पड़ोसन पूजा मेरे लंड की दीवानी

मेरे सभी प्यारे दोस्तो आपका मैं आज अपनी पहली कहानी मे सावगत करता हूँ. ये कहानी मेरे लाइफ के एक सब से मस्त किससे से जुड़ी हुई है, इसलिए ये एक सच्ची कहानी है. मुझे उमीद है आपको मेरी ये कहानी पसंद आएगी.
तो फिर चलिए कहानी शुरू करते है.
ये बात आज से 3 साल पहले की है. जब मेरी शादी रेणु से हुई तो मैं काफ़ी खुश था. क्योकि शादी के बाद तो वो चूतिया ही लकड़ा होता है, जो खुश नही होता. पर तभी कुछ दिन बाद मेरे सामने रहने वाले भैया ने भी शादी कर ली, और वो भी वाइफ घर ले कर आ गये.

हम दोनो की शादी लगभग साथ ही हुई थी. हमारे मोहल्ले मे एक साथ दो नयी जवान लड़किया आ गयी थी. वो दोनो जल्दी ही एक अच्छी फ्रेंड बन गयी. पर दोस्तो सच कहूँ तो मैने जब अपने भैया की वाइफ को देखा तो मैं उपर से लेकर नीचे तक पूरा जल गया.

क्योकि उसकी पूजा के आगे मेरी रेणु कुछ भी नही थी. पूजा एक बड़े शहर की लड़की थी, इसलिए वो मॉडर्न थी. वो हमेशा घर पर जीन्स टॉप डालती थी. मैं उसके फिगर का दीवाना हो गया था. उसके बाहर निकलते बूब्स देख कर, मानो मुझे ऐसा लगता था की वो मुझे चूसने के लिए बुला रहे थे.

जब भी मैं उसे देखता था, तभी मेरा मन उसे चोदने का होने लगता था. थोड़े टाइम बाद मेरी भी उसके साथ बोल चाल होशुरू हो गयी. मैं उसे भाभी कहता था. जब भी मैं उसके साथ बात करता था, मेरा ध्यान हर टाइम उसके जिस्म पर ही होता था.

मैं अपने मन मे सोचता था की इस चूतिए को कैसे ये परी मिल गई. खैर ऐसे ही धीरे धीरे दो साल निकल गये, अभी तक मुझे पूजा के साथ मस्ती करने का मौका तक नही मिला था. मैं एक ऐसे अच्छे मोके की तलाश मे था, जिस मौके मे मैं उसे चोद कर हमेशा के लिए अपना बना लू.

देखो फिर भगवान ने एक दिन मेरी सुन ही ली. मेरी वाइफ रेणु कुछ दीनो के लिए अपने घर गयी हुई थी. मैं घर पर अकेला था, इसलिए मैने अपनी नाइट शिफ्ट करा रखी थी. ताकि मैं रात को तंग ना हो जाउ, क्योकि दिन तो कट ही जाता है.

मैं सुबह 8 बजे वापिस अपने घर नाइट शिफ्ट करके आ रा था. जब मैं घर के बाहर आया तो मैने देखा पूजा भाभी अपने पति को बाइ बाइ कर रही थी. मैने भी भैया को हेलो कर दिया, भाईया की शहर मे एक शॉप है. इसलिए वो सुबह 8 बजे ही घर से निकल जाते है.

पूजा भाभी को देख कर मैं थोड़ा सा मुस्कुरा दिया, भाभी मुझे देख कर मुस्कुरा दी. फिर मैं अपने घर मे जाने लगा पर तभी पूजा भाभी ने मुझे पीछे से आवाज़ मारी. मैं उनकी आवाज़ सुन कर पीछे मुड़ा और भाभी मुझसे बोली.

पूजा – भाईया मेरे कंप्यूटर मे नेट नही चल रहा है. क्या मैं तुम्हारा लॅपटॉप यूज़ कर सकती हूँ. मुझे अर्जेंट मेल सेंड करनी है.

मैं – हा भाभी क्यो न्ही आपका ही लॅपटॉप है. प्लीज़ जब मर्ज़ी आकर यूज़ कर लेना.

पूजा – जब मर्ज़ी क्या चलो अभी चलते है.

मैं – हा भाभी चलो.

फिर भाभी मेरे साथ मेरे घर मे आ गयी, मैने अपना लॅपटॉप अपने बेडरूम मे ही रखा हुआ था. पूरा घर खराब हुआ था, शराब की बोटले इधर उधर पड़ी हुई थी. भाभी बेड पर बैठ गयी और मैने उन्हे लॅपटॉप दे दिया.

पर मैं ये भूल गया था की कल ड्यूटी पर जाने से पहले मैने लॅपटॉप पर ब्लू मूवी की साइट्स ओपन करी हुई थी. जेसे ही भाभी ने लॅपटॉप ओन्न किया उसके सामने वो सारी ब्लू मूवीस चलने लग गयी. कुछ देर बाद ये सब देख कर भाभी बोली.

भाभी – अरे भाईया प्लीज़ इस साइट का लिंक मुझे सेंड कर देना.

मैं – सॉरी भाभी मैं इसे क्लोज़ करना भूल गया था. पर वैसे आपको साइट का लिंक क्यो चाहिए भाभी.

भाभी – अरे बस रहने दो तुम, मेरा काम हो गया है मैं चलती हूँ.

मैं – नही भाभी प्लीज़ बताओ आख़िर क्या बात है.

भाभी – अरे मैं ये इस लिए माँग रही हूँ. ताकि तेरे भैया को ये सब दिखा सकु. क्योकि वो ज़रा भी सेक्स नही करते, शॉप की टेन्षन उन्हे बहुत रहती है. इसलिए उनकी छोटी सी लुली मुझे चोद ही नही पाती.

ये कह कर वो जाने लगी, मुझसे ये सब देखा नही गया. मैने झट से अपनी पेंट और अंडरवेर उतार कर अपना लंड बाहर निकाल कर भाभी के सामने कर दिया. भाभी ने जब मेरा लंड देखा तो वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी. फिर वो भाग कर मेरे पास आई और मेरे मूह पर थप्पड़ मार कर बोली.

भाभी – कमिने आज मेरी शादी को दो साल हो गये है. और आज मैं पहली बार तेरे घर आई हूँ और तू आज मुझे अपना लंड दिखा रहा है. कुत्ते तूने इतनी देर क्यो कर दी. मैं इसके लिए कब से तरस रही हूँ.

ये कहने के बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ा और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख कर ज़ोर ज़ोर से मेरे होंठो को वो चूसने लग गयी. ऐसी गरम औरत आज तक मैने नही देखी थी. उसके एक टच से मेरा लंड और जिस्म गरम हो गया था.

पूजा इस टाइम पूरी नँयी दुल्हन की तरह लग रही थी. फिर मैं उसे दीवार से लगा दिया और उस के होंठो को पागलो की तरह चूसने और चूमने लग गया. उसके होंठो मे से मीठा रस्स चूस चूस कर पी रा था. कसम से उसके होंठो को चूसने मे मुझे बहुत मज़ा आ रा था.

मेरे दोनो हाथ उसके बूब्स पर चल रहे थे, और पूजा भाभी का हाथ मेरे लंड पर था. वो मेरे लंड मसल मसल कर तन्ना रही थी. मैने उसके मूह से गर्दन तक हर जगह किस कर ली थी. उसका मस्त चेहरा चूमने मे बहुत मज़ा आ रा था.

फिर मैने उसके दोनो बूब्स कस्स कर पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लग गया. पूजा के मूह से आहह आहह की मस्त आवाज़ें निकालने लग गयी थी. उसका पूरा जिस्म आग की तरह तप रहा था.

फिर मैं उसका टॉप मैने उतार कर फेंक दिया. अब वो मेरे सामने ब्लॅक ब्रा मे खड़ी थी. उसके गोरे गोरे बूब्स किसी मोती की तरह ब्लॅक ब्रा मे चमक रहे थे. कसम से उसके दोनो बूब्स देख कर मैं पागल सा हो गया. मैने उसके बूब्स पर टूट पड़ा.

मैने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रखे और पीछे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए. हुक खुलते ही उसके करीब 34 के बूब्स उछाल कर मेरी गोद मे गिर गये. क्या कमाल का नज़ारा था. मैने उसके दोनो बूब्स को अपने हाथो मे थाम लिए.

फिर मैने एक बूब्स को अपने मूह मे भर लिया और उसके बूब्स को चूसने लग गया. उसके नरम और गरम बूब्स काफ़ी कमाल के लग रहे थे. मैने उसके दूसरे के निप्प्ल को अपने हाथ मे ले कर मसल रा था.

बहुत ही मजेदार काम चल रहा था. अब पूजा ने मेरा सिर अपने बूब्स मे दबाना शुरू कर दिया, उसके मूह से सिसकारियाँ रुकने का नाम तक नही ले रही थी. उसका जिस्म अब और भी गरम होने लग गया था.

मैने जल्दी जल्दी उसके दोनो बूब्स को पूरा अपनी जीब से चाटने लग गया. पूजा ने फिर से मेरा लंड पकड़ लिया और वो मेरे लंड से खेलने लग गयी. मेरा लंड अब पागल होने लग गया था. इसलिए मैने अपना एक हाथ उसके सिर पर रखा और उसे नीचे की और धक्का दिया.

पूजा मेरा इशारा झट से समझ गयी, वो तुरंत नीचे बैठ गयी. अब मेरा लंड उसके होंठो के सामने था. पूजा ने मेरा लंड अपने होंठो मे ले लिया और धीरे धीरे बड़े मस्त तरीके से मेरे लंड को अपने मूह मे लेने लग गयी. मेरा लंड कुछ ही देर मे 6 इंच तक उसके मूह मे चला गया.

फिर पूजा को शायद मज़ा आने लग गया, इसलिए वो पागलो की तरह मेरा लंड चूसने लग गयी. फिर करीब 15 मिनिट बाद मैने अपना लंड उसके मूह से बाहर निकाल दिया. उसके बाद मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और बेड पर लेटा दिया.

मैने उसके पेट पर अपनी जीब चलानी शुरू कर दी, जिससे पूजा मस्त हो कर बेड पर तड़पने लगी. फिर मैने उसकी जीन्स उतार दी और उसकी सेक्सी ब्लॅक पेंटी को मैने अपने दांतो से पकड़ा और उसके जिस्म से अलग कर दिया.

उसकी चूत पर एक भी बाल नही था, और पूरी चूत पानी से भीगी हुई थी. मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और बड़े प्यार से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी चूत मे से पानी रुकने का नाम ही नही ले रा था. मैने उसकी चूत को अपनी जीब से चाटने मे लगा हुआ है.

मैं जब उसकी चुत को चाट रा था, तब पूजा बहुत तड़प रही थी. उसने मेरा सिर अपनी टाँगो से लॉक कर लिया. और नीचे से अपनी गांद को उठा उठा कर मुझसे अपनी चूत चटवाने लग गयी. कुछ ही देर मे उसकी चुत का सारा पानी एक ही बार मे निकल गया.

अब बारी थी लंड को उसकी चुत मे डालने की. इसलिए मैं खड़ा हुआ और उसकी गांद के नीचे मैने दो पिल्लो अच्छे से रख दिए. ताकि मेरा लंड अच्छे से उसकी चूत मे चला जाए. जब मैं उसकी चूत को चाट रा था, तभी मुझे पता चल गया था. की पूजा की चूत टाइट है.

इसलिए मैने पहले उसकी चूत और अपने लंड पर काफ़ी सारा थूक लगा लिया. फिर मैने अपना लंड उसकी चूत पर तोड़ा सा सेट किया. और उसके उपर जा कर मैने उसके होंठो को अपने होंठो मे ले लिया.

