देवर भाभी का बातरूम फन

हेल्लो फ्रेंड्स आइ अम पिंकी. मेरे पुराने रीडर्स तो मूज़े जानते ही है और नये रीडर्स का स्वागत है. मुझे मेरी लास्ट स्टोरी के लिए बहोत सारे मेल्स मिले है जिन्हे पढ़ कर मुझे बहोत खुशी हुई की सब को वो स्टोरी से सॅटिस्फॅक्षन मिली.

आज की स्टोरी भी कुछ ऐसी ही है जो शायद हर लड़का अपनी भाभी के साथ कर ने का सोचता होगा. तो अब ज़्यादा कुछ नही कहते हुए स्टोरी स्टार्ट करती हू.

बात लास्ट होली की है हर बार की तरह हुमारे घर मे खूब बड़े पैमाने मे होली बनाई जाती है रिश्तेदार सब घर आते है. मेरे देवर जो हॉस्टिल मे पढ़ते है वो भी घर आता है. वो घर आ गया था उसे से देख कर सब बहोट खुश थे.

होली का दिन आया हम सब ने बहोत होली खेली और सब बहोत खुश थे. सब एक दूसरे को रंग लगा रहे थे चाहे छोटा हो या बड़ा.

एक दूसरे को पिचकारी से भीगा रहे थे. मेने उस दिन वाइट कलर की ट्रॅन्स्परेंट साड़ी पहनी थी जो अब रंग की वजह से वाइट बची नही और पूरी भीग भी गयी थी. मुझे सब ने रंग लगा लिया था बस देवर्जी ने नही.

जब मैं उन्हे ढूँढने लगी तो वो मुझे एक कोने मे खड़े दिखे और वाहा से वो बस मुझे ही घुरे जा रहे थे. मेरी और उनकी दोनो की नज़र एक साथ मिली और वो आखे चुरा कर अंदर घर मे चले गये.

उन्हे जाते देख मैं भी उनके पीछे अंदर चली गयी यह देखने की उन्हे क्या हुआ.

मैं उनके रूम मे गयी तो देखा देवर्जी नहाने जाने की तयारि कर रहे थे अपना कुर्ता उतार भी चुके थे और बाथरूम मे चले गये.

जब मेने उन्हे आवाज़ लगाई तो कहे की भाभी मैं नहा रहा हू . मेने पूछा उनसे की सब बाहर होली खेल रहे है आप अंदर क्यूँ आ गये तो देवर्जी बोले भाभी सब के साथ तो होली खेल लिया और क्या इसलिए नहा ने आ गया

मैं वापिस ही जाने वाली थी की देवर्जी ने मुझे आवाज़ लगा कर कहा की भाभी एक के साथ होली खेलनि बच गयी है मेरे पूछ ने पर उन्होने कुछ नही बताया बस बोले की भाभी टॉवेल भूल गया हू ज़रा दीजिए ना.

मैने बेड से टॉवेल उठा कर देवर जी को देने गयी. बाथरूम के डोर पे नॉक किया तो उन्होने थोड़ा डोर खोल कर टॉवेल खिच लिया और साथ मे मेरा हाथ भी.

मैं एकदम से डर गयी और बोली यह क्या कर रहे हो देवर्जी छोड़ो मुझे आप ने मेरा हाथ क्यूँ पकड़ रखा है और खुद को छुड़ाने की कोशिश कर ने लगी. पर ऐसे भी मेरे देवर्जी बहोत स्ट्रॉंग है उनकी बड़ी बड़ी मसल्स है जिम की वजह से.

मेरे बहोत कहने पर उन्होने मेरा हाथ तो छोड़ ही दिया. हाथ छुड़ा कर मैं जैसे ही बाहर की तरफ जाने लगी देवर्जी पीछे से आ कर मेरे सामने खड़े हो गये और एक दम से ही मुझे किस कर ने लगे.

मैं बहोत डर गयी थी और खुद को छुड़ाने की कोशिश कर ने लगी तभी मेरा हाथ उनके शरिर पे लगा और मुझे पता लगा देवर्जी पूरे नंगे ही बाहर आए है.

