वो रात कुछ अज़ीब थी

मैं दो वर्षों से दिल्ली में ही रह रहा हूं मेरी पोस्टिंग दिल्ली में दो वर्ष पहले हुई थी और इस बीच मैं अपने घर भी कम ही जा पाया हूं। मेरी नौकरी बैंक में करीब 5 वर्ष पहले लगी थी और जब दिल्ली में मेरा ट्रांसफर हुआ तो पहले कुछ दिन तो मुझे बड़ा ही अजीब सा लगा क्योंकि मुझे ना तो खाना बनाना आता था और ना ही मैं कभी अकेले रहा था परंतु अब मुझे यहां अकेले रहना था मुझे दिल्ली में करीब दो वर्ष हो चुके हैं और इन दो वर्षों में मैंने अब खाना बनाना भी सीख लिया है। मेरे पिताजी भी सरकारी नौकरी में थे अब वह रिटायर हो चुके हैं मैं घर में इकलौता हूं, मेरी बहन की शादी को 6 वर्ष हो चुके हैं मेरी बहन की शादी चंडीगढ़ में हुई है इसलिए मेरे माता-पिता अब घर में अकेले ही रह गए हैं मेरे माता पिता  कोटा में रहते हैं मैं काफी समय से कोटा भी नहीं जा पाया था क्योंकि जब भी मुझे घर जाना होता तो उस वक्त कोई ना कोई जरूरी काम मेरा दिल्ली में पड़ जाता मुझे करीब 5 महीने हो चुके थे और मैं अपने घर भी नहीं जा पाया था।
मुझे मेरे पापा ने एक दिन फोन किया और कहा बेटा तुम घर कब आ रहे हो मैंने अपने पापा से कहा बस कुछ दिनों बाद ही मैं घर आ रहा हूं पापा कहने लगे बेटा तुम जल्दी घर आ जाना क्योंकि मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है मैंने भी सोचा मुझे घर गए हुए काफी समय हो चुका है इसलिए मुझे अब घर जाना चाहिए मैंने भी छुट्टी ले ली और अपने घर कोटा चला गया। मैं जब कोटा पहुंचा तो मैं जब स्टेशन से बाहर ही निकला था तो मेरे एक दोस्त से मेरी मुलाकात हो गई जब मैं उससे मिला तो वह बहुत खुश नजर आ रहा था मैंने उससे पूछा तुम बहुत ज्यादा खुश नजर आ रहे हो तो वह कहने लगा यार मैं जिस लड़की से इतने वर्षों से प्यार करता था उससे मेरी शादी हो चुकी है। मेरे दोस्त का कोटा में ही घड़ी का कारोबार है और वह बहुत ज्यादा खुश था मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है, मैं तुमसे मिलने के लिए कल तुम्हारे घर पर आऊंगा वह कहने लगा ठीक है तुम मेरे घर पर जरुर आना मैं तुम्हें अपनी पत्नी से भी मिलवाऊंगा यह कहते हुए मैं वहां से अपने घर चला आया।


मैं जब अपने घर पहुंचा तो मैंने जब अपने मम्मी पापा को देखा तो उन्हें देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था क्योंकि इतने समय बाद उनसे मेरी मुलाकात हुई थी मेरे माता-पिता भी मुझे देखकर बहुत खुश थे मेरे पापा तो मुझे कहने लगे बेटा हम तो तुम्हारा कब से इंतजार कर रहे थे लेकिन तुम इतने समय से घर आए ही नहीं मैंने पापा से कहा बस ऐसे ही घर आने का संयोग ही नहीं बन पाया था। पापा बहुत ज्यादा खुश थे मैंने पापा से पूछा आपकी तबीयत कैसी है? वह कहने लगे अब तो मेरी तबीयत ठीक है लेकिन कुछ दिनों से मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब चल रही थी और अब भी मेरा इलाज डॉक्टर से चल रहा है मैंने पापा से कहा आप अपना ध्यान रखिए पापा कहने लगे हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो मुझे अपना ध्यान रखना चाहिए। मेरी मम्मी कहने लगी यह तो अपना ध्यान बिल्कुल रखते ही नहीं है और जब भी इन्हें कुछ होता है तो यह हमें बताते भी नहीं है मेरी मम्मी की हमेशा से यह शिकायत रहती है कि मेरे पापा उन्हें कुछ बताते ही नहीं है। मैंने पापा से कहा पापा आपको मम्मी को तो सब कुछ बताना चाहिए क्योंकि आप दोनों ही साथ में रहते हैं पापा कहने लगे बस बेटा यदि तुम्हारी मम्मी को कुछ बताऊं तो यह बेकार में टेंशन ले लेती है इसलिए मैं इसे कुछ नहीं बताता मम्मी कहने लगी तुम्हें तो यह बात मुझे बतानी चाहिए थी लेकिन तुमने कितने दिनों बाद बताया कि तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है।

