मेरी क्रश मेरी बीवी

हेलो दोस्तो! मैं रोहित आपका स्वागत करता हूँ. मैं देसिकहानी का पीछे 3 साल से रीडर हू और ये मेरी पहली स्टोरी है. ये एक बिल्कुल रियल स्टोरी है जिसमे कोई भी मिक्स्चर नही है. उमीद करता हू की आपको पसंद आएगी.

मेरा नाम रोहित कटारिया है और मैं 23 साल का हूँ और दिल्ली का रहने वाला हूँ और एक एमएनसी मे जॉब कर रहा हू और वेल सेटल्ड हूँ. मेरे घर मे मम्मी पापा मेरी छोटी बेहन और मैं हूँ.

इस स्टोरी की हेरोयिन मेरी फ्रेंड डीवीषा है. उसकी उमर अभी 21 साल है. उसकी फिगर परिनीति चोपरा जैसी है. मेरा लंड का साइज़ 8 इंच है.तो चलिए स्टोरी शुरू करता हूँ.

मेरा बचपन से ही डीवीषा पर क्रश था लेकिन मैं कभी उसे कह नही पाया. डीवीषा मेरी सिस्टर की फ्रेंड है. जब भी वो हमारे घर पर आती मैं उसे देखता रहता था.

एक दिन मेरे घर पर मेरे इलावा कोई नही था. तभी डीवीषा आई. उसे कोई असाइनमेंट चाहिए थी. उसने मेरी सिस्टर के बारे पूछा तो मैने कहा वो तो नही है.. तुम खुद ही डूंड लो. तो वो असाइनमेंट ढूंढ़ने लग गई.

तो मेरे अंदर पता नही क्या हुआ तो मैने उसे कहा की डीवीषा मैं तुम्हे कुछ कहना चाहता हूँ. वो अपने काम मे लगी हूई थी और ऐसे ही बोली की हाँ बोलो. तो मैने कहा की ये थोड़ा सीरीयस मैटर है तो वो मेरी तरफ देखने लग गई और बोली हाँ बोलो!

मैं – तुम घुस्सा करोगी

डीवीषा – मैं क्यों गुस्सा करूँगी पागल

मैं – तुम पहले प्रॉमिस करो ये बात किसी को बताओगी नही

डीवीषा – मैं क्यू छुपाऊ किसी से

मैं – छोड़ो… रहने दो

डीवीषा – अरे बाबा! मज़ाक कर रही थी

मैं – प्रॉमिस?

डीवीषा – हां हां प्रॉमिस

मैं – तो पूरी बात सुन और फिर कोई जवाब देनाMore Sexy Stories  विधवा को बनाया अपनी रंडी

डीवीषा – ओके

मैं – यार मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूँ और बहुत टाइम से पर कहने से डरता था. आज भी पता नही कहाँ से हिम्मत आ गई. देख मुझे तुमसे कोई उमीद नही है. तुम कोई भी जवाब दो मुझे वो मंज़ूर होगा. अगर ना हुआ तो मैं कभी आँख उठा के भी नही देखूँगा.

डीवीषा को पता नही क्या हुआ लेकिन वो वहाँ से ऐसे ही चली गई बिना असाइनमेंट लिए…. मैने उसे रोकने की कोशिश भी नही की क्यूकी मैं बहुत डर गया था.

शाम को सारे घर वाले भी आ गये. मुझे डर था की उसने मेरी सिस्टर को ना बता दिया हो लेकिन ऐसा नही था. तो मेरी जान मे जान आई.

रात को करीब 11 बजे डीवीषा का व्हाट्सप्प पर मैसेज आया हेलो लिख कर. मेरे मोबाइल मे उसका नंबर. सेव था( मैने अपनी बेहन के मोबाइल से ले लिया था) लेकिन मैने अंजान बनकर कहा हूज़् द़ैट्? तो उसने कहा की मैं डीवीषा. तो मैं मन ही मन खुश होने लगा. तो मैने कहा यार आज के लिए आइ एम सॉरी. तो वो चुप रही

5 मिनिट बाद मैने फिर सॉरी लिखकर भेज दिया और कहा की आगे से ऐसा नही होगा और मैं तुमसे कभी ऐसी बात नही कहूँगा और मुझे तेरा जवाब मंज़ूर है.

तभी उसका मैसेज आया – कौनसा जवाब? मैने तो कोई जवाब नही दिया तो मैने कहा की वो तो मैं समझ ही गया. तो उसने कहा की वो भी मुझे पसंद करती है. लेकिन मैं भी कभी कह नही पाई. तो मैने कहा आइ लव यू और उसने आइ लव यू टू कहा. और फिर मैने उसे कॉल लगाई और उस रात हमारी 4 बजे तक बातें हूई.

अगले दिन वो हमारे घर फिर आई और फिर भी हमारी बात बहुत कम हूई क्यूकी मेरी बेहन थी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

तो ऐसे थोड़े दिन निकल गये. हमारी रोज़ बातें होने लगी. वो मुझसे हर छोटी बड़ी बात शेयर करने लगी. मैं उसके दिल का टुकड़ा बन गया. हमारी रोज़ घंटो बातें होने लगी.. एक दिन मेरी फैमिली को अर्जेंट्ली कहीं जाना पड़ गया लेकिन मैने बहाना बनाया और मैं नही गया. तो अगले दो दिन मैं घर पर अकेला रहने वाला था. ये बात मैने डीवीषा को बताई.

अगले दिन वो मेरे घर आई. मैने दरवाज़े को लॉक कर दिया. उसने पिंक कलर का टॉप और ब्लू जीन्स डाली होई थी और बहुत हॉट लग रही थी. मैने उसे बेड पे बिताया और उसके लिए कॉफी लेके आया और हम कॉफी पीने लगे और बातें करते रहे. पता ही नही चला कब 2 घंटे निकल गये. फिर मैने डीवीषा से कहा की कैन आइ किस यू?

तो उसने अपनी आँखें बंद कर ली और एक मुस्कान दी और ये मेरे लिए ग्रीन सिगनल था. मैने पहले उसकी आँखों पर किस किया फिर चीक्स पर. तो उसकी धड़कन तेज हो गई जो की सॉफ पता चल रहा था.

फिर मैने उसके होंठों पर किस किया. वो भी मेरा साथ दे रही थी. हम दोनो एक दूसरे में खो से गये थे. मेरे हाथ उसकी बॉडी पर घूमने लगे और वो मेरे बालों को सहला रही थी. उसके बाद वो बेड पर लेट गई. उसकी आँखे अभी भी बंद थी.

मैने उसके टॉप के उप्पर से उसके बूब्स को दबाने लगा तो वो बोली – रोहित ! यरर धीरे करो ना प्लीज़. मैं कही नही जा रही तो मैं उसके बूब्स को उप्पर से किस करने लगा तो वो आँहे भरने लगी. आह्ह्ह रोही.. मेरी जान क्या कर रहे हो यरर… मेरे अंदर पता नही क्या हो रहा है.. बसस करो यरर.. मैं सातवें आसमान पर था.

तो मैं नीचे आया और उसकी जीन्स की हुक खोल दी तों उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. उसने कहा की मुझे शरम आ रही है तो मैने उसे इशारे मे समझाया और वो समझ गई और हाथ हटा लिए और मुझे जीन्स उतारने दी. मैने उसकी जीन्स उतार दी और वो ब्लॅक पैंटी में आ गई.

मैने उसकी चूत को उप्पर से किस किया तो उसकी आवाज़ें आने लगी … आअहह रोही ये मत करो प्लज़्ज़्ज़्ज़.. उफफफफ्फ़ मैने उसकी जांगों पर जिब फिराई.

उसके बाद मैने उसका टॉप उतारा तो उसने वाइट ब्रा पहनी होई थी और मैने वो भी उतार के फेंक दी. और मैं उसके बूब्स पर टूट पड़ा और उसे लव बाइट्स देने लगा वो बस आआहह आहह करती रही और बोली और चूसो मेरे राजा. मैं बस तेरी रानी हूँ अहह मैं बस तेरी हूँ. वो पागल सी हो रही थी.

उसके बाद मैने उसके होंठ फिरसे चूसने लगा. वो खड़ी हूई और मेरे कपड़े उतार ने लगी और हम दोनो न्यूड हो गये. वो मेरे उप्पर आ गई. मैं उसके बालों मे खो गया. हम बस किस ही करे जा रहे थे.

उसके बाद मैं उसके उप्पर आगया और उसकी टांगे उठाई. मैने उसकी चूत के नीचे एक पिल्लो रखा और एक रुमाल रखा क्यूकी उसका पहली बार था.

फिर मैने अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और एक झटका मारा तो आधा लंड उसकी चूत मे गया तो वो चीकने लगी अहह रोही!!! बाहर निकालो इसे. मैं मर जायूंगी.

उसकी चूत से खून आने लगा. नीचे रखा रुमाल लाल रंग का हो गया. मैं उसे किस करने लगा तो वो थोड़ा शांत होई. थोड़ी देर बाद मैने एक और झटका मारा तो पूरा लंड उसकी चूत मे चला गया और उसके आँसू आने लगे.

थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो कमर उठा उठा कर मेरा साथ देने लगी. आह आह अहह रोही माइ बेबी माइ राजा मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ अहह मैं हमेशा तुम्हारी हूँ. मैं लगातार झटके मार रहा था तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया क्यूकी उसका पानी निकलने वाला था.

थोड़ी देर बाद मेरे लंड को कुछ गर्मी का एहसास हुआ जो उसके पानी की वजा से था. हम दोनो को बहुत मज़ा आया.. मैने अपना विर्य उसकी चूत मे ही छोड़ दिया. इस पर उसने नाराज़गी जताई तो मैने कहा की मैं आइ – पिल ले आऊंगा. तो वो मान गई.

हम बहुत थक गये थे और ऐसे ही सो गये. जब उठे तो देखा की 6 बज रहे हैं. तो हम जल्दी से उठे ओर कपड़े पहने और एक फाइनल किस किया और वो चली गई.

उस रात को मैने उसे फोन किया और उस से पूछा की कैसा लगा तो वो कहने लगी की उसकी ज़िंदगी का ये सबसे अच्छा दिन था. वो मुझसे बहुत प्यार करती है और हमेशा करती रहेगी. मैने भी उसे आइ लव यू कहा.

एक दिन उसने मुझ से कहा की मेरी बेहन को हमारे रिलेशनशिप के बारे मे पता लग गया क्यूकी उसने हमारी चैट पढ़ ली थी. उसने बताया की वो हमारे लिए खुश है और हमारी बात शादी तक लेकर जाएगी.

जब मैने अपनी बेहन से इस के बारे में बात की तो वो हसने लगी और बोली की 1 साल और प्राइवसी में रहो. वो फिर बात करेगी. तो एक साल तक हम ऐसे ही मिलते रहे.

आख़िरकार मेरी बेहन ने घर पर बात की और सभी को मना लिया और हमारी शादी हुई. और हमारी अफीशियल सुहाग्रात हुई जिसके बारे में मैं आपको अगली बार बताऊंगा 

तो कैसी लगी आपको मेरी स्टोरी. अपना फीडबैक ज़रूर देना

बाय्फ्रेंड के बड़े भाई ने चोदा

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम पिंकी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हू, मैं आप सबको अपने बारे मे बता दू मैं बहुत सेक्सी हू और मेरा फिगर 36-30-38 है मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बता रही हू कैसे बॉयफ्रेंड के बड़े भाईं ने चोदा.

ये मेरी सच्ची कहानी है और ये कहानी कुछ दिन पहले की है मेरा एक बॉयफ्रेंड है और मैं उससे खूब चुदवाति हू वो मुझे होटेल मे ले जाकर मुझे चोदता है तो कभी अपने घर ले जाता है और मुझे चोदता है.

मेरे बॉयफ्रेंड का एक बड़ा भाई है और उसको पता है की मैं उसके भाई से चुदवाति हू और वो भी मुझे लाइन मारता है लेकिन उसके तरफ ज़्यादा ध्यान नही देती हू बस हम दोनो की कभी कभी बातें हो जाती है और हम दोनो एक दूसरे को देख कर स्माइल देते है इससे ज़्यादा मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई कुछ नही करते है लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे खूब लाइन मारता है.

मेरे बॉयफ्रेंड ने बताया की उसके बड़े भाई का ब्रेकप हो गया और वो अब रंडी को जाकर चोदता है उसके बाद मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग एक दूसरे के साथ सेक्स किए और मेरा बॉयफ्रेंड मुझे अपनी कार से मेरे घर छोड़ने आया.

मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी बहुत हैंडसम है और वो मेरे साथ कभी कभी मज़ाक भी करता है और वो मेरी चुचि और गंद को खूब देखता ह लेकिन ये बात मैं अपने बॉयफ्रेंड को नही बताई हू क्यूकी मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई जब मेरी चुचि और गांड को देखता है तो मैं भी अपनी चुचि और गांड अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को दिखती हू और उसके सामने अपनी गांड को दिखती हू और वो मेरी चुचि और गांड को देख कर गरम हो जाता है.

आप सबको तो पता है अब ठंडी आ गयी और ठंडी के मौसम मे चुदवाने मे बहुत मज़ा आता है एक दिन मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी और हम दोनो एक दूसरे से बात किए उसने मुझे कॉफी दिया और उस दिन उसके घर उसका बड़ा भाई भी था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुए थे

मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग उस दिन सेक्स किए लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे ठीक से नही चोदा और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने कहा की आज उसका मूड नही है, नेक्स्ट टाइम मुझे खूब अच्छे से चोदेगा लेकिन मेरी चूत मे खुजली हो रही थी और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था.

मैं अपनी चूत को बिल्कुल सॉफ रखती हू और मैं डेली चुदवाति हू ऐसे ही मैं और मेरा बॉयफ्रेंड एक दूसरे से मिलते रहे और एक दूसरे के साथ बातें करते है. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

एक दिन मेरे बॉयफ्रेंड के घर कोई नही था सिर्फ़ उसका बड़ा भाई था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुवे थे और मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी थी..

और हम दोनो कॉफी पी रहे थे और मुझे टॉयलेट लगी थी और मैं टॉयलेट करने लगी और मैं जब टॉयलेट करके बाहर आई तो देखी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई बाहर खड़ा है और मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा है मैं समझ गयी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे चोदना चाहता है और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दे कर अपने बॉयफ्रेंड के रूम मे आ गयी.

मैं एक दिन अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी तो देखी की मेरा बॉयफ्रेंड कुछ काम से मार्केट गया है और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई अपने रूम मे था और अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के रूम मे गयी तो देखी की वो एक रंडी से बात कर रहा था और बोल रहा था की आज मैं तुझे चोदुँगा और तुझे टेन थाउज़ंड रुपीज़ दूँगा मैं आज तुझे रात भर चोदुँगा तू तैयार रहना

मैने ये बात सुन ली और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे देख लिया और बोला की पिंकी तुम कब आई और उसके बाद हम दोनो एक दूसरे से बातें करने लगे और वो मुझे बोला की तुम बहुत सेक्सी लग रही हो और उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दी.

मैं पूछी तो मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने बताया की मेरा बॉयफ्रेंड बहुत देर से आएगा और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से बाते करने लगे वो मुझे बताया की उसकी गर्लफ्रेंड उसको धोखा दे दी और वो किसी दूसरे से चुदवाति है और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से खुल कर बातें करने लगे और बातों-बातों मे ही हम दोनो गरम हो गये थे.

मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे कॉल किया और बोला की पिंकी तुम मेरे घर रहो मैं कुछ देर मैं आऊंगा और बोला की मैं आऊंगा तो तुम्हे चोदुँगा लेकिन मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से नॉन वेज बातें करके गरम हो गये थे, मैं अपने बॉयफ्रेंड को बोली की ठीक है आप जल्दी आए.

उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के साथ बातें करने लगी. मुझे अब चुदवाने का मन करने लगा और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा था और हम दोनो एक दूसरे को देख रहे थे.

तभी मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे किस किया और बोला की पिंकी तुम्हे बहुत चाहता हू और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हू और मैं कुछ नही बोली बस सेक्सी वाली स्माइल दी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को और वो समझ गया की मैं भी उससे प्यार करती हू और वो मुझे किस करने लगा.

मैं भी कुछ देर के बाद अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को किस करने लगी और हम दोनो किस करते करते एकदम गरम हो गये थे और उसने मेरी सलवार सूट निकाल दी और मैं ब्लॅक ब्रा और ब्लॅक पैंटी मे हो गयी जिसमे से मेरी चुचि और गांड एकदम सॉफ दिख रहे थे क्यूकी मैं बहुत सेक्सी हू और मेरी चुचि और गांड को देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी ब्रा निकाल दी और मेरी चुचि को दबाने लगा और मैं भी गरम होने लगी उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चुचि को चूसने लगा और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपने हाथ मे लेकर सहलाने लगी और हिलाने लगी.