फिर मैने एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी चूत मे आधा चला गया. जिससे वो दर्द के मारे मेरे नीचे तड़पने लगी. वो अपनी टाँगे ज़ोर ज़ोर से पटक रही थी. मैने उसके दर्द की ज़रा भी परवाह नही करी.

और फिर एक और जोरदार धक्के से मैने अपना पूरा लंड उसकी चूत मे जमा कर उतार दिया. पूजा की आँखो मे आँसू आने लग गये, वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी. पर उसकी आवाज़ मेरे मूह मे ही दब कर रह गयी.

कुछ देर बाद पूजा थोड़ी शांत हुई और मैं अपने धक्को की स्पीड फुल कर दी. अब मैने उसके होंठो को अपने होंठो से आज़ाद कर दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लग गया. पूजा चुदाई मे मेरा पूरा साथ देते हुए बोली.

पूजा – और ज़ोर से चोदो मेरे राजा मेरी चूत को फाड़ कर रख दो, और ज़ोर से चोदो रूको मत.

पूजा नीचे से अपनी गांद उठा कर मेरा साथ दे रही थी. हम दोनो को चुदाई मे पूरा मज़ा आ रा था. करीब 40 मिनिट की टाके तोड़ चुदाई के बाद मैने अपने लंड का सारा पानी उसकी चुत मे ही निकाल दिया.

फिर हम दोनो सो गये, और उठ कर बाथरूम मे नहा कर वो अपने घर चली गयी. मैने देखा की पिल्लो उसकी चूत के खून से भरा हुआ है. ये देख कर मुस्कुरा दिया. और उस दिन के बाद मैने पूजा को बहुत बार चोदा और आज भी उसे चोदने के लिए जा रहा हूँ.

दोस्तो मुझे उमीद है, की आपको मेरी कहानी मे बहुत मज़ा आया होगा. तो देर किस बात की मुझे मेल करके बताए

हॉस्पिटल मे प्यार मस्ती चुदाई

हेलो फ्रेंड्ज़, मैं विशाल. मेरी उमर 22 साल है. मैं दिखने मे काफ़ी हॅंडसम हूँ. मैं बहुत ही हॅंडसम हूँ इसलिए लड़किया मुझ पर मरती है. मेरा रंग भी काफ़ी गोरा है और मेरी हाइट भी काफ़ी अछी है जिसकी वजह से काफ़ी लड़कियाँ मुझ पर मरती है.

मेरे लंड का साइज़ भी काफ़ी अछा है और वो एक लड़की की चूत को सेट करने के लिए बहुत ही सही है. मैं आज आपके लिए अपनी एक कहानी ले कर आया हूँ. तो अब बिना किसी देरी के मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलता हूँ.

तो एक टाइम की बात है की मेरी आँखो मे कुछ प्राब्लम हो रही थी. पहले तो मैने ऐसे ही केमिस्ट से आइ ड्रॉप्स ले कर घर पर थोडा ट्रीटमेंट किया. पर मुझे उसमे कुछ फरक नही लगा. तो मैने एक दिन डॉक्टर पास जाने की सोची और सुबह उठ कर डॉक्टर पास चला गया.

मैं जब वाहा पर पहुँचा और वहा से मैने अपना कार्ड बनवाया औड फिर डॉक्टर के कॅबिन के बाहर बैठ गया और इंतेज़ार करने लग गया. कुछ टाइम मैं ऐसे ही बैठा रहा और फिर ऐसे काफ़ी टाइम निकल गया. मुझसे बैठ करनही हो रहा था और पता भी करना था की आख़िरकार कब नंबर आएगा मैने सोचा की पता तो चले की अंदर हो क्या रहा है क्योकि आधे घंटे से ना कोई अंदर जारा था और ना ही कोई आवाज़ लगाई जा रही थी.

बस इतना देखते ही मैं अंदर कॅबिन मे चला गया. वाहा मैं जेसे ही गया तो मैने देखा की वाहा पर एक बहुत ही खूबसूरत लड़की बैठी हुई थी. उसको देख कर मेरा दिल खुश हो गया और फिर उसके बाद मैने ऐसे ही उससे पूछा की डॉक्टर काहा है. तो उन्होने बताया की वो अभी आए नही है इसीलिए कोई आवाज़ नही लगाई जा रही है

उसके मूह से ये सुन कर मैं तो पागल ही हो गया और फिर मैं बाहर आ गया और उसके बाद वाहा बैठ गया जहा से वो मुझे सॉफ सॉफ नज़र आ रही थी. और वो भी बाहर मुझे देख कर स्माइल पास कर र्ही थी. मैं आपको बता दू की उसको पहली नज़र देखते ही उससे प्यार हो गया था.

बस फिर क्या था ऐसे ही बैठे हुए हुमारी आँखे चार होती रही और फिर उसके बाद मैने ऐसे ही उसको इशारा भी किया पर वो चुप रही. फिर उसके बाद डॉक्टर भी आ गये. डॉक्टर के आने के बाद अब नंबर लगना शुरू हो गया और फिर थोड़ी ही देर बाद मेरे नाम ले कर मुझे बुलाया गया.

फिर उसके बाद मैं अंदर गया तो डॉक्टर पास जा कर बैठ गया. और डॉक्टर अब मेरा चेक अप करने लग गये. और वो लड़की भी यही खड़ी थी जिसको मैं अब काफ़ी देर तक ऐसे ही देख रहा था और वो मुझे देख रही थी.

और फिर जब डॉक्टर ने कहा की कुछ डेली चेक अप करवाने होंगे क्योकि उससे ही पता चलेगा की असल मे प्राब्लम क्या है.फिर उसके बाद मैं बाहर आ कर बैठ गया और दूसरे चेक अप का इंतेज़ार करने लग गया.

फिर थोड़ी देर और बैठ कर डॉक्टर ने मुझे बुलाया और कहा की इस लेडी डॉक्टर साथ चले जाओ और वो तुम्हारे चेक अप करलेगी. मैं ये सुन कर काफ़ी खुश हो गया की जो चाहा वही मिला. और मैं उनके साथ उनके पीछे पीछे चला गया.

पहले तो थोड़े से कामन से टेस्ट हुए. और फिर उसके बाद वो मुझे एक रूम मे ले गयी. जहा पर बिल्कुल अंधेरा ही था और वाहा पर मेरा 10 मिनिट का टेस्ट होना था. और फिर जैसे ही हम दोनो उस रूम मे आए तो पता नही कब और कैसे सब 

होता चला गया.

वो लड़की के होंठ मेरे होंठो पर आ गये और मैं उसको चूसने लग गया. और फिर ऐसे ही मैने उसके कपड़े कब उतार दिए मुझे पता ही नही चला. और फिर मैं उसके बूब्स को चूसने लग गया और फिर वो मेरे भी कपड़े उतारने लग गयी और ऐसे ही चलता रहा.

फिर उसके बाद उसने नीचे बैठ कर मेरे लंड को मूह मे ले लिया और चूसना शुरू कर दिया. मुझे उसके ऐसे करने से बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा था. फिर मैने भी उसको वाहा पर स्ट्रेचर पर लेटया और उसकी चूत पर जीब लगा कर चाटने लग गया.

मेरे ऐसे करने से उसकी चुत ने एक बार पानी छोड़ दिया और फिर मैने भी उसकी चुत का सारा का सारा पानी पी लिया. बस फिर उसके बाद तो चूत मे कब लंड गया और कब मैं उसे चोदने लग गया ये मुझे भी पता नही चला.

और फिर ऐसे ही चोदते हुए मैने उसकी चूत मे ही अपना सारा माल निकाल दिया और फिर वो कपड़े पहन कर वहा से चली गयी. उसके जाने के बाद मैने खुद को ठीक किया और मैने देखा की कपड़े पर ब्लड लग गया था पर फिर भी मैने इसे इग्नोर किया और फिर मेरा चेक अप हुआ.

और फिर डॉक्टर को रिपोर्ट्स दिखाई तो डॉक्टर ने थोड़ी सी प्राब्लम ही बताई जो की मेडिसिन लेने पर जल्दी ही ठीक हो जाएगी .मैं ये सुन कर काफ़ी खुश हो गया की चलो कुछ ज़्यादा भी प्राब्लम नही है क्योकि मुझे इसकी टेन्षन भी बहुत हो रही थी.

मैं फिर उसके बाद अपना ध्यान रखने लग गया और उसको याद करने लग गया क्योकि उसने जो किया था वो भी नही जानती थी की वो क्या करना चाहती थी. फिर उसके बाद मैं एक बार फिर से डॉक्टर पास गया पर मुझे वो वाहा पर नही 

नींद में अपनी साली की चूत फाड़ दी

मेरा नाम मोहित है और मैं एक फार्मासिस्ट हूं। मुझे जॉब करते हुए काफी समय हो चुका है लेकिन मैं अपनी जॉब से समय नहीं निकाल पाता हूं। फिर भी जब मुझे समय मिलता है तो मैं अपने बड़े भाई के साथ घूमने के लिए चला जाता हूं। उसकी और मेरी दोस्ती बहुत ही मजबूत है। हम दोनों एक साथ ही रहते हैं। क्योंकि वह सिर्फ मुझ से एक वर्ष ही बड़ा है और मेरी हर बात को वह बहुत ही अच्छे से समझता है। जिससे कि मैं भी उसके साथ एक दोस्त की तरीके से रहता हूं। हम जब भी शराब पीने बैठते हैं तो हम दोनों ढेर सारी बातें किया करते हैं। वह भी एक मेडिकल कंपनी में अकाउंट का काम संभालता है। वैसे तो हम दोनों को काफी कम समय मिल पाता है बैठने का लेकिन एक दिन हम दोनों ऐसे ही बैठे हुए थे और हम काफी सारी बातें कर रहे थे। तभी उस दिन उसने मुझे बताया कि मैंने अपने ऑफिस में एक गर्लफ्रेंड बना ली है

