नटखट साली पूजा की मस्त चुदाई

हेल्लो दोस्तो. मेरा नाम रमण है .आप सब के लिए एक मस्त कहानी ले कर आया हूँ. ये कहानी मेरे और मेरी साली के बीच उसके साथ मेरे पहले सेक्स की है. आप सब को पता ही है, की जीजू और साली मे कितनी मस्त मस्ती होती है.

तो ज़रा सोचिए दोनो के बीच कितना मस्त सेक्स होगा. तो चलिए फिर टाइम क्यो खराब करते है. सीधा अपनी कहानी पर आते है.

आज मेरी शादी को 13 साल हो चुके है. मेरी शादी 24 साल की उम्र मे अंकिता से हुई थी. उस टाइम उसकी उम्र 19 साल की थी. सच मे मैं उससे शादी करके अपने आप को काफ़ी लकी समझ रहा था. क्योकि 19 की अंकिता एक कवली लड़की थी.

मैने ही उसकी सील को तोड़ा था. वो बहुत ही सेक्सी और मस्त माल है. पर आज मैं अपनी वाइफ की न्ही अपनी साली की बात करने जा रा हूँ. मैं लकी इस लिए भी था, क्योकि मेरी एक साली भी थी. उसका नाम पूजा है, जब मेरी शादी हुई तो उसकी उम्र सिर्फ़ 16 साल थी. वो उस टाइम 10त क्लास मे थी.

जैसे की साली जीजू मे मस्ती होती है. वैसे ही मस्ती हम दोनो मे भी खूब होती थी. सच कहूँ तो मैं अपनी साली का पहले दिन से दीवाना था. क्योकि उसका 18 साल की उम्र मे जो फिगर उभर कर बाहर आया था. वैसा फिगर आज तक मैने कभी किसी लड़की का न्ही देखा.

उसका फिगर कुछ ऐसा था 33-26-28 था. अब आप खुद ही सोच सकते हो, की अगर किसी लड़की का इतना मस्त फिगर हो तो वो कितनी मस्त दिखती होगी. इसलिए मैं उसका शुरू से ही दीवाना तो था पर जब वो 18 साल की हुई तो मुझे उससे प्यार हो गया था.

अब वो मेरे घर अब काफ़ी आने जाने लग गई थी. उसके आने पर घर का माहोल ही कुछ और बन जाता था. उसको देख कर मैं काफ़ी खुश हो जाता था और पूजा भी मुझे देख कर खुश हो जाती थी.

हम दोनो अकसर एक खेल खेलते थे. वो है गुद-गुद्दि वाला खेल, मैं अकसर पूजा के पेट, बाजू के बीच उसकी गरदन और बूब्स के आस पास उसे गुद-गुद्दि करता था. जिससे वो हस हस कर पागल हो जाती थी.

पर मुझे इसमे बहुत मज़ा आता था. क्योकि इसी बहाने उसके कोमल जिस्म को छू लेता था. मुझे सच मे इसमे बहुत मज़ा आता था. मुझे इस बात का पता चल गया था. की मुझे पूजा लाइक करती है, क्योकि जब मैं उसे इधर उधर छूता था, तो वो मुझे कुछ न्ही कहती थी.

फिर मेरा एक लड़का हो गया, इसी बीच पूजा कुछ दिन मेरे घर काम करने के लिए आई थी. कसम उन दीनो मैने उसके साथ बहुत मस्ती करी. मैने उसके गालो को अच्छे से चूमा.

थोड़े टाइम बाद मुझे अपने ससुराल जाना पड़ा . उस दिन पूजा मुझे देख कर काफ़ी खुश हो रही थी. उसे देख कर मैं भी काफ़ी खुश होरा था. रात को सब टीवी देखते थे, और पूजा किचन मे सबके लिए डिन्नर बना रही थी.

मैं उससे मिलने के लिए तड़पता रहता था. मैं और मेरा लंड ये ही चाहता था की मैं ही उसकी सील को तोड़ूं. इसलिए मैं उसके पास ज़्यादातर टाइम बिताता था. जब वो उसने 12वी पास करी तो वो मेरे घर के पास वाले कॉलेज मे स्टडी के लिए वाहा अड्मिशन ले लिया.

