बाय्फ्रेंड के बड़े भाई ने चोदा

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम पिंकी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हू, मैं आप सबको अपने बारे मे बता दू मैं बहुत सेक्सी हू और मेरा फिगर 36-30-38 है मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बता रही हू कैसे बॉयफ्रेंड के बड़े भाईं ने चोदा.

ये मेरी सच्ची कहानी है और ये कहानी कुछ दिन पहले की है मेरा एक बॉयफ्रेंड है और मैं उससे खूब चुदवाति हू वो मुझे होटेल मे ले जाकर मुझे चोदता है तो कभी अपने घर ले जाता है और मुझे चोदता है.

मेरे बॉयफ्रेंड का एक बड़ा भाई है और उसको पता है की मैं उसके भाई से चुदवाति हू और वो भी मुझे लाइन मारता है लेकिन उसके तरफ ज़्यादा ध्यान नही देती हू बस हम दोनो की कभी कभी बातें हो जाती है और हम दोनो एक दूसरे को देख कर स्माइल देते है इससे ज़्यादा मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई कुछ नही करते है लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे खूब लाइन मारता है.

मेरे बॉयफ्रेंड ने बताया की उसके बड़े भाई का ब्रेकप हो गया और वो अब रंडी को जाकर चोदता है उसके बाद मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग एक दूसरे के साथ सेक्स किए और मेरा बॉयफ्रेंड मुझे अपनी कार से मेरे घर छोड़ने आया.

मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी बहुत हैंडसम है और वो मेरे साथ कभी कभी मज़ाक भी करता है और वो मेरी चुचि और गंद को खूब देखता ह लेकिन ये बात मैं अपने बॉयफ्रेंड को नही बताई हू क्यूकी मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई जब मेरी चुचि और गांड को देखता है तो मैं भी अपनी चुचि और गांड अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को दिखती हू और उसके सामने अपनी गांड को दिखती हू और वो मेरी चुचि और गांड को देख कर गरम हो जाता है.

आप सबको तो पता है अब ठंडी आ गयी और ठंडी के मौसम मे चुदवाने मे बहुत मज़ा आता है एक दिन मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी और हम दोनो एक दूसरे से बात किए उसने मुझे कॉफी दिया और उस दिन उसके घर उसका बड़ा भाई भी था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुए थे

मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग उस दिन सेक्स किए लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे ठीक से नही चोदा और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने कहा की आज उसका मूड नही है, नेक्स्ट टाइम मुझे खूब अच्छे से चोदेगा लेकिन मेरी चूत मे खुजली हो रही थी और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था.

मैं अपनी चूत को बिल्कुल सॉफ रखती हू और मैं डेली चुदवाति हू ऐसे ही मैं और मेरा बॉयफ्रेंड एक दूसरे से मिलते रहे और एक दूसरे के साथ बातें करते है. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

एक दिन मेरे बॉयफ्रेंड के घर कोई नही था सिर्फ़ उसका बड़ा भाई था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुवे थे और मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी थी..

और हम दोनो कॉफी पी रहे थे और मुझे टॉयलेट लगी थी और मैं टॉयलेट करने लगी और मैं जब टॉयलेट करके बाहर आई तो देखी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई बाहर खड़ा है और मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा है मैं समझ गयी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे चोदना चाहता है और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दे कर अपने बॉयफ्रेंड के रूम मे आ गयी.

मैं एक दिन अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी तो देखी की मेरा बॉयफ्रेंड कुछ काम से मार्केट गया है और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई अपने रूम मे था और अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के रूम मे गयी तो देखी की वो एक रंडी से बात कर रहा था और बोल रहा था की आज मैं तुझे चोदुँगा और तुझे टेन थाउज़ंड रुपीज़ दूँगा मैं आज तुझे रात भर चोदुँगा तू तैयार रहना

मैने ये बात सुन ली और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे देख लिया और बोला की पिंकी तुम कब आई और उसके बाद हम दोनो एक दूसरे से बातें करने लगे और वो मुझे बोला की तुम बहुत सेक्सी लग रही हो और उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दी.

मैं पूछी तो मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने बताया की मेरा बॉयफ्रेंड बहुत देर से आएगा और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से बाते करने लगे वो मुझे बताया की उसकी गर्लफ्रेंड उसको धोखा दे दी और वो किसी दूसरे से चुदवाति है और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से खुल कर बातें करने लगे और बातों-बातों मे ही हम दोनो गरम हो गये थे.

मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे कॉल किया और बोला की पिंकी तुम मेरे घर रहो मैं कुछ देर मैं आऊंगा और बोला की मैं आऊंगा तो तुम्हे चोदुँगा लेकिन मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से नॉन वेज बातें करके गरम हो गये थे, मैं अपने बॉयफ्रेंड को बोली की ठीक है आप जल्दी आए.

उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के साथ बातें करने लगी. मुझे अब चुदवाने का मन करने लगा और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा था और हम दोनो एक दूसरे को देख रहे थे.

तभी मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे किस किया और बोला की पिंकी तुम्हे बहुत चाहता हू और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हू और मैं कुछ नही बोली बस सेक्सी वाली स्माइल दी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को और वो समझ गया की मैं भी उससे प्यार करती हू और वो मुझे किस करने लगा.

मैं भी कुछ देर के बाद अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को किस करने लगी और हम दोनो किस करते करते एकदम गरम हो गये थे और उसने मेरी सलवार सूट निकाल दी और मैं ब्लॅक ब्रा और ब्लॅक पैंटी मे हो गयी जिसमे से मेरी चुचि और गांड एकदम सॉफ दिख रहे थे क्यूकी मैं बहुत सेक्सी हू और मेरी चुचि और गांड को देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी ब्रा निकाल दी और मेरी चुचि को दबाने लगा और मैं भी गरम होने लगी उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चुचि को चूसने लगा और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपने हाथ मे लेकर सहलाने लगी और हिलाने लगी.

उसके बाद मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड को चूसने लगी और हम दोनो एकदम गरम हो गये थे और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चूत को खूब चाटा और मेरी चूत को मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई बहुत अच्छे से चाट रहा था और मैं एकदम गरम हो गयी थी.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने एक कॉन्डोम निकाला वो बहुत सारी रंडियो को छोड़ता है इसलिए वो कॉन्डोम रखता है अपने पास और वो अपने लंड पर एक कॉन्डोम लगाया और मेरी चूत पर अपना लंड सेट किया और मेरी चूत मे अपना लंड डाल दिया मुझे दर्द होने लगा मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड बहुत बड़ा था.

मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई दोनो लोग चुदाई करने लगे और मेरा दर्द भी थोड़ा कम हुआ और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर चुदवाने लगी और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई मुझे चोद रहा था और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड से चुदवा रही थी

हम दोनो चुदाई करते करते झड़ गये उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे डॉगी स्टाइल मे चोदा और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था और मेरी चूत को चाट भी रहा था और मेरी चुचि को दबा भी रहा था.

मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई से खूब चुदवा रही थी और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था. वो मुझे घोड़ी बना कर मेरे उप्पर चड़ गया था और मुझे खूब चोद रहा था और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर खूब चुदवा रही थी और हम दोनो चुदाई करने के बाद झड़ गये.

मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे बहुत अच्छे से चोदा और उस दिन मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे दो बार बहुत अच्छे से चोदा और उसने मुझे चोदने के बाद टेन थाउज़ंड रुपीज़ दिया और बोला की मैं तुमको चोदने के दे रहा हू किसी रंडी को चोदने से अच्छा मे तुम्हे चोदु और तुम्हे पैसा दू.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फीडबैक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझसे बोला की तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई की गर्लफ्रेंड बन गयी और अब मैं दोनो की गर्लफ्रेंड हू.

लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड को ये बात पता नही है की मैं उसके बड़े भाई की गर्लफ्रेंड हू. आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी मैं आपके मैल का वेट करूँगी मैं रात भर व्हाट्सप्प पर ऑनलाइन रहती हू आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी “***”.

मेरा बेटा एक मर्द का बच्चा



दोस्तो मैं रजनी हरयाणा से आज आप सब के लिए अपनी लाइफ की एक मस्त घटना ले कर आई हूँ. वेसे तो मेरी पूरी लाइफ सेक्स और लोडो से भरी हुई है. उपर वेली ने भी मेरी दोनो टाँगो के बीच ये दो इंच का छोटा सा छेद दे कर, मेरे नाम एक कयामत दे दी है.

मेरी चूत शुरू से ही मुझे बहुत तंग करती थी. 18 साल तक तो मैं अपनी चूत मे मूली गाजर ले कर अपना काम चला लेती थी. पर जब अपने पड़ोसी सोनू से मैं पहली बार चुदी तो उस दिन के बाद लंड मुझे इतना अछा लगा. की मैने सब मूली गाजर मोमबति सब कुछ छोड दिया.

अब मैं सिर्फ़ अपनी चूत मे लंड ही लेती थी. मेरे धीरे धीरे सोनू से और 8 लड़को से संबंध बन गये. वो सब मेरे आशिक़ थे, मुझे दिन रात वो चोदना चाहते थे. उपर से मेरी चूत भी ऐसी ही थी, जो सिर्फ़ लंड ही मांगती थी.