मैंने उसे बोला यह तो बहुत ही अच्छी बात है। मैंने जब उससे उसका नाम पूछा तो उसने मुझे उसका नाम बताया। उसका नाम कावेरी था और वह मुझे कह रहा था कि मैं उससे शादी करना चाहता हूं। इस बारे में घर पर बात करता हूं तो देखते हैं क्या वह लोग बोलेंगे। मैंने उसे कहा कि तुम इस बारे में घर में बात कर लो तो वह तुम्हारी शादी के लिए वह मान जाएंगे। अब वह मुझे एक बार कावेरी से मिलाने भी लेकर गए। वह बहुत ही सुंदर थी। मैं उससे मिलकर बहुत ही खुश हुआ और मैं कहने लगा कि तुम इससे शादी कर लो। ये तुम्हारे लायक है। यह बात सुनकर वह भी बहुत खुश हो गया और मैंने ही उसकी शादी की बात घर पर की। जिससे कि मेरे पिताजी भी बहुत खुश हुए और कहने लगे कि बेटा तुमने बहुत ही अच्छा फैसला लिया है और वह शादी के लिए तैयार हो गए।</p>
<p>जब हम लोग शादी के लिए तैयार हुए तो हमने बहुत ही धूमधाम से शादी की तैयारियां शुरू कर दी और हमने कार्ड भी छपवा दिए। हमने अपने सारे रिश्तेदारों को कार्ड बांटे थे ।क्योंकि यह हमारे घर में पहली ही शादी थी। इसलिए हम नहीं चाहते थे कि इसमें किसी भी तरीके से कोई कमी रह जाए। हम सभी लोग बहुत खुश थे। जिस दिन शादी थी उस दिन मैंने बहुत ज्यादा एंजॉय किया और भाभी की बहन के साथ हम लोगों ने बहुत ही मजाक मस्ती की। उसका नाम रुचि है और वह भी दिखने में बहुत सुंदर है और बहुत ही मजाकिया किस्म की लड़की है। मुझे वह बहुत ही अच्छी लगी। जिस तरीके से उसका व्यवहार और बात करने का तरीका था वह मुझे काफी पसंद आया। अब मेरे भाई की शादी भी हो चुकी थी और मेरे पिताजी चाहते थे कि मैं भी अब शादी कर लूं लेकिन मैं अभी शादी के विचार में नहीं था। क्योंकि मुझे थोड़ा समय चाहिए था और मैं अपने काम में ऐसे ही बिजी रहा। धीरे धीरे समय बीतता चला गया। एक दिन मेरे भाई ने मुझे कहा कि हम लोग कावेरी के घर चलते हैं। क्योंकि उसकी मां हमें वहां पर बुला रही है। तो तुम भी मेरे साथ ही चलो। मैंने कहा कि ठीक है।</p>
<p>मैं ऑफिस से छुट्टी ले लेता हूं और तुम्हारे साथ चलता हूं। अब हम दोनों भाई अपनी भाभी के साथ उनके घर पर चले गए। कावेरी भाभी की मां बहुत ही अच्छी है। उन्होंने हमारी बहुत ही खातिरदारी की और हमें बहुत ही अच्छे से अपने घर पर रखा। तभी रुचि भी आ गई। वह पहले तो मेरे भैया से बात कर रही थी। फिर उसके बाद वह मुझसे भी काफी देर तक बात करने लगी। वह पूछने लगी आपका काम कैसा चल रहा है। मैंने उसे बताया कि बहुत ही अच्छा चल रहा है। अब हम दोनों बात करते-करते छत पर चले गए और सब लोग नीचे बैठे हुए थे। हम लोग काफी देर तक साथ में ही बात कर रहे थे। उसके बाद हम नीचे आए तो मेरे भैया भाभी, मैं और रुचि हम चारो साथ में बैठकर बातें करने लगे। थोड़ी देर बाद मेरी भाभी अपनी माँ के साथ गयी। भाभी अपनी मां के साथ काम करने के लिए गयी और वह लोग रात के खाने की तैयारी करने लगे। रात को उन्होंने बहुत सारे व्यंजन बनाए थे और हमारी बहुत ही अच्छे से खातिरदारी की। हम लोगों ने बहुत ज्यादा खाना खा लिया था। मैं खाना खाने के बाद छत में भी टहलने चला गया और काफी देर तक छत में ही घूमता रहा। छत में बहुत ही अच्छी हवा चल रही थी। उसके बाद मैं छत में ही लेट गया और मेरी आंख पता नहीं कब लगी मैं वही सो चुका था। थोड़ी देर बाद जब मेरी आंख खुली तो मैने देखा मैं तो छत में ही सो रहा हूं और मुझे लगा कहीं वह लोग बुरा ना मान जाए तो मैं जल्दी से नीचे चला गया।</p>
<p>जब मैं नीचे गया तो सब लोग सो रखे थे और मैं जाकर एक कमरे में सो गया। मैंने वहां देखा था वहां पर कोई सो रखा था और उसने अपने ऊपर चादर ओढ़ी हुई थी इसलिए मुझे पता नहीं चल रहा था वहा कौन सो रखा है। मैंने सोचा नींद बहुत ज्यादा आ रही है तो यहीं सो जाता हूं और मैं ऐसे ही लेट गया अब मैं सोने लगा तो थोड़ी देर बाद मैंने उसे पकड़ना शुरू कर दिया। मेरे हाथों पर स्तन लग रहे थे मैंने देखा कि यह तो कोई लड़की है और मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा। जब मैं उसके स्तनों को दबाने लगा थोड़ी देर बाद जब उसने अपने मुंह से चादर हटाई तो मैंने देखा वहतो रुचि है और मैंने ऐसे ही उसे दबाना शुरु कर दिया। मैंने उसके स्तनों को बड़े अच्छे से दबाया और उसकी योनि को भी मैंने बड़ी तेजी से दबा दिया। जिससे कि उसकी उत्तेजना बढ़ गई अब उसने भी मुझे देख लिया और वह भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो उठी थी। मैंने उसके होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया मै उसे किस कर रहा था मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। जब मैं उसे किस करता जाता मुझे ऐसा लगता है कि उसके होंठ बहुत ही ज्यादा नरम और मुलायम थे। मैंने उसकी सलवार के अंदर से हाथ डालते हुए उसकी योनि को दबाना शुरु किया और ऐसे ही उसकी योनि के अंदर से पानी निकलने लगा। मैं अब उसकी चूत के अंदर उंगली डालने लगा मैंने उंगली को पूरा अंदर तक घुसा कर रख दिया और उसके मुंह से सिसकियां निकलने लगी। वह बड़ी तेजी से सिसकियां लेने लगी और मैं अपनी उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा। उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर निकलने लगा और मैंने भी उसके स्तनों को अपने हाथों से बहुत तेज दबाना शुरु कर दिया।</p>
<p>मैं इतनी तेजी से उसके स्तनों को दबा रहा था कि उसका शरीर पूरा गर्म हो चुका था और मैं उसके होठों को भी अपने होठों में ऐसे ही लिए जा रहा था। थोड़ी देर बाद उसकी उत्तेजना और अधिक हो गई तो वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। मैंने तुरंत अपने लंड को उसके अंदर घुसेड़ दिया और उसकी सलवार को पूरा उतारते हुए फेंक दिया। मैंने जैसे ही उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत मजा आने लगा उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट और मुलायम थी। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे मैं किसी कच्ची कली की जवानी के मजे ले रहा हूं। मैं ऐसे ही उसके दोनों पैरों को पकड़कर धक्के देने लगा और मैं उसके स्तनों को भी अपने मुंह में ले रहा था। मैंने उसके पेट में भी अपनी जीभ से चाटना शुरू किया और बड़ी देर तक मैं ऐसे ही उसे चाट रहा था। उसकी चूत से और तेज पानी निकलने लगा और मैं उसे और तीव्र गति से च जाता थोड़े समय बाद उसका झड़ गया और वह अपने पैर खोल कर ऐसे ही मेरे आगे लेटी रही लेकिन मैंने उसे छोड़ा नहीं और ऐसे ही बड़ी तीव्र गति से चोदे जा रहा था और उसके जीवन को सफल बना रहा था। मैंने इतनी तेज तेज झटके मारना शुरू किया कि उसके गले से आवाज निकलने लगी और वह अलग अलग तरह की आवाज निकालने लगी। अब मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और दोनों को आपस में मिलाते हुए उसे चोदना शुरू किया। मैं इतनी तेजी से धक्के दे रहा था उसका शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो गया था और उसकी गर्मी से मैं पसीना-पसीना होने लगा। उसने अपनी चूत को बहुत ज्यादा टाइट कर लिया और थोड़े समय में ही मेरा वीर्य गिर  गया मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर बड़ी तेजी से जा गिरा।

सौतेली मां के साथ बिस्तर पर संभोग

मेरा नाम अमित है और मैंने बारहवीं के एग्जाम दिए हैं। मेरे पिताजी एक बहुत ही पैसे वाले व्यक्ति हैं। उन्हें अपने पैसे का बहुत ज्यादा घमंड है। इसलिए वह कभी भी मुझसे अच्छे से बात नहीं करते और ना ही मेरी मां से। उन्होंने कभी भी मेरी माँ से अच्छे से बात नही की। जिसकी वजह से मेरी मां बहुत ही परेशान भी रहती थी और वह बहुत ज्यादा टेंशन भी लेती थी। मैं बचपन से ही उन्हें देखता आ रहा हूं वह बहुत ही ज्यादा टेंशन में रहती और मुझे कई बार उन्होंने कहा भी है कि मैं तुम्हारे पिताजी की वजह से मैं बहुत ही ज्यादा टेंशन लेती हूं। क्योंकि उनका बर्ताव बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। वह जहां भी जाते हैं वहीं पर झगड़ा कर लेते हैं। मेरे पिताजी ने मेरी माँ को पता नही कितने सालो से अपने घर भी नहीं जाने नहीं दिया और ना ही हमारा कोई भी रिश्तेदार अब हमारे घर पर आता है। बस कुछ गिने-चुने उनके दोस्त हैं जो हमारे घर पर आते हैं। मैं भी अपने किसी दोस्त को अपने घर पर नहीं बुलाता था। क्योंकि मुझे मेरे पिताजी का बर्ताव पता था। वह कभी भी किसी को भी डांट सकते थे। इसलिए मैंने कभी भी अपने दोस्तों को भी घर पर नहीं बुलाया। मैं कभी कभी अपने दोस्त के घर ही चला जाया करता था जब भी मेरा मन होता था। क्योंकि अब मैंने एग्जाम भी दे दिए थे और मैं खाली ही बैठा हुआ था। इसलिए मैं ज्यादातर अपने दोस्तों के पास ही चला जाता था और कभी अपने मां के पास ही रहता था।