उसके बाद मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड को चूसने लगी और हम दोनो एकदम गरम हो गये थे और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चूत को खूब चाटा और मेरी चूत को मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई बहुत अच्छे से चाट रहा था और मैं एकदम गरम हो गयी थी.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने एक कॉन्डोम निकाला वो बहुत सारी रंडियो को छोड़ता है इसलिए वो कॉन्डोम रखता है अपने पास और वो अपने लंड पर एक कॉन्डोम लगाया और मेरी चूत पर अपना लंड सेट किया और मेरी चूत मे अपना लंड डाल दिया मुझे दर्द होने लगा मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड बहुत बड़ा था.

मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई दोनो लोग चुदाई करने लगे और मेरा दर्द भी थोड़ा कम हुआ और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर चुदवाने लगी और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई मुझे चोद रहा था और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड से चुदवा रही थी

हम दोनो चुदाई करते करते झड़ गये उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे डॉगी स्टाइल मे चोदा और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था और मेरी चूत को चाट भी रहा था और मेरी चुचि को दबा भी रहा था.

मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई से खूब चुदवा रही थी और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था. वो मुझे घोड़ी बना कर मेरे उप्पर चड़ गया था और मुझे खूब चोद रहा था और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर खूब चुदवा रही थी और हम दोनो चुदाई करने के बाद झड़ गये.

मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे बहुत अच्छे से चोदा और उस दिन मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे दो बार बहुत अच्छे से चोदा और उसने मुझे चोदने के बाद टेन थाउज़ंड रुपीज़ दिया और बोला की मैं तुमको चोदने के दे रहा हू किसी रंडी को चोदने से अच्छा मे तुम्हे चोदु और तुम्हे पैसा दू.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फीडबैक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझसे बोला की तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई की गर्लफ्रेंड बन गयी और अब मैं दोनो की गर्लफ्रेंड हू.

लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड को ये बात पता नही है की मैं उसके बड़े भाई की गर्लफ्रेंड हू. आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी मैं आपके मैल का वेट करूँगी मैं रात भर व्हाट्सप्प पर ऑनलाइन रहती हू आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी “***”.

बाय्फ्रेंड के बड़े भाई ने चोदा

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम पिंकी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हू, मैं आप सबको अपने बारे मे बता दू मैं बहुत सेक्सी हू और मेरा फिगर 36-30-38 है मैं आपको अपनी सच्ची कहानी बता रही हू कैसे बॉयफ्रेंड के बड़े भाईं ने चोदा.

ये मेरी सच्ची कहानी है और ये कहानी कुछ दिन पहले की है मेरा एक बॉयफ्रेंड है और मैं उससे खूब चुदवाति हू वो मुझे होटेल मे ले जाकर मुझे चोदता है तो कभी अपने घर ले जाता है और मुझे चोदता है.

मेरे बॉयफ्रेंड का एक बड़ा भाई है और उसको पता है की मैं उसके भाई से चुदवाति हू और वो भी मुझे लाइन मारता है लेकिन उसके तरफ ज़्यादा ध्यान नही देती हू बस हम दोनो की कभी कभी बातें हो जाती है और हम दोनो एक दूसरे को देख कर स्माइल देते है इससे ज़्यादा मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई कुछ नही करते है लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे खूब लाइन मारता है.

मेरे बॉयफ्रेंड ने बताया की उसके बड़े भाई का ब्रेकप हो गया और वो अब रंडी को जाकर चोदता है उसके बाद मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग एक दूसरे के साथ सेक्स किए और मेरा बॉयफ्रेंड मुझे अपनी कार से मेरे घर छोड़ने आया.

मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी बहुत हैंडसम है और वो मेरे साथ कभी कभी मज़ाक भी करता है और वो मेरी चुचि और गंद को खूब देखता ह लेकिन ये बात मैं अपने बॉयफ्रेंड को नही बताई हू क्यूकी मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई जब मेरी चुचि और गांड को देखता है तो मैं भी अपनी चुचि और गांड अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को दिखती हू और उसके सामने अपनी गांड को दिखती हू और वो मेरी चुचि और गांड को देख कर गरम हो जाता है.

आप सबको तो पता है अब ठंडी आ गयी और ठंडी के मौसम मे चुदवाने मे बहुत मज़ा आता है एक दिन मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी और हम दोनो एक दूसरे से बात किए उसने मुझे कॉफी दिया और उस दिन उसके घर उसका बड़ा भाई भी था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुए थे

मैं और मेरा बॉयफ्रेंड दोनो लोग उस दिन सेक्स किए लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे ठीक से नही चोदा और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड ने कहा की आज उसका मूड नही है, नेक्स्ट टाइम मुझे खूब अच्छे से चोदेगा लेकिन मेरी चूत मे खुजली हो रही थी और मुझे और चुदवाने का मन कर रहा था.

मैं अपनी चूत को बिल्कुल सॉफ रखती हू और मैं डेली चुदवाति हू ऐसे ही मैं और मेरा बॉयफ्रेंड एक दूसरे से मिलते रहे और एक दूसरे के साथ बातें करते है. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

एक दिन मेरे बॉयफ्रेंड के घर कोई नही था सिर्फ़ उसका बड़ा भाई था और मेरे बॉयफ्रेंड के मम्मी पापा बाहर गये हुवे थे और मैं अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी थी..

और हम दोनो कॉफी पी रहे थे और मुझे टॉयलेट लगी थी और मैं टॉयलेट करने लगी और मैं जब टॉयलेट करके बाहर आई तो देखी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई बाहर खड़ा है और मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा है मैं समझ गयी की मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई मुझे चोदना चाहता है और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दे कर अपने बॉयफ्रेंड के रूम मे आ गयी.

मैं एक दिन अपने बॉयफ्रेंड के घर गयी तो देखी की मेरा बॉयफ्रेंड कुछ काम से मार्केट गया है और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई अपने रूम मे था और अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के रूम मे गयी तो देखी की वो एक रंडी से बात कर रहा था और बोल रहा था की आज मैं तुझे चोदुँगा और तुझे टेन थाउज़ंड रुपीज़ दूँगा मैं आज तुझे रात भर चोदुँगा तू तैयार रहना

मैने ये बात सुन ली और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे देख लिया और बोला की पिंकी तुम कब आई और उसके बाद हम दोनो एक दूसरे से बातें करने लगे और वो मुझे बोला की तुम बहुत सेक्सी लग रही हो और उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को स्माइल दी.

मैं पूछी तो मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने बताया की मेरा बॉयफ्रेंड बहुत देर से आएगा और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से बाते करने लगे वो मुझे बताया की उसकी गर्लफ्रेंड उसको धोखा दे दी और वो किसी दूसरे से चुदवाति है और मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से खुल कर बातें करने लगे और बातों-बातों मे ही हम दोनो गरम हो गये थे.

मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे कॉल किया और बोला की पिंकी तुम मेरे घर रहो मैं कुछ देर मैं आऊंगा और बोला की मैं आऊंगा तो तुम्हे चोदुँगा लेकिन मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई दोनो लोग एक दूसरे से नॉन वेज बातें करके गरम हो गये थे, मैं अपने बॉयफ्रेंड को बोली की ठीक है आप जल्दी आए.

उसके बाद मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के साथ बातें करने लगी. मुझे अब चुदवाने का मन करने लगा और मेरे बॉयफ्रेंड का बड़ा भाई भी मुझे हवस भरी नज़रो से देख रहा था और हम दोनो एक दूसरे को देख रहे थे.

तभी मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे किस किया और बोला की पिंकी तुम्हे बहुत चाहता हू और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हू और मैं कुछ नही बोली बस सेक्सी वाली स्माइल दी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को और वो समझ गया की मैं भी उससे प्यार करती हू और वो मुझे किस करने लगा.

मैं भी कुछ देर के बाद अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई को किस करने लगी और हम दोनो किस करते करते एकदम गरम हो गये थे और उसने मेरी सलवार सूट निकाल दी और मैं ब्लॅक ब्रा और ब्लॅक पैंटी मे हो गयी जिसमे से मेरी चुचि और गांड एकदम सॉफ दिख रहे थे क्यूकी मैं बहुत सेक्सी हू और मेरी चुचि और गांड को देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी ब्रा निकाल दी और मेरी चुचि को दबाने लगा और मैं भी गरम होने लगी उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चुचि को चूसने लगा और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपने हाथ मे लेकर सहलाने लगी और हिलाने लगी.

उसके बाद मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड को चूसने लगी और हम दोनो एकदम गरम हो गये थे और मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मेरी चूत को खूब चाटा और मेरी चूत को मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई बहुत अच्छे से चाट रहा था और मैं एकदम गरम हो गयी थी.

मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने एक कॉन्डोम निकाला वो बहुत सारी रंडियो को छोड़ता है इसलिए वो कॉन्डोम रखता है अपने पास और वो अपने लंड पर एक कॉन्डोम लगाया और मेरी चूत पर अपना लंड सेट किया और मेरी चूत मे अपना लंड डाल दिया मुझे दर्द होने लगा मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड बहुत बड़ा था.

मैं और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई दोनो लोग चुदाई करने लगे और मेरा दर्द भी थोड़ा कम हुआ और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर चुदवाने लगी और मेरे बॉयफ्रेंड का भाई मुझे चोद रहा था और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई के लंड से चुदवा रही थी

हम दोनो चुदाई करते करते झड़ गये उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझे डॉगी स्टाइल मे चोदा और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था और मेरी चूत को चाट भी रहा था और मेरी चुचि को दबा भी रहा था.

मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई से खूब चुदवा रही थी और वो मुझे बहुत अच्छे से चोद रहा था. वो मुझे घोड़ी बना कर मेरे उप्पर चड़ गया था और मुझे खूब चोद रहा था और मैं भी अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई का लंड अपनी चूत मे लेकर खूब चुदवा रही थी और हम दोनो चुदाई करने के बाद झड़ गये.

मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे बहुत अच्छे से चोदा और उस दिन मेरे बॉयफ्रेंड के भाई ने मुझे दो बार बहुत अच्छे से चोदा और उसने मुझे चोदने के बाद टेन थाउज़ंड रुपीज़ दिया और बोला की मैं तुमको चोदने के दे रहा हू किसी रंडी को चोदने से अच्छा मे तुम्हे चोदु और तुम्हे पैसा दू.

कहानी पढ़ने के बाद कृपया अपना फीडबैक नीचे कॉमेंट सेक्शन मे ज़रूर लिखिए, या फिर आप मुझे ईमेल भी कर सकते है और अब फॉलो कीजिए देसिकहानी फ़ेसबुक और गूगल+ पर.

उसके बाद मेरे बॉयफ्रेंड के बड़े भाई ने मुझसे बोला की तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ और मैं अपने बॉयफ्रेंड के बड़े भाई की गर्लफ्रेंड बन गयी और अब मैं दोनो की गर्लफ्रेंड हू.

लेकिन मेरे बॉयफ्रेंड को ये बात पता नही है की मैं उसके बड़े भाई की गर्लफ्रेंड हू. आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी मैं आपके मैल का वेट करूँगी मैं रात भर व्हाट्सप्प पर ऑनलाइन रहती हू आप सब मुझे मैल करिए मैं आपसे व्हाट्सप्प पर सेक्स चैट करूँगी और अपनी हॉट पिक्स भी भेजूँगी “***”.

अंजान सेल्स गर्ल की चोदि चूत

मेरे सभी प्यारे दोस्तो को मेरे यानी रमण कुमार भल्ला की तरफ से आप सब को कोटि कोटि प्रणाम. मैं आज आप के लिए अपनी पहले सेक्स की कहानी ले कर आया हूँ. ये कहानी एक मस्त कहानी है, इस पढ़ कर आप एक बार ज़रूर मूठ मार ही लेंगे.

तो फिर अब देर किस बात की, चलिए कहानी शुरू करते है.

मैं सोनीपत का रहने वाला जवान लड़का हूँ. मुझे शुरू से ही जिम का शॉंक है, इसलिए मेरी बॉडी काफ़ी अच्छी बनी हुई है. मेरा लंड 6 इंच लंबा पर 2’5 इंच मोटा है.

मैने 20 साल की उम्र तक कभी सेक्स न्ही किया था. मैं अभी तक सिर्फ़ ब्लू मूवी देख कर अपना काम चला रा था. ये सब ठीक तो न्ही है, पर अब इसके इलावा मेरे पास और कोई चारा भी न्ही था.

क्योकि अभी तक मैने कोई लड़की पटाई न्ही थी. तो भला मैं केसे किसी की चूत मार सकता था. इसलिए मैं अपना काम फिलहाल मूठ मार कर चला रा था. पर मुझे इस बात का पूरा विश्वास था, की जिस दिन भी मुझे किसी लड़की चूत मिल गई. उसके तो मैं दोनो हाथ जुड़वा दूँगा.

आख़िर वो दिन आ ही गया, मैं अपने घर मे उस दिन अकेला था. मेरे घर वाले शाम से पहले किसी भी हालत मे न्ही आने वाले थे. क्योकि वो आउट ऑफ स्टेशन गये हुए थे. इसलिए कोई दिक्कत वाली बात न्ही थी, मैं अपने रूम मे बैठ कर ब्लू फिल्म बड़े आराम से देख रा था.

गर्मी का टाइम था, इसलिए मैं नंगा हो कर अपने रूम मे मूठ मार रहा था. पूरा माहोल गरम बना हुआ था, एक साइड मैं मूठ मार रा था. मेरे आगे ब्लू फिल्म मे एक लड़की 5 लड़को से चुद रही थी.

मेरे लंड का पानी बस निकलने ही वाला था. तभी बाहर डोर बेल बज गई, मेरे मूह से जोरदार गाली निकली की बेहेनचोद अब कों अपनी मा चुदवाने आ गया है. मैने जल्दबाज़ी मे अपना अंडरवेयर न्ही डाला था.

मैने सिर्फ़ अपनी निक्कर ही डाली थी, और मैं बाहर डोर ओपन करने के लिए चला गया. जेसे ही मैने डोर ओपन किया तो मैं बाहर देख कर हैरान रह गया, क्योकि मेरे घर के बाहर एक परी खड़ी थी.

वो सच मे एक खूबसूरत लड़की थी. जिसे देख कर मेरे दिल मे धक धक होने लग गई थी. पहले तो मैने उसे थोड़ी देर तक नीचे से उपेर तक देखा, मैं उसका दीवाना हो गया था. मेरा लंड पहले से ही खड़ा था, जिसने निकार मे तंबू बनाया हुआ था.

लड़की – हेलो मैं पूजा हूँ, क्या घर पर कोई लेडी है ?

मैं – क्यो आपको क्या काम है ?

लड़की – देखिए मैं एक सेलगर्ल हूँ. मेरे पास बहुत अच्छे कॉसमेटिक्स के कुछ समान है. जो मार्केट प्राइस से बहुत कम मे मिल रहे है.

मैने थोड़ी देर सोचा और बोला – हा है तो है, पर उन्हे आने मे 5 मिनिट लगेगें. आप चाहे तो अंदर बैठ कर उनके आने का वेट कर सकती हो.

लड़की – ठीक है.

उसकी नज़र मेरे लंड पर भी बार बार जा रही थी. फिर मैने उसे बिठाया और खुद अंदर पानी लेने चला गया. दोस्तो वो लड़की सच मे बहुत खूबसूरत थी, उसका फिगर कुछ था 34-28-36. मैं तो उसके बूब्स देख कर पागल होरा था.

उसने वाइट कलर की शर्ट और नीचे ब्लॅक कलर की जीन्स डाली हुई थी. जिसमे वो बहोट अच्छी लग रही थी. फिर मैं उसके पास पानी ले कर गया, जैसे ही पानी लेने लग गई. तभी मैने जान बुझ कर उसके उपर पानी गिरा दिया. उसकी शर्ट और जीन्स पूरी तरह से गीली हो गई थी.

मैं –आई यम रियली सॉरी वो ग्लास हाथ से फिसल गया.

लड़की – कोई बात न्ही, वॉशरूम काहा है ?

मैं – आप ऐसा करो मैं आपको अपनी बेहेन के कपड़े देता हूँ. आप वो डाल लो. थोड़ी देर मे ये सुख जाएगें.

लड़की – ठीक है.

