हॉस्पिटल मे प्यार मस्ती चुदाई

हेलो फ्रेंड्ज़, मैं विशाल. मेरी उमर 22 साल है. मैं दिखने मे काफ़ी हॅंडसम हूँ. मैं बहुत ही हॅंडसम हूँ इसलिए लड़किया मुझ पर मरती है. मेरा रंग भी काफ़ी गोरा है और मेरी हाइट भी काफ़ी अछी है जिसकी वजह से काफ़ी लड़कियाँ मुझ पर मरती है.

मेरे लंड का साइज़ भी काफ़ी अछा है और वो एक लड़की की चूत को सेट करने के लिए बहुत ही सही है. मैं आज आपके लिए अपनी एक कहानी ले कर आया हूँ. तो अब बिना किसी देरी के मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ.

तो एक टाइम की बात है की मेरी आँखो मे कुछ प्राब्लम हो रही थी. पहले तो मैने ऐसे ही केमिस्ट से आइ ड्रॉप्स ले कर घर पर थोडा ट्रीटमेंट किया. पर मुझे उसमे कुछ फरक नही लगा. तो मैने एक दिन डॉक्टर पास जाने की सोची और सुबह उठ कर डॉक्टर पास चला गया.

मैं जब वाहा पर पहुँचा और वहा से मैने अपना कार्ड बनवाया औड फिर डॉक्टर के कॅबिन के बाहर बैठ गया और इंतेज़ार करने लग गया. कुछ टाइम मैं ऐसे ही बैठा रहा और फिर ऐसे काफ़ी टाइम निकल गया. मुझसे बैठ करनही हो रहा था और पता भी करना था की आख़िरकार कब नंबर आएगा मैने सोचा की पता तो चले की अंदर हो क्या रहा है क्योकि आधे घंटे से ना कोई अंदर जारा था और ना ही कोई आवाज़ लगाई जा रही थी.

बस इतना देखते ही मैं अंदर कॅबिन मे चला गया. वाहा मैं जेसे ही गया तो मैने देखा की वाहा पर एक बहुत ही खूबसूरत लड़की बैठी हुई थी. उसको देख कर मेरा दिल खुश हो गया और फिर उसके बाद मैने ऐसे ही उससे पूछा की डॉक्टर काहा है. तो उन्होने बताया की वो अभी आए नही है इसीलिए कोई आवाज़ नही लगाई जा रही है

उसके मूह से ये सुन कर मैं तो पागल ही हो गया और फिर मैं बाहर आ गया और उसके बाद वाहा बैठ गया जहा से वो मुझे सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी. और वो भी बाहर मुझे देख कर स्माइल पास कर र्ही थी. मैं आपको बता दू की उसको पहली नज़र देखते ही उससे प्यार हो गया था.

बस फिर क्या था ऐसे ही बैठे हुए हुमारी आँखे चार होती रही और फिर उसके बाद मैने ऐसे ही उसको इशारा भी किया पर वो चुप रही. फिर उसके बाद डॉक्टर भी आ गये. डॉक्टर के आने के बाद अब नंबर लगना शुरू हो गया और फिर थोड़ी ही देर बाद मेरे नाम ले कर मुझे बुलाया गया.

फिर उसके बाद मैं अंदर गया तो डॉक्टर पास जा कर बैठ गया. और डॉक्टर अब मेरा चेक अप करने लग गये. और वो लड़की भी यही खड़ी थी जिसको मैं अब काफ़ी देर तक ऐसे ही देख रहा था और वो मुझे देख रही थी.

और फिर जब डॉक्टर ने कहा की कुछ डेली चेक अप करवाने होंगे क्योकि उससे ही पता चलेगा की असल मे प्राब्लम क्या है.फिर उसके बाद मैं बाहर आ कर बैठ गया और दूसरे चेक अप का इंतेज़ार करने लग गया.

फिर थोड़ी देर और बैठ कर डॉक्टर ने मुझे बुलाया और कहा की इस लेडी डॉक्टर साथ चले जाओ और वो तुम्हारे चेक अप करलेगी. मैं ये सुन कर काफ़ी खुश हो गया की जो चाहा वही मिला. और मैं उनके साथ उनके पीछे पीछे चला गया.

पहले तो थोड़े से कामन से टेस्ट हुए. और फिर उसके बाद वो मुझे एक रूम मे ले गयी. जहा पर बिल्कुल अंधेरा ही था और वाहा पर मेरा 10 मिनिट का टेस्ट होना था. और फिर जैसे ही हम दोनो उस रूम मे आए तो पता नही कब और कैसे सब 

होता चला गया.

वो लड़की के होंठ मेरे होंठो पर आ गये और मैं उसको चूसने लग गया. और फिर ऐसे ही मैने उसके कपड़े कब उतार दिए मुझे पता ही नही चला. और फिर मैं उसके बूब्स को चूसने लग गया और फिर वो मेरे भी कपड़े उतारने लग गयी और ऐसे ही चलता रहा.

फिर उसके बाद उसने नीचे बैठ कर मेरे लंड को मूह मे ले लिया और चूसना शुरू कर दिया. मुझे उसके ऐसे करने से बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था. फिर मैने भी उसको वाहा पर स्ट्रेचर पर लेटया और उसकी चूत पर जीब लगा कर चाटने लग गया.

मेरे ऐसे करने से उसकी चुत ने एक बार पानी छोड़ दिया और फिर मैने भी उसकी चुत का सारा का सारा पानी पी लिया. बस फिर उसके बाद तो चूत मे कब लंड गया और कब मैं उसे चोदने लग गया ये मुझे भी पता नही चला.

और फिर ऐसे ही चोदते हुए मैने उसकी चूत मे ही अपना सारा माल निकाल दिया और फिर वो कपड़े पहन कर वहा से चली गयी. उसके जाने के बाद मैने खुद को ठीक किया और मैने देखा की कपड़े पर ब्लड लग गया था पर फिर भी मैने इसे इग्नोर किया और फिर मेरा चेक अप हुआ.

और फिर डॉक्टर को रिपोर्ट्स दिखाई तो डॉक्टर ने थोड़ी सी प्राब्लम ही बताई जो की मेडिसिन लेने पर जल्दी ही ठीक हो जाएगी .मैं ये सुन कर काफ़ी खुश हो गया की चलो कुछ ज़्यादा भी प्राब्लम नही है क्योकि मुझे इसकी टेन्षन भी बहुत हो रही थी.

मैं फिर उसके बाद अपना ध्यान रखने लग गया और उसको याद करने लग गया क्योकि उसने जो किया था वो भी नही जानती थी की वो क्या करना चाहती थी. फिर उसके बाद मैं एक बार फिर से डॉक्टर पास गया पर मुझे वो वाहा पर नही 

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