होली का दिन या चुदाई का दिन

हेलो दोस्तो, कैसे हो आप सब, मेरा नाम शालु है और मेरी उमर 26 साल की है. मैने आज से पहले भी बहोत सारी कहानिया आपके लिए लिखी है और अपने भी उन सभी कहानियो को काफ़ी अच्छे से सराहा है.

मुझे ये जान कर काफ़ी खुशी मिली है की आपको मेरी सब कहानिया काफ़ी ज़्यादा अच्छी लगी है और यही उमीद रखती हूँ की मेरी आगे की सारी कहानिया भी आपको बहोत पसंद आएगी.

वैसे मैं अपने मूह से ही अपनी तारीफ नही करना चाहती पर ये सच है की मेरी कहानिया पढ़ कर सबके लंड और चूत पानी छोड़ने लग जाते है. और यही सब देख कर मुझे काफ़ी खुशी मिलती है.

आज भी मैं अपनी एक बीती कहानी आपके लिए लाई हूँ पर वो कहानी बताने से पहले मैं आपको अपने बारे मे थोड़ा कुछ बताने जा रही हूँ.

तो दोस्तो, मेरा नाम तो आप जान ही चुके हो और अब मैं आपको वैसे ही थोड़ा अपने बारे मे बता देती हूँ. ताकि आपको ज़्यादा कोई परेशानी ना हो. मेरी उमर 26 साल है और मैं दिखने मे काफ़ी ज़्यादा सुंदर हूँ.

ये सब मैं नही सारी दुनिया ही कहती है. क्योकि मेरा रंग गोरा है और इस गोरे से चेहरे पर नशीली दो आँखे है जो की हर किसी को मेरा दीवाना बना देती है. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

फिर आते है मेरे होंठ जो की बहोत मस्त है और वो हर समये एकदम गुलाबी रहते है जिस पर मुझे लिपस्टिक लगने की भी ज़रूरत नही पड़ती है. उसके बाद अब मेरे गोरे गोरे गाल आते है जो की एक बच्चे की तरह गोलू- मोलु है. और उस पर बहोत ही प्यारे प्यारे दो टिल है जो की मेरे चेहरे की खूबसूरती को और निखार कर लाते है.

यह सब तो हो गया मेरे चेहरे के बारे मे. अब मैं आपको अपनी फिगर के बारे मे भी बता ही देती हूँ. मेरी फिगर 34- 38-32 की है. जिसको देख कर हर लड़का मुझ पर डोलता है और मुझसे फ्रेंडशिप कर मुझे चोदना चाहता है

कॉलेज टाइम मे भी मेरे उप्पर काफ़ी ज़्यादा लड़के मरते थे और हर कोई मुझे अपने नीचे लेना चाहता था. पर तब मैने किसी को भी हाँ नही करी थी क्योकि मुझे ऐसे लड़को को तड़पना बहोत ही ज़्यादा पसंद है.

दोस्तो, ये तो हो गया मेरे बारे मे. अब मैं आपको अपनी कहानी पर ले चलती हूँ.

ये कहानी होली के दिन की है. अपनी कहानी शुरू करने से पहले मैं थोड़ा इस होली के पवन त्योहार के बारे मे बता देती हूँ. आप सब ये तो बहोत अच्छे से जानते होंगे की होली का त्योहार रंगो का त्योहार होता है. और उस त्योहार मे हर कोई रंगो मे घुलना चाहता है.

रंग भी हमे यही बताते है की हमे एक दूसरे के जीवन को खुशियो से, इन रंग बिरंगे कलर्स से उनकी ज़िंदगी को भर देना चाहिए. जिससे उसकी ज़िंदगी मे खुशिया ही खुशिया शामिल हो जाए.

अब मैने होली के इस त्योहार के बारे मे बता दिया है. अब मैं अपनी कहानी सुनती हूँ.

मेरे प्यारे दोस्तो, मेरी अब शादी हो रखी है और मैं अपने ससुराल मे बहोत ज़्यादा खुश हूँ. मेरे पति एक इंजिनियर है और वो मुझसे काफ़ी ज़्यादा प्यार करते है.