मेरी एक बहन है जिसने लव मैरिज कर ली थी और उसने मेरे पिताजी के खिलाफ वह शादी की थी। इसलिए मेरे पिताजी ने कभी भी उसे घर पर आने नही दिया और ना ही उससे बात करते हैं। वह कभी कबार मुझे फोन कर के मेरे हाल चाल पूछ लिया करती है और कभी मेरी मां को भी फोन कर देती है लेकिन उसकी भी शादी के बाद घर आने की  हिम्मत नहीं होती थी। वह सिर्फ फोन पर ही बातें किया करती है। जब भी मेरे पिताजी घर पर होते है तो मैं अपने काम पर ही लगा रहता हूं लेकिन मैं उनसे बात ही नहीं करता था। जब बहुत ही ज्यादा जरूरत पड़ती तो ही मैं उनसे कुछ कहता हूं। एक दिन मेरी मां की तबीयत अचानक से बहुत ज्यादा खराब हो गई और वह मुझे कहने लगी कि मेरी तबीयत बहुत खराब है। मैंने यह बात अपने पिताजी को भी बताई की मां की तबीयत बहुत खराब हो गई है लेकिन उन्होंने फिर भी ध्यान नहीं दिया और बात को हल्के में ले लिया। उन्होंने कहा कि जाओ बगल वाले डॉक्टर को दिखाकर ले आओ लेकिन वहां तो कोई गंभीर समस्या हो चुकी थी। जब हम उन डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने सिर्फ हमें दवाइयां दी और उसके आगे उन्होंने कुछ भी नहीं बताया।</p>
<p>ऐसे ही मेरी मां की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ती चली गई। यह बात मैंने अपनी बहन को बताई तो उसने अपने पति से बात की और हम लोग उन्हें एक बड़े हॉस्पिटल में ले गए। मेरे जीजा ने ही सारा खर्चा उठाया। डॉक्टर ने बताया कि शायद वह कुछ ज्यादा ही टेंशन लेती है। इस वजह से उनकी तबीयत खराब होती जा रही है। मुझे तो यह बात पहले से ही पता थी कि मेरे पिताजी की वजह से उनकी तबीयत खराब हो रही है लेकिन मैं किसी के सामने बता नहीं सकता था और अब अचानक से उनकी तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए और कुछ दिनों बाद मेरी माँ का देहांत हो गया लेकिन मेरे पिताजी को इस बात से कुछ भी फर्क नहीं पड़ा। मुझे इस बात का बहुत ही सदमा लगा था और मैंने कई दिनों तक किसी से अच्छे से बात भी नहीं की। मैं घर पर अपने कमरे पर ही बैठा रहता था लेकिन मेरे पिताजी को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मैं कितना दुखी हूं और मैं अंदर से कितना टूट चुका हूं। फिर ऐसे ही समय बीतता चला गया और मैं समय के साथ थोड़ा ठीक हो गया।</p>
<p>एक दिन मुझे पता चला कि मेरे पिता जी ने दूसरी शादी कर ली। मुझे इस बात का बहुत ही बुरा लगा लेकिन अभी मैं कुछ कर भी नहीं सकता था। उन्होंने अपनी उम्र से बहुत ही छोटी लड़की से शादी की। लड़की के घर वाले बहुत ही गरीब थे। इस वजह से उन्होंने उसकी शादी करवा दी। जब वह हमारे घर पर आयी तो उसने मुझे देखा और मुझसे मेरा नाम पूछने लगी। मैंने उसे अपना नाम बताया और मैंने भी उससे उसका नाम पूछा। उसका नाम पायल था और उसकी उम्र 32 वर्ष की थी। जब भी उसे टाइम मिलता तो वह मुझसे बात कर लिया करती और मुझे भी उससे बात कर के थोड़ा हल्का महसूस होता था। क्योंकि मैं घर से बाहर भी नहीं जाता था और ज्यादा किसी से बात भी नहीं करता था। उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारी मां का देहांत कैसे हुआ। मैंने उसे सारी बात बताई और जब उसने वह बात सुनी तो उसे भी बहुत बुरा लगा और वह कहने लगी कि तुम्हारे पिताजी ने बहुत ही गलत किया। वह यदि समय पर तुम्हारी मां का इलाज करा देते तो शायद वह ठीक हो सकती थी। मैंने उसे कहा कि यह बात तो मुझे भी पता है। यदि वह समय पर मेरी मां का इलाज करा देते तो मेरी माँ ठीक हो सकती थी। मैंने उनसे कहा की मैं इस बात के लिए कभी भी अपने पिताजी को माफ नहीं करने वाला हूं। उनका जिस तरीके से रवैया है वह बिल्कुल अच्छा नहीं है। कुछ दिनों बाद उनका यही रवैया पायल के साथ भी होने लगा और वह भी टेंशन में रहने लगी। मुझे उसे ऐसे देखकर बहुत ज्यादा बुरा लगता था लेकिन मैं भी मजबूर था। मैं पायल की मदत करने की सोचता भी था लेकिन मैं कुछ नही कर सकता था।</p>
<p>एक दिन मेरे पिताजी का झगड़ा पायल से हो गया और वह बहुत ज्यादा रोने लगी। रोते-रोते वह मेरे कमरे में ही आ गई और मेरे बगल में सो गई। मैं भी लेटा हुआ था वह बहुत ज्यादा रोने लगी और मुझसे लिपट गई। जैसे ही वह मुझसे लिपट कर रोने लगी तो उसके स्तनों मुझसे टकरा रहे थे और मेरा लंड खड़ा होने लगा। उसने भी यह सब देख लिया था और उसने तुरंत ही मेरे लंड को पकड़ लिया। अब वह उसे हिलाने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को हिला रही थी। मैंने उसके होठों को किस कर लिया अब मैं उसके पूरे शरीर को अपने हाथों से दबाने लगा। मैंने उसकी गांड को भी अपने हाथों से दबाया और उसके स्तनों को भी अपने हाथों से दबाने लगा। अब थोड़ी देर में वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई। मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसने भी मेरे कपड़ों को उतार दिया। मैंने जैसे ही उसके शरीर को देखा तो मैं दंग रह गया उसका शरीर बहुत ही ज्यादा मुलायम और नाजुक था। मुझे वह देखकर बहुत ही खुशी हो रही थी कि वह मेरी सौतेली मां है। मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया और बहुत ही अच्छे से मैं उसकी चूत को चाट रहा था। उसका पानी निकल रहा था और मैंने वह भी अच्छे से चाट लिया। मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में कुछ देर तक चूसना शुरू किया और ऐसे ही चूसता रहा। मैंने उसके पूरे शरीर को अपनी जीभ से अच्छे से चाट लिया था।</p>
<p>अब उसकी ठरक बहुत बढ़ गई मैंने अपने लंड को निकालते हुए उसकी योनि में डाल दिया। जैसे ही मैंने उसकी योनि में डाला तो वह बड़ी तेज चिखने लगी और मै ऐसे ही धक्के मारता था। मैंने उसे इतने तेज झटके मारे कि मुझे कहने लगी कि तुम्हारे अंदर तो कुछ ज्यादा ही गुस्सा मुझे दिखाई दे रहा है। मैंने उसे छोड़ा नहीं मैं उसे ऐसे ही कसकर पकड़ कर चोदा जाता। उसके गले से बड़ी तेज आवाज निकलने लगी और वह बहुत तेजी से चिल्ला रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह इस तरीके से मादक आवज निकाल रही थी मुझे भी अच्छा लगता। मुझे ऐसा लग रहा था मानो मेरी इच्छा पूरी हो गई होगी । मैंने पहली बार किसी को चोदा था और वह भी इतनी मस्त माल को मैं वैसे ही धक्के दिए जा रहा था वह अब भी बड़ी तेज चिल्ला रही थी। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और उसके चूतड़ों पर बहुत तेजी से झटके मारता तो वह लाल हो गए थे। उसका शरीर गर्म होने लगा था उसी गर्मी के बीच में ना जाने कब उसकी योनि में मेरा माल जा गिरा और मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए थोड़ी देर ऐसा ही लेटा रहा। वह मेरे लंड को दोबारा से चूसने लगी उसने इतने अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया कि मेरा मल ना जाने कब गिर गया मुझे मालूम भी नहीं पड़ा। हम दोनों बात करते-करते पता नहीं कब सो गए उसके बाद से तो मैंने उससे पता नहीं कितनी बार चोदा होगा।

शादी से पहले लड़की को चोदकर अपनी पत्नी बनाया

मेरा नाम जय है और मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं। मेरी उम्र 26 वर्ष है और मुझे इस कंपनी में जॉब करते हुए काफी समय बीत चुका है। परंतु फिर भी मेरा मन अब काम करने का नहीं है। मैं कुछ अपना ही काम करने की सोच रहा था लेकिन मेरे दिमाग में कुछ भी ऐसा नहीं आता जिससे मैं अपना कोई काम शुरु करता और ना ही मेरे पास कोई ऐसा था जिसे मैं इस तरीके से पूछ पाता कि मैं किस तरीके का काम खोल सकू। ताकि मेरी अच्छी आमदनी हो और मेरी एक रेपुटेशन भी हो। मैंने इस बारे में अपने घरवालों से भी बात की लेकिन वह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। इसलिए वह मेरी किसी भी प्रकार से कोई मदद नहीं कर पाए। वह सिर्फ मुझे यह कहने लगे कि यदि तुम्हें किसी प्रकार की पैसो की आवश्यकता है तो तुम हम से ले सकते हो। परंतु मैंने उन्हें कहा कि मुझे पैसों की आवश्यकता नहीं है। मैं यह सोच रहा हूं कि मुझे किस प्रकार का काम खोलना चाहिए। जिससे कि मेरा काम बहुत ही अच्छे से चले और मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो। क्योंकि मैं नौकरी कर के बहुत परेशान हो चुका हूं और आगे मुझे इसमें अपना भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है। यदि मैं जिंदगी भर नौकरी करता रहा तो मैं सिर्फ अपनी सैलरी तक सीमित रह जाऊंगा और उसके बाद जब मैं शादी करूंगा तो अपनी पत्नी के लिए मेरी जिम्मेदारियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी होंगी। इस वजह से मैं अपना कुछ काम शुरू करना चाहता हूं।

मेरा एक दोस्त दिल्ली में रहता है। वह जब घर आया तो मैंने उससे पूछा कि मुझे क्या काम शुरू करना चाहिए। तुम यदि मेरी मदद करो तो मुझे बहुत ही अच्छा लगेगा। क्योंकि मेरा दोस्त बहुत ही ज्यादा एक्टिव व स्मार्ट है। इस वजह से मैंने उससे इस तरीके की राय मांगी। उसने मुझे कहा कि तुम वेडिंग प्लानर का काम शुरू कर दो। यह आजकल बहुत अच्छा चल भी रहा है और तुम इसे अच्छे से कर भी पाओगे। यदि तुम इस प्रकार का काम करते हो तो तुम्हें इसमें आमदनी भी होगी और तुम्हारी एक रेपुटेशन भी बनी रहेगी। मैंने जब उससे इस बारे में पूछा कि मुझे इसके लिए क्या करना पड़ेगा। तो वह कहने लगा कि तुम्हें इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं करना है, तुम्हें अपना ऑफिस लेना है और उसके बाद थोड़ा बहुत सामान अपने पास रखना है और बाकी लोगों से कांटेक्ट करो जो तुम्हें सामान दे सकते हैं और तुम मार्केट से काम उठाना शुरू कर दो। अब मुझे यह काम बहुत अच्छा लगा। मैंने वेडिंग प्लानर का काम शुरू कर दिया और मेरे जितने भी परिचित लोग थे या फिर जिनको मैं किसी भी तरीके से जानता हूं, सबके पास मैं अपना काम मांगने के लिए जाने लगा और मैंने उन्हें बताया कि मैंने अपना काम शुरू किया है। यदि आपको कभी भी कुछ भी आवश्यकता हो तो आप मुझे बता सकते हैं।</p>
<p>शुरुआत में तो मुझे बहुत ही दिक्कत हुई क्योंकि मेरे ऑफिस का खर्चा निकालना भी मुझे बहुत भारी पड़ रहा था। परंतु फिर भी धीरे-धीरे जब मैं ऑफिस का खर्चा निकालने लगा तो मुझे ऐसा लगने लगा कि शायद अब मेरा काम चलने लगेगा। अब समय के साथ मेरा काम अच्छे से चलने लगा और मेरे पास बहुत सी बुकिंग होने लगी। मेरे पास अब खुद की टीम हो चुकी थी। मैंने सारा सामान अपना खुद का ले लिया था। इसलिए मुझे कुछ भी दिक्कत नहीं होती थी। मुझे कई बुकिंगे आने लगी और मैंने कई शादियां करवा दी। एक बार मेरे पास एक लड़की की शादी की बुकिंग थी तो मैं जब उनके घर गया तो मैंने उस लड़की को देखा तो ना जाने क्यों मुझे पहली नजर में ही उसे देख कर अच्छा लगने लगा। और मैं उसकी तरफ ना चाहते हुए भी खींचता चला गया लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे दिल में उसके लिए क्या चल रहा है। परंतु फिर भी मैं अपने काम में भी बिजी रहा। मैंने उनके घर में अच्छे से काम करवा दिया था और पूरा डेकोरेशन करवा दिया था। वह लोग मेरे काम से बहुत खुश है और मुझसे कह रहे थे कि तुम बहुत ही अच्छा काम करते हो। यदि आगे कभी भी हमारे घर पर किसी भी प्रकार का कोई फंक्शन होता है तो हम तुम्हें ही बताएंगे। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जिस लड़की की शादी में मैं गया था उसका नाम रेशमा था और हम लोग जब उसे तैयार कर रहे थे तो वह बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी।</p>
<p>अब मैं रेशमा से बात करने लगा हूं और वह भी मुझसे बातें करने लगी। जब मैंने उससे उसकी शादी के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि यह शादी मेरे घर वालों की मर्जी से हो रही है। परंतु मैं अभी शादी नहीं करना चाहती थी। जब मैं उसकी आंखों में देखता तो मुझे ऐसा लगता काश मेरी शादी इससे हो जाती। परंतु उसकी शादी किसी और से होने जा रही थी। इसलिए मुझे बहुत ही दुख हो रहा था। मैं सोच ही रहा था कि उसे अपने दिल की बात कह दूं। परंतु मेरी हिम्मत नहीं हुई। मैं जैसे ही उसे देखता तो ना जाने मेरे दिल में एक अजीब सी हलचल पैदा हो जाती है और मैं समझ नहीं पा रहा था कि मेरे साथ ये क्या हो रहा है। क्योंकि वह दिखने में इतनी ज्यादा सुंदर थी कि मैं उसकी तरफ खींचा चला जा रहा था। रेशमा को भी मुझ पर प्यार आने लगा और वह भी मुझसे अच्छे से बात करने लगी और मैं भी उसे बहुत ही अच्छे से बात कर रहा था। बातों बातों में हम दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ लिया और मैंने उसे प्रपोज कर दिया। जब मैंने उसे प्रपोज किया तो वह कहने लगी कि मुझे तुम बहुत ही अच्छे लगते हो। परंतु अब मेरी शादी होने वाली है। मैंने उसे कहा कि यदि तुम तैयार हो तो मैं तुमसे शादी कर लूंगा। मैं तुम्हारे पापा से भी बात कर लूंगा। वो कहने लगी मुझे तुमसे बहुत ही प्रेम है। परंतु मैं अपने पापा से इस बारे में बात नहीं कर सकती। यदि मैं उनसे इस बारे में बात करूंगी तो वह बहुत ही क्रोधित हो जाएंगे और मुझ पर बहुत गुस्सा होंगे। मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। परंतु रेशमा तो तैयार थी मुझसे शादी करने के लिए। मैंने उसे कहा कि यदि तुम मेरे साथ भाग चलो तो मैं तुमसे शादी कर सकता हूं लेकिन वह इस बात के लिए बिल्कुल भी राजी नहीं थी और मैं उसे मनाने की कोशिश कर रहा था। अब उसे भी लगने लगा था कि वह मुझसे और भी ज्यादा प्रेम करने लगी है। हम दोनों कमरे में बैठकर ही बात कर रहे थे कि हमें क्या करना चाहिए लेकिन ना तो मुझे कुछ समझ आ रहा था और ना ही रेशमा को कुछ समझ आ रहा था।</p>
<p>मैंने उससे अब किस कर लिया क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा टेंशन हो रही थी। उसके होठों को अपने होठों में जब मैंने लिया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। वह भी मेरे होठों को बहुत अच्छे से चूस रही थी थोड़ी देर में मैंने उसके सारे कपड़े खोल दिया और उसके बिना बाल वाली चूत को चाटना शुरु कर दिया वह गीली हो चुकी थी। मैंने तुरंत ही अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया। जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो उसकी चूत से खून निकलने लगा और रेशमा को भी बहुत अच्छा लगने लगा। अब वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और मैं उसके दोनों पैरों को पकड़कर उसे चोदे जा रहा था। उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसके स्तनों को भी बहुत ही अच्छे से चूसना शुरू कर दिया और उसके स्तन जब मैं अपने मुंह में लेता तो उसकी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ जाती। मैं भी उससे उतनी ही तेजी से झटके दिए जाता और वह भी मेरा पूरा साथ देती। अब हम दोनों का शरीर बहुत गर्म होने लगा और हम दोनों  बहुत उत्तेजित होने लगे थे। मैं उसकी गर्मी को नहीं झेल पा रहा था मेरा वीर्य पतन उसकी योनि के अंदर ही हो गया।</p>
<p>उसके बाद मैंने सोचा अब हमें भाग जाना चाहिए और हम दोनों ने भाग कर शादी कर ली और अब वह मेरे एक बच्चे की मां बन चुकी है। उसके घर वाले भी अब मान चुके हैं लेकिन मुझे बहुत ही मजा आया जब मैंने उसे चोदा था। वह अब भी पहले जैसे ही मुलायम और नरम है हम दोनो आज भी बहुत ज्यादा सेक्स करती है।

