बात करने लग गई थी. मुझे ये सब बहुत ही अजीब लगता था पर साथ ही साथ मज़ा भी आया करता था.

बस फिर ऐसे ही टाइम बीतता चला गया. मैने स्कूल टाइम मे और ईवन तक कॉलेज टाइम मे भी बहुत ही सारे लड़को से बात करी और खूब मस्ती भी करी.

फिर ऐसे ही मेरे घरवालो ने मेरे बड़े होने पर मेरी शादी भी करदी. मैं अभी शादी करना न्ही चाहती थी पर फिर भी मुझे करनी पड़ी थी. मैं बहुत ही उदास भी थी की अभी से ही इतनी जल्दी मेरी शादी करदी.

मेरे हज़्बेंड का नाम विशाल है और उनका इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का काफ़ी बड़ा बिज़्नेस है. मैं अब अपने पति के साथ बिज़ी हो गई थी. शादी होते वक़्त तो बुरा लग रा था की आख़िर ये क्या हो गया पर बाद मे धीरे धीरे सब ठीक होता चला गया. मैं उनके साथ अब काफ़ी खुश रहने लगी थी.

पहले तो नयी नयी शादी मे रोज रात को अच्छे से चुदाई हुआ करती थी. मैं पागलो की तरह चुद्वाति थी. मैं तो बस चाहती थी की मेरा पति मुझे कच्चा ही चबा डाले और ऐसे ही करता रहे. मुझे अपने पति साथ सेक्स करने मे बहुत मज़ा आता था पर फिर कुछ टाइम बाद सेक्स अब बहुत ही कम होने लग गया.

क्योकि वो अब बिज़ी होने लग गये थे और मैं भी उनके साथ उनके ऑफीस मे काम संभालने लग गई थी. मैं बहुत ही खुश थी की मैं अपने पति के साथ उनके ऑफीस मे ही कुछ काम भी संभालूगी. उधर उन्होने मेरी एक सेक्रेटरी भी रख दी ताकि मुझे कोई दिक्कत ना हो.

फिर ऐसे ही चलता रहा और फिर उसके बाद उनका बाहर का भी टूर लगना शुरू हो गया. मैं ऐसे ही उनके आने का इंतेज़ार किया करने लग गई. पर अब धीरे- धीरे अब इंतेज़ार करना बहुत ही मुश्किल लगने लग गया था.

अब वो मुझे टाइम भी न्ही देते थे यानी की मैं चुदाई के लिए तड़पने लग गई थी. पर फिर भी मैं मूली या गाजर से काम निपटा लेती थी.फिर एक दिन ऐसे ही ऑफीस मे मेरी एक बहुत ही पुरानी फ्रेंड आ गई. जिसको देख कर मैं बहुत खुश हो गई और तो और बहुत ही पागलो की तरह बात करने लग गई.

हमारी बहुत ही अच्छी दोस्ती थी और तब मैने अपनी सेक्रेटरी को बुला कर उसे बियर ओर कुछ स्नॅक्स छुपा कर लाने को काहा और फिर हम बियर पीने लग गये. ऐसे ही काफ़ी पुरानी बाते भी बाहर आ गई और कुछ लड़को की बाते भी हो रही थी. जिससे की मेरी चुत भी तड़पने लग गई.

फिर थोड़ी देर बाद वो चली गई. पर उसके जाने के बाद मैं पागल हो गई थी. क्योकि मेरे उपर चुदाई का भूत सवार हो गया था. अब ऐसे ही फिर मैने बाहर के स्टाफ से दिनेश को बुलाया और उसको काहा की मेरे साथ पेग लगा ले. उसने पहले तो मना किया और मेरी बात सुन कर मान कर मेरे पास बैठ गया.

मैं बहुत ही खुश हो गई और फिर हम दोनो बाते करने लग गये और इसी बीच वो मेरी इच्छा को जान गया. मैं बहुत ही खुश थी और फिर उसके बाद तब बियर ख़तम हो गई तो उसने काहा की बाहर से पंकज को बुला लेते है.

फिर इतने मे वो आ गया और उसे काहा की बियर ले आ और फिर दिनेश ने मेरी पेंट उतार दी. हम दोनो पहले ही जोश मे आ गये थे और फिर धीरे धीरे करके हम दोनो नंगे हो गये. मैने उसके लंड को हाथो मे ले लिया और फिर उसके बाद उसे मूह मे ले कर चूसने लग गई.

मैं बहुत ही पागल हो रही थी और उसे तो बहुत ही मज़ा आरा था. मैं इसलिए पागल हो रही थी क्योकि मैं काफ़ी टाइम बाद लंड को अंदर लेने वाली थी. फिर मैने उससे काहा की चूत को चाट और फिर उसके चाटने के बाद मैने उसे लंड डालने को काहा तो उसने डाल दिया और मुझे चोदने लग गया.

इतने मे पीछे से पंकज भी आ गया और ये देख कर पहले वो हैरान रह गया और फिर उसने भी अपने कपड़े उतार डाले और लंड को मेरे हाथो पर दे डाला. मैं बहुत ही खुश हो गई और उसे चूसने लग गई.

फिर उधर दिनेश ने मेरी चूत मे अपना पानी छोड़ दिया और फिर उसके बाद मेरे पीछे पंकज आ गया और उसने मेरी गांड मे लंड दे डाला.मैं बहोट ही मज़े से चींख रही और टाइट गांड होने की वजह से उसका पानी गांड मे ही छूट गया और फिर दोनो मेरे उपर ही लेट गये

फिर उसके बाद ऐसे ही मैने उनके दोनो लंड को एक एक करके चूसा और खूब मज़ा भी लिया. मुझे दोनो के लंड को चूस कर बहुत ही मज़ा आ रा था और मन कर रहा था की अभी और चुद जाउ. पर अभी दोनो मे इतनी हिम्मत न्ही थी की मुझे और भी चोद डाले

फिर ऐसे ही मैने टाइम की तरफ देखा तो टाइम भी काफ़ी हो गया था और मैं उन दोनो से बहुत खुश भी थी. क्योकि उन्होने मेरी चूत की प्यास को कुछ कम किया था. इसी तरह अब जब भी मेरे पति टूर पर जाते तो मै उन्न दोनो से ज़रूर चुदति थी.