मेरी चूत शांत होने का नाम नही लेती थी. अगर एक दिन शांत हो भी जाती थी, तो अगली सुबह ये फिर से लंड मांगती थी.
जब मेरी शादी हुई तो, शादी से कुछ घंटे पहले मैने अपने सच्चे आशिक़ को अपनी चूत दी, उस दिन उसने पहली बार मुझे 40 मिनिट चोदा. साला कमीना गोली खा कर आया था. शादी के बाद जब मैं घर पर एक दिन बाद फेरा डालने के लिए आई.

तो मेरे 8 दोस्तो ने मुझे मेरे घर के साथ वाले घर मे उपर बुलाया. वाहा उन्होने मुझे सब ने करीब एक घंटे तक चोदा. सब ने मेरी चूत को बारी बारी से चोदा. मैं अपने चारो तरफ लंड देख कर काफ़ी खुश थी.

उस दिन के बाद मैं जब भी अपने घर आती थी, तो उन सब से चुदाई करवाती थी. पर मैं हर हफ्ते तो अपने घर आने से रही. क्योकि मेरी शादी हिसार मे हुई थी. और वाहा से मेरे घर आने मे 6 घंटे आराम से लगते थे.

मेरे सुसराल मे मेरे सास सुसर, मेरे पति और मेरी ननद रहती थी. मेरे पति और मेरे ससुर जी सुबह ही अपनी शॉप पर चले जाते थे. उनके जाने के बाद मेरी ननद सीमा भी अपने कॉलेज मे चली जाती थी.

अब घर पर मैं और मेरी सासू मा ही रहती थी. हमारा घर बहुत बड़ा था. इसलिए हमने अपने गेट के आगे वाला रूम किराए पर दिया हुआ था. वाहा हमने कॉलेज मे स्टडी करने वाले 4 लड़को को रखा हुआ.

वो चारो लड़के एक से उपर एक थे. उन्हे देख कर मेरी चूत और गांद मे खुज़ली होने लग जाती थी. आप को अच्छे से पता है, एक औरत बाहर की ओर तभी देखती है. जब उसका पति उसे खुश ना करता हो.

ऐसा ही कुछ मेरा हाल था, मेरा पति वैसे तो अपने आप को बहुत दमदार समझता है. पर साला 3 मिनिट से ज़्यादा उससे सेक्स नही होता. वो ज़्यादा से ज़्यादा सिर्फ़ 4 मिनिट ही सेक्स कर पाता है.

अब आप ही बताओ क्या मैं इससे खुश हो सकती हूँ. जो लड़की 40 – 40 मिनिट लगातार लड़को से चुदति है. वो क्या 4 मिनिट मे खुश हो सकती है. इसलिए मैने हार कर उन लड़को . . . . . . ..

जब से मैं शादी करके इस घर मे आई थी. तब से लड़के किसी ना किसी बहाने से मुझे देखने के लिए कोई ना कोई समान लेने आते रहते थे. पर मेरी सासू मा हमेशा घर के आगे ही बैठी रहती थी. इसलिए वो लड़के कभी घर के अंदर नही आए.

सासू मा मुझे आवाज़ मार कर बुलाती और मैं उन्हे वो सामान दे देती थी. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लग जाते थे. मुझे लगा की अब ये ही वो लंड है, जो मुझे अच्छे से खुश कर सकते है. इसलिए मैने उन्हे अब पटाने की सोची

धीरे धीरे काफ़ी टाइम निकल गया, अब मेरी सासू मा उन्हे अपने बच्चो की तरह समझने लग गयी. सर्दियो का मौसम चल पड़ा था, सर्दी अपने पूरे ज़ोर पर थी. इसलिए जब हम सुबह चाय बनाते थे, तो सासू मा उनके लिए भी मुझसे चाय बनवाती थी.

और अब मैं ही उन्हे सुबह सुबह चाय देने जाती थी. पहले तो मैं बाहर दरवाजे पर ही राहुल को चाय पकड़ा देती थी. राहुल पर मेरा दिल आया हुआ था, क्योकि वो दिखने मे ही एक मर्द लगता था. जब भी मैं उसे चाय देती थी, तब वो मेरा हाथ पकड़ लेता था.

उसका वो छूना मेरी चूत मे हलचल पैदा कर देता था. राहुल भी मुझे छुप छुप कर देखता था. एक दिन सुबह मैं ही उन्हे चाय देने गयी, तो मैने देखा दरवाजा खुला है. इसलिए मैं अंदर ही चली गयी और मैने चाय उनके टेबल पर रख दी.

जैसे ही मैं नीचे झुकी तो मेरे दूध से भर हुए बूब्स के दर्शन उन्हे हो गये. उन सब के मूह खुले के खुले रह गये, सबकी नज़रें मेरे गोरे गोरे बूब्स पर जम सी गयी थी. मुझे अंदाज़ा हो ही गया था, की उन सब के लंड खड़े हो गये है.