मैं पानी पीने के लिए किचन मे गया, मैने देखा पूजा ने येल्लो कलर का टाइट सूट डाला हुआ था. कसम से साली कयामत लग रही थी. उसके बूब्स बाहर आने को मानो मचल रहे थे. मैं धीरे से उसके पास गया, और उसके पीछे खड़ा हो कर उसके दोनो बूब्स अपने हाथ मे लेने लग गया

उसके बूब्स सच मे काफ़ी सॉफ्ट थे, मैं धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा ने मुझे कुछ न्ही खा, मैने महसूस किया की उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे हो रही थी. मैं समझ गया की पूजा गरम हो रही है, मुझे अब इसे और गरम करना चाहिए.

इसलिए मैं पीछे से उसे अच्छे से चिपक गया. मेरा लंड उसकी मोटी सी गांड की दरार मे जा कर फस गया. मैं अपने होंठो से धीरे धीरे उसकी गरदन को धीरे धीरे चूमने लग गया. इससे पूजा और ज़्यादा मेरे काबू मे आने लग गई.

फिर मैने अपने होंठो से उसके कान पकड़े और धीरे धीरे उसके कान को अपने होंठो से चबाने लग गया. अब तो पूजा पागल हो गई थी, उसने अपना काम वही छोड़ दिया. उसकी साँसे अचानक से बहुत तेज़ होने लग गई. और ज़ोर ज़ोर से उसके मूह से मस्ती से भरी सिसकारियाँ निकलने लग गई.

तभी मुझे एहसास हुआ की कोई आ रहा है. इसलिए मैं पूजा से दुर हो कर उससे बातें करने लग गया. अगले ही पल मेरी सासू मा किचन मे आ गई. मेरी जान मे जान आई, मैने सोचा अगर आज फस जाता तो लेने के देने पड जाते.

इसलिए उसके बाद मैं पूजा के करीब न्ही गया. अगले दिन जब मैं अपने घर वापिस जाने लगा तो पूजा भाग मेरे पास आई और मुझे अपनी बाहों मे भर लिया. उसने मेरे कान मे धीरे से कहा.

पूजा – जीजू आप बहुत अच्छे हो.

मैं – सच मे ?

पूजा – हा जीजू आई लव यू सो मच.

मैं – आई लव यू टू मेरी प्यारी साली.

पूजा – मैं जल्दी ही घर आउंगी अब.

मैं – मुझे तेरा इंतज़ार रहेगा.

फिर मैं अपने घर आ गया, मैने पूजा मे आग लगा दी थी. अब उसे शांत करवाने के लिए पूजा कुछ भी करने को तयार होगी मेरे साथ ये मुझे अच्छे से पता था. घर गया तो मुझे पता चला की अंकिता ने अपने लिए एक नयी जॉब देख ली है.

मेरे घर से 5 किलो मीटर दूर एक स्कूल है, उसने अंकिता को टीचर की जॉब मिल गई थी. साथ ही हमारे बच्चे की स्टडी वाहा फ्री होनी थी. ये मुझे एक अच्छा ऑफर लगा इसलिए मैने अंकिता को उस जॉब के लिए हा कर दी.

अब अंकिता रोज 8:15 पर आराम से घर से निकल जाती थी और साथ ही बच्चे को भी ले जाती थी. मेरा ऑफीस 11 बजे होता था, इसलिए मैं लेट ऑफीस जाता था. एक दिन मैं शाम को अपनी मस्ती मे घर आया. घर के बाहर से ही मुझे अंदर पूजा की आवाज़ आती सुनाई दी, मैं समझ गया की आज पूजा घर पर आई हुई है.

मैं तभी घर से वापिस गया और उसकी पसंद का सारा खाने का समान ले कर घर आया. जैसे ही मैं अंदर आया पूजा मेरे गले से लग गई, मैं अपनी साली का इतना प्यार देख कर खुश हो गया. फिर मैने पूजा को उसके खाने का समान दिया, जिससे वो और भी खुश हो गई.

फिर रात को करीब 10 बजे तक मैने पूजा से बात करी. फिर मैं अपनी वाइफ के साथ सो गया. पूजा अलग रूम मे सो रही थी. सच कहूँ तो मुझे नींद ही न्ही आ रही थी. मैं बस ये ही सोच रहा था, की कैसे मैं पूजा अपनी साली की चूत को मारू.

सुबह मेरी आँखे 7 बजे खुली, मैं उठा तो मैने देखा की अंकिता उपर छत पर कपड़े डालने के लिए गई है. मैं जल्दी से उठा और पूजा के रूम मे गया, वो बेड पर पिंक कलर की मॅक्सी डॉल कर सो रही थी. सच मे साली वो बहुत मस्त लग रही थी.

