चलो कुछ नया ट्राइ करते है

हेलो दोस्तो, मैं आपका दोस्त राज फिर एक बार आपके लंड ओर चुतो को सलाम करके एक न्यू स्टोरी लेकर आया हूँ, उमीद करता हूँ की आपको मेरी और स्टोरीस की तरह ही पसंद आएगी.

बात आज से लगभग 2 साल पहले की है, मैं देल्ही मैं ही था ओर अपने सारे पुराने चक्कर छोड़ कर एक सिंपल लाइफ जीने की कोशिश कर रहा था.

मगर आपको तो पता है के मेरी ज़िंदगी मे, जब भी मैं कुछ बदलने की कोशिश करता हूँ कोई ना कोई घटना घट ही जाती है.

तो बात को ज़्यादा ना बढ़ाते हुए मैं घटना पर आता हूँ संडे का दिन था, मैं घर से घूमने के लिए घर से निकला ओर पुराने किले पर पहुच गया.

क्यों की ये ही एक जगह है देल्ही मे जहाँ पर हर तरह का प्यार देखने को मिल जाता है, तो मैं वहाँ पर लड़के लड़कियों को प्यार करते हुए देख रहा था, ओर अकेला टहल रहा था कोई लड़का किसी लड़की की बाहो मे बाहे डॉल कर बैठा था, या कोई किसी को किस कर रहा था.

मगर वहाँ पर एक लड़की थी जो एक पेड़ के नीचे अकेली बैठी थी ओर पेड़ को खोदकर कुछ लिख रही थी, लड़की ने पेड़ पर खोद कर एक दिल बना रखा था ओर उसमे अंजलि ओर विक्की लिखा था ओर दिल के नीचे आई हॅयेट यू विक्की लिखा था.

वो लड़की दिखने मे बहुत उदास लग रही थी ओर उसकी आँखों से कुछ आसू की बूंदे टपक रहीं थी. मैं थोडा दूर खड़ा होकर उसको देखने लगा, लड़की ने उस दिल को खोदना चालू कर दिया ओर दिल पर जो लव लिखा था उसको मिटा दिया ओर दिल मे तीर का निशान बना दिया ओर वो रोने लगी, मुझसे रहा नही गया ओर मैं उस लड़की के पास पहुच गया.

वो लड़की दिखने मे बहुत सुंदर थी, उसके लंबे लंबे बाल थे ओर गोल चेहरा, नीली आँखें, उँचे उठे हुए चुचे, कद 5 फिट का ओर पतली कमर थी दिखने मे लड़की किसी अच्छे घर की लग रही थी.

मैने उससे पूछा तुम रो क्यों रही हो?

उसने कोई जवाब नही दिया.

मैने फिर पूछा अंजलि तुम रो क्यों रही हो?

उसने कहा आपको मेरा नाम कैसे पता क्या हम एक दूसरे को जानते है?

मैने कहा, मैंने आपको रोते हुए देख कर पूछ लिया बस इंसानियत के नाते.

उसने कहा, क्या यहाँ पर रोने पर भी मनाई है क्या ओर आप कौन जो इंसानियत दिखा रहे हो.

वो लड़की खुद से बहुत उदास थी.

मैने कहा, तुम्तो बेकार मे ही खुद से गुस्सा हो तुम जिसके लिए आँसू बहा रही हो उसको तुम्हारी कोई फिकर नही है ओर वो किसी और से प्यार करता है.

वो लड़की मेरी बात सुनकर एक दम से चोंक गई ओर मुझसे पूछने लगी ये सब आप कैसे जानते हो?

मैने कहा, मैने बताया ना मैं सब जनता हू सब के बारे मैं, ये ही नही ओर ये भी की अभी तुम्हारे दिल मे क्या चल रहा है ओर तुम क्या करने की सोच रही हो (मैं लगातार अंधेरे मैं तीर छोड़ने लगा और मेरे सारे तीर निशाने पर लग रहे थे ओर लगते क्यों नही आपको तो पता है की मैं औरतों को बस मे करने मैं माहिर हूँ).

वो मेरी बात सुनकर रोने लगी ओर बोली जब आप इतना सब जानते हो तो कोई तो रास्ता होगा मेरी इस परेशानी का.