क्योकि उनके हाथ अपने लंड पर आ गये थे. फिर मैं वाहा से मुस्कुरा कर वापिस आ गयी. अब मुझे पता चल गया था, की अब ये सब मुझे चोद्ने के लिए पागल हो गये है. पर मुझे उनसे चुदने के लिए एक अच्छा मौका चाहिए था.
पर जब तक मेरे घर मे मेरी सासू मा बैठी थी, तब तक मैं उनके चुदना तो दूर की बात थी. मैं तो उन्हे देख भी नही सॅक्टी थी. मैं तो टाइट ब्रा डॉल कर छत के उपर से ही उन्हे अपने जिस्म के नज़ारे देती रहती थी.

एक दिन मेरी मौसी सास मर गयी, सब को उनके मरने मे जाना था. सब तयार हो गये, पर जब मेरी सासू मा ने मेरे हाथ मे चुड़ा देखा तो उन्होने मुझे वाहा जाने से मना कर दिया. मेरे पास मेरी ननद रह गयी. अब हम दोनो घर मे अकेले थे.

उन्होने रात को आ जाना था, मेरी ननद उनके जाने के बाद अपने कॉलेज चली गयी. उसके जाते ही मैने अच्छे से मेकप किया, और अपनी ब्लॅक कलर की टाइट ब्रा डाली. ब्रा और पेंटी के उपर मैने सीधा पतला सा टाइट सूट डाला लिया. वो वाइट कलर का सूट था.

जिसमे मेरी ब्लॅक कलर की ब्रा-पेंटी सॉफ सॉफ दिख रही थी. मेरी पज़्ज़ामे मे मेरी पनटी सॉफ दिख रही थी. मैं किचन से चाय ले कर उनके पास चली गयी. मैं सीधा उनके रूम मे चली गयी. अंदर राहुल और मोहित था, मोहित रज़ाई मे सोया हुआ था.

राहुल मेरे आने के इंतज़ार मे बैठा हुआ था. जब उसने मुझे देखा तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी और वो बोला.

राहुल – भाभी आओ आज आप भी अपनी चाय मेरे साथ बैठ कर पी लो.

मैं – हा क्यो न्ही.

राहुल – भाभी वैसे आज आप कमाल लग रही हो.

मैं – तू अपनी चाय ध्यान से पी ले, कही ये तेरे कपड़ो पर चाय ना गिर जाए.

राहुल – कोई बात नही भाभी आप हो ना मेरे कपड़े सॉफ करने के लिए.

ये कहते ही वो मेरे पास आ कर बैठ गया. उसके हाथ मेरे पॅट्टो पर आ गये, मुझसे भी अब रहा नही गया. मैं भी उसका लंड उनकी पेंट के उपर से ही पकड़ लिया. वो एक दम मस्त हो गया, उसने अपनी चाय टेबल पर रखी और मेरे होंठो को चूसने लग गया.

फिर उसने मेरे बूब्स को मसलना शुरू कर दिया, मेरे मूह से आहह आहह की आवाज़ें निकलने लग गयी. मेरी आवाज़ सुन कर सागर भी उठ गया, जब उसने देखा की राहुल मुझे चूस रहा है. वो भी उठा और नंगा हो कर मेरे पास गया, उसका लंड काफ़ी दमदार लग रहा था.

फिर राहुल और सागर ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए. मैं उनके आगे पूरी नंगी हो गयी. राहुल भी पूरा नंगा हो गया, मेरे दोनो हाथो मे दो दमदार लॅंड थे. कसम से इतने टाइम बाद टाइट लंड ले कर अच्छे से मज़ा आ गया.

राहुल ने मुझे बेड पर सीधा लेटा दिया. सागर मेरी चूत को चूसने लग गया. राहुल ने अपना लंड मेरे मूह मे डॉल दिया. जिसे मैं ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गयी, वो मेरे बूब्स मसल्ने लग गये. मैं मस्ती मे उसका लंड चूस रही थी, साथ ही सागर से अपनी चूत चुस्वा रही थी.

इतने मे मोहित और शिव भी दूध और ब्रेड ले कर अंदर आ गये. जब उन्होने देखा की मैं उन दोनो के बीच नंगी लेटी हुई थी. मैं शरम के मारे रज़ाई मे छिप गयी. मोहित पूरा नंगा हो कर मेरे पास आ कर बोला.

मोहित – मेरी जान बाहर आओ, इन सब से ज़्यादा मैं ही तुझसे प्यार करता हूँ.

मैने धीरे धीरे बाहर मूह निकाल कर बाहर देखा. मैं मोहित का लंड देख कर पागल हो गयी. क्योकि उसका लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था. एक दम लंबा काला मोटा डंडा लग रहा था. उसने अपना लंड मेरे होंठो पर रख दिया.

उसके लंड की खुश्बू मुझे पागल कर रही थी, मैने उसका लंड अपने मूह मे भर लिया. फिर उसके लंड को मैने ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गयी. बाकी वो तीनो मेरे चूत,गांद और मेरे बूब्स से खेलने लग गये.