मैं भी उनसे काफ़ी ज़्यादा प्यार करती हूँ. मेरी शादी को अभी 8 महीने ही हुए है. और मेरा फिगर अब बहोत ही ज़्यादा मस्त हो चुका है. मेरे ससुराल मे मेरे पति, सास और ससुर ही रहते है.

सास-ससुर मुझसे बहोत ज़्यादा प्यार करते है और वो मेरी हर एक खुशी का बहोत ख्याल रखते है. मेरे ससुराल मे मुझे कपड़े पहनने पर भी कोई रोक-टोक नही है की मैने ये कैसे कपड़े पहने है. जो दिल चाहता है मैं वो कपड़े पहेन सकती हूँ

सच कहु तो मैं अपने ससुराल मे बहोत खुश हूँ और एक मा को अपनी बेटी के लिए और क्या चाहिए होता है. वो तो बस इतना चाहती है की उसकी बेटी ससुराल मे रानी की तरह खुशी खुशी ज़िंदगी बिताए.

ठीक उसी तरह मेरे साथ भी वैसा ही हो रहा था. और अब तो मुझे मयके जाने की भी बहोत ज़्यादा खुशी थी. क्योकि मेरी शादी के बाद अब पहली होली थी और ये होली मेरी मेरे मयके मे होनी थी.

जब होली का त्योहार आया तो मैं और मेरे पति मेरे मयके के लिए घर से सुबह सुबह ही निकल पड़े. वाहा पहोच कर मैं बहोत खुश थी. और जैसे ही घर पहोचि तो मेरी बहनो ने और मेरी फ्रेंड्स ने हमे पूरे रंगो मे भिगो दिया था.

ऐसा करवाने मे मुझे तो बहोत मज़ा आया था और मैं पूरी तरह भीग चुकी थी. मैने टी- शर्ट डाल रखी थी जो की पूरी तरह भीग चुकी थी और मेरी अब ब्रा भी दिखने लग गई थी.

तब मेरी मम्मी ने मुझे ठंड ना लग जाए इसलिए उप्पर वाले कमरे मे जा कर कपड़े चेंज करने को कहा. उनकी ये बात सुन कर मैं उप्पर वाले कमरे मे चली गई.

उधर मेरे पति नीचे सबके साथ खेल रहे थे और फिर मम्मी के बुलाने पर उनके साथ बैठ कर बाते मार रहे थे. वो दोनो बहोत अच्छे से बाते मार रहे थे और काफ़ी हस भी रहे थे. ये देख कर मुझे बहोत ज़्यादा खुशी मिल रही थी.

फिर मैं उप्पर वाले कमरे मे आ कर दरवाजा बंद कर दिया और लॉक लगा दिया. उस कमरे मे बैठ कर अपने कपड़े उतार रही थी और वाहा पर लाइट भी ऑन थी क्योकि वाहा से मुझे कोई देख नही सकता था.

मैने अपनी नयी जीन्स टॉप भी बाहर निकाल कर रख दी थी जो की अब चेंज करके पहननी थी. मैने जैसे ही अपनी टी- शर्ट उतारी तो मैने कमरे मे एक हलचल सी सुनी. ये सुन कर मैं थोड़ा डर गई की आख़िर कमरे मे है कौन.

फिर मैने इधर उधर देखा तो पाया की मेरा फ्रेंड राहुल मेरे सामने खड़ा था और मुझे निहार रहा था. ये देख कर मैं भी शरम से लाल- पीली हो गई और वही पर पड़ी चादर से खुद को छिपाने लग गई.

आपको ये तो बता दू की राहुल मेरा कज़िन ब्रदर है और शादी से पहले मैं उसके साथ काफ़ी बार सेक्स कर चुकी हूँ.