कमसिन बदन मेरे इंतजार मे था

मेरा नाम राजेश है मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं। मेरी अमदाबाद में शॉप है। यह शॉप पहले से मेरे पिताजी देखते थे लेकिन जब से उन्होंने दुकान में आना कम किया है तब से मैंने ही काम शुरू कर दिया। वह मुझे कहने लगे कि बेटा अब तुम्हे ही आगे काम संभालना है और इस काम में तुम जितना मेहनत करोगे उतना ज्यादा अच्छा है। मैंने काफी सालों की मेहनत से इस दुकान को अच्छा चलाया है। मेरी दुकान पर जितने भी कस्टमर आते थे मैं उनके साथ बड़े अच्छे से व्यवहार करता हूं और वह लोग हमेशा ही मुझ से सामान खरीद कर लेकर जाते हैं। मेरे पिताजी के भी काफी पुराने कस्टमर हैं वह भी मेरे पास ही आते हैं। मैं हर साल घूमने का प्लान बनाता हूं और इस बार मैं सोचने लगा कि क्यों ना अपने मम्मी पापा को भी साथ में ले जाया जाए। मैंने अपनी पत्नी सीमा से बात की और कहा कि मैं सोच रहा हूं इस बार मम्मी पापा को भी अपने साथ घूमने के लिए ले जाया जाए। वह कहने लगी ठीक है यदि आप ऐसा कोई प्लान बना रहे हैं तो वह लोग भी हमारे साथ चलेंगे तो उन्हें भी बहुत खुशी होगी।</p>

<p>मेरी पत्नी पूछने लगी लेकिन हम लोग घूमने कहां जाएंगे? मैंने उसे कहा हम लोग केरला जाने वाले हैं। मैंने सुना है कि वहां पर काफी अच्छा है और अभी कुछ दिनों पहले दिनेश का परिवार भी वहां गया था। दिनेश मेरे मामा का लड़का है। मैंने भी सारी तैयारियां कर ली थी और मेरी पत्नी तो लगातार दिनेश की पत्नी से संपर्क में थी और वह उससे पूछ रही थी आप लोग कहां कहां घूमने गए थे? मेरी पत्नी ने तो सारा नक्शा ही अपने दिमाग में बना लिया और वह मुझे कहने लगी कि हम लोग यहां घूमने जाएंगे। मैंने रीमा से कहा कि तुम सब्र रखो हमें वहां पहुंचने तो दो। तुमने तो लगता है हमें घर बैठे ही सारा केरला घुमा दिया। हम लोग फ्लाइट से जाने वाले थे और जिस दिन हम लोग घर से निकले उस दिन हम सब लोग बहुत ही एक्साइटेड थे। मैं तो इस बात से खुश था कि मेरे साथ मेरे मम्मी पापा भी आ रहे हैं। मेरे पापा मम्मी पहली बार ही फ्लाइट में बैठ रहे थे इसलिए उन्हें थोड़ा डर लग रहा था परंतु मैंने उन्हें कहा कि आप डरिए मत ऐसा कुछ भी नहीं होगा और जब वह फ्लाइट में बैठे तो उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था। उसी फ्लाइट में एक लड़की थी। उसने चश्मे पहने हुए थे। वह बार बार मेरी तरफ घूर कर देख रही थी। जब मैं अपनी सीट में बैठ गया तो वह मुझसे पूछने लगी क्या यह आपके मम्मी पापा हैं? मैंने उसे कहा हां यह मेरे मम्मी पापा हैं।</p>
<p>वह कहने लगी आप अपने माता पिता का कितना ध्यान रखते हैं। आजकल कोई अपने माता पिता का इतना ध्यान नहीं रखता। मैंने उससे कहा क्यों तुम ऐसा क्यों कह रही हो? वह कहने लगी मैं एक सामाजिक संस्था से जुड़ी हूं और वहां पर मैं बुजुर्गों की सेवा करती हूं। वहां पर कई ऐसे बुजुर्ग लोग आते हैं जिनको कि उनके बच्चे घर से निकाल देते हैं। मैंने उससे पूछा तुम कहां रहती हो? वह कहने लगी मैं यही अहमदाबाद में रहती हूं लेकिन अक्सर मैं काम के सिलसिले में इधर-उधर जाती रहती हूं। उसने मुझसे हाथ मिलाया और अपना नाम बताया। उसका नाम रोहिणी है। रोहणी मुझे जाने लगी आप कहां जा रहे हैं? मैंने उसे कहा मैं केरला जा रहा हूं। वह कहने लगी मैं भी कुछ दिनों के लिए वहीं पर हूं। हम लोग वहां पर एक सेमिनार करवाने वाले हैं। मैंने कहा चलो यह तो अच्छी बात है। अगर तुम्हें समय मिले तो तुम मुझे मिलना। मैंने उसे अपने दुकान का विजिटिंग कार्ड दे दिया। वह कार्ड देखते ही मुझे कहने लगी क्या आप कि ज्वेलरी की शॉप है? मैंने उसे कहा हां मेरी ज्वेलरी की शॉप है। कभी तुम आना जब तुम्हें समय मिले। वह कहने लगी जरूर क्यों नहीं। मैं पक्का आऊंगी और अब हम लोग पहुंच चुके थे। मैं जिस होटल में रुका था वहां का स्टाफ बहुत ही अच्छा था और वहां के मैनेजर से तो मेरी दोस्ती ही हो गई थी। मुझे कोई भी छोटी मोटी चीज की जरूरत होती तो मैं उससे ही पूछ लेता और वह मेरी मदद कर देता। हम लोगों ने केरला में काफी इंजॉय किया। एक दिन मेरे फोन पर रोहणी का फोन आया। वह कहने लगी सर यदि आपके पास वक्त हो तो आप हमारे सेमिनार में आ जाइए। मैंने सोचा मैं तो यहां घूमने आया हूं मैं उसके सेमिनार में जाकर क्या करूंगा लेकिन उसने मुझे बुला ही लिया।</p>
<p>मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम मम्मी-पापा का ध्यान रखना मैं कुछ समय बाद आता हूं। यह कहते हुए मैं जब रोहिणी के बताए पते पर पहुंचा तो वहां पर वह सेमिनार करवा रही थी और उसके साथ में काफी लोग भी थे। जब सेमिनार खत्म हुआ तो मैंने उसे कहा तुम तो बड़ी ही समझदार हो और तुमने जिस गर्मजोशी से आगे से बोलना शुरू किया मुझे बहुत अच्छा लगा। वह कहने लगी आप भी हमारे साथ जुड़ जाइए। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें अहमदाबाद में मिलूंगा और उसके बाद मैं इस बारे में तुमसे बात करूंगा। मैंने उसे कहा यदि आज तुम फ्री हो तो शाम को तुम हमारे साथ ही डिनर पर आ जाओ। वह कहने लगी ठीक है मैं शाम को आ जाऊंगी लेकिन मेरे पास कोई कन्वेंस नहीं है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हें लेने के लिए शाम के वक्त आ जाऊंगा। उसने मुझे अपने होटल का एड्रेस दे दिया था शाम के वक्त जब मैं उसके होटल में गया तो मैं उसके रूम में पहुंच गया। जैसे ही मैं उसके रूम में पहुंचा तो वहां पर मुझे कोई दिखाई नहीं दे रहा था।</p>
<p>मैं रूम में ही बैठा था जैसे ही रोहणी बाथरूम से बाहर निकली तो वह पैंटी और ब्रा में थी उसने पिंक कलर की पैंटी ब्रा पहनी थी जिसमे उसका बदन बडा ही अच्छा लग रहा था। उसके बदन को देखकर मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो गया मैं अपने आप पर काबू नहीं रख पाया शायद वह भी मुझे देखकर डर गई थी और वह अपनी जगह पर ही खड़ी हो गई उसका बदन गिला था। मैंने जब उसकी कमर पर अपने हाथ को रखा तो मेरा लंड और भी ज्यादा बड़ा होने लगा। मैंने उसके नरम होंठों को जब चूसना शुरू किया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा मैं उसके होठों को बड़े अच्छे से चूस रहा था और मेरा लंड भी एकदम तन कर खड़ा हो गया। मैंने उसकी पैंटी और ब्रा को उतार दिया। जब मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाया तो वह पूरी तरीके से गर्म हो गई और मैंने उसके स्तनों को काफी देर तक चूसा। जब मैंने उसकी योनि को चाटना शुरू किया तो उसे मजा आ गया मैं उसे उठाते हुए बिस्तर पर ले गया और मैंने उसे लेटा दिया। मैंने उसके स्तनों पर अपने लंड को रगडना शुरू कर दिया। जब उसने मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ते हुए अपने मुंह के अंदर लिया तो मुझे और भी ज्यादा मजा आ गया। वह मेरे लंड को सकिंग करने लगी और बड़े अच्छे से चूस रही थी जब वह अपने गले तक मेरे लंड को लेती तो मुझे और भी ज्यादा मजा आ जाता मैंने भी उसके गले तक अपने लंड को डालना शुरू कर दिया था। जब मैंने उसकी योनि पर अपने लंड को लगाया तो मचलने लगी। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया मैंने भी धीरे धीरे अपने लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होने लगा और उसे भी मजा आ गया उसके चेहरे पर एक अलग ही खुशी के भाव थे। वह मुझे कह रही थी बस अब तो आप मुझे पेलते रहो मैंने भी बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए। उसकी योनि इतनी ज्यादा टाइम थी कि मुझे उसे चोदने में बड़ा मजा आता। मैंने उसकी लंबी टांगों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और बड़ी तेजी से उसकी चूत मारी। मैंने जब अपनी जीभ उसके स्तनों पर लगाई तो मुझे बहुत मजा आ गया मैंने उसे बड़ी तेजी से पेलना शुरू कर दिया। मैं उसे पूरे जोश में चोद रहा था और वह भी अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी। वह मुझे कहने लगी आप ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो। मैंने उसकी चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया था जैसे ही मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने रोहणी के मुंह पर अपने लंड को लगा दिया। उसने मेरे लंड को अपने मुंह से चूसना शुरू कर दिया और जैसे ही मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ।</p>