<p>मैंने उन दोनों से कहा आप दोनों झगड़ा मत कीजिए मेरे पापा कहने लगे अरे नहीं बेटा हम लोग झगड़ा नहीं कर रहे हैं तुम्हारी मम्मी तो हमेशा ऐसे ही मुझे कहती रहती है लेकिन मैं उसे कुछ नहीं कहता। उस दिन मैं अपने माता पिता से मिलकर बहुत खुश था अगले दिन जब मैं अपने पापा से बात कर रहा था तो वह कहने लगे बेटा तुम मुझे कल हॉस्पिटल लेकर चलना मैंने उन्हें कहा ठीक है पापा मैं आपको हॉस्पिटल लेकर चले जाऊंगा तभी मुझे ध्यान आया कि मुझे अपने दोस्त से भी मिलना था मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए उसके घर पर चला गया और जब मैं अपने दोस्त से मिला तो उसने मुझे अपनी पत्नी से भी मिलवाया उसकी पत्नी और वह दोनों एक साथ बहुत खुश थे। मैं करीब एक घंटे तक उन लोगों के घर पर था मैं जब वापस घर लौटा तो मम्मी ने मुझे बताया कि मामा की भी तबीयत ठीक नहीं है मेरी मम्मी कहने लगी बेटा कल तुम अपने मामा के पास चले जाना मैंने मम्मी से कहा लेकिन मुझे कल पापा को अस्पताल लेकर जाना है मम्मी कहने लगी कल सुबह तुम अपने पापा को अस्पताल में डॉक्टर को दिखा देना और उसके बाद तुम वहां से अपने मामा के घर पर चले जाना मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं कल मामा से मिला लूंगा। मैं अगले दिन पापा को सुबह ही अस्पताल में ले गया और वहां से मैंने अपने पापा को घर छोड़ा और उसके बाद मैं सीधा ही अपने मामा के घर के लिए निकल पड़ा मैं जब अपने मामा के घर पहुंचा तो मैंने देखा मामा के पैरों में बहुत ज्यादा तकलीफ थी मैंने जब मामा से पूछा तो वह कहने लगे बेटा मेरे पैरों में बहुत ज्यादा दर्द रहता है जिससे कि मुझे चलने में भी दिक्कत होने लगी है मैंने मामा से कहा आप अपना ध्यान क्यों नहीं देते तो वह कहने लगे बेटा तुम्हें तो मालूम ही है जब से मेरे पैर में फ्रैक्चर हुआ था उसके बाद से तो मुझे बहुत दिक्कत होने लगी और अब मेरे दोनों पैरों में दिक्कत होने लगी है।</p>