पर उनकी किस इतनी मुझे उत्तेजित कर रही थी की क्या बताउ एक तो होली खेल कर भीगा बदन ठंड का महीना सामने देवर जी नंगे और सब से बड़ी बात यह की 2 हफ्ते से हज़्बेंड ने भी सेक्स नही किया था.

मैं भी अब उनके किस कर ने लगी और हम स्मूच करने लगे. दोनो एक दूसरे की टंग को सक कर ने लगे और तभी देवर्जी मे मेरी पूरी साड़ी खिच कर निकाल दी.

अब मैं उनके सामने सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट मे ही थी. हम फिर से स्मूच कर ने लगे तभी देवर्जी ने मुझे उठाया और बाथरूम की तरफ ले गये और अंदर जा कर पानी से भरे बाथटब मे बिठा दिया

मैं यह सब से बहोत चौक गयी पर मेरे कुछ कहने के पहले ही देवर्जी भी बाथटब मे आ गये और ज़ोर से मेरे लिप्स चूसने लगे. हम दोनो बहोत तेज एक दूसरे के लिप्स चूसे जा रहे थे.

देवर्जी अब मेरी चुचिया दबाने लगे जो ब्लाउस मे बेचारे बेचैन थे. बहुत ज़ोर से दबाए जा रहे थे तभी उन्होने ज़ोर से खिच कर मेरे ब्लाउस का बटन तोड़ कर ब्लाउस निकाल दिया.

वो मेरे चुचियो पे ज़ोर से काटने लगे चूसने लगे. मेरी तो हालत खराब हो रही थी मे बस उत्तेजित हो कर सिसकारिया लेने लगी अहह्ा अहहा कहते.

धीरे धीरे वो नीचे आए और मेरा पेटिकोट भी खोल दिया ब्रा पेंटी भी निकाल दी. अब मैं देवर्जी के सामने बिल्कुल नंगी थी.

मुझे बहोत शरम आ रही थी पर देवर्जी तो अपने काम मे ही लगे थे. चुचिया चूस्ते दबाते नीचे आ कर मेरी नेवेल चूस ने लगे.

मेरा तो हाल बहाल होते जा रहा था. वो मेरी नेवेल मे जीब डाल कर चूसने लगे और मेरा पेट भी खूब चूसे और अपने दाँत से वाहा निशान कर दिए.

अब वो और नीचे आते आते मेरी गिल्ली चूत की तरफ पहुच गये और और अपनी दो उंगली अंदर डाल कर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगे.

मेरी तो ऐसा हाल था इतनी ज़ोर ज़ोर से सिसकारिया लेने लगी और मैने भी अब देवर्जी का खड़ा लंड पकड़ लिया जो कब से मुझे चुबे जा रहा था.

मेरा यह करते ही देवर्जी ज़ोर से चिल्ला उठे और एक दम से ही अपनी पूरी जीब मेरी चूत मे डाल कर चूसने लगे और जीब से ही मुझे चोदने लगे. मेरा तो कुछ ही मिनिट मे पानी निकल गया सारा देवर्जी के मूह मे.

यह सब मे पहली बार पानी मे बाथटब मे करवा रही थी. यह सोचते सोचे ही मेरी फिर चूत गिल्ली हो गयी.

अब मुझसे रहा नही जा रहा था मैं बहोत तड़प रही थी. मैने तुरंत ही देवर्जी से कहा की देवर्जी अब अपनी भाभी को और नही तडपाओ ना जल्दी से अपना यह औजार मेरी गिल्ली चूत मे डाल दो.

मेरी यह बात सुनते ही देवर्जी उठे और अपना लंड मेरे मूह मे देने लगे और मैं भी सीधा उनका लंड पकड़ कर चूस ने लगी.

बहुत मोटा लंड था पूरा मेरे गले मे लग रहा था और मुझे सास लेने मे भी दिक्कत हो रही थी. मैं अब ज़ोर ज़ोर से उनका लंड चूसने लगी थी और नीचे उनकी गोटियो को दबाने लगे.

