कॉलेज की वो यादगार चुदाई

मेरे सभी प्यारे दोस्तो मेरी चिकनी और गुलाबी चूत आप सब का तहे दिल से आज की मेरी कहानी मे स्वागत करती है. मेरी ये कहानी मेरी पहली चुदाई की कहानी है. जितनी मस्त मेरी चुदाई मेरे दोस्त सागर ने मेरी की थी.

उतनी ही मस्त मेरी ये कहानी है. मेरी चूत ना जाने कब से आपको ये कहानी बताने को मचल रही है. मेरी चूत अगर कोई लड़का एक बार चाट ले तो वो मेरी चूत का होकर रह जाता है. मेरे दोस्त सागर को मेरी चूत को चाटना बहुत पसंद था.

आपको मेरी बातें बकवास लग रही होंगी. इसलिए मैं अब आपको अपनी कहानी बताती हूँ. पर उससे पहले थोड़ा मैं आपको अपने बारे मे बता देती हूँ. मेरा नाम दिव्या है, और मैं प्रयागराज मे रहती हूँ, आज मेरी शादी मेरे ही शहर मे हो गयी है.

पर आज जो मैं आपको बताने जा रही हूँ, वो बात तब की है जब मैं 21 साल की जवान थी. मैने 10+2 पास आउट कर बि.ए के लिए कॉलेज जाया करती थी. मैं उस टाइम 20 साल की हो गयी थी, मेरी जवानी मेरे उपर पूरी तरह से आ गयी थी.

मेरे बूब्स 34, कमर 28 और मेरी गांद 36 के करीब हो गयी थी. मैं अपने फिगर पर बहुत मान करती थी. क्योकि कॉलेज के लड़के मेरे लिए पागल हो रहे थे. कॉलेज के पहले साल मैने किसी से दोस्ती नही करी, जब मैने देखा की यहाँ हर लड़की किसी ना किसी के साथ सेट है.

तो ये सब देख कर मुझे थोड़ा सा अजीब सा लगा. इसलिए मैने भी अब रियालिटी मे जाने के लिए सोचा. मुझे एक लड़का शुरू से ही बहुत पसंद करता था. उसने काफ़ी बार मुझसे दोस्ती करने की कोशिश करी, पर मैने शुरू मे उसे हर बार माना कर दिया.

पर एक दिन फिर मैने उसे हा कर दी, हम दोनो मे अच्छी दोस्ती हो गयी. थोड़े ही दीनो मे मुझे उससे प्यार हो गया. हम दोनो लवर बन चुके थे, कॉलेज के बाद हम दोनो घूमने के लिए निकल जाते थे.

काफ़ी बार सागर मुझे मूवी दिखाने के लिए ले जाता था. मूवी मे सागर मेरे हाथो और मेरे गालो पर किस करने लग जाता था. मैं उसे कुछ नही कहती थी. इसलिए उसकी हिम्मत अब पहले से ज़्यादा हो गयी थी.

एक दिन की बात उसने मुझे अकेले मे मेरे होंठो पर किस कर लिया. मैने उसे फिर भी कुछ नही काहा, इस बात से वो एक दम निडर हो गया. एक दिन कॉलेज मे जब हम दोनो रूम मे अकेले थे, तभी सागर ने मुझे कस्स कर अपनी बाहों मे ले लिया

फिर उसने मेरे होंठो को अच्छे से चूसा, और फिर मेरी गर्दन और मेरे पूरे चेहरे पर किस की बारिश सी करने लग गया. फिर उसके हाथ मेरे बूब्स पर आ गये और वो मेरे बूब्स को मसलने लग गया. उस दिन पहली बार किसी ने मेरे बूब्स को मसला था, मुझे इसमे बहुत मज़ा आया. फिर उसके हाथ मेरे गांद और मेरी चूत पर घूमने लग गये.

इतना कुछ होने के बाद भी मैने उससे कुछ नही काहा, क्योकि मैं भी अब अपनी जवानी का मज़ा लेना चाहती थी. मैं चाहते हुए भी ना नही कह पा रही थी, शायद मुझे इस सब मे मज़ा आने लग गया था. इस बात को सागर ने अच्छे से समझ लिया था.

अगले दिन हम कॉलेज से हाफ डे मे निकल आए और पास के मूवी सिनिमा मे मूवी देखने लग गये. वो मूवी बहुत पुरानी हो गयी थी, इसलिए वाहा कोई भी नही था. पूरा हाल मे सिर्फ़ 2 या 3 कपल्स ही बैठे थे, वो भी सब बहुत दूर दूर बैठे थे.

सागर और मैं सबसे टॉप मे लास्ट कॉर्नर मे बैठे हुए थे. जेसे ही वाहा अंधेरा हुआ, सागर ने मुझे चूमना शुरू कर दिया. उसने मेरे गालो से शुरूवात करी और कुछ ही पल मे वो मेरे होंठो पर आ गया. मूवी कोई नही देख रहा था, हम दोनो अपने आप मे लगे हुए थे.