बड़ी मुश्किल है लंड मुंह के अंदर

<p>मेरा नाम सुनील है और मैं कोलकाता का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 30 वर्ष है और मेरा एक साड़ी का कारोबारी है। मेरा साड़ी का बहुत बड़ा काम है और मैं उसे अन्य शहरों में भी भेजता हूं। मेरे पास लोग साड़ियां लेने के लिए आते हैं क्योंकि मैं बहुत कम दामों पर साड़ियां देता हूं। इसलिए मेरी डिमांड बहुत है और मेरा काम भी अच्छा चलता है। एक दिन मेरा दोस्त मनोज मेरी दुकान पर आया और जब वह मेरी दुकान पर आया तो मैंने उसे कहा कि तुम मुझे बहुत समय बाद मिल रहे हो। वह कहने लगा कि मुझे समय ही नहीं मिल पाता है। इसलिए मैं तुम्हारे पास नहीं आ पाता हूं। मैंने उसे पूछा आज तुम मेरी दुकान पर कैसे आ गये। वह कहने लगा कि मैं तुम्हारे पास कुछ साड़ियां लेने के लिए आया था। मैंने उससे पूछा कि तुम किसके लिए साड़ी ले रहे हो, तुम्हारी तो अभी शादी भी नहीं हुई है। वह कहने लगा कि मेरी बहन ने एक एन.जी.ओ खोला है और वह विदेश से आकर गरीब लोगों की मदद कर रही है। वह उन्हें पढ़ाती भी है और अपना एनजीओ भी चलाती है। यदि किसी की स्थिति ठीक नहीं है तो वह उनकी आर्थिक रूप से भी मदत करती है। या फिर उन्हें कुछ ना कुछ सामान दे दिया करती है। मैंने उसे कहा की ये तो बहुत ही अच्छी बात है। लगता है मुझे भी तुम्हारी बहन के साथ जुड़ना पड़ेगा। क्योंकि मैं भी कई दिनों से कुछ ऐसा ही करने की सोच रहा था। अपने काम में कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया हूं इस वजह से मुझे अपने लिए भी समय नहीं मिल पा रहा है और मैं कुछ नया भी करना चाह रहा था, जिससे की गरीब लोगों की मदद कर सकूं। मनोज ने मुझसे कहा कि फिर तुम मेरी बहन से संपर्क कर लेना। वह तुम्हारी मदद जरूर करेगी। मैंने उसे कहा कि मुझे उससे मिलने का समय तो नहीं मिल पाएगा लेकिन तुम उसे मेरी दुकान पर भेज देना।</p>
<p>मैंने मनोज से उसकी बहन का नाम पूछ लिया। उसका नाम रितिका है। मैंने मनोज को साड़ियां दे दी और उसे उन साड़ियों के पैसे नहीं लिए। क्योंकि मैंने कहा है जब तुम्हारी बहन इतना अच्छा काम कर रही है तो थोड़ा बहुत मदद तो मैं भी अपनी तरफ से भी दे सकता हूं। वह मुझसे बहुत खुश हुआ और कहने लगा कि यह तो तुमने बहुत ही अच्छा काम किया है। इस बारे में मैं अपनी बहन को अवश्य बताऊंगा। मनोज ने इस बारे में अपनी बहन से बात की थी। वह बहुत ही खुश हुई और कहने लगी कि यह तो बहुत ही अच्छी बात है और एक दिन मनोज और रितिका मेरी दुकान में आ गए। जब रितिका मुझसे मिली तो वह कहने लगी कि तुमने बहुत ही अच्छा काम किया है। भैया ने मुझे तुम्हारे बारे में बताया कि तुमने उन्हें साड़ियां फ्री में दी है और उसके बदले उनसे एक भी रुपया नहीं लिया। मैं जब रितिका से उसके एन.जी.ओ  के बारे में पूछा तो उसने बताया कि मैं गरीब लोगों की मदद कर रही हूं और मैं जब से विदेश से पढ़ाई करके लौटी हूं तो तब से मैं गरीब लोगों की मदद कर रही हूं। इसलिए मैंने इस बारे में अपने घर में बात की तो मेरे घरवालों ने मुझे बहुत ही सपोर्ट किया और उन्होंने मेरा बहुत ज्यादा साथ दिया। मैं रितिका से बहुत ज्यादा प्रभावित था और मैंने उससे पूछा कि तुमने कहीं पर ऑफिस लिया है। वह कहने लगी कि हां मैंने इसके लिए बकायदा एक ऑफिस लिया हुआ है और वही से मैं कर रही हूं। मेरे साथ में कई लोग जुड़ चुके हैं और यदि तुम्हें भी अच्छा लगे तो तुम मेरे साथ जुड़ जाना और तुम किसी भी प्रकार से हमारी मदद कर सको तो यह हमारे लिए बहुत ही अच्छा होगा। अब मैं रितिका के ऑफिस में चला गया। जब उसने मुझे देखा तो वह बहुत खुश हुई और कहने लगी कि आज तुम हमारे ऑफिस में आ गए हो तो हमारे लिए खुशी की बात है और जब मैं उनके साथ गया तो वह लोग स्कूल में प्रोग्राम करवा रहे थे। वहां पर उन्होंने गरीब बच्चों को कुछ पैसे भी दिए थे। मुझे उनके साथ काम करके बहुत अच्छा लगा। मैंने रितिका को कुछ पैसे दे दिए और उसे कहा कि तुम इसे गरीब बच्चों की पढ़ाई में डोनेट कर देना। वह बहुत ही खुश हुई और कहने लगी कि तुम एक अच्छे व्यक्ति हो। जल्द ही सब लोग इस तरीके से अपनी जिम्मेदारियां लेते तो कितना अच्छा होगा। रितिका और मैं अक्सर एनजीओ के सिलसिले में मिल जाया करते थे और ना जाने हम दोनों के बीच में कब नजदीकियां बढ़ती चली गई पता ही नहीं चला। वह भी अक्सर मेरी दुकान में आ जाया करती थी और मैं भी उससे मिल लिया करता था। अब हम दोनों बहुत बातें करने लगे और जब मुझे समय मिलता तो मैं रितिका के साथ घूमने भी चला जाता था।</p>



<p>मुझे नहीं पता था कि हम दोनों के बीच इतनी नजदीकियां बढ़ जाएगी और रितिका मेरे इतने करीब आ जाएगी। वह मेरे अब कुछ ही ज्यादा ही करीब आ चुकी थी और मुझे उसके साथ रहना बहुत ही अच्छा लगता था। एक बार मैं उसके ऑफिस में गया तो उस दिन उसके ऑफिस में कोई भी नहीं था। मैं उसके बगल में ही बैठा हुआ था और जब मैं उसके बगल में था तो मैंने उसके पैरों को सहलाना शुरू कर दिया। वह भी पूरी उत्तेजना में आ गई और उसने तुरंत ही मेरे होठों को अपने होठों में लेकर किस करना शुरू कर दिया। वह इतने अच्छे से मेरे होठों को चूस रही थी कि मेरा शरीर अब गर्म होने लगा और मेरे अंदर की उत्तेजना जागने लगी थी। मुझे बड़ा ही अच्छा लगता जब मैं उसके होठों को किस कर रहा था और रितिका भी मुझे किस कर रही थी। जैसे ही मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरु किया तो वह पूरे मूड में आ गई और अब मैंने उसके कपड़े खोल दिए। जब मैंने उसके स्तन देखे तो वह बहुत ही ज्यादा बडे थे। मुझे उन्हें देखकर बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में समा लिया और उन्हें अच्छे से चूसने लगा। उसकी योनि से भी गिला निकलने लगा था और मैंने जैसे ही उसकी योनि में उंगली लगाई तो वह पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसके ऑफिस में रखे सोफे के ऊपर उसे लेटा दिया। मैने उसकी योनि में जब अपना लंड डाला तो उसकी सील टूट गई। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वह सील पैक होगी लेकिन अब मैं उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था।</p>

<p>वह मेरा पूरा साथ दे रही थी उसकी योनि से बहुत तेजी से खून निकल रहा था। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी मैंने उसे इतनी तीव्रता से चोदना शुरू किया कि उसका शरीर पूरा गर्म होने लगा। वह मुझे कहने लगी कि अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है तुम्हारा लंड कुछ ज्यादा ही मोटा है। उसने अपने दोनों पैरों को और भी चौड़ा कर लिया। मैंने उसे अब बडी तीव्रता से धक्के देने शुरू कर दिया। मैंने उसे इतनी तेज तेज झटके  दिए कि उसका शरीर पूरा हिल रहा था मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था। वह भी पूरे मजे ले रही थी जब उसका झड़ गया तो वह शांत लेटी रही और उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर रखा था। मैं उसे अभी भी उतनी ही तेजी से धक्के दे रहा था। थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपने ऊपर बैठा दिया और जब वह मेरे लंड के ऊपर बैठी तो मैं उसे बड़ी तेजी से झटके देने लगा। मैने उसके स्तन मुंह में ले लिए। अब वह पूरी उत्तेजना में आ गई और वह भी अपने चूतड़ों को ऊपर नीचे करने लगी। उसे बहुत ही मजा आ रहा था जब वह अपने चूतडो को ऊपर नीचे करती जा रही थी। मैंने उसकी गांड को अपने हाथों से पकड़ रखा था और उसे धक्के दिए जा रहा था। उसे मैं इतनी तेजी से धक्के देते जिससे उसका शरीफ पूरा गरम होने लगा और वह भी मजे में आने लगी। अब वह भी बड़ी तेजी से अपने चूतडो को ऊपर नीचे कर रही थी और मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था। उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और इतनी तेज तेज वह अपने चूतडो को ऊपर नीचे कर रही थी कि मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मैंने तुरंत ही अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह के अंदर डाल दिया। उसने मेरे लंड को अपने गले तक उतारते हुए उसे बहुत ही अच्छे से सकिंग करने लगी। वह इतने अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी मेरा वीर्य उसके मुंह में ही गिर गया।</p>