मैं उसके पास तो मैने देखा की उसके गोरे गोरे बूब्स बाहर आ रहे थे. मैं अपना हाथ धीरे से उसके नंगे बूब्स पर रखा और धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा अब तक जाग चुकी थी, पर वो जान बुझ कर सोने की आक्टिंग कर रही थी.

असल मे वो सोते हुए भी मज़ा ले रही थी. फिर मैने उसके बूब्स मॅक्सी से पूरे बाहर निकाल दिए. बूब्स बाहर आते ही वो जाग गई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोकते हुए बोली.

पूजा – जीजू कोई आ जाएगा प्लीज़.

मैं – तुम फिकर ना करो, तेरी दीदी उपर छत पर गई है. वो थोड़ी देर तक आएगी.

पूजा – तो अभी आपका क्या इरादा है.

मैं – मेरा इरादा तो इन्हे चूसने का है. पर पहले तुम ये बताओ की तुमने कभी अपने बूब्स चुस्वाए है.

पूजा – हा मेरी एक सहेली है, हम दोनो एक रात एक दूसरे के बूब्स अच्छे से चूसे थे.

मैं – कोई बात न्ही आज मैं चुसूंगा.

पूजा – ठीक है जीजू चूस लो.

फिर मैं पूजा के दोनो बूब्स काफ़ी अच्छे से चूसे 10 मिनिट तक चूसे. उसकी हालत इतने मे ही खराब हो गई थी, उसका चेहरा लाल हो गया था. उसके मूह से आहह आहह की आवाज़ें आने लग गई थी.

तभी मुझे अंकिता के आने की आवाज़ आई, मैं और पूजा तभी अलग हो कर बैठ गये. फिर कुछ ही देर मे अंकिता ने घर के काम किए और बच्चे को लेकर अपने स्कूल मे चली गई.

अब पूरे घर मे मैं और पूजा अकेले थे. अंकिता के जाते ही पूजा भाग कर मेरे पास आई और मेरे होंठो को ज़ोर से पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. कसम से मज़ा आ गया था, उसके साथ किस्सिंग करने मे.

मेरे हाथ उसकी गांड पर चल रहे थे, मैं उसे गोध मे उठा कर बेडरूम मे ले गया. वाहा हम दोनो जाते ही पूरे नंगे हो गये. मैने पूजा के पूरे जिस्म को नीचे से उपर तक पूरा चूमा. फिर पूजा ने मेरा लंड अपने हाथ मे लिया और बोली.

पूजा – जीजू आप का लंड पूरा मस्त है. आज इस लंड से मुझे आप अपनी पूरी वाइफ बना लो. वैसे भी मैं आपकी हाफ वाइफ तो हूँ ही.

मैं – पूजा तू तो मेरी जान है. आज देख केसे मैं तुझे अपनी रानी बनाता हूँ. अच्छा वैसे कभी चूत मे लंड लिया है तूने ?

पूजा – न्ही जीजू.

मैं – मतलब आज मैं तेरी चूत की सील तोड़ूँगा. मज़ा आ जाएगा आज तो थोड़ा दर्द होगा प्लीज़ सहन कर लियो ओके.

पूजा – ठीक है, पर पहले मेरी चूत को प्यार तो करो.

ये सुन कर मैं मस्त हो गया, मैं पूजा की दोनो टाँगे उठा कर अपना मूह उसकी चूत पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी कवली चूत क्या कमाल की थी. उसका स्वाद मुझे बहुत ही पसंद आया.

मैने करीब 20 मिनिट तक पूजा की चूत को अच्छे से चूसा, और फिर मैने अपना लंड उसकी चूत मे धीरे धीरे डालना शुरू कर दिया. शुरू शुरू मे पूजा को काफ़ी दर्द हुआ. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, पर उसकी कोई सुनने वाला न्ही था.

उसकी चूत से खून निकल राहा था, पर मुझे मज़ा बहुत आ रहा था. उसकी चूत को मैने बहुत चोदा. चुदाई मे टाइम का पता न्ही लगा की कब 11 बाज गये. मैने अपने ऑफीस मे फोन करके आज की छुट्टी ले ली. जिससे पूजा और खुश हो गई.

फिर हम दोनो साथ मे नहाए और फिर पूजा ने मेरा लंड चूस चूस कर उसका पानी पिया. उस दिन मैने 2 बजे तक पूजा की 4 बार जम कर चुदाई की. आज वो मेरी वाइफ बनी हुई है. उसका किसी और से शादी करने का मन न्ही करता

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