शिव तो मेरे दोनो बूब्स का दीवाना था, वो मेरे बूब्स को चूसने मे लग गया. सागर मेरी चूत को चूसने मे अभी तक लगा हुआ था. फिर मोहित ने लंड बाहर निकाला और बोला मेरी जान आज तू मेरे लंड के उपर बैठ कर इसकी सवारी कर.

मैं – ज़रूर मेरे राजा तेरे लंड की सवारी तो मैं इसे अपनी गांद मे ले कर करूँगी.

मोहित नीचे लेट गया, मैने अपनी एक उंगली अपनी मूह मे ले कर उसे गीली करी और उसे अपनी गांद मे ले कर अपनी गांद को चिकना कर लिया. मैं मोहित के 8 इंच के लंड के उपर बैठ गयी. उसका लंड धीरे धीरे मेरी गांद को चीरता हुआ मेरी गांद मे घुस गया.

मोहित – वाह मेरी रानी मेरा तो इस दुनिया मे आना सफल हो गया मेरी रानी.

फिर वो तीनो बारी बारी से मुझे अपना लंड चुसवाने लग गये. करीब 10 मिनिट बाद मोहित ने अपना लंड मेरी गांद से निकाल दिया. वो साइड मे बैठ गया और बोला.

मोहित – सालो तुम तीनो ने जितना चोदना है, इसे चोदो और फिर दफ़ा हो जाओ कॉलेज मे.

मोहित की बाद सुनते ही वो तीनो मेरे उपर टूट पड़े, कोई मेरी गांद कोई मेरी चुत और कोई मेरा मूह बारी बारी से चोद रहा था. उन तीनो ने मुझे 45 मिनिट तक जम कर चोदा सालो ने मेरे बूब्स मेरी चूत और मेरे पेट पर अपना अपना पानी निकाल दिया.

उसके बाद मोहित ने मुझे गरम पानी से नहलाया और फिर उसने मुझे बहुत जबरदस्त तरीके से चोद्ना शुरू कर दिया. उसने मुझे दीवार के साथ लगा कर मुझे घोड़ी बना दिया. और फिर पीछे से मेरी गांद मे अपना लंड डॉल कर मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया.

फिर गांद से लंड निकाल कर मेरी चूत मे डॉल दिया. वो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया. कसम से उसके लंड मे बहुत दम था, क्योकि अभी तक उसके लंड का पानी नही निकला था.

मैं – मेरे राजा मुझे अपने बच्चे की मा बना दे ना प्लीज़.

मोहित – क्यो नही मेरी रानी ये ले खोल अपनी बच्चे दानी ये ले अपने यार का पानी.

मैं अभी अपनी चुत से उसके लंड को अच्छे से कस्स कर पकड़ लिया और उसके लंड की पिचकारी मेरी चुत के अंदर निकाल दिया. फिर मैं उसके सीने पर सिर रख कर सो गयी. फिर 1 बजे हम दोनो ने फिर से चुदाई शुरू कर दी. 3 बजे वो तीनो आ गये और कॉलेज से आते ही सालो ने मुझे फिर से चोदना शुरू कर दिया.

चुदाई करवाते हुए मुझे ये पता ही नही चला की कब 5 बजे गये. मेरी ननद घर आई, जब उसे मैं किन नही मिली तो वो सीधे उस रूम मे आ गयी. जब उसने देखा की मैं तीनो लड़को के साथ चुद रही हूँ, तो वो बोली.

ननद – अछा भाभी आप यहाँ चुदति हो, मैं भैया को बता दूँगी.

मोहित – साली ज़रूर बता दियो, पहले अपनी भाभी के साथ जन्नत के मज़े तो ले ले.

ये कहते ही मोहित ने मेरी ननद को पकड़ कर अंदर खींच लिया. फिर दो लड़के उसे चोदने मे लग गये, और मुझे भी दो लड़के चोदने लग गये. फिर कुछ दीनो बाद मैं मोहित के बचे की मा बन गयी. पर साली मुसीबत तो तब हो गयी, जब मेरी ननद भी मा बनने वाली थी.

मोहित ने उसका ऑपरेशन करवा कर उसे बचाया. आज मैं मोहित के बचे की मा बन चुकी हूँ. और मेरा चूतिया पति सोचता है की वो 3 मिनिट की चुदाई से मुझे मा बना सकता है.

मुझे उमीद है, आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी



मेरी चचेरी बहन पूनम का प्यार

हेलो दोस्तो मेरा नाम सागर है. मैं आज अपनी ज़िंदगी का एक सच आप सब के लिए ले कर आया हूँ. ये मेरी एक अधूरी लव स्टोरी है, जिसमे मैने अपनी जान से सिर्फ़ एक बार सेक्स किया और हम दोनो हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गये.