भोले भाले लड़के को चोदना सिखाया

<p>मेरे दोस्तों को मेरा सलाम | मेरा नाम है फरहा और मैं बिलासपुर में रहती हूँ | मेरा रंग गोरा है और मेरा फिगर अच्छा है क्योंकि मैं जिम जाती हूँ | मेरा पहले भी काफ़ी लडको के साथ अफेयर रहा है और उनसे चुदवाया है लेकिन ये दास्ताँ कुछ हटके है | ये कहानी जब कि है जब मैंने अपना कॉलेज ज्वाइन किया था और मैं पढाई में थोड़ी कमज़ोर थी इसलिए मैंने एक कोचिंग भी ज्वाइन कर ली थी | उस कोचिंग में एक लड़का आता था जिसका नाम पारस कुमार था | इस कहानी में मैं आपको बताउंगी कि कैसे मैंने उसको पटाया और उससे चुदवाया |</p>
<p>ये कहानी तब कि है जब मुझे कॉलेज के कुछ सब्जेक्ट पढने में प्रॉब्लम आने लगी और मैंने सोचा की मुझे कोचिंग ज्वाइन कर लेनी चाहिए | फिर मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक कोचिंग ज्वाइन कर ली | फिर कुछ दिन बाद क्लास चालू हो गई और जैसे ही मैं क्लास में गई तो मेरी नज़र एक लड़के पे पड़ी | वो लड़का देखने में बहुत अच्छा लग रहा था और अकेले बैठ के पढ़ रहा था | तो मैं जाके उसके पीछे वाली बैंच पर बैठ गई | चूँकि मैं दो दिन बाद आई थी इसलिए मैंने उससे पूछा कि पिछले दो दिन में क्या पढाया ? तो उसने अपनी कॉपी मुझे दी और बड़े अच्छे से मुझे बताने लगा | वो बहुत अच्छे से बोल रहा था इसलिए मैं तो उसको देखते देखते खो सी गई थी | फिर थोड़ी देर बाद मेरी सहेली ने पूछा कि कहाँ खो गई ? तो मैंने कहा कहीं नहीं यार |</p>
<p>फिर कुछ दिन यूँ ही हम दोनों थोड़ी बहुत बात कर लिया करते थे | फिर एक दिन मैंने उससे कहा कि यार पारस तुम मुझे पढ़ा सकते हो तो उसने हाँ ठीक है पढ़ा दूंगा | फिर कुछ दिन हम कोचिंग जल्दी आ जाते थे और क्लास में बैठ के पढ़ते रहते थे | मैं तो सिर्फ पारस को ही देखती रहती थी और उसे लगता था कि मैं पढ़ रही हूँ | फिर मैंने उससे उसका नंबर ले लिया ये कहकर कि मुझे अगर कुछ पूछना हुआ तो कॉल कर लुंगी | मैं अक्सर उसे कॉल करती थी और बातों में उलझाये रखती थी | अब हमारे बीच मैं काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी और हम एक दुसरे को अपनी सारी बातें बताते थे |</p>



<p>पारस अपने घर वालों से काफी डरता था और इसलिए वो कहीं भी घूमने जाने में डरता था | लेकिन मैंने उसे एक बार बाहर घूमने के लिए मना लिया और हम दोनों घूमने के लिए निकल गए | हम वहां पहुंचे और मैंने मौका देख के पारस को अपने दिल कि बात बता दी | जैसे ही मैंने पारस को आई लव यू बोला तो पारस के चेहरे पे मुस्कान सी आई लेकिन फिर पारस ने कहा कि मैं भी तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ लेकिन मैं हिन्दू हूँ और तुम मुसलमान | तो मैंने कहा डरो मत पारस हम अभी शादी नहीं कर रहे है | तो उसने कहा नहीं यार और वो घूम गया | तो मैंने पारस को पीछे से पकड़ लिया और कहा प्लीज पारस मान जाओ | तो वो पलटा और मुझे गले लगा लिया |</p>

<p>जैसे ही मैं उसके गले लगी तो पता नहीं मुझे क्या हुआ ? मैंने फ़ौरन पारस को पकड़ के उसको होंठों पे किस कर दिया | जैसे ही मैंने पारस को किस किया तो उसने मुझे कमर से पकड़ा और अपने से चिपका लिया | पारस का लंड खड़ा था और मैं उसे महसूस कर पा रही थी | फिर हम दोनों वहां से चले गए और उसने मुझे घर छोड़ दिया | अब मुझे पारस से चुदने की खुजली मचने लगी तो मैं प्लान बनाने लगी कि कैसे उससे चुद्वाऊ | फिर मैं धीरे धीरे पारस को अपनी नंगी फोटो भेजना शुरू की और कुछ दिन बाद वो भी अपने लंड की फोटो मुझे भेजने लगा | ऐसे कुछ दिन तक हम यूँ ही अपनी फोटो एक दुसरे को भेजते थे और कभी कभी कहीं बाहर जाते थे तो किस कर लिया करते थे | कभी कभी मैं पारस को अपने दूध भी दिखा दिया करती थी और उससे अपनी चूत पे हाँथ रखवाती थी |</p>

<p>मैं अक्सर ऐसा करते हुए गरम हो जाया करती थी लेकिन पता नहीं पारस को कभी इतनी गर्मी नहीं चढ़ती थी | इसलिए हम कभी भी चुदाई नहीं कर पाते थे और मैं घर आकर अपनी चूत में ऊँगली डालकर ही खुश रहती थी | फिर एक दिन मैंने पारस को अपने घर बुलाया ये कहकर कि मुझे कुछ पढना है तो तुम मुझे पढ़ा देना क्योंकि अगर मैं ये कहती कि आ जाओ चुदाई करेंगे तो शायद वो नहीं नहीं आता क्योंकि उसकी इन सब से गांड फटती थी | तो वो थोड़ी देर बाद मेरे घर आ गया और मैंने जैसे दरवाज़ा खोला तो मुझे ऊपर से नीचे देखने लगा | मैंने शोर्ट स्कर्ट पहनी थी और छोटा सा टॉप | फिर वो अन्दर आकर बैठा और किताबे निकलने लगा तो मैंने कहा रुको थोड़ी देर से पढाई करते है अभी कुछ खा पी लेते हैं |</p>

<p>मैंने सैंडविच और जूस बनाया और उसके जूस में जोश की गोली मिला कर उसको पिला दिया | उसका लंड जल्दी ही खड़ा होने लगा और मैं उसके सामने बैठ के बात कर रही थी | वो अपने पैर से अपना लंड छुपाने लगा तो मैंने कहा क्या हुआ पारस ? तो कहा कुछ नहीं बस | तो मैं उठी और पारस के पास जाके बैठ गई | पारस का लंड खड़ा था वो उसे छुपाने कि कोशिश कर रहा था लेकिन मैंने उसके पैर हटाये और कहा पारस तुम्हारा तो खड़ा है | तो वो कुछ नहीं बोला और यहाँ वहां देखने लगा | मैंने फिर उसके जीन्स के ऊपर से उसका लंड पकड़ना शुरू कर दिया | तो उसने पूछा क्या कर रही हो ? तो मैंने उससे कहा बस पारस आज तुम कुछ नहीं बोलोगे और उसका लंड सहलाने लगी | मैंने पारस से पूछा कभी मुट्ठ मारा है तुमने तो उसने कहा नहीं | तो मैं उसका जीन्स उतार के उसका लंड हिलाने लगी | मैंने जैसे ही उसकी लंड को मुंह में डाला तो उसने ज़ोर कि आवाज़ की आह्ह्हहा हूह्हू | मैं उसका लंड चूसने लगी और वो बैठ के आवाजें करने लगा | लेकिन मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं थी क्योंकि मेरे घर पे कोई नहीं था | मैं थोड़ी देर तक उसका लंड चूसती रही और हिलाती रही |</p>

<p>उसने थोड़ी देर में ही अपना माल मेरे मुंह में छोड़ दिया और मैंने उसका सारा माल पी लिया | फिर मैं उठी और अपना टॉप उतार के उसके हाँथ अपने दूध पे रखवा लिए | वो मेरे दूध दबा रहा था तो मैंने पूछा कि कैसे है मेरे दूध ? तो उसने कहा बहुत अच्छे | मैंने उससे पूछा कि कभी कोई ब्लू फिल्म देखी है ? तो उसने कहा हाँ देखी है एक दो बार | तो मैंने उससे कहा बस वही करना है हमे आज | फिर मैंने उसके मुंह के पास दूध को किया और कहा अब चूस डालो इनको | तो उसने मेरे दूध को चुसना शुरू कर दिया | मैं अपने हाँथ से अपनी चूत को मले जा रही थी तो मैंने फिर उसका हाँथ अपनी चूत पे रखवा लिया | वो मेरी चूत को मलने लगा तो मुझे लगा वाह लड़का सीख गया | फिर मैंने अपनी स्कर्ट के नीचे से अपनी पैंटी उतार दी और उसके बाजू में बैठ गई | वो उठा और मेरी चूत को मलने और उसने मेरी चूत मैं ऊँगली डाल दी तो मुझे मज़ा ही आ गया | फिर उसने मेरी चूत में थोड़ी देर तक ऊँगली की लेकिन मेरी चूत नहीं चाटी |</p>

<p>फिर मैंने उसको सोफे बैठाया और उसके लंड के ऊपर बैठ गई | मैंने उसका लंड अपनी चूत में डाला और उसके ऊपर कूदने लगी | मुझे उसका लंड अपनी चूत में महसूस हो रहा था और बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था | उसे भी शायद मुझे चोदने में मज़ा आ रही होगी | फिर मैंने थोड़ी सा ऊपर पकड़ लिया और वो वैसे ही नीचे से मेरी चूत को चोदने लगा | मुझे अब लगा कि दोनों तरफ बराबरी की आग लगी है | तो मैं वहीँ बाजू में लेट गई और उससे कहा कि अब मारो | तो उसने मेरी चूत में अपना लंड घुसा दिया और आगे पीछे करने लगा और थोड़ी थोड़ी देर में उसकी स्पीड बढती जा रही थी और मेरी जान निकले जा रही थी | फिर मैं घोड़ी बन गई और वो पीछे से मेरी चूत को चोदने लगा | हमने लगभग आधे घंटे तक चुदाई की थी क्योंकि मैंने उसको जोश की गोली जो खिलाई थी | फिर चोदते चोदते मैंने उससे कहा कि तुम्हें अगर लगे कि तुम्हारा निकलने वाला है तो अपना लंड बाहर निकाल लेना | तो उसने ऐसा ही किया तो मैं उसका सारा मुट्ठ अपने मुंह पे गिरा लिया | उस दिन हमने दो बार और चुदाई की | हम आज भी खूब चुदाई करते है और कभी कभी तो वो मेरी गांड भी मार लेता है |</p>