फिर वो बाथरूम मे चली गई. उसकी शर्ट मे से अब उसके मोटे मोटे बूब्स सॉफ सॉफ दिख रहे थे. मैने उसे अपनी बेहेन का शॉर्ट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट डालने के लिए दे दी. इतने मे टीवी पर ब्लू मूवी लगा दी, और टीवी ऑफ कर दिया.

कुछ ही देर मे वो वापिस आई और मैने उसके लिए चाय बनाने के लिए किचन मे चला गया. मैने चुपके से बाहर देखा तो मैने देखा की वो टीवी चालू करके ब्लू मूवी बड़े आराम से देख रही थी.

ये देख कर मैं समझ गया की ये साली ज़रूर आज मुझसे चुदेगि. थोड़ी देर मैं किचन मे रुका और फिर बाहर देखा तो वो लड़की अपनी पेंटी के अंदर हाथ डॉल कर अपनी चूत को मसल रही थी. मैं तभी दो ग्लास मे बियर डॉल कर बाहर आया.

मुझे आता देख उसने जल्दी से टीवी ऑफ कर दिया, और वो खुद नॉर्मल होकर बैठ गई. मैं उसकी आँखो मे आँखें डॉल कर बोला, उसने बियर देख कर वो बोली.

लड़की – ये चाय तो न्ही है ?

मैं – मेरी जान जेसा माहोल वैसी ड्रिंक.

लड़की – क्या मतलब है तुम्हारा ?

मैं – क्यो अब रगड़ लो चूत को अपनी, मैने सब कुछ देख लिया है.

लड़की – हेलो आप ही पहले ये सब देख रहे थे. जेसे ही मैने टीवी ओंन किया तो ये सब अपने आप चलने लग गया. और मैं गरम हो गई थी.

मैं – अगर आप कहो तो मैं आपको ठंडा कर दू.
मेरी ये बात सुन कर वो मुस्कुराइ और बोली – अगर कोई आ गया तो ?

मैं – रात होने से पहले यहाँ कोई न्ही आएगा.

बस ये कहते ही मैं उसके पास गया और उसके पास बैठ कर उसके होंठो को चूसने लग गया. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, मेरे हाथ उसके बूब्स को मसल रहे थे. मैं ज़ोर ज़ोर से उसके बूस को मसल रहा था. इससे वो और भी जल्दी गरम होने लग गई थी.

फिर हम दोनो पूरे नंगे हो गये, वो मेरा लंड देख कर डरने लग गई. फिर मैने उसे अपने बेडरूम मे ले गया, वाहा मैने उसके पूरे जिस्म को अच्छे से चूसा. और उसकी चूत को अच्छे से चूस कर उसका सारा पानी निकाल दिया.

फिर मैने अपना लंड उसकी चूत मे डालना शुरू कर दिया. उसकी चूत बहुत टाइट थी, पर मैने जैसे तैसे करके अपना लंड उसकी चूत मे डॉल ही दिया. उसे भी बहुत दर्द हो रा था. पर थोड़ी देर के दर्द के बाद उसने बहुत मज़े किए.

मैने उसकी चूत या गांड भी शाम तक 2 बार मारी. हम दोनो ने बियर पी और फिर एक साथ नहा कर तयार हो गये. मैने जाते हुए उसे 2000 का नोट दिया और साथ ही अपना नंबर भी दे दिया.

लड़की – थॅंक्स पर आज के बाद हम कभी न्ही मिलेगें.


बाय्फ्रेंड से दोस्तों के सामने चुदाई

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम प्रिया है मेरी फिगर 32,26,32 है और मैं पहली बार स्टोरी लिख रही हूँ ये तब की बात है जब मैं 12थ मे थी और मेरी उमर उस वक्त 18 साल थी और मैं अपने बॉय फ्रेंड से बोहोत प्यार करती थी, उसका नाम प्रेम है और वो दिखने मे स्मार्ट है हाइट 6 है तो सोचो उसका लॅंड का साइज़ क्या होगा उसका लॅंड का साइज़ 9 इंच और 3 गुना थिक है तो चलो स्टोरी स्टार्ट केरते है, हम एक दूसरे से बहोत प्यार करते थे एक दिन मेरी मम्मी पापा बाहर गये थे 2 दिन के लिए तो सोचा की अपने फ्रेंड्स को घर इन्वाइट करू खाने के लिए वो भी कपल थे हम सब 6 लोग थे, तो क्या बनाना डिसाइड किया वेज पुलाव बनाए लड़कोने कहा की तुम लड़किया आराम करो हम लड़के बनाते है तो हम लड़किया हॉल मे आ कर बैठ गयी और बातें करने लगे तभी प्रेम मेरे पास आया उसने मुझे रूम मे बुलाया मैं थोड़ी देर के बाद गयी रूम मे तो उसने जल्दी से रूम का दरवाजा बंद कर दिया.

और मुझे पीछे से हग करने लगा पागलो जैसे किस करने लगा और ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स दबाने लगा एक हाथ से बूब्स दबा रहा था दूसरे से चुत ज़ोर ज़ोर से रब कर रहा था, उसने जल्दिसे मुझे उठाया और ज़ोर से बेड पर डाल दिया मेरे उपर आ गया लिप्स किस करने लगा कभी नेक पर ज़ोर ज़ोर से बूब्स दबा रहा है निप्पल को ज़ोर्से चिमति ले रहा था मैं आउट ऑफ कंट्रोल हो रही थी, तो मैं उसका साथ दे रही थी तभी उसने मेरा टॉप उतार दिया अब मैं सिर्फ़ ब्रा पे थी और जीन्स पहनी थी और वो मुझे ब्रा के उपर से ही किस करने लगा निपल्स को काटने लगा मेरी सिसकिया निकालने लगी और तभी उसे जोश आया उसने जोरसे मेरी ब्रा को खिचा तभी मेरी ब्रा टूट गयी उसने निकाल कर फेंक दिया, अब मेरे गोरे गोरे बूब्स उसके सामने नंगे थे पिंक निप्पल्स उसे देख कर वो पागल हो गया और ज़ोर ज़ोर से वो काटने लगा और चूसने लगा और उसने मेरा हाथ उसकी पैंट पर रखा तब मुझे उसका लॅंड फील हुआ की कितना टाइट हुआ है.

तो फिर उसने मेरी जीन्स की बटन ओपन किया ज़िप ओपन किया एक ही झटके मे पैंट और पैंटी निकाल दी और बोला की प्रिया मुझसे कंट्रोल नही हो रहा है, तो मैने उसका लॅंड बाहर निकाला और देख कर डर गयी मस्त लॅंड था उसका मोटा और इतना लंबा तो उसने जेब से कॉंडम निकाला और उसके लॅंड पर लगया एक उंगली मेरी चुत मे डाली और आगे पीछे करने लगा, मुझे बहोत दर्द हो रहा था और डर भी लग रहा था तो अब उसने उसका लॅंड मेरी चुत पर रखा और रब करने लगा और एक झटका दिया मुझे एक दम से दर्द हुआ मैने उसे जोरसे धक्का मारा क्यूकी मैने अभी तब किसी के साथ सेक्स नही किया था और मैं डर गयी थी मैने जल्दी से कपड़े पहने और बाहर आ गयी और प्रेम को बहोत गुस्सा आया वो मुझसे बात नही कर रहा था मेरी फ्रेंड्स को पता चला तो उन्होने मुझे समझाया की फर्स्ट टाइम डर लगता है और तकलीफ़ होती है, फिर मुझे लगा की मैने राज को हर्ट किया.

अब मुझे उसे मनाना था बट कैसे वो गुस्से मे रूम मे उल्टा सोया था मैं उसके पास गयी उसे पूछा क्या कर रहे हो उसने आन्सर नही दिया तो सोचा बहोत गुस्सा है अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा ये सब मेरे एक दोस्त देख रहे थे सो मैने उसको गाल पर एक किस किया लेकिन वो माना नही फिर मैने उसे लिप्स किस करने लगी तो उसने मूह दूसरी तरफ कर दिया तो अब क्या करू फिर एक आइडिया आया मैं उसके पेट पर बैठ गयी और अपना टॉप उपर कर दिया मेरा ब्रा तो फट चुका था अब मैने अपने बूब्स उसके पेट पर रब किए ये सब मेरे दोस्त देख रहे थे तो उन्होने मेरे बूब्स देखे और देखते ही रह गये मेरे बूब्स देख कर उनका हाथ उनके लॅंड पर गया और अब प्रेम एग्ज़ाइट हो गया उसने उसका चेहरा मेरी तरफ किया और बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा निपल्स को ज़ोर ज़ोर से रब करने लगा, मैं और ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो गयी और अब कुछ भी हो जाए मैं खुद को चुदवा के रहूंगी और फिर उसने मेरा निप्पल मूह मे ले लिए और चूसने लगा.

वो मुझे बोला तुझे लगता है ना मैं तुझे चोदु तो तुझे मेरा एक काम करना पड़ेगा तो मैने पूछा क्या वो बोला तुझे मेरा लॅंड मूह मे लेना पड़ेगा तो मैं मान गयी उसकी पैंट की ज़िप ओपन की और उसका मोटा लॅंड मूह मे ले लिया और चूसने लगी, 10 मिनट तक चूसने के बाद वो मुझे बोला की कॉंडम तू ही लगा मेरा लॅंड पर मैने हान कहा और कॉंडम लगाया और मैने अपना जीन्स और पैंटी उतार दी और वो बोला पकड़ उसे और अपने चुत पर रब कर मैने वैसे ही किया वो बोला तू पकड़ कर रख मैं ज़ोर से नीचेसे झटका देता हूँ और उसने मेरी कमर ज़ोर से पकड़ी और ज़ोर का झटका दिया उसका लॅंड का आगे हिस्सा मेरी चुत मे गया था मैं जोरसे चिल्लाई लेकिन उसने मुझे पकड़ कर रखा था थोड़ी देर बाद और ज़ोर का झटका दिया अब उसका पूरा लॅंड मेरी चुत मे था मैं इतने टाइट हो गयी थी मेरे बूब्स उसने जोरसे दबाने शुरू किया और नीचे से चोदना.

अब मेरा दर्द भी कम हो चुका था और मज़ा आने लगा था मेरी मूह से आआहह आआहह आअहह की आवाज़े आने लगी थी और मैं भी उसका साथ देनी लगी जोरा जोरसे चुदवाने लगी थी तो मैने उसे जोरसे पकड़ा और मैं झड़ गयी, फिर वो बोला अब तू नीचे तो मैं उपर से चोदता हूँ तुझे अब मैं नीची हो गयी उसने अपना लॅंड फिर रब किया जोरसे मेरी चुत मे डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा मैं आहहआ आ आअहह आअहह की आवाज़ से मेरे दोस्तो की हालत खराब हो गयी थी उन्होने भी अपने गर्लफ्रेंड को चोदना चालू कर दिया और मैं भी ये सब देख कर और मज़ा लेने लगी और 15 मिनट मे वो झड़ गया और मैं 3 बार और उसने फिर कॉंडम निकाला और मुझे दिखाया और बोला तुझे पीना है क्या मैने हान कहा और मैं उसका सारा माल पी गयी, दोस्तो आपको कैसी लगी ये स्टोरी मुझे रिप्लाइ देना मेरी मैल आईडी है कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कॉमेंट्स मे ज़रूर लिखे, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियाँ पेश कर सके – डीके

नटखट साली पूजा की मस्त चुदाई

हेल्लो दोस्तो. मेरा नाम रमण है .आप सब के लिए एक मस्त कहानी ले कर आया हूँ. ये कहानी मेरे और मेरी साली के बीच उसके साथ मेरे पहले सेक्स की है. आप सब को पता ही है, की जीजू और साली मे कितनी मस्त मस्ती होती है.

तो ज़रा सोचिए दोनो के बीच कितना मस्त सेक्स होगा. तो चलिए फिर टाइम क्यो खराब करते है. सीधा अपनी कहानी पर आते है.

आज मेरी शादी को 13 साल हो चुके है. मेरी शादी 24 साल की उम्र मे अंकिता से हुई थी. उस टाइम उसकी उम्र 19 साल की थी. सच मे मैं उससे शादी करके अपने आप को काफ़ी लकी समझ रहा था. क्योकि 19 की अंकिता एक कवली लड़की थी.

मैने ही उसकी सील को तोड़ा था. वो बहुत ही सेक्सी और मस्त माल है. पर आज मैं अपनी वाइफ की न्ही अपनी साली की बात करने जा रा हूँ. मैं लकी इस लिए भी था, क्योकि मेरी एक साली भी थी. उसका नाम पूजा है, जब मेरी शादी हुई तो उसकी उम्र सिर्फ़ 16 साल थी. वो उस टाइम 10त क्लास मे थी.

जैसे की साली जीजू मे मस्ती होती है. वैसे ही मस्ती हम दोनो मे भी खूब होती थी. सच कहूँ तो मैं अपनी साली का पहले दिन से दीवाना था. क्योकि उसका 18 साल की उम्र मे जो फिगर उभर कर बाहर आया था. वैसा फिगर आज तक मैने कभी किसी लड़की का न्ही देखा.

उसका फिगर कुछ ऐसा था 33-26-28 था. अब आप खुद ही सोच सकते हो, की अगर किसी लड़की का इतना मस्त फिगर हो तो वो कितनी मस्त दिखती होगी. इसलिए मैं उसका शुरू से ही दीवाना तो था पर जब वो 18 साल की हुई तो मुझे उससे प्यार हो गया था.

अब वो मेरे घर अब काफ़ी आने जाने लग गई थी. उसके आने पर घर का माहोल ही कुछ और बन जाता था. उसको देख कर मैं काफ़ी खुश हो जाता था और पूजा भी मुझे देख कर खुश हो जाती थी.

हम दोनो अकसर एक खेल खेलते थे. वो है गुद-गुद्दि वाला खेल, मैं अकसर पूजा के पेट, बाजू के बीच उसकी गरदन और बूब्स के आस पास उसे गुद-गुद्दि करता था. जिससे वो हस हस कर पागल हो जाती थी.

पर मुझे इसमे बहुत मज़ा आता था. क्योकि इसी बहाने उसके कोमल जिस्म को छू लेता था. मुझे सच मे इसमे बहुत मज़ा आता था. मुझे इस बात का पता चल गया था. की मुझे पूजा लाइक करती है, क्योकि जब मैं उसे इधर उधर छूता था, तो वो मुझे कुछ न्ही कहती थी.

फिर मेरा एक लड़का हो गया, इसी बीच पूजा कुछ दिन मेरे घर काम करने के लिए आई थी. कसम उन दीनो मैने उसके साथ बहुत मस्ती करी. मैने उसके गालो को अच्छे से चूमा.

थोड़े टाइम बाद मुझे अपने ससुराल जाना पड़ा . उस दिन पूजा मुझे देख कर काफ़ी खुश हो रही थी. उसे देख कर मैं भी काफ़ी खुश होरा था. रात को सब टीवी देखते थे, और पूजा किचन मे सबके लिए डिन्नर बना रही थी.

मैं उससे मिलने के लिए तड़पता रहता था. मैं और मेरा लंड ये ही चाहता था की मैं ही उसकी सील को तोड़ूं. इसलिए मैं उसके पास ज़्यादातर टाइम बिताता था. जब वो उसने 12वी पास करी तो वो मेरे घर के पास वाले कॉलेज मे स्टडी के लिए वाहा अड्मिशन ले लिया.

मैं पानी पीने के लिए किचन मे गया, मैने देखा पूजा ने येल्लो कलर का टाइट सूट डाला हुआ था. कसम से साली कयामत लग रही थी. उसके बूब्स बाहर आने को मानो मचल रहे थे. मैं धीरे से उसके पास गया, और उसके पीछे खड़ा हो कर उसके दोनो बूब्स अपने हाथ मे लेने लग गया

उसके बूब्स सच मे काफ़ी सॉफ्ट थे, मैं धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा ने मुझे कुछ न्ही खा, मैने महसूस किया की उसकी साँसे ज़ोर ज़ोर से उपर नीचे हो रही थी. मैं समझ गया की पूजा गरम हो रही है, मुझे अब इसे और गरम करना चाहिए.

इसलिए मैं पीछे से उसे अच्छे से चिपक गया. मेरा लंड उसकी मोटी सी गांड की दरार मे जा कर फस गया. मैं अपने होंठो से धीरे धीरे उसकी गरदन को धीरे धीरे चूमने लग गया. इससे पूजा और ज़्यादा मेरे काबू मे आने लग गई.

फिर मैने अपने होंठो से उसके कान पकड़े और धीरे धीरे उसके कान को अपने होंठो से चबाने लग गया. अब तो पूजा पागल हो गई थी, उसने अपना काम वही छोड़ दिया. उसकी साँसे अचानक से बहुत तेज़ होने लग गई. और ज़ोर ज़ोर से उसके मूह से मस्ती से भरी सिसकारियाँ निकलने लग गई.