मैने कहा, रास्ते तो बहुत है लेकिन अभी नही तुम मेरा ये मोबाइल नंबर रख लो ओर घर जाकर मुझसे बात करना फिर मैं बता दूँगा क्या करना है.

उसको समझा कर मैं अपने घर आगया ओर वो अपने घर चली गई.

रात के 10 बजे मेरे फोन पर किसी का फोन आया दूसरी तरफ से लड़की की आवाज़ आरहि थी. मैने पूछा कौन बोल रहा है?

उसने कहा आप बताओ आपको तो सब पता है.

मैने कहा बोलो अंजलि कैसी हो?

उसने कहा, मैं तो वैसी ही हूँ लेकिन आपसे मिलकर मेरे दिल ओर दिमाग़ मे जंग हो गई है की आख़िर आप हो कौन?

मैने कहा, तुम चिंता मत करो बस ये सोचलो की मैं आपका एक शुभ चिंतक हूँ ओर मेरी जिसको भी ज़रूरत होती है, मैं उसके पास पहुच जाता हूँ.

अंजलि ने पूछा – आप का नाम क्या है?

मैने उसको बताया मेरा नाम राज है ओर अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी मदत कर सकता हूँ.

अंजलि मेरी बातों को बड़े ध्यान से सुन रही थी ओर फिर उसने पूछा आप मेरी क्या मदत कर सकते हो.

मैने कहा मैं चाहूं तो तुमको वो हासिल हो जाएगा जो तुम पाना चाहती हो.

अंजलि ने कहा, वो कैसे?

मैने कहा, बस तुमको मुझ पर भरोसा करना पड़ेगा.

अंजलि ओर इसके लिए मुझे क्या करना होगा ओर कितना खर्चा होगा.

मैने अंजलि को बताया की इसके लिए कोई खर्चा नही होगा बस तुमको एक बार मुझसे मिलना होगा.

अंजलि ने कहा, मैं आप से मिलने तो नही आ सकती लेकिन आप चाहो तो मेरे घर पर आ सकते हो.

मैने कहा, ठीक है तुम मुझे अपने घर का पता बता दो मैं मंगलवार को तुम्हारे घर पर आ जाता हू.

अंजलि ने मुझे अपने घर का पता बता दिया.

ओर मैं मंगलवार को 11 बजे उसके घर पहुच गया अंजलि का घर बहुत बड़ा था ओर घर के बाहर 2 चोकीदार खड़े थे ओर आँगन मे स्वीमिंग पूल था ओर घर के अंदर हर चीज़ थी 3-4 नोकर यहाँ वहाँ घूम रहे थे दरवाज़े मे मुझसे पूछा किससे मिलना है तभी अंदर से आवाज़ आई आने दो इनको ये आवाज़ अंजलि की थी.

मैं अंदर चला गया अंजलि मुझे अंदर एक कमरे मे ले गयी ये कमरा भी बहुत बड़ा था ओर कमरे मे बाथरूम भी अंदर ही था.

अंजलि ने मुझसे पूछा क्या लेंगे ठंडा या गरम.

मैने कहा कुछ नही.

फिर भी अंजलि ने के नोकर को इशारा कर दिया ओर वो मेरे लिए शरबत लेकर आ गया.

अंजलि ने मुझको बेड पर बिठा दिया और पूछा.

अब बताओ आप मेरे लिए क्या कर सकते हो ?

मैने कहा तुम्हारे मों बाप कहाँ है.

अंजलि ने कहा वो तो ज़्यादा तर विदेश मे ही रहते है ओर मैं ही बस यहा रहती हूँ, मैं विक्की से बहुत प्यार करती थी ओर उसको मेरी दौलत से प्यार था जब मुझे ये समझ मे आया तो मैने उसको पैसे देने बंद कर दिए ओर वो मुझे छोड़ कर चला गया.

मैने कहा, ये सब तो मुझे तुमको देख कर ही पता चल गया था तुम बेकार मैं ही आँसू बहा रही हो वो तुम्हारे लायक नही था.

अंजलि बोली लेकिन मैने उसको सच्चा प्यार किया है मैं उसको भूल नही पा रही हूँ, मैने आज तक जिससे भी प्यार किया है वो मुझे छोड़ कर चला जाता है ओर ये कह कर रोने लगी.

मैने कहा दो मिनिट के लिए मेरी बात सुनलो.

सब ठीक हो जाएगा ओर बस 2 मिनिट के लिए गेट लॉक कर दो.