देवर्जी अब ज़ोर से सिसकारिया लेने और मेरा सिर पकड़ कर उनका लंड और गले मे दबाने लगे. देवर्जी आहहा अहहा भाभी चूस मेरा लंड अहहाः ऐसे कह कर मेरा मूह चोदने लगे.

अब उनका पानी निकलने ही वाला था की देवर्जी ने अपना लंड मेरे मूह से निकाला और मुझे नीचे पानी मे बाथटब मे लेटा कर मेरे पैर को फैला कर बाथ टब के दोनो साइड फसा दिया. और मेरे उपर आ कर अपना लंड मेरी चूत पे रगड़ने लगे.

मेरा तो ऐसा हाल था की क्या बताउ. और सच काहु तो आप सब को भी ऐसे ट्राइ कर ना चाहिए बाथटब मे अपने पति यार या जो चाहो उसके साथ.

अब देवर्जी मेरे उपर आए लंड चूत पर रगड़ते रगड़ते अपना लंड चूत मे घुसाने लगे. उनका लंड मोटा होने की वजह से सिर्फ़ सुपरा ही जा पाया था जिस से मुझे दर्द होने लगा था और मैं चिल्ला उठी अहहहः नही देवर जी आराम से अहहाः कहकर

मेरी सिसकारिया सुनते ही देवर्जी और जोश मे आ गये और एक ही झटके मे पूरा लंड मेरी चूत मे घुसा दिया. अहहहहहा अहह्ा माआअर गयी मैं देवर्जी अहहहहहा अपने मेरी चूत फाड़ डाली देवर्जी अहहहा ऐसे चिल्लाति रह गयी.

मुझे चिल्लाते देख देवर्जी और जोश मे अपना लंड अंदर बाहर चलाते रहे जो मेरी चूत मे गहराई मे जा कर लग रहा था.

ऐसे पानी मे चुदाई करते करते गिल्ली चूत की पच पच और उपर से पानी की आवाज़ दोनो मिल कर हम दोनो को इतना उतेज़ित कर रही थी. कई बार तो मेरी बछेड़नी को भी ठोकर देता गया.

ऐसे ही देवर्जी ने मेरी कुछ 10 मिनिट तक चूत मारी और मेरा पूरा शरीर अकड़ने लगा और मैं चीख उठी अहहहहा देवर्जी मेरा निकलने वाला है और सिसकारियो के साथ मेरा पानी निकल गया पर देवर्जी का लंड अभी भी तन कर खड़ा था.

तो उन्होने पानी मे ही मुझे उल्टी घुमा कर घोड़ी बनाया और मेरे कूल्हे उपर करवा कर पूरा लंड एक ही बार मे चूत मे डाल दिया.

मैं इतनी ज़ोर से चिल्लाई की अगर घर मे कोई होता तो ज़रूर सुन्न लेता और हम पकड़े जाते. मुझे बेहोट दर्द हो रहा था पर देवर्जी बेरहमी से मेरी चुत की चुदाई किए जा रहे थे और साथ साथ मेरी चुचियो को भी ज़ोर से दबा रहे थे.

ऐसे ही कुछ 10-15 मिनिट तक चुदते चुदते मेरा फिर निकलने आया और मैं चिल्ला उठी की देवर्जी मेरा फिर निकल रहा है. तभी वो भी कहने की उनका भी निकलने वाला है

फिर ऐसे ही चिल्लाते चिल्लाते हम दोनो का एक साथ पानी निकल गया. देवर्जी ने अपना सारा माल मेरी चूत की गहराई मे डाल दिया.

तो ऐसे हुई मेरी और मेरे देवर्जी की होली के दिन बाथरूम मे चुदाई. उस दिन के बाद जब भी देवर्जी घर आते हम कही ना कही कोई जगह ढूँढ कर शुरू हो जाते.

आशा करती हू आप सब को यह स्टोरी पसंद आई होगी और लड़के और लड़कियो का खूब पानी निकला होगा. मुझे कोई भी फीडबॅक या सजेशन्स के लिए मेल कीजिए.

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