मुझे पूरी उमीद है की आपको मेरी ये कहानी पढ़ने मे बहुत मज़ा आएगा. तो चलिए फिर कहानी को जल्दी से शुरू करते है.

ये बात आज से दो साल पहले की है, जहाँ से ये सब शुरू हुआ था. मैं बचपन से अपनी गर्मियो की छुटटी अपने चाचा के घर मनाने जाता था. मुझे वाहा सच मे बहुत मज़ा आता था. उनकी एक बेटी थी, उसका नाम पूनम था. जब मैं उसके घर आता था 

तो वो मुझे देख कर खुश हो जाती थी.

हम दोनो बचपन से ही बहुत बनती थी. पूनम मुझसे 2 साल बड़ी थी, वो बचपन से ही बहुत सुंदर और क्यूट थी. खैर धीरे धीरे हम बड़े होने लग गये. मुझे सेक्स के बारे मे कुछ भी न्ही पता था. पर मुझे ये पता था की सेक्स लड़का और लड़की के बीच मे होता है

जब मैं 21 साल का हुआ और पूनम 23 साल की हुई. तो वो किसी परी से कम न्ही थी, वो सच मे काफ़ी खूबसूरत बन गई थी. उसे देख कर मैं सोचता था की काश ये मेरी गर्ल फ्रेंड होती तो मैं इसे सच मे बहुत प्यार करता. उसके बूब्स अब मोटे हो गये थे, जो बाहर की ओर निकले रहते थे.

उसके पतले पतले गुलाबी होंठ अब और भी सेक्सी रस्स से भर गये थे. उसके होंठो को देखते ही मूह मे पानी आ जाता था और उसके होंठो का रस्स पीने का मन होता था. उसकी पतली कमर ना जाने कैसे उसके गोल गोल और मोटी गांड
संभाल रही थी.

जब पूनम चलती थी तो उसकी गांड मटकती हुई बहुत सुंदर लगती थी. मन करता था भी दोनो च्छूतड़ो को अपने हाथो मे ले कर उन दोनो को मसल दू.. कयि बार तो ऐसा लगता था, बस अभी साली को घोड़ी बना कर इसकी गांड मे अपना लंड घुसा दू.

पर खैर मैं ऐसा सोच ही सकता था, क्योकि उसके घर पर उसे ही चोदना काफ़ी रिस्क से भरा हुआ था. फिर कुछ टाइम मेरे घर पर हमने मम्मी पापा की सालगिरा के लिए एक फंक्षन रखा. उस फंक्षन की तयारि के लिए पूनम दो दिन पहले ही आ गई.

उसको देख कर मैं खुशी से पागल हो गया. वो सच मे बहुत खूबसूरत लग रही थी. मैने तभी उसका हाथ पकड़ा और उसे सीधा अपने रूम मे ले गया. हम दोनो के बारे सब को पता था, की मैं और पूनम बचपन से ही एक दूसरे के अच्छे दोस्त है.

इसलिए किसी कोई शक न्ही हुआ, मैने अंदर आते ही डोर को अंदर से बंद कर लिया. फिर मैने उसे बेड पर बिठाया और खुद भी उसके साथ बैठ गया. फिर हम दोनो बातें करने लग गये. फिर मैने हिम्मत करके उससे पूछा.

मैं – पूनम अब तो तुम इतनी बड़ी हो गई हो, तुमने कोई अपना दोस्त बनाया या न्ही ?

पूनम – न्ही अभी तक कोई न्ही बनाया, पर तू आज ये सवाल मुझसे क्यू पूछ रहा है. मुझे तेरे इरादे ठीक न्ही लग रहे है.

मैं – क्या करूँ पूनम मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ. पर मुझे तुम ये बता दो की मैं तुम्हे पसंद हूँ या न्ही ?

पूनम ने मुझे जवाब दिया, वो मुझे आँख मार के जाने लगी. मैने उसका हाथ प्कड़ा और फिर से वो ही सवाल पूनम से पूछे.

पूनम – सागर आज तुम मुझसे ये क्यो पूछ रहे हो. मुझे तो कुछ समझ न्ही आ राहा है.

मैं – प्लीज़ तुम बता दो ना.

पूनम – अरे बुद्धु तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए तो मैं तुमसे बात करना पसंद करती हूँ.

ये सुनते ही मैं खुश हो गया, और तभी मैने उसे आई लव यू काहा और उसके गोरे गाल पर एक किस कर दी. फिर हम दोनो रूम से बाहर आ गये, और फिर हम दोनो अपने अपने कामो मे लग गये.

शाम हम दोनो थोड़े फ्री से हुए, मैने दूर से ही उसे अपने रूम मे जाने का इशारा किया. पूनम थोड़ी देर बाद इधर उधर देख कर मेरे रूम मे चली गई. फिर मैने अपने होंठ उसके होंठो पर रखे और ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को मैं चूसने लग गया.