तभी मुझे एहसास हुआ की कोई आ रहा है. इसलिए मैं पूजा से दुर हो कर उससे बातें करने लग गया. अगले ही पल मेरी सासू मा किचन मे आ गई. मेरी जान मे जान आई, मैने सोचा अगर आज फस जाता तो लेने के देने पड जाते.

इसलिए उसके बाद मैं पूजा के करीब न्ही गया. अगले दिन जब मैं अपने घर वापिस जाने लगा तो पूजा भाग मेरे पास आई और मुझे अपनी बाहों मे भर लिया. उसने मेरे कान मे धीरे से कहा.

पूजा – जीजू आप बहुत अच्छे हो.

मैं – सच मे ?

पूजा – हा जीजू आई लव यू सो मच.

मैं – आई लव यू टू मेरी प्यारी साली.

पूजा – मैं जल्दी ही घर आउंगी अब.

मैं – मुझे तेरा इंतज़ार रहेगा.

फिर मैं अपने घर आ गया, मैने पूजा मे आग लगा दी थी. अब उसे शांत करवाने के लिए पूजा कुछ भी करने को तयार होगी मेरे साथ ये मुझे अच्छे से पता था. घर गया तो मुझे पता चला की अंकिता ने अपने लिए एक नयी जॉब देख ली है.

मेरे घर से 5 किलो मीटर दूर एक स्कूल है, उसने अंकिता को टीचर की जॉब मिल गई थी. साथ ही हमारे बच्चे की स्टडी वाहा फ्री होनी थी. ये मुझे एक अच्छा ऑफर लगा इसलिए मैने अंकिता को उस जॉब के लिए हा कर दी.

अब अंकिता रोज 8:15 पर आराम से घर से निकल जाती थी और साथ ही बच्चे को भी ले जाती थी. मेरा ऑफीस 11 बजे होता था, इसलिए मैं लेट ऑफीस जाता था. एक दिन मैं शाम को अपनी मस्ती मे घर आया. घर के बाहर से ही मुझे अंदर पूजा की आवाज़ आती सुनाई दी, मैं समझ गया की आज पूजा घर पर आई हुई है.

मैं तभी घर से वापिस गया और उसकी पसंद का सारा खाने का समान ले कर घर आया. जैसे ही मैं अंदर आया पूजा मेरे गले से लग गई, मैं अपनी साली का इतना प्यार देख कर खुश हो गया. फिर मैने पूजा को उसके खाने का समान दिया, जिससे वो और भी खुश हो गई.

फिर रात को करीब 10 बजे तक मैने पूजा से बात करी. फिर मैं अपनी वाइफ के साथ सो गया. पूजा अलग रूम मे सो रही थी. सच कहूँ तो मुझे नींद ही न्ही आ रही थी. मैं बस ये ही सोच रहा था, की कैसे मैं पूजा अपनी साली की चूत को मारू.

सुबह मेरी आँखे 7 बजे खुली, मैं उठा तो मैने देखा की अंकिता उपर छत पर कपड़े डालने के लिए गई है. मैं जल्दी से उठा और पूजा के रूम मे गया, वो बेड पर पिंक कलर की मॅक्सी डॉल कर सो रही थी. सच मे साली वो बहुत मस्त लग रही थी.

मैं उसके पास तो मैने देखा की उसके गोरे गोरे बूब्स बाहर आ रहे थे. मैं अपना हाथ धीरे से उसके नंगे बूब्स पर रखा और धीरे धीरे उसके बूब्स को मसलने लग गया. पूजा अब तक जाग चुकी थी, पर वो जान बुझ कर सोने की आक्टिंग कर रही थी.

असल मे वो सोते हुए भी मज़ा ले रही थी. फिर मैने उसके बूब्स मॅक्सी से पूरे बाहर निकाल दिए. बूब्स बाहर आते ही वो जाग गई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोकते हुए बोली.

पूजा – जीजू कोई आ जाएगा प्लीज़.

मैं – तुम फिकर ना करो, तेरी दीदी उपर छत पर गई है. वो थोड़ी देर तक आएगी.

पूजा – तो अभी आपका क्या इरादा है.

मैं – मेरा इरादा तो इन्हे चूसने का है. पर पहले तुम ये बताओ की तुमने कभी अपने बूब्स चुस्वाए है.

पूजा – हा मेरी एक सहेली है, हम दोनो एक रात एक दूसरे के बूब्स अच्छे से चूसे थे.

मैं – कोई बात न्ही आज मैं चुसूंगा.

पूजा – ठीक है जीजू चूस लो.

फिर मैं पूजा के दोनो बूब्स काफ़ी अच्छे से चूसे 10 मिनिट तक चूसे. उसकी हालत इतने मे ही खराब हो गई थी, उसका चेहरा लाल हो गया था. उसके मूह से आहह आहह की आवाज़ें आने लग गई थी.

तभी मुझे अंकिता के आने की आवाज़ आई, मैं और पूजा तभी अलग हो कर बैठ गये. फिर कुछ ही देर मे अंकिता ने घर के काम किए और बच्चे को लेकर अपने स्कूल मे चली गई.

अब पूरे घर मे मैं और पूजा अकेले थे. अंकिता के जाते ही पूजा भाग कर मेरे पास आई और मेरे होंठो को ज़ोर से पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. कसम से मज़ा आ गया था, उसके साथ किस्सिंग करने मे.

मेरे हाथ उसकी गांड पर चल रहे थे, मैं उसे गोध मे उठा कर बेडरूम मे ले गया. वाहा हम दोनो जाते ही पूरे नंगे हो गये. मैने पूजा के पूरे जिस्म को नीचे से उपर तक पूरा चूमा. फिर पूजा ने मेरा लंड अपने हाथ मे लिया और बोली.

पूजा – जीजू आप का लंड पूरा मस्त है. आज इस लंड से मुझे आप अपनी पूरी वाइफ बना लो. वैसे भी मैं आपकी हाफ वाइफ तो हूँ ही.

मैं – पूजा तू तो मेरी जान है. आज देख केसे मैं तुझे अपनी रानी बनाता हूँ. अच्छा वैसे कभी चूत मे लंड लिया है तूने ?

पूजा – न्ही जीजू.

मैं – मतलब आज मैं तेरी चूत की सील तोड़ूँगा. मज़ा आ जाएगा आज तो थोड़ा दर्द होगा प्लीज़ सहन कर लियो ओके.

पूजा – ठीक है, पर पहले मेरी चूत को प्यार तो करो.

ये सुन कर मैं मस्त हो गया, मैं पूजा की दोनो टाँगे उठा कर अपना मूह उसकी चूत पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी कवली चूत क्या कमाल की थी. उसका स्वाद मुझे बहुत ही पसंद आया.

मैने करीब 20 मिनिट तक पूजा की चूत को अच्छे से चूसा, और फिर मैने अपना लंड उसकी चूत मे धीरे धीरे डालना शुरू कर दिया. शुरू शुरू मे पूजा को काफ़ी दर्द हुआ. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, पर उसकी कोई सुनने वाला न्ही था.

उसकी चूत से खून निकल राहा था, पर मुझे मज़ा बहुत आ रहा था. उसकी चूत को मैने बहुत चोदा. चुदाई मे टाइम का पता न्ही लगा की कब 11 बाज गये. मैने अपने ऑफीस मे फोन करके आज की छुट्टी ले ली. जिससे पूजा और खुश हो गई.

फिर हम दोनो साथ मे नहाए और फिर पूजा ने मेरा लंड चूस चूस कर उसका पानी पिया. उस दिन मैने 2 बजे तक पूजा की 4 बार जम कर चुदाई की. आज वो मेरी वाइफ बनी हुई है. उसका किसी और से शादी करने का मन न्ही करता

पड़ोसन पूजा मेरे लंड की दीवानी

मेरे सभी प्यारे दोस्तो आपका मैं आज अपनी पहली कहानी मे सावगत करता हूँ. ये कहानी मेरे लाइफ के एक सब से मस्त किससे से जुड़ी हुई है, इसलिए ये एक सच्ची कहानी है. मुझे उमीद है आपको मेरी ये कहानी पसंद आएगी.
तो फिर चलिए कहानी शुरू करते है.
ये बात आज से 3 साल पहले की है. जब मेरी शादी रेणु से हुई तो मैं काफ़ी खुश था. क्योकि शादी के बाद तो वो चूतिया ही लकड़ा होता है, जो खुश नही होता. पर तभी कुछ दिन बाद मेरे सामने रहने वाले भैया ने भी शादी कर ली, और वो भी वाइफ घर ले कर आ गये.

हम दोनो की शादी लगभग साथ ही हुई थी. हमारे मोहल्ले मे एक साथ दो नयी जवान लड़किया आ गयी थी. वो दोनो जल्दी ही एक अच्छी फ्रेंड बन गयी. पर दोस्तो सच कहूँ तो मैने जब अपने भैया की वाइफ को देखा तो मैं उपर से लेकर नीचे तक पूरा जल गया.

क्योकि उसकी पूजा के आगे मेरी रेणु कुछ भी नही थी. पूजा एक बड़े शहर की लड़की थी, इसलिए वो मॉडर्न थी. वो हमेशा घर पर जीन्स टॉप डालती थी. मैं उसके फिगर का दीवाना हो गया था. उसके बाहर निकलते बूब्स देख कर, मानो मुझे ऐसा लगता था की वो मुझे चूसने के लिए बुला रहे थे.

जब भी मैं उसे देखता था, तभी मेरा मन उसे चोदने का होने लगता था. थोड़े टाइम बाद मेरी भी उसके साथ बोल चाल होशुरू हो गयी. मैं उसे भाभी कहता था. जब भी मैं उसके साथ बात करता था, मेरा ध्यान हर टाइम उसके जिस्म पर ही होता था.

मैं अपने मन मे सोचता था की इस चूतिए को कैसे ये परी मिल गई. खैर ऐसे ही धीरे धीरे दो साल निकल गये, अभी तक मुझे पूजा के साथ मस्ती करने का मौका तक नही मिला था. मैं एक ऐसे अच्छे मोके की तलाश मे था, जिस मौके मे मैं उसे चोद कर हमेशा के लिए अपना बना लू.

देखो फिर भगवान ने एक दिन मेरी सुन ही ली. मेरी वाइफ रेणु कुछ दीनो के लिए अपने घर गयी हुई थी. मैं घर पर अकेला था, इसलिए मैने अपनी नाइट शिफ्ट करा रखी थी. ताकि मैं रात को तंग ना हो जाउ, क्योकि दिन तो कट ही जाता है.

मैं सुबह 8 बजे वापिस अपने घर नाइट शिफ्ट करके आ रा था. जब मैं घर के बाहर आया तो मैने देखा पूजा भाभी अपने पति को बाइ बाइ कर रही थी. मैने भी भैया को हेलो कर दिया, भाईया की शहर मे एक शॉप है. इसलिए वो सुबह 8 बजे ही घर से निकल जाते है.

पूजा भाभी को देख कर मैं थोड़ा सा मुस्कुरा दिया, भाभी मुझे देख कर मुस्कुरा दी. फिर मैं अपने घर मे जाने लगा पर तभी पूजा भाभी ने मुझे पीछे से आवाज़ मारी. मैं उनकी आवाज़ सुन कर पीछे मुड़ा और भाभी मुझसे बोली.

पूजा – भाईया मेरे कंप्यूटर मे नेट नही चल रहा है. क्या मैं तुम्हारा लॅपटॉप यूज़ कर सकती हूँ. मुझे अर्जेंट मेल सेंड करनी है.

मैं – हा भाभी क्यो न्ही आपका ही लॅपटॉप है. प्लीज़ जब मर्ज़ी आकर यूज़ कर लेना.

पूजा – जब मर्ज़ी क्या चलो अभी चलते है.

मैं – हा भाभी चलो.

फिर भाभी मेरे साथ मेरे घर मे आ गयी, मैने अपना लॅपटॉप अपने बेडरूम मे ही रखा हुआ था. पूरा घर खराब हुआ था, शराब की बोटले इधर उधर पड़ी हुई थी. भाभी बेड पर बैठ गयी और मैने उन्हे लॅपटॉप दे दिया.

पर मैं ये भूल गया था की कल ड्यूटी पर जाने से पहले मैने लॅपटॉप पर ब्लू मूवी की साइट्स ओपन करी हुई थी. जेसे ही भाभी ने लॅपटॉप ओन्न किया उसके सामने वो सारी ब्लू मूवीस चलने लग गयी. कुछ देर बाद ये सब देख कर भाभी बोली.

भाभी – अरे भाईया प्लीज़ इस साइट का लिंक मुझे सेंड कर देना.

मैं – सॉरी भाभी मैं इसे क्लोज़ करना भूल गया था. पर वैसे आपको साइट का लिंक क्यो चाहिए भाभी.

भाभी – अरे बस रहने दो तुम, मेरा काम हो गया है मैं चलती हूँ.

मैं – नही भाभी प्लीज़ बताओ आख़िर क्या बात है.

भाभी – अरे मैं ये इस लिए माँग रही हूँ. ताकि तेरे भैया को ये सब दिखा सकु. क्योकि वो ज़रा भी सेक्स नही करते, शॉप की टेन्षन उन्हे बहुत रहती है. इसलिए उनकी छोटी सी लुली मुझे चोद ही नही पाती.

ये कह कर वो जाने लगी, मुझसे ये सब देखा नही गया. मैने झट से अपनी पेंट और अंडरवेर उतार कर अपना लंड बाहर निकाल कर भाभी के सामने कर दिया. भाभी ने जब मेरा लंड देखा तो वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी. फिर वो भाग कर मेरे पास आई और मेरे मूह पर थप्पड़ मार कर बोली.

भाभी – कमिने आज मेरी शादी को दो साल हो गये है. और आज मैं पहली बार तेरे घर आई हूँ और तू आज मुझे अपना लंड दिखा रहा है. कुत्ते तूने इतनी देर क्यो कर दी. मैं इसके लिए कब से तरस रही हूँ.

ये कहने के बाद उसने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ा और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख कर ज़ोर ज़ोर से मेरे होंठो को वो चूसने लग गयी. ऐसी गरम औरत आज तक मैने नही देखी थी. उसके एक टच से मेरा लंड और जिस्म गरम हो गया था.

पूजा इस टाइम पूरी नँयी दुल्हन की तरह लग रही थी. फिर मैं उसे दीवार से लगा दिया और उस के होंठो को पागलो की तरह चूसने और चूमने लग गया. उसके होंठो मे से मीठा रस्स चूस चूस कर पी रा था. कसम से उसके होंठो को चूसने मे मुझे बहुत मज़ा आ रा था.

मेरे दोनो हाथ उसके बूब्स पर चल रहे थे, और पूजा भाभी का हाथ मेरे लंड पर था. वो मेरे लंड मसल मसल कर तन्ना रही थी. मैने उसके मूह से गर्दन तक हर जगह किस कर ली थी. उसका मस्त चेहरा चूमने मे बहुत मज़ा आ रा था.

फिर मैने उसके दोनो बूब्स कस्स कर पकड़ लिए और ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लग गया. पूजा के मूह से आहह आहह की मस्त आवाज़ें निकालने लग गयी थी. उसका पूरा जिस्म आग की तरह तप रहा था.

फिर मैं उसका टॉप मैने उतार कर फेंक दिया. अब वो मेरे सामने ब्लॅक ब्रा मे खड़ी थी. उसके गोरे गोरे बूब्स किसी मोती की तरह ब्लॅक ब्रा मे चमक रहे थे. कसम से उसके दोनो बूब्स देख कर मैं पागल सा हो गया. मैने उसके बूब्स पर टूट पड़ा.

मैने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर रखे और पीछे से उसकी ब्रा के हुक खोल दिए. हुक खुलते ही उसके करीब 34 के बूब्स उछाल कर मेरी गोद मे गिर गये. क्या कमाल का नज़ारा था. मैने उसके दोनो बूब्स को अपने हाथो मे थाम लिए.

फिर मैने एक बूब्स को अपने मूह मे भर लिया और उसके बूब्स को चूसने लग गया. उसके नरम और गरम बूब्स काफ़ी कमाल के लग रहे थे. मैने उसके दूसरे के निप्प्ल को अपने हाथ मे ले कर मसल रा था.

बहुत ही मजेदार काम चल रहा था. अब पूजा ने मेरा सिर अपने बूब्स मे दबाना शुरू कर दिया, उसके मूह से सिसकारियाँ रुकने का नाम तक नही ले रही थी. उसका जिस्म अब और भी गरम होने लग गया था.