अंजलि ने गेट लॉक कर दिया ओर मेरे पास आकर बैठ गई.

मैने अंजलि को मेरी आँखों मे देखने के लिए बोला वो मेरी आँखों मे देखने लगी ओर फिर मैने उसको आँख बंद करने को कहा और फिर उसको कहा आँख बंद करके गौर से देखो क्या दिख रहा है.

अंजलि ने कहा कुछ नही दिख रहा ओर आँख बंद करके क्या दिखेगा.

मैने अंजलि के सर पर हाथ रख कर कहा गौर से देखो कुछ दिख जाए गा.

ओर अंजलि को अपनी बातों से सम्मोहित करने लगा ओर अंजलि को जो मैं दिखाना चाह रहा था वही दिखने लगा, ओर अंजलि मुझसे बहुत प्रभावित होती जा रही थी.

फिर मैने अंजलि से कहा इस दुनिया मे सब कुछ तुम्हारा है और तुम सबकी हो और सब मेरा है और मैं सबका और तुम मुझ मे हो ओर मैं तुममे इसलिए खुद को मुझमे समा कर देखो.

अंजलि पूरी तरह से मुझसे प्रभावित हो गई.

और फिर इसी तरह से 2-3 दिन मैं हम एक दूसरे के अच्छे दोस्त बन गये. मैं पहले तो 2-3 दिन अपने घर से उसके घर गया.

मगर फिर जब कुछ नही हो पाया ओर अंजलि जीतने समय के लिए मेरे साथ रहती उसको बहुत अच्छा फील होता था मैं उसको मेडिटेट करवाने लगा.

एक दिन अंजलि बोली क्या तुम कुछ दिन के लिए मेरे घर पर रह सकते हो मैने भी हा कर दी.

उस दिन मैं अंजलि को फिर से सम्मोहित कर रहा था, तो मैने अंजलि से कहा की मैं चाहूं तो तुमको वो शक्ति मिल सकती है जिसे पाकर तुम दुनिया के हर इंसान को बस मे कर सकती हो लेकिन इसकी कीमत बहुत बड़ी है.

अंजलि ने कहा, मैं हर कीमत अदा कर दूँगी ओर वो अपने ड्रोवर मैं से 2000 के नोट की गॅडी उठा कर ले आई.

मैने कहा, ये कीमत इस दुनिया के लिए है भगवान की दुनिया मैं तो इसकी कोई कीमत नही है इसके लिए तुमको उस हालत मैं बैठना होगा जिस हालत मे इंसान इस दुनिया मे आता है.

पहले तो वो थोड़ा रुकी गई लेकिन फिर उसने अपने सारे कपड़े उतार कर एक तरफ रख दिए. फिर मैने अंजलि को आँख बंद कर के बैठने के लिए बोल दिया.

अंजलि के आँख बंद करते ही मैने गेट बंद करके अपने सारे कपड़े उतार कर कमरे की लाइट भी बंद कर दी. अंजलि के पास आकर बैठ गया ओर धूप जला दी धूप की खुसबु पूरे कमरे मैं फैल चुकी थी.

मैने अंजलि से कहा की अब तुम तैयार हो.

अंजलि ने कहा मैं तैयार हूँ मुझे क्या करना है.

मैने कहा, ये तो तुमको अब पता चल जाएगा जब मैं अपने उपर उस शक्ति को बुलाउन्गा ओर तुमको मुझसे उस शक्ति को ग्रहण करना है.

अंजलि ने कहा ठीक है.

मैं अंजलि के सामने आँख बंद करके बैठ गया ओर तरह तरह की आवाज़ निकाल कर अंजलि के हाथ पकड़ कर हिलते हुए एक दम से संत हो गया.

फिर आवाज़ को भारी करके अंजलि को हाथ पकड़ कर अपनी तरफ बुलाने लगा, जैसे जैसे अंजलि मेरी तरफ बढ़ रही थी मेरा लंड खड़ा होता जा रहा था धीरे धीरे अंजलि मेरे बिल्कुल करीब आ गयी और मेरे पैर अंजलि के पैरों से चिपकने लगे.

मैने अंजलि को और आगे आने के लिए बोला ओर वो और आगे आ गई और अब मैने अंजलि के दोनो पैरों को अपनी कमर के दोनो तरफ कर दिया.