मेरी पसंद आउटडोर सेक्स चूत

<p>मेरे प्यारे लंड और चूतों को मेरे लंड का सलाम, आप लोग मुझे नहीं जानते होंगे क्यूंकि मैं नया खिलाड़ी आया हूँ | और मैं चुदाई की कहानियों का बहुत शौक़ीन हूँ, इन्हें पढना और और इनको पढ़ के मुठ मारना मुझे बहुत पसंद है | और जब जब मैंने चुदाई की है बाहर ही की है चाहे वो कोई भी जगह है | मुझे आउटडोर सेक्स बहुत पसंद है, क्यूंकि इससे मुझमे बहुत जोश आता है | मैं अब अपने बारे में बताता हूँ, मेरा नाम आयुष है, और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 30 साल की है और मैं यहाँ अकेले रूम ले के रहता हूँ | मैं एक ड्राईवर हूँ और पर मेरी पगार बहुत अच्छी है बताता हूँ कैसे | मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है, और मैं सांवले रंग का हूँ और थोडा सा मोटा भी हूँ | चलो अब मैं कहानी शुरू करता हूँ, नहीं तो आप लोग बोलोगे की मैं मुन्ह्चोदी कर रहा हूँ | हाहाहा</p>
<p>ये बात आज से 1 साल पहले की है, जब मैं यहाँ नया नया आया था और ड्राईवर की लाइन में था मैं शुरू से | तो मैंने एक रईस फॅमिली के यहाँ ड्राईवर की नौकरी करने लगा | उनके पास बहुत सारी गाड़ियाँ है और मैं रजनी जी की गाड़ी का ड्राईवर हूँ और उनकी पसंदीदा गाड़ी है बी.एम.डब्लू वो पेशे से एक डॉक्टर हैं और बहुत हसीन दिखती हैं | वो शादीशुदा है और उनके पति एक बिल्डर हैं जो ज्यादातर बाहर ही रहते हैं और रजनी जी के दो बच्चे हैं एक लड़का और एक लड़की है | तो मैं यहाँ नौकरी कर रहा था | मैं उन्हें बहुत पसंद करता था क्यूंकि वो बहुत सुन्दर थी और उनका बदन काफी सुडोल था | मैं उनके नाम की मुठ भी मारा करता था |</p>
<p>एक दिन की बात है मैडम को किसी पार्टी में जाना था और उन्होंने मुझे रात में 8 बजे आने को कहा था | तो मैं जब उनके घर गया तो उन्होंने ब्लैक कलर की पतली सी साड़ी पहनी हुई थी और वो साड़ी ऐसी थी की बहुत कुछ दिखाई दे रहा था बहुत हॉट और सेक्सी लग रही थी | फिर उन्होंने मुझसे कहा की गाड़ी जुहू की तरफ ले लो तो मैंने गाड़ी चालू किया और वो पीछे बैठ गई थी |</p>


<p>फिर जब हम वहाँ पंहुचे तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम यहाँ अकेले क्या करोगे तुम भी अन्दर चलो मेरे साथ | फिर मैं गाड़ी पार्क करके पार्टी में चला गया और जब मैने देखा वहाँ तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी परियों की दुनियां में आ गया हूँ वहाँ पर इतनी सारी लड़कियां और भाभियाँ थी और उन्होंने ऐसे ऐसे कपडे पहन रखे थे कि लगा बस अब ये सरकने वाला है | ये सब देख कर तो मेरा लंड खड़ा हो गया था | फिर पार्टी शुरू हुई और सब बड़े लोग ड्रिंक करने लगे | मन तो मेरा भी था पीने का पर मैं ड्राईवर हूँ तो मैं पी नहीं सकता था | मैडम ने भी बहुत ज्यादा पी ली थी फिर जब पार्टी ओवर हुई तो मैडम से ठीक से चला भी नहीं जा रहा था | फिर मैंने मैडम को संभाला और उनका एक हाँथ अपने कंधे पर रखा और एक उनकी कमर में अपना हाँथ डाल कर सहारा दिया | मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उन्हें इस तरह से सहारा देना क्यूंकि उनके दूध मेरे से छू रहे थे | फिर मैंने उन्हें कार में लेटा दिया और फिर अपनी सीट पर बैठ गया और गाड़ी सीधा उनके घर लगा दिया और फिर उन्हें सहारा दे कर उनके कमरे में उन्हें लेटा दिया था | फिर मैं अपने घर चला आया, और वो ही चीज़े याद कर कर के मैंने मुठ निकाली मैडम के नाम की | अगले दिन मैडम की छुट्टी थी तो मैडम ने मुझे कॉल लगाया | मुझे लगा की शायद मैडम को कुछ काम होगा इसलिए मुझे कॉल लगाया होगा |</p>

<p>फिर मैं उनके घर पंहुचा तो उन्होंने ने मुझसे पुछा की मैं घर कैसे आई तो मैंने उन्हें बताया कि मैडम जी आप बहुत नशे में थी आप से चला भी नहीं जा रहा था तो मैंने आपको कमरे तक छोड़ा फिर मैं अपने घर चला गया था | फिर उन्होंने पूछा की मेरा पर्स नहीं मिल रहा है वो कहाँ है ? मैं एक दम से डर गया और मैंने कहा मैडम मुझे नहीं पता वो तो आप ले कर गई थी और मुझे ध्यान नहीं है की अपने वो पर्स वापस लाये थे या नहीं | फिर मैंने उनसे कहा की मैडम मैं गाड़ी में चेक करता हूँ हो सकता है कि वो वहीँ हो | तो उन्होंने कहा कि ठीक है देख लो फिर मैंने कार का दरवाजा खोला तो देखा कि वो पर्स वहीँ नीचे पड़ा था | फिर मैंने उन्हें दे दिया तो मैडम ने कहा सुनो रात में फिर पार्टी में जाना है तो मैंने कहा ठीक है मैडम जी तो मैं कितने बजे आऊ ? तो उन्होंने कहा तुम 8 बजे घर आ जाना मैं रेडी रहूंगी फिर मैं ओके बोल के घर आ गया था | फिर रात को 8 बजे मैं उनके घर पंहुच गया था और आज भी उन्होंने बहुत सेक्सी कपडे पहने थे और बहुत सुन्दर और सेक्सी लग रही थी | तो मैंने मैडम से कहा मैडम आप आज बहुत सुन्दर लग रहे हो तो उन्होंने कहा कि रोज नहीं लगती क्या मैं सुन्दर ? तो मैंने कहा नहीं मैडम आप सुन्दर तो रोज ही लगते हो पर आज आप बहुत ही ज्यादा सुन्दर लग रहे हो फिर मुकुराते हुए उन्होंने मुझे थैंक यू कहा और फिर हम चल दिए जुहु की तरफ | वहाँ पंहुच के मैडम ने फिर बहुत ज्यादा ड्रिंक कर ली थी और फिर मुझे मैडम को संभालना पड़ रहा था | ऐसा मैं मन में सोच रहा था | पर मैडम ने ड्रिंक तो की थी पर ज्यादा नहीं की थी |</p>

<p>फिर मैंने कार स्टार्ट की और घर की तरफ आने लगा तो मैडम ने एक सूनसान जगह पर गाड़ी रुकवाई | तो मैंने पुछा की मैडम आपने यहाँ गाडी क्यों रुकवाई ? तो उन्होंने कहा आज मेरा कुछ करने का मन है तो मैंने फिर पुछा की मैडम क्या करना है आपको ? तो उन्होंने अपने कपडे उतारना चालू किया और मैं उन्हें घूर घूर कर देखने लगा और कुछ ही पल में मैडम नंगी हो गई तो मैंने मैडम से पुछा मैडम आप ये क्या कर रही हैं ? आपने अपने कपड़े क्यूँ उतार दिए ? तो वो बोली ज्यादा बात मत कर पीछे आ सीट के | मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे थे, पर मैं अनजान बनते हुए मैडम का कहना मानने लगा | मैं पीछे की सीट पर गया तो मैडम ने मुझसे बोला मेरी चूत चाटो मैं बहुत खुश हो गया ये सुन कर | मैडम की चूत एक दम साफ और चिकनी थी फिर मैं मैडम की चूत चाटने लगा और उँगलियों से चोदते भी जा रहा था मैडम की चूत को और मैडम अहहहहः आहाह्हहहहहहाहा अहहहह्हहाहाआ अहहाआ अहहह्हहा अहहहहहः अहहहाहहाहा अहाह्हहाहा अहहहह्हा अहह्हाह्हा आह्हहः उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह ऊम्म्ह्ह ऊनंह ऊउम्म्ह्ह ऊन्ह्ह आआअहाआहाआ अहहाआआहाअ कर रही थी | मैडम को बहुत मजा आ रहा था जब मैं उनकी चूत को इतने अच्छे तरीके से चाट रहा था | फिर मैडम ने मुझसे कहा कि अब मेरी गांड चाटो तो मैं उनकी गांड चाटने लगा और चूत को ऊँगली से चोद रहा था | और मैडम अहहहहः आहाह्हहहहहहाहा अहहहह्हहाहाआ अहहाआ अहहह्हहा अहहहहहः अहहहाहहाहा अहाह्हहाहा अहहहह्हा अहह्हाह्हा आह्हहः उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह ऊम्म्ह्ह ऊनंह ऊउम्म्ह्ह ऊन्ह्ह आआअहाआहाआ अहहाआआहाअ किये जा रही थी |10 मिनट तक मैंने मैडम की चूत और गांड दोनों चाटा | मैडम की चूत झड चुकी थी | फिर मैडम ने कहा की अपना लंड निकालो तो मैंने तुरंत ही अपने पेंट को खोल कर लंड निकला था तो संप जैसा फनफनाता हुआ मैडम के मुंह के पास आ गया तो मैडम ने मुझसे कहा तुम्हारा लंड इतना बड़ा है और इतना मोटा बाप रे ! तुम तो बहुत सुन्दर लंड के मालिक हो तो मैंने कहा हाँ मैडम मेरा लंड है ही ऐसा | फिर मैडम मेरे लंड को चूसने लगी जोर जोर से और मेरे मुंह से सिस्कारिया निकल रही थी मैं बस अहहहहः आहाह्हहहहहहाहा अहहहह्हहाहाआ अहहाआ अहहह्हहा अहहहहहः अहहहाहहाहा अहाह्हहाहा अहहहह्हा अहह्हाह्हा आह्हहः उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह ऊम्म्ह्ह ऊनंह ऊउम्म्ह्ह ऊन्ह्ह आआअहाआहाआ अहहाआआहाअ कर रहा था |</p>

<p>फिर मैडम ने मेरा लंड 20 मिनट तक चूसा और मैं मैडम के दूध पीने लगा तुरतं ही | मैडम के दूध में खीच खीच के पी रहा था और मैडम अहहहहः आहाह्हहहहहहाहा अहहहह्हहाहाआ अहहाआ अहहह्हहा अहहहहहः अहहहाहहाहा अहाह्हहाहा अहहहह्हा अहह्हाह्हा आह्हहः उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह ऊम्म्ह्ह ऊनंह ऊउम्म्ह्ह ऊन्ह्ह आआअहाआहाआ अहहाआआहाअ कर रही थी | फिर मैंने मैडम को 25 मिनट तक चोदा था और मैडम बस अहहहहः आहाह्हहहहहहाहा अहहहह्हहाहाआ अहहाआ अहहह्हहा अहहहहहः अहहहाहहाहा अहाह्हहाहा अहहहह्हा अहह्हाह्हा आह्हहः उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह उऊंन्ह्ह ऊम्म्ह्ह ऊनंह ऊउम्म्ह्ह ऊन्ह्ह आआअहाआहाआ अहहाआआहाअ कर के दो बार और झड़ चुकी थी |</p>

<p>तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं आप लोगो को आगे की कहानिया भेजता रहूँगा |  इस कहानी पर अपनी राय जरुर दीजियेगा | मुझे इंतजार रहेगा |</p>