उसके होंठो का रस्स पीने मे सच मे मुझे बहुत मज़ा आरा था. मुझे ऐसा लग रहा था, मानो मैं कोई गुलाब चूस रहा हूँ. करीब 10 मिनिट तक हम दोनो एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे और फिर उसने मुझे पीछे को धक्का दिया और मुझे दूर करके रूम से निकल कर भाग गई.

कसम उसके होंठो को चूस कर मेरी प्यास बुझ गई थी. मुझे उसके होंठो को चूसने का मन फिर से करने लग गया था. अगले दिन फिर शाम को सब लोग बाहर फंक्षन मे गये थे. घर पर मैं, पूनम और कुछ और लोग थे.

मैने फिर से उसे मेरे रूम मे जाने को कहा, पूनम थोड़ी देर मे मेरे रूम मे आ गई. उसके आते ही मैने उसे अपनी बाहों मे भर लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से इधर उधर चूमने और चाटने लग गया. इस बार वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
मैने मौका देख कर अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रखा जिससे वो सिहर उठी. उसने मेरा हाथ हटाने की कोशिश करी, पर मैं अब काहा मानने वाला था, इसलिए मैने उसका हाथ को दूर करके उसके दोनो बूब्स को पकड़ कर मसलने लग गया.

पूनम पागल सी होने लग गई और बोली – हा सागर मसल दो मेरे राजा ये तुम्हारे आहह आहह उ मम्मी आहह मस्लो और ज़ोर से मसल दो प्लीज़.

उसकी हालत देख कर मैं भी गरम हो गया और मैने उसका कुर्ता उपर किया और अपना हाथ अंदर करके उसके बूब्स बाहर निकाल दिए. मैने अपना मूह उसके बूब्स पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को चूसने लग गया. उसके बूब्स सच मे काफ़ी सॉफ्ट थे.

मैं उसके बूब्स चूसने मे मस्त था, और पूनम मुझसे अपने बूब्स चुसवाने मे मस्त हो रही थी. तभी मुझे उसकी मम्मी यानी मेरी चाची की आवाज़ आई. उनकी आवाज़ सुनते ही मैने एक दम से पूनम को छोड़ दिया और अपनी अलमारी मे कुछ समान देखने का बहाना करने लग गया.

पूनम ने भी अपने कपड़े ठीक किए और वाहा से वो चली गई. अब हम दोनो मे पूरी आग लगी हुई थी. अब ये आग ज़रूर सेक्स करने से ही शांत होनी थी. खैर मैं भी अब फंक्षन मे जाने के लिए तयार होने लग गया. मैं अच्छे से तयार हो कर बाहर आया.

पर जब मैने पूनम को देखा तो उसे देखता ही रह गया, वो किसी कयामत से कम न्ही लग रही थी. उसने पटियाला पंजाबी ब्लॅक सूट डाला हुआ था. उपर और कमर से सूट एक दम टाइट था. जिस वजह से उसके मोटे मोटे बूब्स और कमर बहुत ही मस्त लग रही थी.

मुझे तो सच मे उसको देख कर मज़ा ही आ गया. मेरी आँख उस पर ही थी, फिर किचन मे गई. मैं भी झट से उसके पीछे भाग कर किचन मे चला गया. किचन मे उसके और मेरे सिवा और कोई न्ही था.

मैने तभी उसे दीवार से लगा कर उसे अपनी बाहों मे भर लिया. फिर मैने बिना कुछ बोले ही उसके होंठो को अपने होंठो मे लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया. उसके होंठ का रस्स था की ख़तम होने का नाम ही न्ही लेरा था. फिर हम दोनो अलग हुए और फंक्षन मे चले गये.

रात को जब सब वापिस सोने के लिए जा रहे थे, तो मैने पूनम को अपने साथ सोने के लिए काहा पर उसने और उसकी मम्मी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया. मेरा दिल सा टूट गया, मैं अपने रूम मे चला गया. पर मुझे उस रात नींद न्ही आ रही थी.

आँखो मे पूनम का चेहरा और उसके नंगे बूब्स घूम रहे थे. मुझे लग रहा था की आज की रात शायद मुझे जाग कर ही काटनी होगी. खैर मुझे नींद न्ही आ रही थी, पर फिर भी मैं सोने की कोशिश कर रहा था. करीब 30 मिनिट बाद मुझे मेरे रूम का दरवाजा खुलता हुआ महसूस हुआ.

मैं उठा तो देखा मेरे रूम मे पूनम नाइटी डॉल कर आ रही थी. मैने उसे देखते ही बेड से उछल कर उसके पास गया. और मैने डोर को अंदर से बंद किया और उसे अपनी बाहों मे भर लिया, तभी पूनम बोली.