फिर जब वो मेरे होंठो को चूस रहा था, तभी मैने महसूस किया. की सागर का हाथ मेरे कुर्ते के अंदर मेरे बूब्स पर आ गया है. उसके हाथो मे मेरे नंगे बूब्स आ गये थे, जिसे वो ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लग गया था. मेरे पूरे जिस्म मे कुछ होने लग गया, मेरे निप्पल एक दम खड़े हो गये.

फिर उसका हाथ वाहा से निकाला और मेरी सलवार मे जाने के लिए तयार हो गया. पहले वो अपना हाथ मेरे पेट के उपर घुमा रहा था. फिर उसने मेरी सलवार का नाडा खोल दिया. मेरी टाँगे अपने आप खुल गयी, उसने अपना हाथ मेरी नंगी चूत पर रख दिया.

मुझे अपनी चूत को बिना बालो की रखना पसंद था. इसलिए जब उसने मेरी चिकनी चूत पर हाथ रखा तो तब तक मेरी चूत पूरी भीगी हुई थी. मेरे मूह से आहह आहह की आवाज़ें निकलने लग गयी. सागर को समझ मे आ गया की मैं अब पूरी गरम हो चुकी हूँ. उसने थोड़ी देर मेरी चूत मे उंगली करके मुझे और पागल कर दिया.

फिर अचानक उसने अपना हाथ मेरी सलवार से बाहर निकाला और मुझे कहा की चलो हम बाहर चलते हैं. उसने और मैने अपने कपड़े ठीक किए और वाहा से निकल लिए. उसके बाद वो मुझे अपनी बाइक पर बिठा कर कॉलेज के बॅक साइड वाले गेट के पास ले गया. वाहा से हम दोनो ने कॉलेज की दीवार को पार किया.

अब तक कॉलेज मे कोई नही था, क्योकि कॉलेज की छुट्टी हुए 2 घंटे हो चुके थे. सागर मुझे एक छोटे से रूम मे ले गया, वाहा कोई आता जाता नही था. इसलिए हम दोनो को कोई डर नही था, फिर उसने जाते ही मुझे दीवार से लगाया और मेरे होंठो को अपने होंठो मे ले कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया.

उसके दोनो हाथ मेरे बूब्स पर थे, जिसे वो बस मसल्ने मे लगा हुआ था. फिर उसने मेरे कपड़े निकालने शुरू कर दिए. कुछ ही देर मे हम दोनो पूरे नंगे हो गये. सागर मेरा नंगा जिस्म देख कर पागल हो गया. वो मुझे पागलो की तरह चूमने लग गया.

फिर उसने मेरे दोनो बूब्स को बारी बारी से अच्छे से चूसा. मेरी चुत मे से पानी का सैलाब अब नीचे गिरने लग गया. जब सागर ने ये देखा तो वो नीचे बैठा और मेरी दोनो टाँगे खोल मेरी चुत को चाटने लग गया.

जब सागर ऐसा कर रहा था, तब मैं जन्नत मे आ गयी थी. मुझे ऐसा मज़ा कभी नही आया था. मेरा मन कर रहा था, की सागर सारी जिंदगी मेरी चूत को ही चाटता रहे. कसम से बहुत मज़ा आ रहा था, फिर कुछ ही देर मे मेरी चूत मे से पानी निकल गया और मैं खड़ी हो कर गिराने लग गयी.

फिर सागर ने मुझे नीचे बिठाया और अपना 6 इंच का लंड मेरे मूह मे डॉल दिया. मै लंड पहली बार चूस रही थी , पर लंड चूसने मे बहुत मज़ा आ रहा था. जब उसका लंड पूरा गीला हो गया, तो उसने अपने कपड़े नीचे बिछा कर मुझे उसके उपर लेटा दिया. और फिर उसने मेरी दोनो टाँगे खोली और मेरी चुत के बीच मे आ कर बैठ गया.

सागर ने अपना लंड मेरी चूत मे डालना शुरू कर दिया, उसका लंड धीरे धीरे मेरी चूत मे जाने लग गया. मुझे दर्द भी होने लग गया, मैं चिल्ला ना सकु. इसलिए उसने पहले ही मेरे होंठो को अपने होंठो मे ले लिया था. उसके बाद उसने मेरी चूत मे अपना पूरा लंड उतार दिया

मुझे पहले बहुत दर्द हुआ, पर कुछ ही देर मे जब दर्द मज़े मे बदल गया. तो मुझे बहुत मज़ा आया और मैं ज़ोर ज़ोर से अपनी गांद नीचे उठवा कर सागर का लंड अपनी चूत मे लेने लग गयी थी.

करीब 15 मिनिट की चूत चुदाई के बाद सागर ने अचानक अपना लंड चूत से बाहर निकाल दिया. उसके लंड की पिचकारी मेरे पेट और बूब्स तक आ रही थी. उसके लंड से निकली मलाई को मैने अपने बूब्स पे अच्छे से मालिश कर ली. फिर उसके बाद हम दोनो ने अपने कपड़े डाले और किस करके हम दोनो वाहा से निकल लिए.

उस दिन के बाद हम रोज चुदाई करने लग गये, पर सागर को मेरी चूत चाटने मे बहुत मज़ा आने लग गया. वो क्लास मे भी नीचे बैठ कर मेरी चुत को चाटता था

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