जैसे ही उसने मुझे ऐसे देखा तो वो बहोत खुश हो गया और मुझे देखता ही रहा. तब मैने उससे पूछा की तू यहा क्या कर रहा है. तो उसने मुझे बताया की आंटी के कहने पर तेरा यहा इंतेज़ार कर रहा हूँ.

और अब जा कर मेरा इंतेज़ार ख़तम हुआ है. और तुम मुझसे इतना शर्मा क्यो रही हो पहले तो मेरे नीचे ज़बरदस्ती आया करती थी और अब क्या हो गया है.

मैं उसकी ये बात सुन कर थोड़ा खुद पर भी हैरान थी की मैं उससे इतना शर्मा क्यो रही थी. फिर भी मैं उसके सामने ऐसे ही खड़ी रही और अब वो मेरे पास आया और बोला- शालु इस चादर को हटा दो.

मैं – नही अब मैं शादी शुदा हूँ और अब मैं तुम्हारे साथ ये सब कुछ नही करने वाली हूँ.

राहुल – ठीक है पर तुम मुझे खुद को नंगी तो दिखा सकती हो. और गोड प्रॉमिस मैं तुम्हारे साथ कुछ नही करूँगा.

मैं – चलो ठीक है.

अब मैं उसकी बात मानते हुए कपड़े उतारने लग गई. कुछ पल बाद मे उसके सामने ब्रा और पैंटी मे थी जिसमे देख कर वो मुझे देखता ही रह गया

तब मेरी नज़र भी उसकी पैंट पर पड़ी तो देखा की उसका लंड भी खड़ा हो रखा था. मैने अब उसके सामने पहले तो पैंटी उतार डाली और फिर उसके सामने अपनी ब्रा भी उतार डाली. जैसे ही मैने ब्रा उतारी तो वो मेरे गोरे- गोरे बूब्स को देखने लग गया.

राहुल – क्या मस्त फिगर हो गया है तेरा.

मैं – हाँ वो तो है.

राहुल – लगता है तुम्हारा पति खूब अच्छे से तुम्हे चोदता है. और अब तो मन कर रहा है की तुम्हे एक बार चोद डालु.

इससे पहले मैं कुछ बोल पाती, राहुल ने मुझे कमर से पकड़ लिया और मेरे बूब्स को अपने हाथो मे लेकर मसलने लग गया. पहले तो मैने भी ना किया पर जब उसका खड़ा हुआ लंड मेरी गांड पर लगने लगा तो मुझे भी मज़ा आने लग गया.

मैं अब अपनी गांड को हिला कर राहुल का लंड अपनी गांड पर महसूस कर रही थी. फिर मैं सीधी हुई और उससे चिपक कर उसके होंठो को अपने होंठो मे डाल कर चूसने लग गई. वो भी अब मेरा साथ देने लग गया और मेरे एक बूब को मसलने लग गया और दूसरे हाथ से मेरी चूत को रगड़ने लग गया.

मैने भी देर ना करते हुए उसका लंड पैंट की जीप खोल कर बाहर निकाल लिया और हाथ मे ले कर उप्पर नीचे करने लग गई.

तब जा कर मैने राहुल को बताया की मैं इस लंड को काफ़ी टाइम से पाना चाहती थी.

राहुल – क्यो तुम्हारा पति तुम्हे खुश नही रखता क्या.

मैं – बात वो नही है. एक्चुअली वो सिर्फ़ मेरी चूत ही मारता है और तुम्हे तो ये पता ही है की मुझे लंड चूसना और गांड मे लेना कितना अच्छा लगता है. पर ये बात अपने पति से कैसे कहु.

फिर मैं उसके लंड को अपने मूह मे ले कर चूसने लग गई और बोली की मुझे तो इसका माल भी बहोत ज़्यादा पसंद है. इससे पहले मैं आगे कुछ कर पाती तभी डोर पर किसी का नॉक हुआ

डोर पर नॉक होते ही मैने राहुल को क्यूबाय्ड मे छिपा दिया और अंदर से ही आवाज़ लगाई की कौन है. तब मेरे पति बोले की मैं हूँ. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं – ठीक है पर मैं अभी नंगी हूँ और कपड़े चेंज कर रही हूँ.