मेरे मामा के परिवार में उनका एक लड़का और लड़की है उनकी पत्नी से भी मेरे मामा की ज्यादा बनती नहीं है जिस वजह से वह उनकी देखभाल नहीं करती और उन दोनों के बीच हमेशा ही झगड़े रहते हैं, मेरी मम्मी ने उन्हें कई बार समझाया लेकिन वह लोग एक दूसरे की बात कभी मानते ही नहीं है मेरी मामी का तो जैसे मेरे मामा से कोई लेना देना ही नहीं था उनकी देखभाल सिर्फ उनकी लड़की कविता करती है उनका लड़का रोहित अभी छोटा है इसलिए वह इन सब चीजों के बारे में नहीं समझता लेकिन कविता बहुत ही ज्यादा समझदार है और वह अपने पापा का बहुत ध्यान रखती है। मैंने अपने घर में फोन किया तो मम्मी ने मुझे कहा तुम्हारे मामा की तबीयत कैसी है? मैंने उन्हें कहा उनके पैरों में बहुत तकलीफ हो रही है और उन्हें चलने में बड़ी समस्या हो रही है मम्मी मुझे कहने लगी बेटा आज तुम उनके घर पर ही रुक जाना मैंने मम्मी से कहा ठीक है मैं आज यहीं रुक जाऊंगा। मैं उस दिन अपने मामा जी के घर पर ही रुक गया मेरे मामा की तबीयत उस दिन वाकई में ज्यादा खराब हो गई थी उन्हें चलने में बहुत तकलीफ होती थी जिस वजह से वह खाना भी नहीं खा पा रहे थे मैंने अपनी मामी से कहा क्या मैं मामा को अस्पताल ले जाऊं मेरी मामी कहने लगी हां तुम इन्हें अस्पताल लेकर चले जाना। मैंने जब मामा से पूछा तो मामा कहने लगे नहीं बेटा मैं ठीक हूं कल तुम मुझे अस्पताल लेकर चले जाना, उन्होंने भी उस रात थोड़ा बहुत खाना खाया और वह सो गए। मामा जी सो चुके थे, मै रूम में बैठकर टीवी देख रहा था।
मुझे बगल के कमरे से कुछ आवाजें आने लगी मैं जब उठकर वहां गया तो मैंने देखा मामी नंगी लेटी हुई है और उन्होंने अपनी चूत में कुछ मोटा सा लिया हुआ है। मैं यह देखकर बड़ा ही हैरान रह गया जैसे ही मैं अंदर गया तो वह घबरा गई लेकिन मैं उनके नंगे बदन और उनकी बड़ी गांड को देखकर अपने आपको रोक ना सका। मैंने भी अंदर से दरवाजा बंद कर लिया मामी ने मुझे कहा आओ बिस्तर में लेट जाओ। मैं बिस्तर में लेट गया उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। वह जब मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढने लगी, उन्होंने मेरे लंड से पानी निकाल कर रख दिया था। जब मैंने अपने लंड को उनकी योनि पर लगाया तो उनकी योनि से पानी निकल रहा था। उन्होंने मुझे कहा कुछ देर तुम भी मेरी चूत को चाटने का आनंद लो मैंने भी उनकी चूत को कुछ देर तक चाटा उनकी योनि से लगातार तेजी से पानी निकलने लगा। मैंने जैसे ही अपनी मामी की योनि के अंदर लंड घुसाया तो उनके मुंह से हल्की चीख निकल पडी वह अपने पैरों को खोलने लगी। जब वह अपने पैरों को खोलती तो मेरे अंदर और भी जोश पैदा हो जाता। मैं लगातार तेजी से धक्के मारे जा रहा था मैंने इतनी तेज गति से धक्के मारे की मेरा वीर्य गर गया।

उनका मन नही भरा था उन्होंने कहा संकेत बेटा तुम मेरे गांड की खुजली को भी मिटा दो। मैंने भी अपने लंड पर तेल की मालिश की और उनकी गांड मे जैसे ही मेरा मोटा और बड़ा लंड घुसा तो वह चिल्लाने लगी लेकिन मुझे उन्हे धक्के देने में बड़ा मजा आ रहा था। मैं बड़ी तेजी से उन्हे धक्के दिए जा रहा था जिससे कि उनके मुंह से लगातार तेज चीख निकल रही थी। वह कहने लगी ऐसे ही तुम धक्के मारते रहो, मैंने भी तेज गति से उनको झटके देने शुरू कर दिया और इतना तेजी से मैं झटके देने लगा कि उनकी गांड से आग निकलने लगी, उनकी गांड की गर्मी इतनी अधिक बढ़ने लगी कि उसे ना तो वह बर्दाश्त कर पाई और ना ही मैं बर्दाश्त कर पाया। मेरा वीर्य कुछ ही क्षणो बाद बड़ी तेज गति से उनकी गांड के अंदर जा गिरा। जैसे ही उनकी गांड में मेरा वीर्य गिरा तो वह मुझे कहने लगी आज तो मुझे मजा आ गया इतने समय बाद किसी ने मेरे साथ इतने अच्छे तरीके से सेक्स किया है। वह एक नंबर की सेक्स की भूखी है मुझे यह नहीं पता था लेकिन उस दिन उनके साथ सेक्स संबंध बनाना मेरे लिए बड़ा ही अच्छा था, उस रात को मैं कभी नहीं भूल सकता।

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