अब अंजलि की मुलायम सी चुत मेरे लंड से लगने लगी और मेरा सीना अंजलि के सिने से चिपक ने लगा.

मैने अंजलि से कहा आज तुमको मुझमे समाना है ओर मैं तुझमे समा कर तुमको शक्ति दे दूँगा.

मैने अंजलि को थोड़ा सा उठा कर कुछ बड़बड़ाते हुए अपना लंड अंजलि की चुत पर सेट कर दिया ओर अंजलि को धीरे धीरे बैठने के लिए बोला.

अंजलि जैसे जैसे मेरी गोद मे बैठ रही थी मेरा लंड अंजलि की चुत मे घुसता जा रहा था. फिर धीरे धीरे मेरा पूरा का पूरा लंड अंजलि की चूत मैं समा चुका था, लेकिन उसने एक बार भी उः आहह नही की मेरा इतना लंबा ओर मोटा लंड भी वो इतनी आसानी से ले चुकी थी इससे ये तो पता चलगया था की अब तक वो चुद गई थी.

फिर मैने अंजलि को एक नाम बता दिया ओर कहा इस नाम को लेकर उपर नीचे होती रहो.

पहले तो अंजलि धीरे धीरे उपर नीचे हो रही थी, लेकिन जैसे जैसे उसको मज़ा आने लगा उसकी उपर नीचे होने की क्रिया तेज हो गई ओर वो तेज तेज उपर नीचे होने लगी ओर सिसकिया भरने लगी ओर मेरे लंड पर कूदने लगी, जैसे बहुत दीनो के बाद लंड मिला हो.

फिर मैने अपना एक हाथ अंजलि की छोटी छोटी चुचियों पर रख दिया. अंजलि की चुचि किसी अनार के आकर की ओर सख़्त थी.

मैने धीरे धीरे उसके स्तन को सहलाना शुरू कर दिया ओर फिर मैने अपने होठ अंजलि के होठों पर रख दिए.

फिर अंजलि को बाहों मे भर कर उसको उठा कर बेड पर लिटा कर, अब मैने अंजलि की चुत पर अपने लंड की बरसात चालू कर दी ओर मैं तेज तेज धक्के देने लगा.

फिर बीच मे अपना लंड अंजलि की चुत से निकल कर मैं अंजलि की चुत पर आ गया ओर अपने होठ अंजलि की मुलायम ओर मखमली चुत पर रख दिए.

अंजलि की चुत इतनी मुलायम ओर मखन की तरह चिकनी थी के जैसे अभी तक किसी ने उसको चोदा ना हो. लेकिन मेरे लंड को इतनी आसानी से लेने के कारण मैं खुद सोच मे पड़ गया था की ये चुदि है या नही आख़िर बात क्या है मै इसका पता लगा कर रहूँगा.

मैं अंजलि की चुत को छत छत कर सॉफ कर रहा था ओर उसके चुत को भी अपनी जीभ से छेड़ रहा था. अंजलि की चुत की फांकों ने मुझसे अंजलि की चुत की आप बीती मुझे बता दी थी की अंजलि को अभी तक किसी ने नही चोदा था.

ये तो अंजलि ने कुछ नया ट्राइ करने के चक्कर मे अपनी चुत का सत्या-नास कर दिया था, मैं बड़े मज़े से अंजलि की गुलाबी चूत को चूस रहा था ओर अंजलि बेड पर किसी नागिन की तरह बलखा रही थी.

फिर मैं अंजलि की चुत को चाटते हुए उपर बढ़ने लगा. फिर अंजलि के दोनो चुचियो का रस निचोड़ निचोड़ कर पीने लगा और अपने लंड को अंजलि की चुत मे फिर से रख दिया ओर अब अंजलि भी गांद उठा उठा कर धक्के लगाने लगी.

मैं यू ही अंजलि को चोदता रहा ओर फिर 1 घंटे बाद मेरे लंड ने बहुत सारा गाढ़ा क्रीम अंजलि की चुत मे छोड़ दिया.

अंजलि अब तक ना जाने कितनी बार झाड़ चुकी थी ओर अब वो बिल्कुल शांत्त पड़ गई थी. मैं अंजलि के उपर पूरा नंगा लेटा हुआ था ओर फिर बेहोशी का नाटक करके एक तरफ़ पड़ गया.


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