पति – तो क्या हुआ मेरी जान, ये तुम मेरे सामने भी कर लेना.

तब मैने दरवाजा खोल दिया और जैसे ही उन्होने मुझे ऐसे देखा तो वो बोले की मुझे तुम्हारी चूत मारने का मन कर रहा है. तब मेरा भी मन कर रहा था पर मैने उन्हे जैसे तैसे मना किया और कमरे से बाहर जाने को कहा.

कमरे से बाहर जाते ही मेरा दोस्त राहुल क्यूबाय्ड से बाहर आ गया और मुझे फिर से बाहो मे भर लिया. तब मैने उसे मना किया की अभी कोई भी आ सकता है इसलिए मैं अब जीन्स टॉप पहेन कर सीधा नीचे आ गई.

नीचे आ कर मम्मी को देखने लग गई और पता चला की मम्मी किचन मे है और फिर मैं वही सीधा चली गई. वाहा जा कर मैने मम्मी से कहा की मुझे कोई अच्छा सा मोका दो ताकि मैं राहुल से चूत की प्यास मितवा सकु.

वैसे मैं आपको बता दू की मेरी मा अपने समये मे एक नंबर की रंडी थी और अभी भी है. वो बहोतो का लंड ले चुकी है और मैने अपनी मा को बचपन मे काफ़ी बार अलग अलग लंड लेते हुए देखा है.

इसलिए अब मैं अपनी मा से काफ़ी क्लोज़ हूँ और मैने कई बार इसका फयडा उठा कर राहुल से बहोत बार चुदि हूँ. वैसे राहुल ने मेरी मा को भी बहोत बार चोदा है.

मेरी बात सुन कर मेरी मा बोली की क्यो जब मैने तुम्हे चुदने के लिए बुलाया था तो तुम तब बड़ी सती- सावित्री बन रही थी.

ऐसा सुन कर मैने मा से सॉरी कहा तो मा ने फोन उठाया और किसी को मिलाया और रात का बंडो बस कर दिया. फिर फोन कट करके कहा की 12:30 बजे रात को रूम मे आ जाना.

फिर रात हो गई तो मेरे पापा दोस्तो के पास चले गये. अब घर पर मैं, मेरी मा, मेरे पति और राहुल ही थे. राहुल और मेरे पति ड्रॉयिंग रूम मे बैठ कर ड्रिंक कर रहे थे. तो राहुल ने नशा डाल कर मेरे पति को बेहोश कर दिया.

फिर उसने हमे आवाज़ मारी और कहा की अब होज़ा शुरू. तब राहुल ने कहा की क्यो पति के सामने चुदते हुए पाया है.
इतना कहते ही वो मेरे बूब्स को दबाने लग गया और फिर मा बोली की – राहुल चोद दे इसे पति और मा के सामने.
फिर मैं वही खड़े खड़े नंगी हो गई और अपने पति के मूह पर ब्रा उतार कर फेंक दी.

मैं – राहुल अब चूस्ता ही रहेगा या चोदेगा भी.

ये कहते ही मैं पीछे मूडी और राहुल के लंड के उप्पर बैठ गई. आज बहोत दीनो बाद मैं एक मजबूत और दमदार लंड पर बैठी थी. मेरी चूत को राहुल के लंड पर सेट हो कर बहोत ही खुश थी. मेरी कमर अपने आप हिलने लग गई और मैं अपनी चूत को राहुल के लंड पर रगड़ने लग गई.