पूनम – सागर आई लव यू मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ. ना जाने अब मैं कैसे तुम्हारे बिना जीऊंगी. तुमने मुझे 2 दीनो मे जीतना प्यार दिया है, शायद कभी मैने इतना प्यार पाया हो. इसलिए आज से मैं तुमने अपना सब कुछ दे रही हूँ.

मैं – आई लव यू सो मच मेरी पूनम. मैं वादा करता हूँ मैं भी जिंदगी भर तुम्हारा ही रहूँगा,

पूनम – मेरी जान हम दोनो के पास आज रात ही है. सागर तुमने आज रात मेरे साथ जो करना है वो कर लो. क्योकि मैं कल सुबह ही यहाँ से जाने वाली हू.

ये कहते ही उसने मेरे होंठो को चूसने लग गई. और ज़ोर ज़ोर से मेरे होंठो को अपने होंठो से दबा दबा कर चूस रही थी. उसके बाद मैने भी उसे अपनी बाहों मे अच्छे से पकड़ लिया और खूब अच्छे से उसके बूब्स को मसलने लग गया.

मेरे दोनो हाथ उसके पूरे जिस्म पर घूम रहे थे. मैने महसूस किया की पूनम बहुत गरम हो रही है. इसलिए मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और उसे बेड पर गिरा दिया. फिर मैं उसके उपर आया और उसके होंठो और उसकी गर्रदन को चूसने लग गया.

मैने धीरे धीरे उसकी नाइटी उसके जिस्म से अलग कर दी. अब वो मेरे सामने पिंक ब्रा और पिंक पेंटी मे थी. सच मे साली क्या कयामत लग रही थी. उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैने जल्दी से ही उसकी ब्रा और पेंटी भी जल्दी से उतार दी. अब वो मेरे सामने एक दम नंगी थी. मैने उसके नंगे बूब्स को देख कर पागल हो गया, मैने उसके बूब्स पर टूट पड़ा. फिर मैने उसके बूब्स को चूस्ते हुए उसके चिकने पेट पर आ गया.

मैं उसके पेट को अपनी जीब से चाटता हुआ नीचे उसकी चूत पर आ गया. उसकी चुत मे से पहले से ही रस्स टपक टपक कर नीचे गिर रहा था. मैने अपनी जीब से उसकी चूत को अच्छे से चाट चाट कर सॉफ कर दिया. फिर मैने अपनी जीब उसकी चुत मे डाली और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को अपनी जीब से ही चोद्ने लग गया.

देखते ही देखते उसने मेरी जीब पर अपनी चूत का पानी एक बार और निकाल दिया. फिर मैने उसकी चूत का सारा पानी पिया और उसकी छूट को चाट चाट कर सॉफ कर दिया. अब मैने महसूस किया की पूनम ने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ लिया.

मैं खड़ा हुआ और पूनम ने मुझे पूरा नंगा कर दिया. उसने मेरा लंड देखा और वो डर सी गई. पर जब मैने उसे समझाया तो उसने मेरा लंड अपने मूह मे ले लिया. उसे मेरा लंड पसंद आया और वो ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लग गई. वो मेरे लंड को अच्छे से चूस रही थी.

फिर मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और अपना लंड उसकी चुत पर लगा कर उसकी चूत को अपने लंड से मसलने लग गया. जब वो थोड़ी सी मस्त हुई, तभी मैने अपना लंड उसकी चूत मे डॉल दिया. दर्द के मारे वो चिल्लाने लगी, पर तभी मैने उसके मूह पर अपना हाथ रख दिया.

थोड़ी देर मे वो शांत हुई और मैने फिर एक और धक्के से अपना पूरा लंड उसकी चूत मे उतार दिया. मैने नीचे देखा तो उसकी चुत मे से खून निकल रहा था. जिसे देख कर मैं जोश मे आया और मैने फुल स्पीड मे चुदाई शुरू कर दी. हम दोनो का पानी एक साथ उसकी चूत मे ही निकल गया.

उस रात मैने उसे 4 बजे तक जम कर 4 बार चोदा. फिर अगले दिन वो अपने घर चली गई. उस दिन के बाद हम दोनो दिन रात फोन पर बातें करने लग गये. पर 7 महीने बाद उसका मुझे फोन आया, वो फोन पर रो रही थी.
उसने मुझे खा की उसकी शादी तय हो गई है. मैं बहुत उदास हो गया, मैं उसकी शादी मे गया और उसे अपनी आँखो के सामने किसी और की होते हुए देखा.

पर आज भी मुझे उसकी बहुत याद आती है. आज मैं एक दम अकेला हूँ, मैने अभी तक उससे एक बार भी कॉंटॅक्ट करने की कोशिश न्ही करी. मुझे उमीद है आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी.

तो चलिए जल्दी ही मिलता हूँ, अपनी एक और नयी कहानी के साथ. तब तक के लिए गुड बाइ टेक केयर.