मैने जल्दी जल्दी उसके दोनो बूब्स को पूरा अपनी जीब से चाटने लग गया. पूजा ने फिर से मेरा लंड पकड़ लिया और वो मेरे लंड से खेलने लग गयी. मेरा लंड अब पागल होने लग गया था. इसलिए मैने अपना एक हाथ उसके सिर पर रखा और उसे नीचे की और धक्का दिया.

पूजा मेरा इशारा झट से समझ गयी, वो तुरंत नीचे बैठ गयी. अब मेरा लंड उसके होंठो के सामने था. पूजा ने मेरा लंड अपने होंठो मे ले लिया और धीरे धीरे बड़े मस्त तरीके से मेरे लंड को अपने मूह मे लेने लग गयी. मेरा लंड कुछ ही देर मे 6 इंच तक उसके मूह मे चला गया.

फिर पूजा को शायद मज़ा आने लग गया, इसलिए वो पागलो की तरह मेरा लंड चूसने लग गयी. फिर करीब 15 मिनिट बाद मैने अपना लंड उसके मूह से बाहर निकाल दिया. उसके बाद मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और बेड पर लेटा दिया.

मैने उसके पेट पर अपनी जीब चलानी शुरू कर दी, जिससे पूजा मस्त हो कर बेड पर तड़पने लगी. फिर मैने उसकी जीन्स उतार दी और उसकी सेक्सी ब्लॅक पेंटी को मैने अपने दांतो से पकड़ा और उसके जिस्म से अलग कर दिया.

उसकी चूत पर एक भी बाल नही था, और पूरी चूत पानी से भीगी हुई थी. मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और बड़े प्यार से उसकी चूत को चूसने लग गया. उसकी चूत मे से पानी रुकने का नाम ही नही ले रा था. मैने उसकी चूत को अपनी जीब से चाटने मे लगा हुआ है.

मैं जब उसकी चुत को चाट रा था, तब पूजा बहुत तड़प रही थी. उसने मेरा सिर अपनी टाँगो से लॉक कर लिया. और नीचे से अपनी गांद को उठा उठा कर मुझसे अपनी चूत चटवाने लग गयी. कुछ ही देर मे उसकी चुत का सारा पानी एक ही बार मे निकल गया.

अब बारी थी लंड को उसकी चुत मे डालने की. इसलिए मैं खड़ा हुआ और उसकी गांद के नीचे मैने दो पिल्लो अच्छे से रख दिए. ताकि मेरा लंड अच्छे से उसकी चूत मे चला जाए. जब मैं उसकी चूत को चाट रा था, तभी मुझे पता चल गया था. की पूजा की चूत टाइट है.

इसलिए मैने पहले उसकी चूत और अपने लंड पर काफ़ी सारा थूक लगा लिया. फिर मैने अपना लंड उसकी चूत पर तोड़ा सा सेट किया. और उसके उपर जा कर मैने उसके होंठो को अपने होंठो मे ले लिया.

फिर मैने एक जोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड उसकी चूत मे आधा चला गया. जिससे वो दर्द के मारे मेरे नीचे तड़पने लगी. वो अपनी टाँगे ज़ोर ज़ोर से पटक रही थी. मैने उसके दर्द की ज़रा भी परवाह नही करी.

और फिर एक और जोरदार धक्के से मैने अपना पूरा लंड उसकी चूत मे जमा कर उतार दिया. पूजा की आँखो मे आँसू आने लग गये, वो ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी. पर उसकी आवाज़ मेरे मूह मे ही दब कर रह गयी.

कुछ देर बाद पूजा थोड़ी शांत हुई और मैं अपने धक्को की स्पीड फुल कर दी. अब मैने उसके होंठो को अपने होंठो से आज़ाद कर दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लग गया. पूजा चुदाई मे मेरा पूरा साथ देते हुए बोली.

पूजा – और ज़ोर से चोदो मेरे राजा मेरी चूत को फाड़ कर रख दो, और ज़ोर से चोदो रूको मत.

पूजा नीचे से अपनी गांद उठा कर मेरा साथ दे रही थी. हम दोनो को चुदाई मे पूरा मज़ा आ रा था. करीब 40 मिनिट की टाके तोड़ चुदाई के बाद मैने अपने लंड का सारा पानी उसकी चुत मे ही निकाल दिया.

फिर हम दोनो सो गये, और उठ कर बाथरूम मे नहा कर वो अपने घर चली गयी. मैने देखा की पिल्लो उसकी चूत के खून से भरा हुआ है. ये देख कर मुस्कुरा दिया. और उस दिन के बाद मैने पूजा को बहुत बार चोदा और आज भी उसे चोदने के लिए जा रहा हूँ.

दोस्तो मुझे उमीद है, की आपको मेरी कहानी मे बहुत मज़ा आया होगा. तो देर किस बात की मुझे मेल करके बताए

मेरा बेटा एक मर्द का बच्चा



दोस्तो मैं रजनी हरयाणा से आज आप सब के लिए अपनी लाइफ की एक मस्त घटना ले कर आई हूँ. वेसे तो मेरी पूरी लाइफ सेक्स और लोडो से भरी हुई है. उपर वेली ने भी मेरी दोनो टाँगो के बीच ये दो इंच का छोटा सा छेद दे कर, मेरे नाम एक कयामत दे दी है.

मेरी चूत शुरू से ही मुझे बहुत तंग करती थी. 18 साल तक तो मैं अपनी चूत मे मूली गाजर ले कर अपना काम चला लेती थी. पर जब अपने पड़ोसी सोनू से मैं पहली बार चुदी तो उस दिन के बाद लंड मुझे इतना अछा लगा. की मैने सब मूली गाजर मोमबति सब कुछ छोड दिया.

अब मैं सिर्फ़ अपनी चूत मे लंड ही लेती थी. मेरे धीरे धीरे सोनू से और 8 लड़को से संबंध बन गये. वो सब मेरे आशिक़ थे, मुझे दिन रात वो चोदना चाहते थे. उपर से मेरी चूत भी ऐसी ही थी, जो सिर्फ़ लंड ही मांगती थी.

मेरी चूत शांत होने का नाम नही लेती थी. अगर एक दिन शांत हो भी जाती थी, तो अगली सुबह ये फिर से लंड मांगती थी.
जब मेरी शादी हुई तो, शादी से कुछ घंटे पहले मैने अपने सच्चे आशिक़ को अपनी चूत दी, उस दिन उसने पहली बार मुझे 40 मिनिट चोदा. साला कमीना गोली खा कर आया था. शादी के बाद जब मैं घर पर एक दिन बाद फेरा डालने के लिए आई.

तो मेरे 8 दोस्तो ने मुझे मेरे घर के साथ वाले घर मे उपर बुलाया. वाहा उन्होने मुझे सब ने करीब एक घंटे तक चोदा. सब ने मेरी चूत को बारी बारी से चोदा. मैं अपने चारो तरफ लंड देख कर काफ़ी खुश थी.

उस दिन के बाद मैं जब भी अपने घर आती थी, तो उन सब से चुदाई करवाती थी. पर मैं हर हफ्ते तो अपने घर आने से रही. क्योकि मेरी शादी हिसार मे हुई थी. और वाहा से मेरे घर आने मे 6 घंटे आराम से लगते थे.

मेरे सुसराल मे मेरे सास सुसर, मेरे पति और मेरी ननद रहती थी. मेरे पति और मेरे ससुर जी सुबह ही अपनी शॉप पर चले जाते थे. उनके जाने के बाद मेरी ननद सीमा भी अपने कॉलेज मे चली जाती थी.

अब घर पर मैं और मेरी सासू मा ही रहती थी. हमारा घर बहुत बड़ा था. इसलिए हमने अपने गेट के आगे वाला रूम किराए पर दिया हुआ था. वाहा हमने कॉलेज मे स्टडी करने वाले 4 लड़को को रखा हुआ.

वो चारो लड़के एक से उपर एक थे. उन्हे देख कर मेरी चूत और गांद मे खुज़ली होने लग जाती थी. आप को अच्छे से पता है, एक औरत बाहर की ओर तभी देखती है. जब उसका पति उसे खुश ना करता हो.

ऐसा ही कुछ मेरा हाल था, मेरा पति वैसे तो अपने आप को बहुत दमदार समझता है. पर साला 3 मिनिट से ज़्यादा उससे सेक्स नही होता. वो ज़्यादा से ज़्यादा सिर्फ़ 4 मिनिट ही सेक्स कर पाता है.

अब आप ही बताओ क्या मैं इससे खुश हो सकती हूँ. जो लड़की 40 – 40 मिनिट लगातार लड़को से चुदति है. वो क्या 4 मिनिट मे खुश हो सकती है. इसलिए मैने हार कर उन लड़को . . . . . . ..

जब से मैं शादी करके इस घर मे आई थी. तब से लड़के किसी ना किसी बहाने से मुझे देखने के लिए कोई ना कोई समान लेने आते रहते थे. पर मेरी सासू मा हमेशा घर के आगे ही बैठी रहती थी. इसलिए वो लड़के कभी घर के अंदर नही आए.

सासू मा मुझे आवाज़ मार कर बुलाती और मैं उन्हे वो सामान दे देती थी. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लग जाते थे. मुझे लगा की अब ये ही वो लंड है, जो मुझे अच्छे से खुश कर सकते है. इसलिए मैने उन्हे अब पटाने की सोची

धीरे धीरे काफ़ी टाइम निकल गया, अब मेरी सासू मा उन्हे अपने बच्चो की तरह समझने लग गयी. सर्दियो का मौसम चल पड़ा था, सर्दी अपने पूरे ज़ोर पर थी. इसलिए जब हम सुबह चाय बनाते थे, तो सासू मा उनके लिए भी मुझसे चाय बनवाती थी.

और अब मैं ही उन्हे सुबह सुबह चाय देने जाती थी. पहले तो मैं बाहर दरवाजे पर ही राहुल को चाय पकड़ा देती थी. राहुल पर मेरा दिल आया हुआ था, क्योकि वो दिखने मे ही एक मर्द लगता था. जब भी मैं उसे चाय देती थी, तब वो मेरा हाथ पकड़ लेता था.

उसका वो छूना मेरी चूत मे हलचल पैदा कर देता था. राहुल भी मुझे छुप छुप कर देखता था. एक दिन सुबह मैं ही उन्हे चाय देने गयी, तो मैने देखा दरवाजा खुला है. इसलिए मैं अंदर ही चली गयी और मैने चाय उनके टेबल पर रख दी.

जैसे ही मैं नीचे झुकी तो मेरे दूध से भर हुए बूब्स के दर्शन उन्हे हो गये. उन सब के मूह खुले के खुले रह गये, सबकी नज़रें मेरे गोरे गोरे बूब्स पर जम सी गयी थी. मुझे अंदाज़ा हो ही गया था, की उन सब के लंड खड़े हो गये है.

क्योकि उनके हाथ अपने लंड पर आ गये थे. फिर मैं वाहा से मुस्कुरा कर वापिस आ गयी. अब मुझे पता चल गया था, की अब ये सब मुझे चोद्ने के लिए पागल हो गये है. पर मुझे उनसे चुदने के लिए एक अच्छा मौका चाहिए था.
पर जब तक मेरे घर मे मेरी सासू मा बैठी थी, तब तक मैं उनके चुदना तो दूर की बात थी. मैं तो उन्हे देख भी नही सॅक्टी थी. मैं तो टाइट ब्रा डॉल कर छत के उपर से ही उन्हे अपने जिस्म के नज़ारे देती रहती थी.

एक दिन मेरी मौसी सास मर गयी, सब को उनके मरने मे जाना था. सब तयार हो गये, पर जब मेरी सासू मा ने मेरे हाथ मे चुड़ा देखा तो उन्होने मुझे वाहा जाने से मना कर दिया. मेरे पास मेरी ननद रह गयी. अब हम दोनो घर मे अकेले थे.

उन्होने रात को आ जाना था, मेरी ननद उनके जाने के बाद अपने कॉलेज चली गयी. उसके जाते ही मैने अच्छे से मेकप किया, और अपनी ब्लॅक कलर की टाइट ब्रा डाली. ब्रा और पेंटी के उपर मैने सीधा पतला सा टाइट सूट डाला लिया. वो वाइट कलर का सूट था.

जिसमे मेरी ब्लॅक कलर की ब्रा-पेंटी सॉफ सॉफ दिख रही थी. मेरी पज़्ज़ामे मे मेरी पनटी सॉफ दिख रही थी. मैं किचन से चाय ले कर उनके पास चली गयी. मैं सीधा उनके रूम मे चली गयी. अंदर राहुल और मोहित था, मोहित रज़ाई मे सोया हुआ था.

राहुल मेरे आने के इंतज़ार मे बैठा हुआ था. जब उसने मुझे देखा तो उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी और वो बोला.

राहुल – भाभी आओ आज आप भी अपनी चाय मेरे साथ बैठ कर पी लो.

मैं – हा क्यो न्ही.

राहुल – भाभी वैसे आज आप कमाल लग रही हो.

मैं – तू अपनी चाय ध्यान से पी ले, कही ये तेरे कपड़ो पर चाय ना गिर जाए.

राहुल – कोई बात नही भाभी आप हो ना मेरे कपड़े सॉफ करने के लिए.

ये कहते ही वो मेरे पास आ कर बैठ गया. उसके हाथ मेरे पॅट्टो पर आ गये, मुझसे भी अब रहा नही गया. मैं भी उसका लंड उनकी पेंट के उपर से ही पकड़ लिया. वो एक दम मस्त हो गया, उसने अपनी चाय टेबल पर रखी और मेरे होंठो को चूसने लग गया.

फिर उसने मेरे बूब्स को मसलना शुरू कर दिया, मेरे मूह से आहह आहह की आवाज़ें निकलने लग गयी. मेरी आवाज़ सुन कर सागर भी उठ गया, जब उसने देखा की राहुल मुझे चूस रहा है. वो भी उठा और नंगा हो कर मेरे पास गया, उसका लंड काफ़ी दमदार लग रहा था.

फिर राहुल और सागर ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए. मैं उनके आगे पूरी नंगी हो गयी. राहुल भी पूरा नंगा हो गया, मेरे दोनो हाथो मे दो दमदार लॅंड थे. कसम से इतने टाइम बाद टाइट लंड ले कर अच्छे से मज़ा आ गया.

राहुल ने मुझे बेड पर सीधा लेटा दिया. सागर मेरी चूत को चूसने लग गया. राहुल ने अपना लंड मेरे मूह मे डॉल दिया. जिसे मैं ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गयी, वो मेरे बूब्स मसल्ने लग गये. मैं मस्ती मे उसका लंड चूस रही थी, साथ ही सागर से अपनी चूत चुस्वा रही थी.

इतने मे मोहित और शिव भी दूध और ब्रेड ले कर अंदर आ गये. जब उन्होने देखा की मैं उन दोनो के बीच नंगी लेटी हुई थी. मैं शरम के मारे रज़ाई मे छिप गयी. मोहित पूरा नंगा हो कर मेरे पास आ कर बोला.

मोहित – मेरी जान बाहर आओ, इन सब से ज़्यादा मैं ही तुझसे प्यार करता हूँ.

मैने धीरे धीरे बाहर मूह निकाल कर बाहर देखा. मैं मोहित का लंड देख कर पागल हो गयी. क्योकि उसका लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था. एक दम लंबा काला मोटा डंडा लग रहा था. उसने अपना लंड मेरे होंठो पर रख दिया.

उसके लंड की खुश्बू मुझे पागल कर रही थी, मैने उसका लंड अपने मूह मे भर लिया. फिर उसके लंड को मैने ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गयी. बाकी वो तीनो मेरे चूत,गांद और मेरे बूब्स से खेलने लग गये.

शिव तो मेरे दोनो बूब्स का दीवाना था, वो मेरे बूब्स को चूसने मे लग गया. सागर मेरी चूत को चूसने मे अभी तक लगा हुआ था. फिर मोहित ने लंड बाहर निकाला और बोला मेरी जान आज तू मेरे लंड के उपर बैठ कर इसकी सवारी कर.

मैं – ज़रूर मेरे राजा तेरे लंड की सवारी तो मैं इसे अपनी गांद मे ले कर करूँगी.

मोहित नीचे लेट गया, मैने अपनी एक उंगली अपनी मूह मे ले कर उसे गीली करी और उसे अपनी गांद मे ले कर अपनी गांद को चिकना कर लिया. मैं मोहित के 8 इंच के लंड के उपर बैठ गयी. उसका लंड धीरे धीरे मेरी गांद को चीरता हुआ मेरी गांद मे घुस गया.

मोहित – वाह मेरी रानी मेरा तो इस दुनिया मे आना सफल हो गया मेरी रानी.

फिर वो तीनो बारी बारी से मुझे अपना लंड चुसवाने लग गये. करीब 10 मिनिट बाद मोहित ने अपना लंड मेरी गांद से निकाल दिया. वो साइड मे बैठ गया और बोला.