इतने मे राहुल मेरे दोनो बूब्स अपने दोनो हाथो मे पकड़ लिया. और बहोत ज़ोर से मेरे दोनो बूब्स दबाने लग गया. मैने राहुल का सिर पकड़ा और अपने बूब्स मे दबा दिया. सच मे ये बहोत ही कमाल का टाइम था. जिसे मैं कभी भूल नही सकती थी. मेरे राइट वाले बूब्स का निप्पल्स राहुल के दातो के बीच फसा हुआ था. जिसे वो अपने दांतो से मसल रहा था

मुझे दर्द तो बहोत हो रहा था. पर इस दर्द मे मुझे एक अलग ही मज़ा आ रहा था. मैं एक एक करके अपने दोनो बूब्स को काफ़ी अच्छे से चुसवाया. और अपने दोनो निप्पल्स को भी उसके दांतो से कटवा-कटवा कर लाल करवा लिया. मेरे दोनो बूब्स पर राहुल ने अपने दांतो के निशान डाल दिए थे. मेरे गोरे गोरे बूब्स पर उसके दांतो के निशान काफ़ी सेक्सी लग रहे थे.

मेरे साथ खड़ी मेरी मा जो मुझे ये सब करते हुए देख रही थी. पर मुझे उसकी ज़रा भी परवाह नही थी. मैं अपनी सारी शरम हया छोड़ कर राहुल से चुदने को बेताब थी. क्योकि मेरी चूत काफ़ी टाइम से लंड के लिए तड़प रही थी. अब मैं खड़ी हुई और अपने सारे कपड़े उतारने लग गई. ताकि मैं अच्छे से और जम कर राहुल के लंड के मज़े ले सकूँ.

मैं अभी अपने कपड़े ही उतार रही थी. तभी मैने देखा की मम्मी नीचे बैठ कर राहुल का लंड चाट रही है. मुझे ये देख कर बहोत घुस्सा आया. मुझे लगा की मेरी मा मेरे माल पर कैसे हाथ डाल सकती है जब मैं उनके सामने खड़ी हूँ. मैं तभी बहोत घुस्से मे बोली.

मैं – ए रांडो की रांड़ चल खड़ी हो, अपनी बूडी जवानी कहीं और जा कर शांत कर समझी. ये लंड सिर्फ़ मेरा है चल खड़ी हो और दफ़ा हो जा यहा से. और लंड निकाल अपने मूह से अभी के अभी.

मम्मी ने राहुल का लंड अपने मूह से निकाला और वो भी घुस्से मे बोली – ए कुत्ति साली रंडी तू मुझे रोकेगी मेरे यार का लंड लेने से. ये मेरा यार है और मेरा लंड है. तू अपने पति का लंड ले, देख साला कैसा बेहोश पड़ा है. जा कर उसका लंड चूस और अपनी चूत मे ले.

मैं – मम्मी प्लीज़ सॉरी मुझे माफ़ कर पर मुझे इस टाइम लंड की बहोत ज़्यादा ज़रूरत है. मेरी चूत पागल हो रखी है लंड के लिए. प्लीज़ मुझे ये लंड लेने दो. ये तो आपकी है आप जब चाहे जब ले सकती है. प्लीज़ आज ये लंड मेरे नाम कर दो

मम्मी – बेटी मैं तेरी मा हूँ ले आज के लिए ये लंड तेरा है. कर ले अपनी चूत को शांत इससे. ओ राहुल मेरी बेटी को रंडी समझ कर चोद. जिससे कम से कम 1 महीना इसकी चूत लंड ना माँगे.

राहुल – आप फिकर मत करो अब आप देखो मैं इसका गला चूत और गांड कैसे फाड़ता हूँ.

ये कहते ही राहुल खड़ा हो गया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे नीचे ज़मीन पर घुटनो के बल बिठा दिया. राहुल का लंड मेरे होंठो पर लगा हुआ था. मैने हल्के से अपना मूह खोला और राहुल का लंड मेरे मूह के अंदर तक घुस गया. मैं बड़े प्यार से राहुल का लंड चूस रही थी. और अपने मूह मे अंदर तक ले रही थी. राहुल का लंड काफ़ी बड़ा था. करीब 8 इंच का लंड था. पर मैं बड़ी मुश्किल से करीब 5 इंच लंड ही अपने मूह मे ले पा रही थी.

