आप जैसे लोगों का ही सहारा है

मेरा नाम प्रदीप है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 35 वर्ष है। मेरे घर में मेरे माता-पिता, मेरी पत्नी और मेरा एक छोटा बच्चा है, मेरी छोटी बहन की शादी हो चुकी है, अभी 6 महीने पहले ही उसकी शादी हुई है, उसकी शादी हमने बड़े ही धूमधाम से करवाई, उसकी शादी हमने दिल्ली में ही करवाई और उसका पति एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। यह रिश्ता मेरे मामा ने ही करवाया था, मेरे मामा ने कहा कि आप लोग लड़के वाले के परिवार की तरफ से बिल्कुल फिक्र ना करें, वह लोग बहुत अच्छे लोग हैं मैं उन्हें काफी वर्षो से जानता हूं, उन्हीं के कहने पर हमने अपनी बहन का हाथ उनके हाथ में दिया। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन मेरी मम्मी और मेरी पत्नी किसी से मिलने चली गई।</p>
<p>उन्होंने मुझे कहा कि तुम गोलू का ध्यान रखना, मैंने कहा ठीक है मैं गोलू का ध्यान रख लूंगा, मेरी पत्नी और मेरी मम्मी जा चुकी थी, मेरे पापा भी अपने किसी दोस्त के घर चले गए, मैं घर पर अकेला था और गोलू छत में खेल रहा था, मैंने सोचा जब तक यह छत में खेल रहा है तब तक मैं अपना लैपटॉप छत में ले आता हूं, मैं जब नीचे अपना लैपटॉप लेने गया तो मेरा लैपटॉप मैंने पता नहीं कहां रख दिया, मुझे मिल ही नहीं रहा था परन्तु जब मुझे मेरा लैपटॉप मिला तो मैं उसे लेकर छत पर चला गया, मैं जब छत में गया तो मैंने देखा कि गोलू के हाथ से खून निकल रहा है और उसे बहुत चोट आई है, मैं उसे जल्दी से उठा कर पास के एक डॉक्टर के पास ले गया, मैं उनके पास पहली बार ही गया था क्योंकि उनका क्लिनिक भी कुछ समय पहले ही खुला है, उनका नाम डॉक्टर सुनीता है। उन्होंने जब मेरे बच्चे को देखा तो वह कहने लगी कि इसे चोट कैसे लगी? मैंने उन्हें बताया कि यह सीढ़ियों से नीचे गिर गया था। उन्होंने कहा कि आप चिंता मत कीजिए आप यहां बैठ जाइये, वह उसे अंदर अपने क्लीनिक में ले गई और मैं बाहर उनके रिसेप्शन पर बैठा हुआ था, उन्होंने गोलू के मरहम पट्टी कर दिया और अब वह ठीक था, मैं बहुत ही डर गया था।</p>


<p>मैंने डॉक्टर सुनीता से कहा कि मैडम आपका बहुत बहुत धन्यवाद और यह कहते हुए मैं अपने बच्चों को वहां से ले आया, मैंने इस बारे में अपनी पत्नी काजल को कुछ भी नहीं बताया मुझे लगा कि यदि मैं उसे इस बारे में बताऊंगा तो कहीं वह चिंतित ना हो जाए लेकिन जब वह घर आई तो वह बहुत ज्यादा घबरा गई और कहने लगी कि गोलू को यह क्या हो गया है? मैंने उसे कहा कुछ नहीं बस थोड़ी सी चोट आई है। वह कहने लगी ऐसे चोट कैसे आई, वह मुझे कहने लगी तुमने मुझे बताया क्यो नहीं, तुम उसी वक्त मुझे फोन कर देते, मैंने उससे कहा यदि मैं तुम्हें उस वक्त फोन करता तो तुम बहुत ज्यादा चिंतित हो जाती और मैं नहीं चाहता था कि तुम ज्यादा टेंशन लो। मैंने उसे कहा कोई घबराने की बात नहीं है, अब गोलू बिल्कुल ठीक है और वह खेल भी रहा है लेकिन मेरी पत्नी बहुत घबरा रही थी, वह उसे हमारे बेडरूम में ले कर चली गई, मैं बाहर अपनी मम्मी के साथ बैठा हुआ था। मेरी मम्मी कहने लगी बेटा तुम्हें इस बारे में हमें बताना चाहिए था, गोलू से ज्यादा जरूरी काम हमारा थोड़ी हो सकता है, मैंने कहा ठीक है मुझे जो उस समय सही लगा मैंने वही किया और उसके बाद गोलू भी ठीक होने लगा। एक दिन मेरे पैर पर चोट लग गई, जब मेरे पैर पर चोट लगी तो मैं डॉक्टर सुनीता के पास चला गया और उन्हें कहा कि मैडम मेरे पैर में चोट लगी है, उन्होंने कहा कि अब आपका बच्चा कैसा है? मैंने उन्हें कहा कि अब वह बिल्कुल ठीक है और उस दीन मेरी पत्नी बहुत ज्यादा घबरा गई, उन्होंने मुझे कहा कि मैं आपके पैर की मरहम पट्टी करवा देती हूं, उन्होंने अपनी एक नर्स को बुलाया और वह मेरे पैर की मरहम पट्टी करने लगी, मेरा पैर पूरी तरीके से जख्मी हो गया था, थोड़ी देर बाद मेरा खून भी रुक चुका था। मैं डॉक्टर सुनीता के साथ बैठा हुआ था और उनसे बात करने लगा, वह कहने लगी उस दिन आपके बच्चे को बहुत ज्यादा चोट आ गई थी, आप अपने बच्चे का ध्यान दिया कीजिए, मैंने कहा मैडम उस दिन तो मैं कुछ ज्यादा ही घबरा गया था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, जब यह बात मेरी पत्नी को पता चली तो वह भी उस दिन बहुत घबरा गई। डॉक्टर सुनीता का व्यवहार बड़ा ही अच्छा लग रहा था इसलिए मैं उनके साथ बैठ गया, उस दिन उनके पास ज्यादा पेशेंट नहीं थे, मैं उनसे खुल कर बात करने लगा और उनसे कहने लगा कि आपका घर कहां है? वह कहने लगे मैं यही रहती हूं और मेरा घर भी दिल्ली में ही है।</p>