मोहित – सालो तुम तीनो ने जितना चोदना है, इसे चोदो और फिर दफ़ा हो जाओ कॉलेज मे.

मोहित की बाद सुनते ही वो तीनो मेरे उपर टूट पड़े, कोई मेरी गांद कोई मेरी चुत और कोई मेरा मूह बारी बारी से चोद रहा था. उन तीनो ने मुझे 45 मिनिट तक जम कर चोदा सालो ने मेरे बूब्स मेरी चूत और मेरे पेट पर अपना अपना पानी निकाल दिया.

उसके बाद मोहित ने मुझे गरम पानी से नहलाया और फिर उसने मुझे बहुत जबरदस्त तरीके से चोद्ना शुरू कर दिया. उसने मुझे दीवार के साथ लगा कर मुझे घोड़ी बना दिया. और फिर पीछे से मेरी गांद मे अपना लंड डॉल कर मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया.

फिर गांद से लंड निकाल कर मेरी चूत मे डॉल दिया. वो मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया. कसम से उसके लंड मे बहुत दम था, क्योकि अभी तक उसके लंड का पानी नही निकला था.

मैं – मेरे राजा मुझे अपने बच्चे की मा बना दे ना प्लीज़.

मोहित – क्यो नही मेरी रानी ये ले खोल अपनी बच्चे दानी ये ले अपने यार का पानी.

मैं अभी अपनी चुत से उसके लंड को अच्छे से कस्स कर पकड़ लिया और उसके लंड की पिचकारी मेरी चुत के अंदर निकाल दिया. फिर मैं उसके सीने पर सिर रख कर सो गयी. फिर 1 बजे हम दोनो ने फिर से चुदाई शुरू कर दी. 3 बजे वो तीनो आ गये और कॉलेज से आते ही सालो ने मुझे फिर से चोदना शुरू कर दिया.

चुदाई करवाते हुए मुझे ये पता ही नही चला की कब 5 बजे गये. मेरी ननद घर आई, जब उसे मैं किन नही मिली तो वो सीधे उस रूम मे आ गयी. जब उसने देखा की मैं तीनो लड़को के साथ चुद रही हूँ, तो वो बोली.

ननद – अछा भाभी आप यहाँ चुदति हो, मैं भैया को बता दूँगी.

मोहित – साली ज़रूर बता दियो, पहले अपनी भाभी के साथ जन्नत के मज़े तो ले ले.

ये कहते ही मोहित ने मेरी ननद को पकड़ कर अंदर खींच लिया. फिर दो लड़के उसे चोदने मे लग गये, और मुझे भी दो लड़के चोदने लग गये. फिर कुछ दीनो बाद मैं मोहित के बचे की मा बन गयी. पर साली मुसीबत तो तब हो गयी, जब मेरी ननद भी मा बनने वाली थी.

मोहित ने उसका ऑपरेशन करवा कर उसे बचाया. आज मैं मोहित के बचे की मा बन चुकी हूँ. और मेरा चूतिया पति सोचता है की वो 3 मिनिट की चुदाई से मुझे मा बना सकता है.

मुझे उमीद है, आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी



एक फूल दो काँटे



हेलो दोस्तो, केसे हो आप सब? मेरा नाम आशा है और आज मैं आपको अपनी एक कहानी बताने जा रही हूँ. पर कहानी बताने से पहले मैं आपको अपने बारे मे बताना चाहती हूँ. तो चलिए पहले अपने बारे मे ही शुरू कर लेते है.

मेरा नाम तो आप जान ही चुके हो और तो और अब काफ़ी कुछ जान भी जाओगे. मैं बहुत ही मस्त लड़की हूँ. मेरा फिगर बहुत ही कमाल का है. मैं एक काफ़ी हस्मुख टाइप की लड़की हूँ. मैं बहुत ही खुश रहती हूँ.

चलो ये सब तो चलता रहता है. मैं अब अपनी स्टोरी पर भी ले कर चलती हूँ. मैं बहुत ही खुश रहती हूँ और रहू भी क्यू ना आख़िरकार मैं हूँ ही इतनी स्मार्ट.

चलो अब ज़्यादा टाइम ना वेस्ट करते हुए आपको कहानी पर ले कर चलती हूँ. मैं तब स्कूल मे थी जब की मेरी ये कहानी है. उस समय मैं नयी नयी जवान हुई थी. और नयी जवान होने पर बहुत कुछ चैंजेस भी आ रहे थे.
मेरी ही क्लास मे एक लड़का है जिसका नाम मनीष है. वो बहुत ही स्मार्ट है और तो और मैं उसे काफ़ी ज़्यादा पसंद भी करती हूँ.मैं उसे काफ़ी देखती रहती हूँ और तो और बड़े ही प्यार से उससे बात करती हूँ.

और फिर ऐसे ही मैने उससे पहले फ्रेंडशिप करली और फिर मैं उसके साथ टाइम स्पेंड करने लग गई. मुझे उसके साथ क्लास मे टाइम स्पेंड करना बहुत ही अच्छा लगता था. और तो और उसे भी अब ये बहुत ही अच्छा लगता था. मैं बहुत ही खुश भी थी की वो भी मुझे अब पसंद करने लग गया है.

मैं अब उसके साथ क्लास मे ही लेटर के थ्रू बात किया करती थी. अपने प्यार का जिक्र किया करते थे और तो और फिर ऐसे ही सब कुछ किया करते थे. ऐसे ही चल रहा था की एक दिन उसने मुझे बाहर गार्डेन मे मिलने को काहा और फिर तब मैने सोचा की मिलने जाउ या ना जाउ.

क्योकि मुझे ये भी डर था की क्लास का कोई भी हमे एक साथ देख ना ले. फिर मैने हिम्मत करी की देखा जाएगा और फिर मूह पर रुमाल बाँध कर उससे मिलने चली गई. वाहा पहुच कर मेरी हिम्मत और खुल गई और फिर मैं उससे बात करने लग गई और उसके साथ ही घूमने लग गई.

ये एहसास होने के बाद मैने सोचा की अब सब कुछ जो होगा देखा जाएगा बस अब मनीष साथ टाइम स्पेंड करना है. फिर हम ऐसे ही मिलने लग गये. हम ऐसे काफ़ी बार मिले और तो और उसने एक बार भी मुझे ग़लत इंटेन्षन से कभी भी टच न्ही किया जो की उसका प्लस पॉइंट था.

पर मैं तो काफ़ी कुछ चाहती थी यानी की मैं उसके जिस्म को छूना चाहती थी और मैं चाहती थी की वो मेरे जिस्म को भी छुए. और तो और ऐसे ही फिर उसके दिल तक ये बात पहुच ही गई. कहते है ना की दिल की बात दिल ही जानता है तो ठीक वैसे ही मेरे साथ भी हुआ था.

और फिर उसने तभी मेरे होंठो को चूस लिया . मैं बहुत ही खुश हो गई और मैं भी उसके होंठो को चूसने लग गई. मै बहुत ही पागल हो रही थी की आख़िरकार ये क्या हो रहा है. और फिर उसने मेरे बूब्स को हाथो मे ले लिया और दबाने लग गया और ऐसे ही मैने भी हाथ अंदर डाल ही दिया.
फिर हम जब भी मिलते तो हाथो से ही कुछ ना कुछ कर लेते. फिर ऐसे ही हम एक दूसरे को ज़्यादा छेड़ने लग गये और फिर ऐसे ही उसने अपना पानी निकलना शुरू कर दिया और साथ ही साथ मेरा भी निकालने लग गया.

फिर एक दिन उसने मुझसे चुदने को काहा यानी की चूत मे लंड को लेना. ये सुन कर मैं घबरा गई क्योकि मैं ये सब न्ही कर सकती थी. और फिर मैं ऐसे ही उसको साल भर टालती रही. फिर मेरे घरवालो ने मेरा रिश्ता कही और सेट कर दिया और फिर जब ये बात मैने मनीष को बताई तो हम दोनो फुट फुट कर रोए.

फिर थोड़े ही दीनो बाद मेरी शादी हो गई. मेरे हज़्बेंड का खुद का काम था यानी की खुद की ही शॉप थी. मैं बहुत ही खुश रहा करती थी. उन्होने मेरे साथ चुदाई करके मुझे चुदकक्ड बना दिया था. और तो और मैं उसने बहुत प्यार करने लग गई.

पर मेरे लिए तो डबल डबल खुशिया थी. क्योकि मेरे पति तो मुझसे प्यार करते ही थे और दूसरी तरफ मनीष भी मुझसे काफ़ी प्यार करता था और अब तक करता आ रहा था. ये देख कर मैं काफ़ी खुश थी की मुझे दोनो की तरफ से बहुत ही प्यार मिलना है.

और फिर ऐसे ही थोड़ा टाइम निकल गया. मैं काफ़ी खुश भी थी और मैं आपको बता दू की मेरे पति लुधियाना, देल्ही की टूरिंग भी करते थे तो वो कभी कभी जाते थे और तब मैं घर पर अकेली राहा करती थी.

फिर एक दिन उनके जाने के बाद मैने मनीष को मिलने को काहा. पहले तो उसने मुझे मना ही कर दिया की मैं ये क्या कह रही हु. पर मनीष आ ही गया. हम एक रेस्तारेंट मे मिले. हमने काफ़ी देर तक अच्छी बात करी और फिर हम कुछ खाने पीने लग गये. फिर काफ़ी देर बाद उसने मुजसे कहा की कही और चलते है तो मुझे कुछ समझ ही न्ही आ रहा था की मैं काहा जाउ और काहा ना जाउ. फिर ज़्यादा दिमाग़ लगाने से अच्छा मैं खुद ही उसे अपने घर ले आई.

मैं और वो दोनो ही बहुत खुश थे. फिर घर आ कर उसने मुझे अपनी बाहो मे भर लिया. मैं उसे मना करने लग गई की मैं अब शादी शुदा हूँ. तो वो मुझे कहने लग गया की मैं तो तुम्हारा पहला आशिक़ हूँ और तुम मुझे अब भी मना करोगी.

मेरी तड़प को देखो ना. और फिर उसकी इस तड़प को देख कर मुझे भी लगा की अब हो ही जाना चाहिए. और फिर उसने मेरे कपड़ो को उतार दिया और मैने भी उसके कपड़े उतार दिए. मैने उसके लंड को हाथ मे ले लिया.

फिर तब मैने देखा की उसका लंड मेरे पति से भी मोटा है और काफ़ी बड़ा भी है. और फिर उसके बाद मैने उससे बाहो मे भर लिया और फिर ऐसे ही उसे प्यार करने लग गई. मैं उसे चूमने लगी और वो भी मुझे चूसने लग गया.

मैं पागलो की तरह उसको चूम रही थी और फिर मैने उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया. और फिर उसके बाद मैने उसके लंड को मूह मे भर लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गई. मुझे बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ राहा था और तो और वो मेरी चुत को चाटने लग गया.

मैं भी पागल हो रही थी और फिर ऐसे ही मैने भी उसको अपने उपर आने को काहा. और फिर वो मेरे उपर आ कर बैठ गया और मेरे बूब्स को चूसने लग गया. मैं तो पागल हो रही थी और तो और फिर मैने अपनी टाँगे को खोल दी और उसने लंड को मेरी चूत पर सेट किया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लग गया.

ये देख कर मैं पागल हो गई और ज़ोर ज़ोर से आहह आह करने लग गई और खुद को चुदवाने भी लग गई. मुझे बहुत ही मज़ा आ राहा था और तो और वो भी पागल हो राहा था और फिर ऐसे ही मुझे चोदने के बाद मैने उसके लंड पर अपना पानी निकाल दिया.

और फिर उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांद को चोदने लग गया. मुझे बहुत ही ज़्यादा दर्द हो रहा था और काफ़ी देर तक चोदने के बाद उसने मेरी गांद मे ही पानी निकाल दिया और फिर थक कर लेट गया.

बस फिर उसके बाद मैने ऐसे ही उससे बहुत ही सारी बाते करी और फिर उसने मुझसे काहा की तुम अब भी मेरी ही रहोगी ना. तो मैने भी कह दिया की हाँ हाँ ज़रूर. और फिर ऐसे ही मैने उसको काहा की अब सब पहले जैसा होगा.

और फिर वो खुश हो कर वाहा से चला गया और फिर ऐसे ही मैं उसको मिलने लग गई. अब मुझे अपना प्यार और पति का प्यार दोनो का प्यार मिलने लग गया था.

आप सब को मेरी ये कहानी केसी लगी मुझे ज़रूर बताना



मेरी चचेरी बहन पूनम का प्यार

हेलो दोस्तो मेरा नाम सागर है. मैं आज अपनी ज़िंदगी का एक सच आप सब के लिए ले कर आया हूँ. ये मेरी एक अधूरी लव स्टोरी है, जिसमे मैने अपनी जान से सिर्फ़ एक बार सेक्स किया और हम दोनो हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गये.

मुझे पूरी उमीद है की आपको मेरी ये कहानी पढ़ने मे बहुत मज़ा आएगा. तो चलिए फिर कहानी को जल्दी से शुरू करते है.

ये बात आज से दो साल पहले की है, जहाँ से ये सब शुरू हुआ था. मैं बचपन से अपनी गर्मियो की छुटटी अपने चाचा के घर मनाने जाता था. मुझे वाहा सच मे बहुत मज़ा आता था. उनकी एक बेटी थी, उसका नाम पूनम था. जब मैं उसके घर आता था 

तो वो मुझे देख कर खुश हो जाती थी.

हम दोनो बचपन से ही बहुत बनती थी. पूनम मुझसे 2 साल बड़ी थी, वो बचपन से ही बहुत सुंदर और क्यूट थी. खैर धीरे धीरे हम बड़े होने लग गये. मुझे सेक्स के बारे मे कुछ भी न्ही पता था. पर मुझे ये पता था की सेक्स लड़का और लड़की के बीच मे होता है

जब मैं 21 साल का हुआ और पूनम 23 साल की हुई. तो वो किसी परी से कम न्ही थी, वो सच मे काफ़ी खूबसूरत बन गई थी. उसे देख कर मैं सोचता था की काश ये मेरी गर्ल फ्रेंड होती तो मैं इसे सच मे बहुत प्यार करता. उसके बूब्स अब मोटे हो गये थे, जो बाहर की ओर निकले रहते थे.

उसके पतले पतले गुलाबी होंठ अब और भी सेक्सी रस्स से भर गये थे. उसके होंठो को देखते ही मूह मे पानी आ जाता था और उसके होंठो का रस्स पीने का मन होता था. उसकी पतली कमर ना जाने कैसे उसके गोल गोल और मोटी गांड
संभाल रही थी.

जब पूनम चलती थी तो उसकी गांड मटकती हुई बहुत सुंदर लगती थी. मन करता था भी दोनो च्छूतड़ो को अपने हाथो मे ले कर उन दोनो को मसल दू.. कयि बार तो ऐसा लगता था, बस अभी साली को घोड़ी बना कर इसकी गांड मे अपना लंड घुसा दू.

पर खैर मैं ऐसा सोच ही सकता था, क्योकि उसके घर पर उसे ही चोदना काफ़ी रिस्क से भरा हुआ था. फिर कुछ टाइम मेरे घर पर हमने मम्मी पापा की सालगिरा के लिए एक फंक्षन रखा. उस फंक्षन की तयारि के लिए पूनम दो दिन पहले ही आ गई.

उसको देख कर मैं खुशी से पागल हो गया. वो सच मे बहुत खूबसूरत लग रही थी. मैने तभी उसका हाथ पकड़ा और उसे सीधा अपने रूम मे ले गया. हम दोनो के बारे सब को पता था, की मैं और पूनम बचपन से ही एक दूसरे के अच्छे दोस्त है.

इसलिए किसी कोई शक न्ही हुआ, मैने अंदर आते ही डोर को अंदर से बंद कर लिया. फिर मैने उसे बेड पर बिठाया और खुद भी उसके साथ बैठ गया. फिर हम दोनो बातें करने लग गये. फिर मैने हिम्मत करके उससे पूछा.

मैं – पूनम अब तो तुम इतनी बड़ी हो गई हो, तुमने कोई अपना दोस्त बनाया या न्ही ?

पूनम – न्ही अभी तक कोई न्ही बनाया, पर तू आज ये सवाल मुझसे क्यू पूछ रहा है. मुझे तेरे इरादे ठीक न्ही लग रहे है.

मैं – क्या करूँ पूनम मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ. पर मुझे तुम ये बता दो की मैं तुम्हे पसंद हूँ या न्ही ?

पूनम ने मुझे जवाब दिया, वो मुझे आँख मार के जाने लगी. मैने उसका हाथ प्कड़ा और फिर से वो ही सवाल पूनम से पूछे.