मैं पूरे मज़े मे लंड चूस रही थी. मेरे मूह की थूक मेरे मूह से नीचे ज़मीन पर गिर रही थी. तभी मम्मी बोली आराम से क्या कर रहा है चोद साली का मूह पूरा चोद दे. मम्मी के कहने की देर थी. राहुल ने मेरा सिर अपने दोनो हाथो से पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से मेरा मूह चोदने लग गया.

उसका लंड अब पूरा मेरे मूह था. करीब 3 इंच लंड मेरे गले के अंदर घुसा हुआ था. मुझे सांस लेने मे बहोत ज़्यादा मुश्किल हो रही थी. मेरी दोनो आखों मे आँसू आ गये थे. पर मैं फिर भी सब कुछ सहन कर रही थी. मम्मी लगातार कह रही थी चोद इस साली का मूह फाड़ दे गला, साली रांड़ कहीं की. राहुल अपना लंड एक सेकेंड के लिए मेरे मूह से निकलता था.

तो मेरे मूह से ढेर सारी थूक नीचे गिर जाती थी. फिर से वो अपना लंड मेरे गले मे उतार देता था. ऐसा उसने करीब 25 बार किया और उसके बाद मेरी हालत सच मे बहोत खराब हो गई थी. मेरी दोनो आँखे आँसू से भरी हुई थी मैं रोने लग गई थी. मेरी आँख नाक मूह सब कुछ गीला हो चुका था. मैने कभी सोचा भी नही था की मेरे साथ कभी ऐसा भी होगा.

फिर राहुल ने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरी दोनो टाँगे उप्पर उठा कर मेरी चूत चाटने लग गया. उसका चूत चाटने का ये तरीका मुझे सच मे बहोत पसंद आया. मम्मी मेरे दोनो बूब्स चूस रही थी. मैं एक मिनिट मे ही गरम हो गई.

मैं अपनी गांड उठा उठा कर अपनी चूत राहुल से चटवा रही थी. मुझे सच मे बहोत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा की काश हमेशा के लिए राहुल की जीब मेरी चूत पर लग जाए. फिर मैं हमेशा इसकी जीब से अपनी चूत चटवाती रहूं.

मैने राहुल का सिर पकड़ लिया था. और अपनी चूत मे उसका सिर दबा कर लगा दिया था. नीचे से मैं अपनी चूत गांड को उठा उठा कर अपनी चूत राहुल से चटवा रही थी. राहुल की जीब मेरी चूत पर नीचे से उप्पर हो रही थी. मेरी चूत उसकी थूक से गीली हो चुकी थी. मुझे सच मे आज चूत चटवाने मे बहोत मज़ा आ रहा था. इस मज़े मैं अपने सारे दर्द भूल गई थी.

कुछ ही देर मे मेरी चूत ने काफ़ी सारा पानी राहुल के मूह के उप्पर छोड़ दिया. राहुल भी मेरी चूत के पानी को अपनी जीब से चाट-चाट कर अच्छे से सॉफ कर रहा था. और अपनी जीब को मेरी चूत के अंदर तक डाल कर बचा हुआ पानी भी बाहर निकाल रहा था.

करीब 10 मिनिट बाद उनसे मेरी चूत को अंदर से भी अच्छे से सॉफ कर दिया. मेरा जिस्म अब जवाब दे चुका था. मैं काफ़ी ज़्यादा थक चुकी थी और मैं सोना चाहती थी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है

मेरी दोनो आँखें बंद थी और मैं थोड़ी देर रेस्ट कर रही थी. पर मुझे तभी अपनी चूत पर मुझे महसूस हुआ. इससे पहले मैं कुछ समझ पाती की ये क्या है. तब तक मेरी चूत मे राहुल का 8 इंच का लंड पूरा घुस चुका था. मेरी जान निकल गई थी मेरा मूह और आँखें खुली की खुली रहे गई. मुझे इतना दर्द कभी नही हुआ. मैं घुस्से मे धीरे से बोली.

मैं – साले आराम से चोद ले, पता भी है कितना दर्द होता है. मेरी चूत अंदर तक फट गई है मुझे लगता है.