<p>मैंने उनसे पूछा क्या आपकी शादी नहीं हुई है? वह कहने लगी नहीं मैंने अभी शादी नहीं की है, मैंने कहा आपकी तो अब तक शादी हो जानी चाहिए  थी, वह कहने लगी हां सोच तो रही हूं कि शादी कर लूं लेकिन अभी तक कोई लड़का पसंद नहीं आया है इसलिए मैंने अभी तक शादी नहीं की है। मैं जैसे ही खड़ा हुआ तो मेरा बैलेंस बिगड़ गया और मैं सीधा ही डॉक्टर सुनीता के ऊपर गिर गया। जब मै उनके ऊपर गिरा तो वह भी नीचे गिर गई हम दोनों नीचे गिर गए थे मेरे पैर में चोट आई थी इसलिए मुझे खडे होने मे दिक्कत आ रही थी। जब मैं उनके ऊपर गिरा तो उनके बड़े स्तन मुझसे टकराने लगे और मेरे होंठ उनके होठों से मिलने लगे थे, मैंने जैसे ही उनके होंठो पर अपने होंठो को लगाना शुरू किया तो वह अपने आप को ना रोक सकी, वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई। मैंने उन्हें कहा सॉरी मैडम गलती हो गई। वह कहने लगी कोई बात नहीं उन्होंने भी मेरे लंड को पकड़ लिया था और उनके शरीर से गर्मी बाहर निकलने लगी थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब उनके स्तन मुझसे टकराए तो मैंने डॉक्टर सुनीता से कहा मुझे आपके साथ सेक्स करना है।</p>

<p>वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो गई थी उन्होंने अपने रूम का दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया। मैंने उनके कपड़े खोल दिया, मैंने जब उनके बदन को देखा तो मैं उनके चिकने बदन का दीवाना हो गया। मैंने उनकी ब्रा खोलते हुए उनके स्तनों को चूसना शुरू किया उनके स्तन जब मेरे मुंह के अंदर होते तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैं उनके स्तनों को अच्छे से चूसने लगा। काफी समय तक मैं उनके स्तनों का रसपान करता रहा, जब मैंने उनकी चिकनी चूत को चाटा तो उनकी चूत में एक भी बाल नहीं था और उनकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। उन्होंने कहा मुझे आपका लंड चूसना है उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो वह लंड को हिलाते हुए अपने मुंह में लेने लगी। उन्होंने जब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मेरे अंदर और भी गर्मी पैदा होने लगी, वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से सकिंग कर रही थी मेरी उत्तेजना भी उतने ही चरम सीमा पर पहुंच गई थी। जब मेरे लंड से हल्का पानी बाहर की तरफ निकलने लगा तो वह पूरी तरीके से मूड में हो गई। मैंने उनके दोनों पैरों को खोलते हुए उनकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया हालांकि मुझे उनकी चूत में लंड को डालना मे बहुत मेहनत करनी पड़ी लेकिन उनकी चूत में जब मेरा लंड गया तो मुझे काफी मजा आया, उनकी चूत इतनी ज्यादा टाइट थी कि मुझे उन्हें धक्के देने में बहुत आनंद आ रहा था, मैं उन्हें बड़ी तेज गति से चोद रहा था। वह अपने मुंह से गर्म सांसे ले रही थी और उनके मुंह से सिसकियां निकल रही थी। मुझे भी उतना ही मजा आता जितना वह अपने मुंह से गर्म सांसे लेती। मैंने डॉक्टर सुनीता से कहा मैडम आपका हुस्न तो बड़ा ही लाजवाब है आप जल्दी से शादी कर लीजिए नहीं तो हम जैसे लोग आपके बदन का फायदा उठा लेंगे। वह कहने लगी आप जैसे लोगों का ही तो मुझे सहारा है वह लोग ही तो मुझे चोदते हैं, मुझे बहुत मजा आता है इसलिए तो मैंने अभी तक शादी नहीं की। मुझे उन्हें चोदने में बहुत मजा आ रहा था, मैंने उनकी बड़ी गांड को अपने हाथ से पकड़ा हुआ था और बड़ी तेज गति से मैं प्रहार कर रहा था, जब मेरा लंड उनकी योनि के अंदर बाहर होता तो मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो गया, जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे और भी ज्यादा मजा आ गया।</p>

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