पूनम – सागर आज तुम मुझसे ये क्यो पूछ रहे हो. मुझे तो कुछ समझ न्ही आ राहा है.

मैं – प्लीज़ तुम बता दो ना.

पूनम – अरे बुद्धु तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए तो मैं तुमसे बात करना पसंद करती हूँ.

ये सुनते ही मैं खुश हो गया, और तभी मैने उसे आई लव यू काहा और उसके गोरे गाल पर एक किस कर दी. फिर हम दोनो रूम से बाहर आ गये, और फिर हम दोनो अपने अपने कामो मे लग गये.

शाम हम दोनो थोड़े फ्री से हुए, मैने दूर से ही उसे अपने रूम मे जाने का इशारा किया. पूनम थोड़ी देर बाद इधर उधर देख कर मेरे रूम मे चली गई. फिर मैने अपने होंठ उसके होंठो पर रखे और ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को मैं चूसने लग गया.

उसके होंठो का रस्स पीने मे सच मे मुझे बहुत मज़ा आरा था. मुझे ऐसा लग रहा था, मानो मैं कोई गुलाब चूस रहा हूँ. करीब 10 मिनिट तक हम दोनो एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे और फिर उसने मुझे पीछे को धक्का दिया और मुझे दूर करके रूम से निकल कर भाग गई.

कसम उसके होंठो को चूस कर मेरी प्यास बुझ गई थी. मुझे उसके होंठो को चूसने का मन फिर से करने लग गया था. अगले दिन फिर शाम को सब लोग बाहर फंक्षन मे गये थे. घर पर मैं, पूनम और कुछ और लोग थे.

मैने फिर से उसे मेरे रूम मे जाने को कहा, पूनम थोड़ी देर मे मेरे रूम मे आ गई. उसके आते ही मैने उसे अपनी बाहों मे भर लिया और उसे ज़ोर ज़ोर से इधर उधर चूमने और चाटने लग गया. इस बार वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.
मैने मौका देख कर अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रखा जिससे वो सिहर उठी. उसने मेरा हाथ हटाने की कोशिश करी, पर मैं अब काहा मानने वाला था, इसलिए मैने उसका हाथ को दूर करके उसके दोनो बूब्स को पकड़ कर मसलने लग गया.

पूनम पागल सी होने लग गई और बोली – हा सागर मसल दो मेरे राजा ये तुम्हारे आहह आहह उ मम्मी आहह मस्लो और ज़ोर से मसल दो प्लीज़.

उसकी हालत देख कर मैं भी गरम हो गया और मैने उसका कुर्ता उपर किया और अपना हाथ अंदर करके उसके बूब्स बाहर निकाल दिए. मैने अपना मूह उसके बूब्स पर रखा और ज़ोर ज़ोर से उसके बूब्स को चूसने लग गया. उसके बूब्स सच मे काफ़ी सॉफ्ट थे.

मैं उसके बूब्स चूसने मे मस्त था, और पूनम मुझसे अपने बूब्स चुसवाने मे मस्त हो रही थी. तभी मुझे उसकी मम्मी यानी मेरी चाची की आवाज़ आई. उनकी आवाज़ सुनते ही मैने एक दम से पूनम को छोड़ दिया और अपनी अलमारी मे कुछ समान देखने का बहाना करने लग गया.

पूनम ने भी अपने कपड़े ठीक किए और वाहा से वो चली गई. अब हम दोनो मे पूरी आग लगी हुई थी. अब ये आग ज़रूर सेक्स करने से ही शांत होनी थी. खैर मैं भी अब फंक्षन मे जाने के लिए तयार होने लग गया. मैं अच्छे से तयार हो कर बाहर आया.

पर जब मैने पूनम को देखा तो उसे देखता ही रह गया, वो किसी कयामत से कम न्ही लग रही थी. उसने पटियाला पंजाबी ब्लॅक सूट डाला हुआ था. उपर और कमर से सूट एक दम टाइट था. जिस वजह से उसके मोटे मोटे बूब्स और कमर बहुत ही मस्त लग रही थी.

मुझे तो सच मे उसको देख कर मज़ा ही आ गया. मेरी आँख उस पर ही थी, फिर किचन मे गई. मैं भी झट से उसके पीछे भाग कर किचन मे चला गया. किचन मे उसके और मेरे सिवा और कोई न्ही था.

मैने तभी उसे दीवार से लगा कर उसे अपनी बाहों मे भर लिया. फिर मैने बिना कुछ बोले ही उसके होंठो को अपने होंठो मे लिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया. उसके होंठ का रस्स था की ख़तम होने का नाम ही न्ही लेरा था. फिर हम दोनो अलग हुए और फंक्षन मे चले गये.

रात को जब सब वापिस सोने के लिए जा रहे थे, तो मैने पूनम को अपने साथ सोने के लिए काहा पर उसने और उसकी मम्मी ने मेरे साथ सोने से मना कर दिया. मेरा दिल सा टूट गया, मैं अपने रूम मे चला गया. पर मुझे उस रात नींद न्ही आ रही थी.

आँखो मे पूनम का चेहरा और उसके नंगे बूब्स घूम रहे थे. मुझे लग रहा था की आज की रात शायद मुझे जाग कर ही काटनी होगी. खैर मुझे नींद न्ही आ रही थी, पर फिर भी मैं सोने की कोशिश कर रहा था. करीब 30 मिनिट बाद मुझे मेरे रूम का दरवाजा खुलता हुआ महसूस हुआ.

मैं उठा तो देखा मेरे रूम मे पूनम नाइटी डॉल कर आ रही थी. मैने उसे देखते ही बेड से उछल कर उसके पास गया. और मैने डोर को अंदर से बंद किया और उसे अपनी बाहों मे भर लिया, तभी पूनम बोली.

पूनम – सागर आई लव यू मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ. ना जाने अब मैं कैसे तुम्हारे बिना जीऊंगी. तुमने मुझे 2 दीनो मे जीतना प्यार दिया है, शायद कभी मैने इतना प्यार पाया हो. इसलिए आज से मैं तुमने अपना सब कुछ दे रही हूँ.

मैं – आई लव यू सो मच मेरी पूनम. मैं वादा करता हूँ मैं भी जिंदगी भर तुम्हारा ही रहूँगा,

पूनम – मेरी जान हम दोनो के पास आज रात ही है. सागर तुमने आज रात मेरे साथ जो करना है वो कर लो. क्योकि मैं कल सुबह ही यहाँ से जाने वाली हू.

ये कहते ही उसने मेरे होंठो को चूसने लग गई. और ज़ोर ज़ोर से मेरे होंठो को अपने होंठो से दबा दबा कर चूस रही थी. उसके बाद मैने भी उसे अपनी बाहों मे अच्छे से पकड़ लिया और खूब अच्छे से उसके बूब्स को मसलने लग गया.

मेरे दोनो हाथ उसके पूरे जिस्म पर घूम रहे थे. मैने महसूस किया की पूनम बहुत गरम हो रही है. इसलिए मैने उसे अपनी गोद मे उठाया और उसे बेड पर गिरा दिया. फिर मैं उसके उपर आया और उसके होंठो और उसकी गर्रदन को चूसने लग गया.

मैने धीरे धीरे उसकी नाइटी उसके जिस्म से अलग कर दी. अब वो मेरे सामने पिंक ब्रा और पिंक पेंटी मे थी. सच मे साली क्या कयामत लग रही थी. उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैने जल्दी से ही उसकी ब्रा और पेंटी भी जल्दी से उतार दी. अब वो मेरे सामने एक दम नंगी थी. मैने उसके नंगे बूब्स को देख कर पागल हो गया, मैने उसके बूब्स पर टूट पड़ा. फिर मैने उसके बूब्स को चूस्ते हुए उसके चिकने पेट पर आ गया.

मैं उसके पेट को अपनी जीब से चाटता हुआ नीचे उसकी चूत पर आ गया. उसकी चुत मे से पहले से ही रस्स टपक टपक कर नीचे गिर रहा था. मैने अपनी जीब से उसकी चूत को अच्छे से चाट चाट कर सॉफ कर दिया. फिर मैने अपनी जीब उसकी चुत मे डाली और ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत को अपनी जीब से ही चोद्ने लग गया.

देखते ही देखते उसने मेरी जीब पर अपनी चूत का पानी एक बार और निकाल दिया. फिर मैने उसकी चूत का सारा पानी पिया और उसकी छूट को चाट चाट कर सॉफ कर दिया. अब मैने महसूस किया की पूनम ने मेरा लंड अपने हाथ मे पकड़ लिया.

मैं खड़ा हुआ और पूनम ने मुझे पूरा नंगा कर दिया. उसने मेरा लंड देखा और वो डर सी गई. पर जब मैने उसे समझाया तो उसने मेरा लंड अपने मूह मे ले लिया. उसे मेरा लंड पसंद आया और वो ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लग गई. वो मेरे लंड को अच्छे से चूस रही थी.

फिर मैने उसकी दोनो टाँगे खोली और अपना लंड उसकी चुत पर लगा कर उसकी चूत को अपने लंड से मसलने लग गया. जब वो थोड़ी सी मस्त हुई, तभी मैने अपना लंड उसकी चूत मे डॉल दिया. दर्द के मारे वो चिल्लाने लगी, पर तभी मैने उसके मूह पर अपना हाथ रख दिया.

थोड़ी देर मे वो शांत हुई और मैने फिर एक और धक्के से अपना पूरा लंड उसकी चूत मे उतार दिया. मैने नीचे देखा तो उसकी चुत मे से खून निकल रहा था. जिसे देख कर मैं जोश मे आया और मैने फुल स्पीड मे चुदाई शुरू कर दी. हम दोनो का पानी एक साथ उसकी चूत मे ही निकल गया.

उस रात मैने उसे 4 बजे तक जम कर 4 बार चोदा. फिर अगले दिन वो अपने घर चली गई. उस दिन के बाद हम दोनो दिन रात फोन पर बातें करने लग गये. पर 7 महीने बाद उसका मुझे फोन आया, वो फोन पर रो रही थी.
उसने मुझे खा की उसकी शादी तय हो गई है. मैं बहुत उदास हो गया, मैं उसकी शादी मे गया और उसे अपनी आँखो के सामने किसी और की होते हुए देखा.

पर आज भी मुझे उसकी बहुत याद आती है. आज मैं एक दम अकेला हूँ, मैने अभी तक उससे एक बार भी कॉंटॅक्ट करने की कोशिश न्ही करी. मुझे उमीद है आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी.

तो चलिए जल्दी ही मिलता हूँ, अपनी एक और नयी कहानी के साथ. तब तक के लिए गुड बाइ टेक केयर.

जीजू का बड़ा लंड

दीदी घोड़ी बनी हुई थी और जीजू पीछे से उसकी गाँड चोद रहे थे। मुझे सिरहन सी उठने लगी। जीजू ने अब दीदी के बोबे मसलने चालू कर दिये थे… मेरे हाथ स्वत: ही मेरे स्तनों पर आ गये… मेरे चेहरे पर पसीना आने लगा… जीजू को दीदी की चुदाई करते पहली बार देखा तो मेरी चूत भी गीली होने लगी थी। इतने में जीजू झड़ने लगे… उसके वीर्य की पिचकारी दीदी के सुन्दर गोल गोल चूतड़ों पर पड़ रही थी…मैं दबे पाँव वहाँ से हट गई और नीचे की सीढ़ियां उतर गई। मेरी साँसें चढ़ी हुई थीं। धड़कनें भी बढ़ी हुई थीं। दिल के धड़कने की आवाज़ कानों तक आ रही थी।मैं बिस्तर पर आकर लेट गई… पर नींद ही नही आ रही थी। मुझे रह-रह कर चुदाई के सीन याद आ रहे थे। मैं बेचैन हो उठी और अपनी चूत में ऊँगली घुसा दी… और ज़ोर-ज़ोर से अन्दर घुमाने लगी। कुछ ही देर में मैं झड़ गई।

दिल कुछ शान्त हुआ। सुबह मैं उठी तो जीजू दरवाजा खटखटा रहे थे। मैं तुरन्त उठी और कहा,” दरवाजा खुला है…।” जीजू चाय ले कर अन्दर आ गये। उनके हाथ में दो प्याले थे। वो वहीं कुर्सी खींच कर बैठ गये। “मजा आया क्या…?” मैं उछल पड़ी… क्या जीजू ने कल रात को देख लिया था “जी क्या… किसमें… मैं समझी नहीं…?” मैं घबरा गई “वो बाद में… आज तुम्हारी दीदी को दो दिन के लिए भोपाल हेड-क्वार्टर जाना है… अब आपको घर सँभालना है…” “हम लड़कियाँ यही तो करती हैं ना… फिर और क्या-क्या सँभालना पड़ेगा…?” मैंने जीजू पर कटाक्ष किया। “बस यही है और मैं हूँ… सँभाल लेगी क्या…?” जीजू भी दुहरी मार वाला मज़ाक कर रहे थे