राहुल – साली मैं फाड़ने वाला ही हूँ. अबी तो चूत फाडी है अब देख तेरी गांड भी मैं ही फाड़ुँगा.

ये कहते ही वो मुझे और ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया. मेरी चूत पूरी तरह से फट गई थी. उसका लंड मेरे बच्चेदानि पर जा लग रहा था. जिससे मुझे सच मे दर्द हो रहा था. उधर मैने देखा की मम्मी मेरे बेहोश पड़े पति का लंड निकल कर चूस रही है. ये देख कर मुझे घुस्सा आया और मैं मम्मी से बोली.

मैं – ओ मम्मी मेरा पति उठ गया ना तो मैं तो गई समझो. आप प्लीज़ कुछ मत करो मुझे आप मज़े लेने दो ना प्लीज़.

मम्मी – साली रांड़ चुप चाप चुद तू, मुझे अच्छे से पता है मैं क्या कर रही हूँ. आई साली मुझे समझने वाली.

मुझे पता था की मम्मी मेरी सुनने वाली नही है. इसलिए मैं चुप चाप बैठी राहुल से चुद रही थी. राहुल मेरी चूत को अपने लंड से चोद रहा था. मेरी चूत पानी पानी हो चुकी थी. पर राहुल का लंड अभी भी पूरे जोश मे था. मुझे तो ऐसा लग रहा था की मानो ये लंड आज मेरी जान निकाल कर ही दम लेगा

मेरी चूत को अच्छे से चोदने के बाद राहुल ने मुझे सोफे पर ही घोड़ी बनने को कहा. मैं चुप चाप घोड़ी बन गई फिर उसने मम्मी को इशारा किया. मम्मी मेरे मूह के पास आ कर खड़ी हो गई. और मेरे मूह मे अपना राइट वाला बूब्स घुसा दिया. मैं कुछ समझ नही पा रही थी.

तभी राहुल ने अपना लंड मेरी गांड पर सेट किया और एक जोरदार धक्के से अपना लंड आधा मेरी गांड मे उतार दिया. मेरी एक बार फिर से जान निकल गई. मैं मम्मी का बूब्स अपने मूह मे पूरा लिया हुआ था. इस लिए मेरी आवाज़ बाहर नही आ सकी. उसके बाद राहुल ने एक बार फिर से एक और धक्का मारा और इस बार राहुल का पूरा लंड मेरी गांड के अंदर समा गया.

मुझे बहोत दर्द हो रहा था मैं दर्द के मारे रोने लग गई. पर राहुल पूरा जंगली बन चुका था. उसने मेरी कमर को पकड़ा और मेरी गांड को ज़ोर ज़ोर से मारने लग गया. मुझे दर्द तो बहोत हो रही थी पर मज़ा भी बहोत आ रहा था. राहुल एक सेकेंड के लिए भी नही रुक रहा था. मेरी गांड मे पूरा लंड अंदर तक जाते हुए मुझे सॉफ सॉफ महसूस हो रहा था.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फ़ीडबैक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

कुछ देर बाद राहुल ने अपने लंड का सारा पानी मेरी गांड मे ही निकाल दिया. और हम दोनो शांत हो कर सोफे पर ही बैठ गये. कुछ देर बाद राहुल ने मुझसे अपना लंड अच्छे से चुसवाया और उसका लंड फिर से खड़ा हो गया. और एक बार मेरी फिर से जम कर चुदाई हो गई थी. मेरे पति के उठने से पहले मेरी चूत ने 8 बार अपना काफ़ी सारा पानी निकाल दिया था.

तो दोस्तो ये थी मेरी होली के दिन रंडी बनने की कहानी.

दोस्तो, आप सब को मेरी ये कहानी कैसी लगी प्लीज़ नीचे दिए हुए कॉमेंट्स बॉक्स मे लिख कर ज़रूर बताना. मुझे आप के कॉमेंट्स और ईमेल्स का बेसबरी से इंतेजार रहेगा,

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