“जीजू… मजाक अच्छा करते हो…!” मैंने अपनी चाय पी कर प्याला मेज़ पर रख दिया। मैंने उठने के लिए बिस्तर पर से जैसे ही पाँव उठाए, मेरी स्कर्ट ऊपर उठ गई और मेरी नंगी चूत उन्हें नज़र आ गई। मैंने जान-बूझ कर जीजू को एक झटका दे दिया। मुझे लगा कि आज ही इसकी ज़रूरत है। जीजू एकटक मुझे देखने लगे… मुझे एक नज़र में पता चल गया कि मेरा जादू चल गया। मैंने कहा,”जीजू… मुझे ऐसे क्या देख रहे हो…;“कुछ नही… सवेरे-सवेरे अच्छी चीजों के दर्शन करना शुभ होता है…!” मैन तुरंत जीजू का इशारा समझ गई… और मन ही मन मुस्कुरा उठी।;“आपने सवेरे-सवेरे किसके दर्शन किये थे?” मैंने अंजान बनते हुए पूछा… लगा कि थोड़ी कोशिश से काम बन जायेगा। पर मुझे क्या पता था कि कोशिश तो जीजू खुद ही कर रहे थे।दीदी दफ्तर से आकर दौरे पर जाने की तैयारी करने लगी… डिनर जल्दी ही कर लिया… फिर जीजू दीदी को छोड़ने स्टेशन चले गये। मैंने अपनी टाईट जीन्स पहन ली और मेक अप कर लिया। जीजू के आते ही मैंने झील के किनारे घूमने की फ़रमाईश कर दी। वो फ़िर से कार में बैठ गये… मैं भी उनके साथ वाली सीट पर बैठ गई। जीजू मेरे साथ बहुत खुश लग रहे थे। कार उन्होंने उसी दुकान पर रोकी, जहाँ हम रोज़ कोल्ड-ड्रिंक लेते थे। आज कोल्ड-ड्रिंक जीजू ने कार में ही मंगा ली। “हाँ तो मैं कह रहा था कि मजा आया था क्या?” मुझे अब तो यकीन हो गया था कि जीजू ने मुझे रात को देख लिया था। “हां… मुझे बहुत मज़ा आया था…” मैंने प्रतिक्रिया जानने के लिए तीर मारा… जीजू ने तिरछी निगाहों से देखा… और हँस पड़े – “अच्छा… फिर क्या किया…“आप बताओ कि अच्छा लगने के बाद क्या करते हैं…” जीजू का हाथ धीरे धीरे सरकता हुआ मेरे हाथों पर आ गया। मैंने कुछ नही कहा… लगा कि बात बन रही है। “मैं बताऊँगा तो कहोगी कि अच्छा लगने के बाद आईस-क्रीम खाते हैं…” और हँस पड़े और मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं जीजू को तिरछी नजरों से घूरती रही कि ये आगे क्या करेंगे। मैंने भी हाथ दबा कर इज़हार का इशारा किया।हम दोनों मुस्कुरा पड़े। आँखों आँखों में हम दोनों सब समझ गये थे… पर एक झिझक अभी बाकी थी। हम घर वापस आ गये।&>जीजू अपने कमरे में जा चुके थे… मैं निराश हो गई… सब मज़ाक में ही रह गया। मैं अनमने मन से बिस्तर पर लेट गई। रोज की तरह आज भी मैंने बिना पैन्टी के एक छोटी सी स्कर्ट पहन रखी थी… मैंने करवट ली और पता नही कब नींद आ गई… रात को अचानक मेरी नींद खुल गई… जीजू हौले से मेरे बोबे सहला रहे थे… मैं रोमांचित हो उठी… मन ने कहा… हाय! काम अपने आप ही बन गया… मैं चुपचाप अनजान बन कर लेटी रही… जीजू ने मेरी स्कर्ट ऊंची कर दी और नीचे से नंगी कर दिया। पंखे की हवा मेरे चूतड़ों पर लग रही थी। जीजू के हाथ मेरे चिकने चूतड़ों पर फ़िसलने लगे… जीजू धीरे से मेरी पीठ से चिपक कर लेट गये… उनका लण्ड खड़ा था… उसका स्पर्श मेरी चूतड़ों की दरार पर लग रहा था… उसके सुपाड़े का चिकनापन मुझे बड़ा प्यारा लग रहा था। उसने मेरे बोबे जोर से पकड़ लिए और लण्ड मेरी गाँड पर दबा दिया। मैंने लण्ड को गाँड ढीली कर के रास्ता दे दिया… और सुपाड़ा एक झटके में छेद के अन्दर था।
जीजू… हाय रे… मार दी ना… मेरी पिछाड़ी को…” मेरे मुख से सिसकारी निकल पड़ी। उसका लण्ड गाँड़ की गहराईयों में मेरी सिसकारियों के साथ उतरता ही जा रहा था। “रीता… जो बात तुझमें है… तेरी दीदी में नहीं है…” जीजू ने आह भरते हुए कहा। लण्ड एक बार बाहर निकल कर फिर से अन्दर घुसा जा रहा था। हल्का सा दर्द हो रहा था। पर पहले भी मैं गाँड चुदवा चुकी थी। अब जीजू ने अपनी ऊँगली मेरी चूत में घुसा दी थी… और दाने के साथ मेरी चूत को भी मसल रहे थे… मैं आनन्द से सराबोर हो गई। मेरी मन की इच्छा पूरी हो रही थी… जीजू पर दिल था… और मुझे अब जीजू ही चोद रहे थे। “मत बोलो जीजू बस चोदे जाओ… हाय कितना चिकना सुपाड़ा है… चोद दो आपकी साली की गाँड को…” मैं बेशर्मी पर उतर आई थी…उसका मोटा लण्ड तेजी से मेरी गाँड में उतराता जा रहा था… अब जीजू ने बिना लण्ड बाहर निकाले मुझे उल्टी लेटा कर मेरी भारी चूतड़ों पर सवार हो गये। और हाथों के बल पर शरीर को ऊँचा उठा लिया और अपना लण्ड मेरी गाँड पर तेजी से मारने लगे… उनका ये फ्री-स्टाईल चोदना मुझे बहुत भाया। राजू… मेरी चूत का भी तो ख्याल करो… या बस मेरी गाँड ही मारोगे…” मैंने जीजू को घर के नाम से बुलाया। “रीता… मेरी तो शुरू से ही तुम्हारी गाँड पर नजर थी… इतनी प्यारी गाँड… उभरी हुई और इतनी गहरी… हाय मेरी जान…”जीजू ने लण्ड बाहर निकाल लिया और चूत को अपना निशाना बनाया… “जान… चूत तैयार है ना… लो… ये गया… हाय इतनी चिकनी और गीली…” और उसका लण्ड पीछे से ही मेरी चूत में घुस पड़ा… एक तेज मीठी सी टीस चूत में उठी… चूत की दीवारों पर रगड़ से मेरे मुख से आनन्द की सीत्कार निकल गई “हाय रे… जीजू मर गई… मज़ा आ गया… और करो…।” जीजू का लण्ड गाँड मारने से बहुत ही कड़ा हो रहा था… जीजू के चूतड़ खूब उछल-उछल कर मेरी चूत चोद रहे थे। मेरी चूचियाँ भी बहुत कठोर हो गईं थीं।मैंने जीजू से कहा,”जीजू… मेरी चूचियाँ जोर से मसलो ना… खींच डालो…!” जीजू तो चूचियाँ पहले से ही पकड़े हुए थे… पर हौले-हौले से दबा रहे थे… मेरे कहते ही उन्हें तो मज़ा आ गया… जीजू ने मेरी दोनो चूचियाँ मसल के, रगड़ के चोदना शुरू कर दिया। मेरी दोनों चूतड़ों की गोलाईयाँ उसके पेडू से टकरा रहीं थीं… लण्ड चूत में गहराई तक जा रहा था… घोड़े की तरह उसके चूतड़ धक्के मार-मार कर मुझे चोद रहे थे।मेरे पूरे बदन में मीठी-मीठी लहरें उठ रहीं थीं… मैं अपनी आँखों को बन्द करके चुदाई का भरपूर आनन्द ले रही थी। मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी… जीजू के भी चोदने से लग रहा था कि मंज़िल अब दूर नहीं है। उसकी तेजी और आहें तेज होती जा रही थी… उसने मेरी चूचक जोर से खींचने चालू कर दिये थे… मैं भी अब चरमसीमा पर पहुँच रही थी। मेरी चूत ने जवाब देना शुरू कर दिया था… मेरे शरीर में रह-रह कर झड़ने जैसी मिठास आने लगी थी। अब मैं अपने आप को रोक ना सकी और अपनी चूत और ऊपर दी… बस उसके दो भरपूर लण्ड के झटके पड़े कि चूत बोल उठी कि बस बस… हो गया।“जीजूऽऽऽऽऽ बस…बस… मेरा माल निकला… मै गई… आऽऽऽऽऽऽईऽऽऽऽऽअऽअऽऽऽआ…” मैंने ज़ोर लगा कर अपनी चूचियाँ उससे छुड़ा ली… और बिस्तर पर अपना सर रख लिया… और झड़ने का मज़ा लेने लगी… उसका लण्ड भी आखिरी झटके लगा रहा था। फिर…… आह्… उसका कसाव मेरे शरीर पर बढ़ता गया और उन्होंने अपना लण्ड बाहर खींच लिया। झड़ने के बाद मुझे चोट लगने लगी थी… थोड़ी राहत मिली… अचानक मेरे चूतड़ और मेरी पीठ उसके लण्ड की फ़ुहारों से भीग उठी… जीजू झड़ने लगे थे… रह-रह कर कभी पीठ पर वीर्य की पिचकारी पड़ रही थी और अब मेरे चूतड़ों पर पड़ रही थी। जीजू लण्ड को मसल-मसल कर अपना पूरा वीर्य निकाल रहे थे।जब पूरा वीर्य निकल गया तो जीजू ने पास पड़ा तौलिया उठाया और मेरी पीठ को पौंछने लगे…”रीता… तुमने तो आज मुझे मस्त कर दिया” जीजू ने मेरे चेहरे को किस करते हुए कहा… मैं चुदने की खुशी में कुछ नहीं बोली… पर धन्यवाद के रूप में उन्हें फिर से बिस्तर पर खींच लिया… मुझे अभी और चुदना था… इतनी जल्दी कैसे छोड़ देती… दो तीन दौर तो पूरा करती… सो जीजू के ऊपर चढ़ गई… जीजू को लगा कि पूरी रात मज़े करेंगे… जीजू अपना प्यार का इकरार करने लगे… “मेरी रानी… तुम प्यारी हो… मैं तो तुम पर मर मिटा हूँ… जी भर कर चुदवा लो… अब तो मैं तुम्हारा ही हूँ…” और दुगुने जोश से उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में कस लिया… मैं आज तो रात-भर स्वर्ग की सैर करने वाली थी…

Agra ki chudai kahani 5

Hi, Girls. My name is Rohit Antal. I m a very young, fair & handsome boy. I have an attractive personality. If any girl or group of girls wants to meet me,

Mera naam Rohit hai. Me 23 saal ka hoon. Meri chacheri bahin ka naam Mita hai wo 22 saal ki hai. Aur uski figure to aisi thi ki pucho mat. Wo bahut hi sundar hai, ekdam gori chitti lumbe lumbe kale bal kareeb 5’5″ aur figure 36-24-38 hai. Uska figure mast hai. Hum dono ghar se bahar Agra mein ek hi room mein rah kar padhte the.Maine room mein padane ke liye kuch gandi kitabein rakhi hui thi. Jo ek din Mita ke hath lag gayi. Isliye main apne lund aur wo apni choot ki pyas nahi rok sake. . Wo boli mai hi tumari wife ban jati hoon aur mujhe apni wife samjho aur mere sath sex karo. Wo jeens shirt me aayi aur boli chalo suroo ho jao. Usne mujhe kiss karna suru kar diya mere lips ko woh buri tarah se kiss karne lagi. Me bhi josh me aa gaya aur usko kiss karne laga. Aur usko aapni bahon me dabane laga.. Usko maine khich ke bed pe leta diya aur mai uske upper aa gaya aur usko chumna suru kar diya . 10 min tak mai usko chumta raha . 

Phir maine uska shirt khol diya . Uske baad maine uski Bra bhi khol di. Jese hi maine Bra kholi to uske doodh uchal ke bahar aa gaye mai use dekhkar usko dabane laga. Kitne dino ke baad iske pure ke pure boobs dikhne ko or dabane ko mile phir maine uski nipple ko muh me rakh diya aur choosne laga woh aaaaaahhhhhhhhhaaaaaaaahhhhhhhaahhhhh kar rahi thi. Mai use choosta hi raha thodi der baad maine uski jeens kolke usko panty pe la diya uski chut bahut garam ho gayi thi to uski panty gili ho chuki thi. Maine panty ko nikal ke uski choot ko phaila ke chatne laga. Voh siskari mar rahi. Thi. Ahaaaaaa assssshhs aaaaaaahhhhhhhhassss ssshaaaa aaaahsshhsss ahhhhhhhhh hhhahhh hssaaaa aaahh hhhaa hhhhaaaa hhhhaahah…

Wo mere lund ko hath me lekar kinch rahee thee aur kas kar daba rahee thee. Phir Mita kamar ko upar utha liya aur mere tane hue lund ko apni jangho ke bich le kar ragarne lagee. Wo meri taraf karbat le kar let gayee takee mere lund ko theekh tarah se pakar sake. Uski chunchee mere munh ke bilkul pas thee aur mai unhe kas kas kar daba raha tha. Achanak usne apni ek chunchee mere munh me thelte hue kaha, “chuso inko munh me lekar.” Maine uski left chunchee munh me bhar liya aur jor jor se chusne laga. Thore der ke liye maine Uski chunchee ko munh se nikala aur bola, “mai humesha tumhare kasi chunchee ko sochta tha aur hairan hota tha. Inko chune ki bahut icchha hotee thee aur dil karta tha ki inhe munh me lekar chusu aur inka rus peeun. Par darta tha pata nahee tum kya socho aur kanhee mujhse naraz na ho jao. Tum nahee jantee mita ki tumne mujhe aur mere lund ko kitna pareshan kiya hai?” “Acchha to aaj apni tamanna puri kar lo, jee bhar kar dabao, chuso aur maze lo; mai to aaj puri ki puri tumharee hun jaisa chahe waisa hi karo” mita ne kaha. Phir kaya tha, mita ki hari jhandee pakar mai yuy para mita ki chunchee par. 

Meri jeev uske kare nipple ko mahasus kar rahee thee. Maine apni jeev mita ke uthe hue kare nipple par ghumaya. Maine dono anaron ko kas ke pakare hue tha aur bari bari se unhe chus raha tha. Mai aise kas kar chuncheeon ko daba raha tha jaise ki unka pura ka pura rus nichor lunga. Mita bhi pura sath de rahee thee. Unke muhh se “oh! Oh! Ah! Ce, ce! Ki awaj nikal rahee thee. Mujhse puri taraf se sate hue wo mere lund ko buri tarah se masal rahee thee aur maror rahee thee. Usne apni left tang ko mere kagh ke upar chara diya aur mere lund ko ko apni jabgho ke bich rakh liya. Mujhe Uski jangho ke bich ek mulayam reshmi ehsas hua. Eh Uski choot thee. Mita ne panty nahee pahan rakhee thee aur mera lund ka supara Uski jhantoo me ghum raha tha. Mera sabra ka bandh tut raha tha. Mai mita se bola, “mita mujhe kuch ho raha aur mai tumne ape me nahee hun, please mujhe batao mai kya karon?” Mita bole, “karo kya mujhe chodo, phad dalo meri chut ko” 

Mai chupchap uske chere ko dekhte hue chunchee maslta raha. Usne apna munh mere munh se bilkul sata diya aur phusphusa kar bolee, “apni mita ko chodo’ mita hath se lund ko nishane par laga kar rasta dikha rahee thee aur rasta milte hi mera lund ek hi dhakke me supara andar chala gaya. Isse pahale ki mita sambhle ya asan badale, maine dusra dhakka lagaya aur pura ka pura lund makhhan jaise choot ki jannat me dakhil ho gaya. Mita chillaii, “uiiii iiiiiii iiiii maaaaaa huhuhhhhh oh Rohit, aise hi kuch der hilna dulna nahee, hi! Bara jaleem hai tumhara lund. Mar hi dala mujhe tumne mere raja.” Mita ko kafi dard ho raha tha. Paheli bar jo itna mota aur lumba lund unke bur me ghusa tha. Mai apna lund Uski choot me ghusa kar chup chap para tha. Mita ki choot pharak rahee thee aur andar hi andar mere laure ko masal rahee thee. Uski uthi uthi chunchean kafi tezi se upar neeche ho rahe thee. Maine hath barha kar dono chunchee ko pakar liya aur munh me lekar chusne laga. Mita ko kuch rahat mili aur usne kamar hilani shuru kar dii.mita mujhse bole, “Rohit ab chodna shuru karo” Uski choot ko cherta hua pura ka pura andar chala gaya. Phir mita boli, “ab lund ko bahar nikalo, lekin Maine mera lund dhira dhire mita ki choot me andar-bahar karne laga. Phir mita ne speed bara kar karne ko kaha. Maine apni speed bara dee aue tezi se lund andar-bahar karne laga. Mita ko puri mastee aa rahee thee aur wo neeche se kamar utha utha kar har shot ka jawab dene lagee. Raseeli chunchee meri chatee par ragarte hue usne gulabee hont mere hont par rakh diye aur mere munh me jeev thel diya. 

Choot me mera lund samaye hue tezee se upar neeche ho raha tha. Mujhe lag raha tha ki mai jannat pahunch gaya hun. Jaise jaise wo jharne ke kareeb a rahee thee Uski raftar barhti ja rahee thee. Kamre me phach phach ki awaj gunj rahee thee main mita ke upar let kar danadan shot lagane laga. Mita ne apni tang ko meri kamar par rakh kar mujhe jakar liya aur jor jor se chutar utha utha kar chudai me sath dene lagee. Mai bhi ab mita ki chunchee ko masalte hue thaka thak shot laga raha tha. Kamara humaree chudai ki awaj se bhara para tha. Mita apni kamar hila kar chutar utha utha kar chuda rahee thee aur bole ja rahee thee, “ahhh aaahhhhh unhhhh ooohhhh oooohhhhh haaaaaan haaaaai meeeere rajjjjja, maaaaaaar gayyyyyye reeeee, lalllllla choooood re choooood. 

Uiiiiiiii meeeeeeriiiii maaaaa, phaaaaaaat gaaaaaayeeee reeeeee shuru karo, chodo mujhe. Lelo maza jawanee ka mere rajjjja,” aur apni gand hilane lagee.Maine lagatar 45 minute tak use choda. Mai bhi bol raha tha, “leeeee meriiiii raniiii, leeee leeeee mera laura apniiiii okhleeeee meeeee. Baraaaaa tarpayyyyyya hai tuneeee mujheeee. Leeeee leeee, leeee meriiiii mitaiiii yeh lund abbbbb teraaaa hiiii hai. Ahhhhhh! Uhhhhhhhh kya jannat ka mazaaaaa sikhayaaaaa tuneeeee. Mai to teriiiiiii gulam hoooooo gayeeeee.”Mita gand uchal uchal kar mera lund tumne choot me le rahee thee aur mai bhi pure josh ke sath umkee chuncheon ko masal masal kar apni julie ko chode ja raha tha. Mita mujhko lalkar kar kahati, lagao shot mere raja”, aur mai jawab deta, “yeh le meri rani, le le apni choot me”. “Jara aur jor se sarkao apna lund meri choot me mere raja”, “yeh le meri rani, yeh lund to tere liye hi hai.” “Dekho rajjjja meri choot to tere lund ki diwanee ho gayee, aur jor se aur jor se aaaaeeeeeeeee mere rajjjjjjja. Mai gayeeeeeeeeeee reeee,” kahate hue meri mita ne mujhko kas kar apni bahon me jakar liya aur Uski choot ne jwalamukhi ka lava chor diya. Ab tak mera bhi lund pani chorne wala tha aur mai bola, “mai bhi ayaaaaaa meri jaaaaan,” aur mene bhi apna lund ka pani chor diya aur mai hafte hue Uski chunchee par sir rakh kar kas ke chipk kar let gaya. To dosto ye thi meri mita ki chudai ki jabardast kahani.